मुरैना जिले के अंबाह नगर पालिका चौराहे पर शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दो सांड आपस में जोरदार तरीके से भिड़ गए। लड़ते-लड़ते वे सड़क किनारे खड़ी एक टिम-टिम (ई-रिक्शा) में जा घुसे, जिससे वहां मौजूद राहगीरों में चीख-पुकार मच गई और लोगों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की जबरदस्त भिड़ंत से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देते दिखाई दिए, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा और चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह घटना नगर में दिन-प्रतिदिन गंभीर होती आवारा मवेशियों की समस्या का एक और उदाहरण है। नागरिकों के अनुसार, बाजारों, मुख्य सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर सांडों का खुलेआम घूमना आम बात हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, और पूर्व में भी कई लोग इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें, आवेदन और मांग पत्र दिए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है और कोई स्थायी व प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने, उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी और भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
मुरैना जिले के अंबाह नगर पालिका चौराहे पर शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दो सांड आपस में जोरदार तरीके से भिड़ गए। लड़ते-लड़ते वे सड़क किनारे खड़ी एक टिम-टिम (ई-रिक्शा) में जा घुसे, जिससे वहां मौजूद राहगीरों में चीख-पुकार मच गई और लोगों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की जबरदस्त भिड़ंत से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देते दिखाई दिए, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा और चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह घटना नगर में दिन-प्रतिदिन गंभीर होती आवारा मवेशियों की समस्या का एक और उदाहरण है। नागरिकों के अनुसार, बाजारों, मुख्य सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर सांडों का खुलेआम घूमना आम बात हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, और पूर्व में भी कई लोग इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें, आवेदन और मांग पत्र दिए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है और कोई स्थायी व प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने, उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी और भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
- मध्य प्रदेश को वीरों की धरती और जवानों का देश बताया गया है, साथ ही इसे 'बलिया बगिया' कहकर भी सराहा गया है। इस पोस्ट में कहा गया है कि यदि जीवन में सच्चा सुकून पाना चाहते हैं, तो एक बार चंबल की सफारी पर अवश्य जाना चाहिए।1
- मुरैना जिले के अंबाह नगर पालिका चौराहे पर शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दो सांड आपस में जोरदार तरीके से भिड़ गए। लड़ते-लड़ते वे सड़क किनारे खड़ी एक टिम-टिम (ई-रिक्शा) में जा घुसे, जिससे वहां मौजूद राहगीरों में चीख-पुकार मच गई और लोगों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की जबरदस्त भिड़ंत से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देते दिखाई दिए, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा और चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह घटना नगर में दिन-प्रतिदिन गंभीर होती आवारा मवेशियों की समस्या का एक और उदाहरण है। नागरिकों के अनुसार, बाजारों, मुख्य सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर सांडों का खुलेआम घूमना आम बात हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, और पूर्व में भी कई लोग इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें, आवेदन और मांग पत्र दिए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है और कोई स्थायी व प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने, उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी और भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।1
- अम्बाह के पोरसा चौराहे पर आज सुबह से ही भीषण जाम जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण शादियाँ और कस्बे में बस स्टैंड का अभाव है। शादियों के चलते सुबह से ही यातायात प्रभावित रहा, और दोपहर तक 'सहारग' के प्रभाव से स्थिति और गंभीर हो गई। अम्बाह में बस स्टैंड न होने के कारण वाहनों के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस यातायात समस्या को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। चौकी के अभाव में दो पुलिसकर्मी धूप में पसीना-पसीना होते हुए भी मोर्चा संभाले रहे। स्थानीय समाजसेवी लोगों ने भी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में पुलिस का सहयोग किया। यह स्थिति पुलिस प्रशासन के लिए एक "परीक्षा की घड़ी" बनकर उभरी है।2
- अंबाह के पोरसा चौराहे पर दोपहर से ही सालग का असर देखने को मिला, जिससे यातायात व्यवस्था में जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान, दो पुलिसकर्मियों ने पसीना बहाते हुए मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। उनके साथ ही, स्थानीय समाजसेवी लोगों ने भी यातायात व्यवस्था को पुनः सामान्य करने में अपना सहयोग दिया।1
