चम्बल नदी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन एवं इसके परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित देवरी के घड़ियाल पालन केंद्र में एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता चम्बल संभाग के आयुक्त सुरेश कुमार शर्मा ने की। बैठक में चम्बल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार जैन, धौलपुर जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित धौलपुर, मुरैना एवं आगरा जिलों के जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी और वन, परिवहन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान चम्बल नदी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, संयुक्त कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बजरी खनन पर लगाए गए प्रतिबंध की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में धौलपुर, मुरैना एवं आगरा जिलों की सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने, अवैध खनन एवं परिवहन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभागों के समन्वित प्रयासों से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीति पर चर्चा की। साथ ही, आधुनिक तकनीकी संसाधनों एवं खुफिया सूचनाओं का उपयोग कर सतत निगरानी रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त नाकाबंदी, नियमित गश्त तथा आकस्मिक निरीक्षणों को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि अंतर्राज्यीय स्तर पर समन्वय बढ़ाकर अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि चम्बल नदी के पारिस्थितिक तंत्र और वन्यजीवों का संरक्षण हो सके तथा न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो। इसी क्रम में, धौलपुर जिले में जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में, प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए प्रमुख घाटों एवं मार्गों पर पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से यह अभियान लगातार जारी है।
चम्बल नदी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन एवं इसके परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित देवरी के घड़ियाल पालन केंद्र में एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता चम्बल संभाग के आयुक्त सुरेश कुमार शर्मा ने की। बैठक में चम्बल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार जैन, धौलपुर जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित धौलपुर, मुरैना एवं आगरा जिलों के जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी और वन, परिवहन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान चम्बल नदी क्षेत्र में प्रतिबंधित बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित
करने, संयुक्त कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बजरी खनन पर लगाए गए प्रतिबंध की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में धौलपुर, मुरैना एवं आगरा जिलों की सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने, अवैध खनन एवं परिवहन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभागों के समन्वित प्रयासों से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीति पर चर्चा की। साथ ही, आधुनिक तकनीकी संसाधनों एवं खुफिया सूचनाओं का उपयोग कर सतत निगरानी रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त नाकाबंदी, नियमित गश्त तथा आकस्मिक निरीक्षणों को
सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि अंतर्राज्यीय स्तर पर समन्वय बढ़ाकर अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि चम्बल नदी के पारिस्थितिक तंत्र और वन्यजीवों का संरक्षण हो सके तथा न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो। इसी क्रम में, धौलपुर जिले में जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में, प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए प्रमुख घाटों एवं मार्गों पर पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से यह अभियान लगातार जारी है।
- धौलपुर में जयपुर डिस्कॉम के SE विवेक शर्मा ने मच कुंड रोड उपखंड व्रत कार्यालय पर एक जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान कुल 62 बिजली संबंधी प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। जनसुनवाई में बिजली बिल से संबंधित 26 प्रकरण, VCR से जुड़े 25 प्रकरण और बिजली के अन्य 11 मामले शामिल थे। वे कटे हुए और नियमित बिजली उपभोक्ता, जिन्हें अपने बिलों में गड़बड़ी का अंदेशा था, उन्होंने इस जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और रिकॉर्ड के अनुसार निर्णय लिए गए, जिसके बाद बिलों में संशोधन किया गया और संशोधित बिलों का भुगतान उपभोक्ताओं द्वारा किया गया।1
