उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस गिरोह के बैंक खाते से जुड़े करीब 83.94 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर एक्सिस बैंक के एक म्यूल खाते की जांच में इस धोखाधड़ी का पता चला, जिसके खिलाफ देश के 20 राज्यों से 73 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं। यह बैंक खाता 'NIHASA MANPOWER SERVICES Pvt. Ltd.' नाम की कंपनी के नाम से संचालित था, जिसके निदेशक आनंद रॉव और सुनील थे। तकनीकी जांच में प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। आरोपियों ने कमीशन के बदले अपनी कंपनी का यह बैंक खाता साइबर ठगों को मुहैया कराया था, जिसमें केवल 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच ही लगभग 4.85 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कौरा गहनी (थाना दीदारगंज) निवासी आनंद रॉव, सिसवारा नरवे (थाना ठेकमा) निवासी सुनील और पुष्पनगर (थाना दीदारगंज) निवासी प्रशांत सिंह उर्फ लकी के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 जुलाई की शाम को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत न्यायालय में पेश किया है। इस मामले में आगे की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस गिरोह के बैंक खाते से जुड़े करीब 83.94 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर एक्सिस बैंक के एक
म्यूल खाते की जांच में इस धोखाधड़ी का पता चला, जिसके खिलाफ देश के 20 राज्यों से 73 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं। यह बैंक खाता 'NIHASA MANPOWER SERVICES Pvt. Ltd.' नाम की कंपनी के नाम से संचालित था, जिसके निदेशक आनंद रॉव और सुनील थे। तकनीकी जांच में प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। आरोपियों ने कमीशन के बदले अपनी कंपनी का यह बैंक खाता साइबर ठगों को मुहैया कराया था, जिसमें केवल 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच ही लगभग 4.85 करोड़
रुपये का लेनदेन किया गया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कौरा गहनी (थाना दीदारगंज) निवासी आनंद रॉव, सिसवारा नरवे (थाना ठेकमा) निवासी सुनील और पुष्पनगर (थाना दीदारगंज) निवासी प्रशांत सिंह उर्फ लकी के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 जुलाई की शाम को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत न्यायालय में पेश किया है। इस मामले में आगे की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस गिरोह के बैंक खाते से जुड़े करीब 83.94 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर एक्सिस बैंक के एक म्यूल खाते की जांच में इस धोखाधड़ी का पता चला, जिसके खिलाफ देश के 20 राज्यों से 73 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं। यह बैंक खाता 'NIHASA MANPOWER SERVICES Pvt. Ltd.' नाम की कंपनी के नाम से संचालित था, जिसके निदेशक आनंद रॉव और सुनील थे। तकनीकी जांच में प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। आरोपियों ने कमीशन के बदले अपनी कंपनी का यह बैंक खाता साइबर ठगों को मुहैया कराया था, जिसमें केवल 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच ही लगभग 4.85 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कौरा गहनी (थाना दीदारगंज) निवासी आनंद रॉव, सिसवारा नरवे (थाना ठेकमा) निवासी सुनील और पुष्पनगर (थाना दीदारगंज) निवासी प्रशांत सिंह उर्फ लकी के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 जुलाई की शाम को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत न्यायालय में पेश किया है। इस मामले में आगे की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।3
- आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर नंदिनी निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया है। पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि महिला को हार्निया की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को बिना कोई सूचना दिए ही उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते में ही महिला की मौत हो चुकी थी। इस घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही मुबारकपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम समाप्त कराकर यातायात सामान्य कराया। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- बारिश के मौसम में धान की लगाई का काम शुरू हो गया है और इस समय धान की लगाई की जा रही है।1
- आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर नंदिनी निजी नर्सिंग होम में कथित लापरवाही के कारण एक महिला मरीज की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। मऊ के घोसी निवासी जयहिंद की पत्नी रामदुलारी को हर्निया की शिकायत पर इस नर्सिंग होम में डॉ. गुलाब चौहान की देखरेख में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी और आनन-फानन में बिना सूचित किए उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जिसके बाद रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। इस दुखद घटना से आक्रोशित होकर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार हंगामा किया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मुबारकपुर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इस मामले में क्षेत्राधिकारी (सदर) आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों से मिली तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच व दोषी नर्सिंग होम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर स्थित नगरपंचायत राजेसुल्तानपुर के ब्रह्म बाबा स्थान के पास वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग की इस लापरवाही के कारण यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- आजमगढ़ जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. एन.आर. वर्मा ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देवगांव और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान देवगांव CHC में बड़ी लापरवाही सामने आने पर सीएमओ ने कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए दो डॉक्टरों, डॉ. फणीस व डॉ. राजेश कुमार, और कनिष्ठ सहायक विवेकानंद तिवारी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। इन सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि, इस अस्पताल में साफ-सफाई और ड्यूटी पर तैनात अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का कार्य संतोषजनक पाया गया। इसके बाद सीएमओ लालगंज स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे, जहां मरीजों की भारी संख्या के कारण पंजीकरण काउंटर पर भीड़ जमा थी। मरीजों की सुविधा के लिए उन्होंने तत्काल एक और अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर शुरू करने का निर्देश दिया ताकि लोगों को त्वरित उपचार मिल सके। लालगंज अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक मिली। निरीक्षण के बाद डॉ. एन.आर. वर्मा ने साफ तौर पर कहा कि सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहना होगा और किसी भी तरह की लापरवाही या अनधिकृत अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आगे भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।1
- आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के भगवती बाग में मशीनों के मरम्मत का काम करने वाले 55 वर्षीय दिनेश शर्मा की लाश उनके घर के बाहर बेहद बुरी हालत में मिली। मृतक के परिजनों का आरोप है कि दिनेश ने अपने पड़ोसी उदय अग्रवाल को 1.5 से 4 लाख रुपये दिए थे। जब वे अपने पैसे वापस मांगने गए, तो वहां लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई की गई और करंट लगाकर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को सड़क पार कराकर उनके घर के बाहर फेंक दिया गया, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में भी सामने आई है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों—मुख्य आरोपी उदय अग्रवाल उर्फ पुल्ली और उसके दो बेटों को बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है, लेकिन परिजनों के भारी विरोध और आरोपों के बाद पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर रही है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर 6 से 15 घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।1