Shuru
Apke Nagar Ki App…
*'चार इंजन' वाली सरकार चैन की नींद सो रही है और दिल्ली में मिडिल क्लास का दम घुट रहा है।* _दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों ने पहले बेतहाशा फीस बढ़ाई और अब रिजल्ट रोककर पेरेंट्स के साथ खुली गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। ये प्राइवेट स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अप्रूव्ड फीस को भी मानने से इंकार कर रहे हैं।😡📚_
Kishanveer Rajput
*'चार इंजन' वाली सरकार चैन की नींद सो रही है और दिल्ली में मिडिल क्लास का दम घुट रहा है।* _दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों ने पहले बेतहाशा फीस बढ़ाई और अब रिजल्ट रोककर पेरेंट्स के साथ खुली गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। ये प्राइवेट स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अप्रूव्ड फीस को भी मानने से इंकार कर रहे हैं।😡📚_
More news from दिल्ली and nearby areas
- Post by Rajj4
- Post by Kishanveer Rajput1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Raftar Media सच के साथ1
- ईरान में एक करोड़ का नोट लेकर राशन लेने निकला शख्स, थैला भी नहीं भरा, रद्दी हो गई है करेंसी प्रतिबंध, जंग और अशांति ने ईरानी अर्थव्यवस्था और ईरानी करेंसी का नाश कर दिया है. ईरान में अब करेंसी की वैल्यू रद्दी के बराबर हो गई है. इसी से उबरने के लिए वहां के केंद्रीय बैंक ने 1 करोड़ का नोट जारी किया है. लेकिन 1 करोड़ ईरानी रियाल की वैल्यू भारतीय मुद्रा में मात्र 713 रुपये है. जंग के बीच ईरान में ईरानी करेंसी की वैल्यू रद्दी के बराबर हो गई है. ईरान ने अब 10 मिलियन ईरानी रियाल यानी कि 1 करोड़ ईरानी रियाल का नोट जारी किया है. कुछ ही दिन पहले ईरान ने आधा करोड़ यानी कि 5 मिलियन के करेंसी नोट जारी किए थे. लेकिन ईरानी करेंसी की हालात इतनी बदतर है कि इससे बाजार और लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हुई. ईरान की मुद्रा ईरानी रियाल है. इसके बाद ईरान ने 1 करोड़ के नोट जारी किए हैं. लेकिन इस भारी-भरकम नोट से भी ईरानी जनता की हालत अच्छी नहीं होने वाली है. क्योंकि ईरान में महंगाई दर उच्चतम स्तर पर है. आप जरूर सोच रहे होंगे कि इस एक करोड़ के नोट से ईरान में अगर शॉपिंग करने निकलें तो ट्रक भर जाएगा. लेकिन अगर आप ऐसा सोचते हैं आप बिल्कुल गलत हैं. ईरान में एक करोड़ रियाल खर्च कर आप अपना थैला भी नहीं भर पाएंगे. क्योंकि अगर भारतीय रुपया से तुलना की जाए तो एक करोड़ ईरानी मुद्रा की कीमत 600 से 725 रुपये के बीच है.1
- ट्रंप के ख़िलाफ़ अमेरिका भर में क्यों हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शन अमेरिका के कई शहरों में ट्रंप प्रशासन के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. यह 'नो किंग्स' रैलियों का तीसरा दौर है, जिनमें पहले भी लाखों की संख्या में लोग शामिल हो चुके हैं. आयोजकों का कहना है कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लागू की गई नीतियों का विरोध कर रहे हैं, जिनमें ईरान के साथ जंग, संघीय इमिग्रेशन कानून और बढ़ती महंगाई शामिल हैं. आयोजकों ने कहा, "ट्रंप हम पर एक निरंकुश शासक की तरह राज करना चाहते हैं. लेकिन यह अमेरिका है और सत्ता जनता के हाथों में होती है, न कि उन लोगों या उनके अरबपति साथियों के हाथों में है जो ख़ुद को राजा समझते हैं." व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने इन विरोध प्रदर्शनों को "ट्रंप डिरेंजमेंट थेरेपी सेशन" (ट्रंप-विरोधी मानसिक इलाज) करार दिया और कहा कि "इनकी परवाह सिर्फ़ वे रिपोर्टर करते हैं, जिन्हें यह कवर करने के लिए पैसे मिलते हैं."1
- मोदीजी ने बजाया नगाड़ा, थिरकीं ममता बनर्जी, असम में खड़गे के वादे, चार शादियों पर रोक लगाएंगे शाह, सपाईयों ने जेवर को गंगाजल से धुलवाया और विजयन ने खेला इमोशनल कार्ड ड्राइवर के बेटे को मंच पर बिठाया... देखिए चुनावी चिकल्लस राजपथ न्यूज़ पर....1
- Post by Raftar Media सच के साथ1