- धौलपुर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति द्वारा एक विराट, भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो सोमवार को श्रद्धा, उत्साह और सनातन गौरव के वातावरण में संपन्न हुई। इस शोभायात्रा में धौलपुर सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु, विप्र बंधु, मातृशक्ति और युवाओं ने भाग लिया। शोभायात्रा में शामिल होने आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज का राजस्थान सीमा स्थित बरेठा बॉर्डर पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया। समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ वहाँ पहुँचे और पुष्पमालाओं, वैदिक मंत्रोच्चार तथा जयघोषों के बीच उनका अभिनंदन किया। 'जय श्रीराम' और 'जय भगवान परशुराम' के उद्घोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। इसके बाद देवकीनंदन ठाकुर का काफिला मचकुंड रोड स्थित पूर्व जिला प्रमुख पंडित किशनचंद शर्मा के फार्म हाउस और फिर मनी वाटिका पहुँचा, जहाँ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच का भी भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और समाज बंधुओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया; शोभायात्रा स्थल पर उन्हें माल्यार्पण कर और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मानंद की बगीची के समीप स्थित मनी वाटिका में भगवान परशुराम के पूजन-अर्चन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसमें परम पूज्य श्री श्री 1008 पागल बाबा महाराज, देवकीनंदन ठाकुर महाराज, हनुमान दास महाराज, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, पूर्व जिला प्रमुख पंडित किशनचंद शर्मा, पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रानू पाराशर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने युवाओं से सनातन मूल्यों को अपनाने तथा समाज में संगठन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया, बताते हुए कि भगवान परशुराम सनातन संस्कृति के गौरव और धर्मरक्षा के प्रतीक हैं। पागल बाबा महाराज ने भगवान परशुराम के जीवन को त्याग, तपस्या और धर्म स्थापना का उदाहरण बताया और समाज को प्रेम, सद्भाव व भाईचारे के साथ संगठित रहने का संदेश दिया, जबकि हनुमान दास महाराज ने संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने भगवान परशुराम के जीवन को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य की स्थापना और राष्ट्रधर्म के पालन की प्रेरणा बताते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक पंडित विशंभर दयाल शर्मा ने किया। समिति अध्यक्ष मुकेश शर्मा और संयोजक हरी निवास प्रधान ने बताया कि शोभायात्रा को भव्य स्वरूप देने के लिए पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने कई दिनों तक अथक परिश्रम किया। शोभायात्रा में तीन भव्य बैंड, छह आकर्षक धार्मिक-सांस्कृतिक झांकियां और भगवान परशुराम का अलौकिक डोला प्रमुख आकर्षण रहे, जिनसे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। यह शोभायात्रा मनी वाटिका से प्रारंभ होकर पुराना शहर, हरदेव नगर, सराय, लाल बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सब्जी मंडी, तोप तिराहा और संतर रोड होते हुए अंबाजी मंदिर पहुँची, जहाँ भगवान परशुराम के डोले की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न हुई। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया और कई स्थानों पर पेयजल, शीतल पेय, फलाहार एवं भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। विभिन्न समाजों की सहभागिता ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। समारोह के अंत में समिति अध्यक्ष मुकेश शर्मा और संयोजक हरी निवास प्रधान ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाज बंधुओं और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। महाआरती और विशाल प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।2
- विश्व स्तरीय सुरक्षा कंपनी एसआईएस सिक्योरिटी मुरैना जिले के बेरोजगारों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर लेकर आई है। कंपनी द्वारा पूरे जिले में एक विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जनपद स्तर पर दो दिवसीय और एक दिवसीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भर्ती अधिकारी अजीत सिंह ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। भर्ती प्रक्रिया में चयनित जवानों को पहले एक माह का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण के बाद, जवानों को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर पोस्टिंग दी जाएगी, जहां उन्हें तीन महीने की अवधि तक काम करना होगा। तीन महीने पूरे होने पर, जवान अपनी गृह डिस्ट्रिक्ट या अपनी गृह ब्रांच में वापस जा सकते हैं। वेतन की बात करें तो, जवानों को 15,000 से 18,000 रुपये तक और सुपरवाइजरों को 20,000 से 28,000 रुपये तक वेतन मिलेगा। इस अवसर के लिए, जवानों का प्रशिक्षण शुल्क 10,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह शुल्क 40,000 रुपये है। जवानों के लिए यह प्रशिक्षण शुल्क धीरे-धीरे किस्तों के माध्यम से उनके खाते में जोड़ा जाएगा।1
- मध्य प्रदेश को वीरों की धरती और जवानों का देश बताया गया है, साथ ही इसे 'बलिया बगिया' कहकर भी सराहा गया है। इस पोस्ट में कहा गया है कि यदि जीवन में सच्चा सुकून पाना चाहते हैं, तो एक बार चंबल की सफारी पर अवश्य जाना चाहिए।1
