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बगहा में एक अनोखा 'मुफ्त स्विमिंग पूल' खुलने की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई है, जिस पर लोग चुटकी ले रहे हैं। इस 'स्विमिंग पूल' का उपयोग करने के लिए न तो कोई टिकट लगेगा और न ही कोई फीस देनी होगी। जनता को बस बारिश होने का इंतज़ार करना होगा, जिसके बाद वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह पोस्ट बगहा की जनता की आवाज़ को दर्शाता है, जिसमें शायद स्थानीय जलभराव या बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर कटाक्ष किया गया है।
Sahil kumar
बगहा में एक अनोखा 'मुफ्त स्विमिंग पूल' खुलने की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई है, जिस पर लोग चुटकी ले रहे हैं। इस 'स्विमिंग पूल' का उपयोग करने के लिए न तो कोई टिकट लगेगा और न ही कोई फीस देनी होगी। जनता को बस बारिश होने का इंतज़ार करना होगा, जिसके बाद वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह पोस्ट बगहा की जनता की आवाज़ को दर्शाता है, जिसमें शायद स्थानीय जलभराव या बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर कटाक्ष किया गया है।
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- बगहा में एक अनोखा 'मुफ्त स्विमिंग पूल' खुलने की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई है, जिस पर लोग चुटकी ले रहे हैं। इस 'स्विमिंग पूल' का उपयोग करने के लिए न तो कोई टिकट लगेगा और न ही कोई फीस देनी होगी। जनता को बस बारिश होने का इंतज़ार करना होगा, जिसके बाद वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह पोस्ट बगहा की जनता की आवाज़ को दर्शाता है, जिसमें शायद स्थानीय जलभराव या बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर कटाक्ष किया गया है।1
- बगहा के वाटर पार्क की बदहाली एक चिंता का विषय बन गई है, जहाँ अब मेंढक और कीटाणु स्नान करते देखे जा रहे हैं। इस स्थिति का पूरा ‘श्रेय’ स्थानीय विधायक पप्पू गुप्ता को दिया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह वाटर पार्क बगहा 1 नगर परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 727 पर स्थित है, जिसकी दुर्दशा ने लोगों को निराश किया है।1
- पठानकोट में भारी बारिश का कहर लगातार जारी है, जिसके कारण क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है।1
- कुशीनगर में परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोइयों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रसोइया कर्मचारी समिति, जनपद कुशीनगर के बैनर तले इन रसोइयों ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानदेय में भारी बढ़ोतरी और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें उठाई गईं। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में बताया गया कि रसोइयों को प्रतिमाह मात्र 2000 रुपये का मानदेय मिलता है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में उनसे भोजन बनाने के अलावा झाड़ू लगाने, शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे अतिरिक्त कार्य भी कराए जाते हैं, जिसके कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय का भुगतान समय पर हो और उन पर होने वाले उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य ने रसोइयों की मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान फेकनी, कलावती, रेनू देवी, ऊषा देवी, गुड़िया, गीता सहित बड़ी संख्या में रसोइया कर्मचारी मौजूद रहीं।4
- प्रधानमंत्री मोदी जी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 'चॉकलेट' देने के बाद NET से संबंधित एक पूरे मामले को दबा दिया है। यह सवाल उठाया गया है कि आखिर यह पूरा मामला क्या है, और लोगों से अपील की गई है कि वे वीडियो देखकर इस संबंध में अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।1
- रामजन्म राजभर की हत्या कर दी गई है। यह घटना समाजवादी पार्टी के दौरे से संबंधित है, जिसमें दो यादवों ने रामजन्म राजभर को मारा है।1
- कुशीनगर जनपद के जिला मुख्यालय पर स्थित महिला हॉस्पिटल एल2 बदहाली का शिकार है, जहाँ हल्की बारिश होने के साथ ही नाली ओवरफ्लो होने के कारण नाली का गंदा और बरसात का पानी अस्पताल परिसर में जमा हो गया है। इस जलजमाव से लोग अत्यधिक परेशान हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। यह बताया गया है कि महिला हॉस्पिटल एल2 में नाली के गंदे पानी का जमाव कोई नई बात नहीं है; यह समस्या आए दिन सामने आती रहती है। इसके बावजूद, कोई भी समुचित व्यवस्था नहीं बनाई जाती और मामले को केवल टाल-मटोल कर दबा दिया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सड़क के एक तरफ पानी भरा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ महिला अस्पताल के सामने ग्राउंड में भी नाली का पानी लगा है। गर्मी के मौसम में इस नाली के पानी से असहनीय बदबू आती है, जिससे मरीज लेकर इलाज करवाने आने वाले तीमारदार भी खुद बीमार हो जाते हैं। हालात इतने विकट हैं कि तीमारदारों को अपने मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद बदबू और गंदगी से बचने के लिए अस्पताल परिसर छोड़कर बाहर जाना पड़ता है। दरअसल, जब से यह हॉस्पिटल बना है, तब से ही इसमें पानी बहाने की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है, यही कारण है कि अस्पताल के आसपास नाली का पानी बहता और जमा होता रहता है। इस संबंध में हॉस्पिटल के अधिकारियों से दूरभाष पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।4
- उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत ही बुरी खबर सामने आई है। यह जानकारी 'ब्रेकिंग न्यूज़' के तौर पर प्रसारित की जा रही है।1