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अयोध्या जिले के थाना कैंट अंतर्गत बनबीरपुर गांव में देशी शराब की दुकान के अंदर घुसकर बेखौफ दबंगों ने कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर दिया। दुकान के भीतर अचानक हुई इस मारपीट और गुंडागर्दी की वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी आशीष सिंह और हमराही मुशीर खान ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है।
हलचल अयोध्या समाचार
अयोध्या जिले के थाना कैंट अंतर्गत बनबीरपुर गांव में देशी शराब की दुकान के अंदर घुसकर बेखौफ दबंगों ने कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर दिया। दुकान के भीतर अचानक हुई इस मारपीट और गुंडागर्दी की वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी आशीष सिंह और हमराही मुशीर खान ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है।
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- अयोध्या जिले के थाना कैंट अंतर्गत बनबीरपुर गांव में देशी शराब की दुकान के अंदर घुसकर बेखौफ दबंगों ने कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर दिया। दुकान के भीतर अचानक हुई इस मारपीट और गुंडागर्दी की वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी आशीष सिंह और हमराही मुशीर खान ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है।1
- अयोध्या में शहीद भगत सिंह स्मृति ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी ने जंतर-मंतर पर लंबे समय से संघर्षरत युवाओं की सफलता को लोकतंत्र और जनसंघर्ष की महत्वपूर्ण जीत बताया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के इस अनवरत संघर्ष के सामने आखिरकार सरकार का अहंकार पराजित हुआ है। ट्रस्ट का मानना है कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, तो यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है। यह उन युवाओं के धैर्य, एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की ताकत का परिणाम है, जिन्होंने अन्याय के विरुद्ध लगातार अपनी आवाज बुलंद रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की जायज मांगों की अनदेखी करना, शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने का प्रयास करना और संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकार को विरोध की आवाज को दुश्मन मानने के बजाय लोकतंत्र की शक्ति के रूप में देखना चाहिए। शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने युवाओं को अन्याय के खिलाफ संगठित होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी थी और जंतर-मंतर का यह आंदोलन उसी लोकतांत्रिक चेतना और संवैधानिक अधिकारों की याद दिलाता है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि देश के युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए और भविष्य में किसी भी जनआंदोलन के प्रति दमनकारी या तानाशाही रवैया अपनाने से बचा जाए।4
- अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार के लिए 7 सितंबर 2021 को अधिग्रहित किए गए मकानों के बदले पीड़ित परिवारों को अब तक भूमि और मुआवजा नहीं मिल सका है। इस समस्या को लेकर अहिराना, रामकोट निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव सहित अन्य प्रभावित परिवारों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव श्री कृष्ण मोहन महाराज को प्रार्थना-पत्र सौंपकर लंबित मुआवजे के शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। पीड़ितों ने अपने प्रार्थना-पत्र में कहा है कि अधिग्रहण के समय परिवारों ने मंदिर निर्माण में पूरा सहयोग किया था और उन्हें उम्मीद थी कि नियमानुसार शीघ्र भूमि व मुआवजा मिल जाएगा। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो भूमि मिली और न ही प्रतिकर। मुआवजा न मिलने के कारण इन परिवारों को भारी किराया देकर मकानों में रहना पड़ रहा है। राजन यादव के परिवार में वृद्ध बीमार माता और तीन अविवाहित बहनें हैं, जहां स्थायी आवास न होने से बहनों के विवाह में बाधा आ रही है। वहीं संतोष यादव की दो बेटियां और राम आधार यादव की बेटी व बेटा विवाह योग्य हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनका कोई विरोध नहीं है और वे केवल अपने वैधानिक अधिकार के अनुसार देय भूमि और मुआवजा चाहते हैं ताकि सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। इस दौरान प्रार्थना-पत्र सौंपते समय महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव भी उपस्थित रहे।2
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों में उत्साह का माहौल है। इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अभिजीत दीपके ने इसे किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष, धैर्य और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया है। उन्होंने साफ किया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जब तक पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जैसी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में एकजुट होकर खड़े होने पर बड़े से बड़ा फैसला भी बदला जा सकता है। उधर, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और छात्र संगठनों की ओर से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है, और अब सभी की निगाहें शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।1
- 25 जुलाई 2017 को सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द होने के विरोध और दिवंगत शिक्षामित्रों की आत्मा की शांति के लिए आज संपूर्ण उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्र 'काला दिवस' मना रहे हैं। 25 जुलाई 2017 को लाखों शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर उन्हें प्रमोशन से डिमोशन कर दिया गया था और उनका मानदेय भी घटा दिया गया था। इस फैसले के चलते लाखों शिक्षामित्रों को खराब आर्थिक स्थिति से जूझना पड़ा और कई शिक्षामित्रों का निधन हो गया, जिनकी याद और आत्मा की शांति के लिए यह काला दिवस आयोजित किया जा रहा है। दूसरी तरफ, अब उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को राहत पहुंचाते हुए उनके मानदेय में वृद्धि कर रही है और उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान कर रही है।1
- अयोध्या में एक बछड़े की मौत के बाद भारी बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।1