विश्व स्तरीय सुरक्षा कंपनी एसआईएस सिक्योरिटी मुरैना जिले के बेरोजगारों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर लेकर आई है। कंपनी द्वारा पूरे जिले में एक विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जनपद स्तर पर दो दिवसीय और एक दिवसीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भर्ती अधिकारी अजीत सिंह ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। भर्ती प्रक्रिया में चयनित जवानों को पहले एक माह का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण के बाद, जवानों को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर पोस्टिंग दी जाएगी, जहां उन्हें तीन महीने की अवधि तक काम करना होगा। तीन महीने पूरे होने पर, जवान अपनी गृह डिस्ट्रिक्ट या अपनी गृह ब्रांच में वापस जा सकते हैं। वेतन की बात करें तो, जवानों को 15,000 से 18,000 रुपये तक और सुपरवाइजरों को 20,000 से 28,000 रुपये तक वेतन मिलेगा। इस अवसर के लिए, जवानों का प्रशिक्षण शुल्क 10,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह शुल्क 40,000 रुपये है। जवानों के लिए यह प्रशिक्षण शुल्क धीरे-धीरे किस्तों के माध्यम से उनके खाते में जोड़ा जाएगा।
विश्व स्तरीय सुरक्षा कंपनी एसआईएस सिक्योरिटी मुरैना जिले के बेरोजगारों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर लेकर आई है। कंपनी द्वारा पूरे जिले में एक विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जनपद स्तर पर दो दिवसीय और एक दिवसीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भर्ती अधिकारी अजीत सिंह ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। भर्ती प्रक्रिया में चयनित जवानों को पहले एक माह का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण के बाद, जवानों को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर पोस्टिंग दी जाएगी, जहां उन्हें तीन महीने की अवधि तक काम करना होगा। तीन महीने पूरे होने पर, जवान अपनी गृह डिस्ट्रिक्ट या अपनी गृह ब्रांच में वापस जा सकते हैं। वेतन की बात करें तो, जवानों को 15,000 से 18,000 रुपये तक और सुपरवाइजरों को 20,000 से 28,000 रुपये तक वेतन मिलेगा। इस अवसर के लिए, जवानों का प्रशिक्षण शुल्क 10,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह शुल्क 40,000 रुपये है। जवानों के लिए यह प्रशिक्षण शुल्क धीरे-धीरे किस्तों के माध्यम से उनके खाते में जोड़ा जाएगा।
- धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कथित तौर पर 32,000 रुपए की रिश्वत लेते और गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह घूस की राशि ढाई प्रतिशत कमीशन के रूप में ली गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- चम्बल नदी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन एवं इसके परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित देवरी के घड़ियाल पालन केंद्र में एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता चम्बल संभाग के आयुक्त सुरेश कुमार शर्मा ने की। बैठक में चम्बल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार जैन, धौलपुर जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित धौलपुर, मुरैना एवं आगरा जिलों के जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी और वन, परिवहन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान चम्बल नदी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, संयुक्त कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बजरी खनन पर लगाए गए प्रतिबंध की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में धौलपुर, मुरैना एवं आगरा जिलों की सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने, अवैध खनन एवं परिवहन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभागों के समन्वित प्रयासों से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीति पर चर्चा की। साथ ही, आधुनिक तकनीकी संसाधनों एवं खुफिया सूचनाओं का उपयोग कर सतत निगरानी रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त नाकाबंदी, नियमित गश्त तथा आकस्मिक निरीक्षणों को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि अंतर्राज्यीय स्तर पर समन्वय बढ़ाकर अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि चम्बल नदी के पारिस्थितिक तंत्र और वन्यजीवों का संरक्षण हो सके तथा न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो। इसी क्रम में, धौलपुर जिले में जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में, प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए प्रमुख घाटों एवं मार्गों पर पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से यह अभियान लगातार जारी है।3
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के डौकी क्षेत्र में स्थित नए बाबा सोती दास मंदिर के लिए लाई गई एक मूर्ति को गंगा नदी में स्नान कराया गया।1
- आगरा जिले के शमशाबाद स्थित रामपुर गांव में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि गांव का नाला कई दिनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण वहां की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई है।3