- मुरैना जिले के अंबाह नगर पालिका चौराहे पर शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दो सांड आपस में जोरदार तरीके से भिड़ गए। लड़ते-लड़ते वे सड़क किनारे खड़ी एक टिम-टिम (ई-रिक्शा) में जा घुसे, जिससे वहां मौजूद राहगीरों में चीख-पुकार मच गई और लोगों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की जबरदस्त भिड़ंत से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देते दिखाई दिए, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा और चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह घटना नगर में दिन-प्रतिदिन गंभीर होती आवारा मवेशियों की समस्या का एक और उदाहरण है। नागरिकों के अनुसार, बाजारों, मुख्य सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर सांडों का खुलेआम घूमना आम बात हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, और पूर्व में भी कई लोग इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें, आवेदन और मांग पत्र दिए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है और कोई स्थायी व प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने, उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी और भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।1
- जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम घुघस में 29 वर्षीय सीमा कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष का कहना है कि पति-पत्नी के बीच हुए मामूली विवाद के बाद सीमा ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय ग्वालियर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं, मायके पक्ष ने इसे हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई रिंकू कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि सीमा दो दिन पहले ही अपने मायके मुरैना खुर्द से पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में ससुराल गई थी। उन्होंने ससुराल पक्ष पर लंबे समय से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। रिंकू कुशवाहा का यह भी दावा है कि उन्हें घटना की सूचना करीब पांच घंटे बाद दी गई और जब वे मौके पर पहुंचे तो सीमा के मुंह से खून निकल रहा था और उसके दांत भी टूटे हुए थे। मृतका के मामा गुलाब सिंह कुशवाहा ने बताया कि सीमा के पति संदीप कुशवाहा की करीब छह-सात महीने पहले सचिव पद पर नौकरी लगने के बाद से उसकी प्रताड़ना बढ़ गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संदीप के किसी अन्य युवती से संबंध थे, जिसके कारण वह सीमा को परेशान करता था। परिवार का यह भी कहना है कि पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौते कराए गए थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जौरा थाने में पदस्थ एसआई नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।1
- पोरसा शहर में इस वर्ष मोहर्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहाँ कुल दो दर्जन, यानि 24 ताजिये बनाए गए हैं। मोहर्रम एवं कर्बला इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जनाब यूनिस खां पठान ने बताया कि ताजियों का मुख्य जुलूस 26 जून को निकाला जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 जून को आलम उठाए जाएंगे, जिसके बाद 25 जून की रात्रि में ताजिये गश्त पर निकलेंगे। अगले दिन, 26 जून को ये ताजिये पूरे शहर में भ्रमण करते हुए कर्बला तक पहुँचेंगे। इस वर्ष बने 24 ताजियों में जनाब मुन्ना स्या का बुर्राक तथा समीर खान का पंचायती जामा मस्जिद वाला ताजिया प्रमुख हैं। इनके साथ ही, अनवर (पुरानी बस्ती), रशीद खां, रफीक खान मुल्लाजी, रमजानी खां (इमली चौक), मुन्ना खां (गांधीनगर), याकूब खां (पुराना खेरा), सादिक खां (पुराना खेरा), अंसार खां (इमली चौक), शद्दों खां, शहजाद ख़ां, कासिम खां (छोटा पंचायती बगिया मोहल्ला), बल्ली खां, मुन्ना खां अब्बासी, सलीम खान (मोहल्ला पंचायती ईदगाह मोहल्ला), फिरोज शाह, अब्बू उर्फ अबरार खां, दिलशाद खां, बशारत खान, पुल्ली खां, साबिर खां और हसन खां द्वारा निर्मित ताजिए भी तैयार हो चुके हैं। इस आयोजन में अब्दुल्ला अखाड़ा, जिसके खलीफा जनाब सूफी आबिद खां हैं, और इस्लामिया अखाड़ा, जिसके खलीफा जनाब शरीफ खां हैं, भी अपनी भागीदारी निभाएंगे।1
- जौरा शहर में एक दुकान पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद श्रम विभाग ने कार्रवाई करते हुए निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान पर नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए, जिसके उपरांत विभाग ने संबंधित दुकान संचालक के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रम विभाग के अधिकारी लकी शिवारे ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और इसमें नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद दुकान संचालक को भविष्य में किसी भी नाबालिग बच्चे से काम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। अधिकारी ने यह भी बताया कि बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों से काम कराया जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।1
- लखनऊ में हुए एक अग्नि कांड में कम से कम 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि कुछ अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस भीषण घटना के दौरान, छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने का प्रयास किया, जिसमें कुछ लोगों की मृत्यु भी हो गई। सरकार से तत्काल यह अपील की गई है कि वह प्रभावित छात्रों का जल्द से जल्द इलाज सुनिश्चित करे।1