- अपनी ससुराल आए एक व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत हो गई है।1
- मुरैना जिले के रिठौरा कलां थाना क्षेत्र में पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और लाठी भी बरामद की है। यह घटना 20 जून की रात करीब 9:30 बजे हुई थी, जब फैक्ट्री से काम कर घर लौट रहे दो युवकों पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू और लाठियों से हमला किया गया। इस हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित की शिकायत पर, रिठौरा कलां थाने में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर और एसडीओपी अनिल कुमार मंडराह के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी और उनकी टीम ने लगातार दबिश और मुखबिर तंत्र के सक्रिय उपयोग के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की। 22 जून को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। मामले में आगे की विवेचना अभी जारी है।1
- पोरसा स्थित महाकाल मंदिर के गर्भगृह में डॉ. अनिल गुप्ता के तत्वावधान में आर्मीमैन श्री लेखराज, उनकी धर्मपत्नी वर्षा और पुत्र सार्थक द्वारा पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष्य में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक संपन्न किया गया। इस धार्मिक आयोजन में पंचद्रव्य और औषधियों से विधिवत पूजा-अर्चना की गई। बताया गया कि परिवार को महाकाल की असीम कृपा से पाँच वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है, जिसके लिए उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ यह विशेष पूजा-अर्चना करवाई। अभिषेक के बाद कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं और महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित बच्चों को फल वितरित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और सभी श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए भगवान महाकाल से कामना की।2
- बानमोर के राधा कृष्ण वाटिका नगर में अखिल भारतीय माहौर ग्वारै वैश्य महासभा (रजिस्टर्ड) की वार्षिक राष्ट्रीय आमसभा और अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश चंद्र मांडिल ने की, जबकि जिला पंचायत मुरैना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कमलेश भार्गव जी ने जोर देकर कहा कि मेधावी बच्चों का सम्मान करने से उनका हौसला बढ़ता है, और प्रत्येक समाज को अपने मेधावी बच्चों को सम्मानित करना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश चंद्र मांडिल ने समाज को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू विवादों को निपटाने के लिए परिवार कचहरी शुरू की गई है, और पूरे हिंदुस्तान एवं विदेशों में रह रहे समाज के लोगों की जनगणना का कार्य भी तेजी से चल रहा है। बैठक में सतीश चंद्र चांदिल (सेवानिवृत्त, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एमपी इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड), श्रीमती मीना गुप्ता (राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला विंग), प्रवीण बांदिल (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), सुरेश गुप्ता (राष्ट्रीय महामंत्री), राजेश गोयल (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), मदन मोहन गोयल (राष्ट्रीय सहमंत्री), गोविंद बंसल (मंडल अध्यक्ष बानमोर), अखिलेश बंसल, सुशील गांगिल (प्रभारी), आनंद गुप्ता, दिनेश गोयल, शिवनारायण मांडिल, अशोक मांडिल जैसे कई विशिष्ट अतिथि और पदाधिकारी मौजूद थे। अधिवेशन के दौरान समाज सुधार के कई विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। परिवार कचहरी के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया, और दो दर्जन से अधिक मेधावी बच्चों का भी सम्मान किया गया। विशेष रूप से, वर्ष 2025 में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षाओं में 90% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले श्रद्धा गुप्ता (मुरैना), कुनाल गोयल (ग्वालियर), कृष्णा गुप्ता (मुरैना), भाग्य बंसल (मुरार), अनमोल गुप्ता (मुरैना), अंशिका गांगिल (मुरार), नैतिक बांदिल (मुरैना), सानवी गुप्ता (नासिक, महाराष्ट्र), शौर्य गुप्ता (मुरैना), अध्ययन गोयल (ग्वालियर), राधा बांदिल (मुरैना), अर्जुन गुप्ता (लश्कर), अभय गोयल (मुरैना), नव्या बंसल (लश्कर), मुस्कान गोयल (मुरैना), भानूप्रिया गोयल (नूराबाद), आयुषी गोयल (मुरैना), परी गुप्ता, काव्या गोयल (लश्कर), राधा गुप्ता, अंशिका गुप्ता, टिकंल गुप्ता, प्राची मांडिल (सभी मुरैना), अनुष्का गुप्ता (मुरार), परी गुप्ता (मुरैना), इशिका गुप्ता (मुरैना) और परी गांगिल (झांसी) जैसे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉक्टर भगवान दास अलंकरण सम्मान से डॉक्टर साक्षी गुप्ता (अलवर, राजस्थान), डॉक्टर ललित बांदिल (लश्कर), कशिश गुप्ता (मुरैना), और डॉक्टर अमन गोयल (मुरैना) को नवाजा गया। जनगणना कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। समाज के सुधार संबंधी सुझावों को लागू करने के लिए अगली बैठक तक गहन मंथन करने का निर्णय लिया गया।1