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कटिहार जिले में 20 मई को मेडिकल दुकानों की हड़ताल के बावजूद सभी जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। इससे मरीजों को आवश्यक दवाओं की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
लोकल 18 न्यूज़ कटिहार
कटिहार जिले में 20 मई को मेडिकल दुकानों की हड़ताल के बावजूद सभी जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। इससे मरीजों को आवश्यक दवाओं की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
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- कदवा पंचायत के तेजस शिक्षण संस्थान परिसर में जनसुराज नेताओं ने कदवा और डंडखौड़ा प्रखंड के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता पप्पू विश्वास ने की, जिन्होंने जिला और प्रदेश के जनसुराजी नेताओं को एक-एक कर अपनी बात रखने का अवसर दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन विस्तार पर चर्चा करना और लोगों को जनसुराज से जोड़ने की रणनीति तैयार करना था। इस मौके पर पूर्व प्रत्याशी मोहम्मद सहरयार भी उपस्थित थे। जनसुराज के नेताओं ने संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया।1
- कटिहार जिले में आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में, 27 मई को मनाए जाने वाले बकरीद से पहले, जिले के मनसाही हाट में लगे बकरा बाजार में रविवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसे बकरीद से पहले का अंतिम बड़ा हाट माना जा रहा था, जिसके चलते जिले के विभिन्न प्रखंडों और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में खरीदार बकरों की खरीदारी के लिए पहुँचे। सुबह से ही हाट में खरीदारों और विक्रेताओं की चहल-पहल बनी रही, जहाँ छोटे से लेकर बड़े आकार के बकरे बिक्री के लिए लाए गए थे। बकरों की नस्ल, वजन और उम्र के आधार पर उनकी कीमतें तय की जा रही थीं, और खरीदार अपनी पसंद व बजट के अनुसार बकरों का चयन कर रहे थे। मो. मुकीम, शाहनवाज, मुनाजिर और नजमी जैसे खरीदारों ने बताया कि इस साल बकरा बाजार में महंगाई का स्पष्ट असर दिख रहा है, जहाँ पिछले साल की तुलना में कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। सामान्य आकार के बकरे भी 10 हज़ार रुपये से अधिक में बिक रहे हैं, जबकि बड़े और अच्छी नस्ल के बकरों की कीमत 20 हज़ार से 50 हज़ार रुपये या उससे भी ज़्यादा तक पहुँच रही है। वहीं, बकरा विक्रेताओं का कहना है कि पशुओं के चारे, दवा और देखभाल पर बढ़े खर्च के कारण बकरों की कीमतों में इजाफा हुआ है। इन बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद, बकरीद को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है और खरीदार अपनी ज़रूरत के हिसाब से बकरे खरीद रहे हैं। दिनभर चली खरीद-बिक्री के दौरान, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाज़ार में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बकरीद नज़दीक आने के साथ ही, आने वाले दिनों में जिले के अन्य बकरा बाज़ारों में भी इसी तरह की रौनक देखने को मिलने की संभावना है।2
- जन स्वराज पार्टी द्वारा 24 मई 2026 को कदवा में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला के प्रदेश अध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्ष भी मौजूद थे, जहाँ सारेयार प्रदेश महामंत्री नसीमउद्दीन ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। मीटिंग में बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और बढ़ते हुए अपराधियों के मुद्दे पर विशेष चर्चा की गई। नसीमउद्दीन ने आरोप लगाया कि जहाँ युवाओं को हर साल 2 करोड़ रोजगार देने की बात की गई थी, वहीं आज उन्हें सड़कों पर लाठी के सिवा कुछ नहीं मिला।1
- पुलिस ने राजा सड़क मोड़ से चार व्यक्तियों को शराब के नशे में धूत अवस्था में गिरफ्तार किया है। इन नशेड़ियों को पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पकड़ा।1
- देर शाम गरज के साथ हुई तेज बारिश ने एक बार फिर कटिहार रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। भारी बारिश के कारण स्टेशन परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से, प्लेटफॉर्म संख्या-01 पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब दिखी, जहाँ यात्री शेड से पानी झरने की तरह तेजी से नीचे गिरने लगा। पानी की तेज धार अचानक ऊपर से गिरता देख यात्री इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बारिश का पानी प्लेटफॉर्म परिसर में तेजी से जमा होने के कारण यात्रियों को आने-जाने में काफी कठिनाई हुई। कई यात्री अपने सामान को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित जगह तलाशते रहे, जबकि कुछ को पूरी तरह भीगने पर मजबूर होना पड़ा। इस जलजमाव से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय यात्रियों ने रेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि हर बारिश में स्टेशन की यही तस्वीर सामने आती है, फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की जाती। यात्रियों ने सवाल उठाया है कि पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक कटिहार जंक्शन पर यदि थोड़ी देर की बारिश में ही यह हाल हो जाता है, तो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा।1
- आजमनगर प्रखंड क्षेत्र की केलाबाड़ी पंचायत के वार्ड संख्या 1 में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ दादी के अंतिम संस्कार के दौरान एक 9 वर्षीय मासूम महानंदा नदी में डूब गया। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है, और मृतक बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। डूबे हुए बच्चे की पहचान गांव निवासी विमल मंडल के पुत्र प्रसनजीत मंडल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रसनजीत अपनी दादी फैली देवी के दाह संस्कार में शामिल होने परिवार के सदस्यों के साथ नदी किनारे पहुंचा था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह नदी में स्नान करने के लिए गया, और इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। हालांकि, बच्चे को नदी में डूबते हुए किसी ने नहीं देखा। घटना के बाद, ग्रामीणों ने बच्चे की गहन तलाश की, लेकिन रविवार शाम 5 बजे तक उसका कोई पता नहीं चल सका। एक ही परिवार में पहले दादी की मृत्यु और फिर पोते के डूबने की इस दर्दनाक घटना ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। प्रशासन की ओर से, एसडीआरएफ टीम और गोताखोरों को बच्चे की तलाश अभियान में लगाया गया है। अंचलाधिकारी मो. रिजवान आलम ने बताया कि बच्चे की खोज लगातार जारी है, और शव मिलने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- NEET पेपर लीक में अभी तक 18 से 20 बच्चों की जाने गई हैं। विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी भी बन गई ,लेकिन इस्तीफे की मांग तेज धर्मेंद्र प्रधान को लेकर। मेरा मानना हैं कि सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दे भी दे तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि पूरा का पूरा सिस्टम की करप्ट हैं। ऐसा लगता हैं कि हर विभाग में होर लगी हो कौन कितना भ्रष्ट हैं। हैरानी तब होती हैं जब भ्रष्ट आदमी को ओर ऊंचे पोस्ट दे दिया जाता है। इस्तीफा मांगना बे बुनियाद। जय हिंद1
- दंडखोदा प्रखंड की महेशपुर पंचायत के मोहिनी पिपरा गाँव में बीती रात आई आँधी और बरसात से भारी नुकसान हुआ। तेज आँधी के कारण हरे-भरे पेड़, बिजली के तार और खंभे गिर गए, जिससे सड़क कई घंटों तक जाम रही। इस प्राकृतिक आपदा से सरकारी संपत्ति को भी काफी क्षति पहुँची। सड़क को अवरोध मुक्त करने के लिए समाजसेवी और जन स्वराज पार्टी के नेता शंकर शाह ने पहल की। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका। शंकर शाह के इस कार्य की स्थानीय ग्रामीणों ने खूब प्रशंसा की।1