- धौलपुर के एक स्थानीय मैरिज होम में दतिया वाले स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित हरिओम शास्त्री द्वारा स्वामी जी महाराज और भगवती पीतांबरा मैया का विधिपूर्वक पूजन और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। इस पूजन में स्वामी अष्टक, बगलामुखी चालीसा, शतनाम स्तोत्र और बगलामुखी मैया की महाआरती सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से की। उपस्थित सभी भक्तों ने स्वामी जी महाराज को चंदन तिलक लगाकर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दतिया पीठ से दीक्षा प्राप्त श्रवण कुमार वर्मा ने इस अवसर पर बताया कि स्वामी जी महाराज की असीम अनुकंपा धौलपुर के लोगों पर हमेशा रही है, और यहां के लोग भी स्वामी जी महाराज तथा माई में गहरी आस्था रखते हैं। इसी का परिणाम है कि पीतांबरा भक्त मंडल धौलपुर द्वारा विगत 15 वर्षों से लगातार स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दतिया पूरे भारतवर्ष के लिए आस्था का केंद्र है और धौलपुर में स्वामी एवं माई के बहुत अधिक भक्त हैं, जिसके कारण ऐसे आयोजनों में भक्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो माई की कृपा ही है क्योंकि माई सभी भक्तों का ख्याल रखती हैं। पीतांबरा भक्त मंडल के वरिष्ठ सदस्य चंद्रकांत सक्सेना ने स्वामी जी महाराज के एक ऐतिहासिक कार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने सन् 1962 में राष्ट्र रक्षा हेतु छत्तीस दिनों का एक तांत्रिक अनुष्ठान कराया था, जिसकी पूर्णाहुति होते ही युद्ध विराम की घोषणा हुई थी। इस कार्यक्रम में भक्त मंडल के सदस्यों ने अतिथियों को पीतांबरा माई की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश प्रवक्ता रानू पाराशर, पूर्व मंत्री जगमोहन बघेल, डॉ. शिवचरण कुशवाहा, राजाखेड़ा विधानसभा प्रत्याशी नीरजा शर्मा, जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, पूर्व प्रधान राम हेतु कुशवाहा, बांकेलाल लोधा, दुर्ग सिंह अंधन, जितेंद्र सिंह राजोरिया, प्रशांत हुंडवाल सहित पीतांबरा भक्त मंडल के अश्वनी श्रीवास्तव, राजकुमार शर्मा, राज बहादुर सिसोदिया, मुकेश सक्सेना, बाबू बंसल, लोकेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, अजय राठौर, सचिन जादौन, कमल पहाड़िया, नंदकिशोर शुक्ला, मोहित अग्रवाल, केदार सिंह, रामकुमार दुबे, नर्मदा शर्मा और राम त्रिवेदी जैसे सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, हजारों लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।4
- मध्यप्रदेश के गोहद में एक बस कंडक्टर को इसलिए अगवा करके पीटा गया, क्योंकि उसने बस रोकने से इनकार कर दिया था। यह घटना बस रोकने से मना करने के सीधे परिणाम स्वरूप हुई, जिसके बाद कंडक्टर के साथ मारपीट की गई।1
- थाना एकता क्षेत्र से 16 दिन पहले लापता हुई ममता कुशवाह को आखिरकार बरामद कर लिया गया है। इसके बावजूद, परिवार एकता थाना पुलिस के रवैये से आक्रोशित है और आरोप लगा रहा है कि उन्हें अब भी न्याय नहीं मिल रहा है। युवती के पिता राजवीर सिंह के अनुसार, बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद नामजद आरोपियों पर समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का यह भी आरोप है कि बेटी के लापता होने के दौरान घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और लगभग 50-55 हजार रुपये नकद भी गायब हो गए। परिजनों ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में युवती सामान ले जाते हुए दिखाई दे रही थी, लेकिन पुलिस ने इस महत्वपूर्ण पहलू को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार ने बताया कि युवती का पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार चल रहा था, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई थी। युवती की बरामदगी के बाद भी परिजनों को घंटों थाने में बैठाए रखने और उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी न देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि न तो गायब हुए जेवरात और नकदी बरामद हुई है, और न ही पूरे मामले का संतोषजनक खुलासा किया गया है। इन सब को लेकर परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच, गायब हुए जेवरात व नकदी की बरामदगी और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। युवती की वापसी के बावजूद, गायब हुए जेवरात, नामजद आरोपियों पर कार्रवाई और पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।1
- धौलपुर में जयपुर डिस्कॉम के SE विवेक शर्मा ने मच कुंड रोड उपखंड व्रत कार्यालय पर एक जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान कुल 62 बिजली संबंधी प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। जनसुनवाई में बिजली बिल से संबंधित 26 प्रकरण, VCR से जुड़े 25 प्रकरण और बिजली के अन्य 11 मामले शामिल थे। वे कटे हुए और नियमित बिजली उपभोक्ता, जिन्हें अपने बिलों में गड़बड़ी का अंदेशा था, उन्होंने इस जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और रिकॉर्ड के अनुसार निर्णय लिए गए, जिसके बाद बिलों में संशोधन किया गया और संशोधित बिलों का भुगतान उपभोक्ताओं द्वारा किया गया।1
- फतेहाबाद के गंगोरा गांव में सोमवार को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान भारती पुत्री रामेश्वर निवासी नारीपुरा, भीमनगर, थाना शाहगंज, आगरा के रूप में हुई है, जिसकी शादी वर्ष 2020 में गंगोरा निवासी अवधेश के साथ हुई थी। जानकारी मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग भी गांव पहुँच गए और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। मृतका के पिता रामेश्वर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का पति अवधेश आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और भारती ने कई बार उन्हें उत्पीड़न की जानकारी दी थी। उन्होंने अपनी बेटी की मौत को सामान्य मानने से इनकार करते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। बताया गया है कि भारती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें बड़ा पुत्र दिव्यांश लगभग तीन वर्ष का और छोटा पुत्र हिमांशु मात्र छह माह का है। परिजनों के अनुसार, दो दिन पहले ही छह माह के हिमांशु का मुंडन कराया गया था, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था। ऐसी अचानक हुई घटना से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय मृतका का पति बाजार गया हुआ था। थाना फतेहाबाद के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है और रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।1