औरैया के बिधूना क्षेत्र के बंथरा गांव निवासी 55 वर्षीय राज नारायण दुबे ने अपनी बहन सुमन देवी को अपना घर और जमीन दान कर दी, जिसके बाद उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे और भाभी बिट्टी देवी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उन्हें, उनकी बहन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी को झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने या जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया है। राज नारायण दुबे ने बताया कि उनके कोई संतान नहीं है, और उनकी देखरेख उनकी बहन सुमन देवी और भांजा राम दत्त त्रिवेदी, जो क्योंटरा, औरैया के निवासी हैं, करते आ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने होशोहवास में और अपनी स्वेच्छा से यह संपत्ति अपनी बहन के नाम की है। पीड़ित राज नारायण ने जानकारी दी कि 24 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वह अपनी बहन के साथ घर पर थे, तब धर्मेंद्र नारायण और उनकी पत्नी बिट्टी देवी ने उन्हें और सुमन देवी को देखकर भद्दी-भद्दी गालियां दीं। जब राज नारायण ने बताया कि सुमन देवी और उनका परिवार ही उनकी शुरुआत से देखरेख करता आया है, इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति उन्हें दी है, तो इस बात पर दोनों पति-पत्नी ने उन पर और उनकी बहन पर मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वे दोनों घर के अंदर भाग गए और अपने भांजे को फोन पर घटना की सूचना दी। इस घटना के बाद, पीड़ित राज नारायण दुबे ने अपने भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ मिलकर उसी दिन 24 जून 2026 की रात करीब 10 बजे बिधूना थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी। उन्होंने सभी विपक्षीगणों, जिनमें उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे, भाभी बिट्टी देवी, संदीप दुबे और श्याम बाबू दुबे (रानेपुर कंचोसी, कानपुर देहात) शामिल हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने और अपनी, अपनी बहन सुमन देवी और भांजे राम दत्त त्रिवेदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राज नारायण दुबे ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि उनके मकान और जमीन के लालच में आकर विपक्षीगण उनके, उनकी बहन या भांजे के खिलाफ कोई झूठा आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा सकते हैं या उनकी हत्या करवा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके या उनकी बहन सुमन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ कोई भी आकस्मिक घटना होती है, तो इसके लिए विपक्षीगण ही जिम्मेदार होंगे।
औरैया के बिधूना क्षेत्र के बंथरा गांव निवासी 55 वर्षीय राज नारायण दुबे ने अपनी बहन सुमन देवी को अपना घर और जमीन दान कर दी, जिसके बाद उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे और भाभी बिट्टी देवी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उन्हें, उनकी बहन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी को झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने या जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया है। राज नारायण दुबे ने बताया कि उनके कोई संतान नहीं है, और उनकी देखरेख उनकी बहन सुमन देवी और भांजा राम दत्त त्रिवेदी, जो क्योंटरा, औरैया के निवासी हैं, करते आ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने होशोहवास में और अपनी स्वेच्छा से यह संपत्ति अपनी बहन के नाम की है। पीड़ित राज नारायण ने जानकारी दी कि 24 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वह अपनी बहन के साथ घर पर थे, तब धर्मेंद्र नारायण और उनकी पत्नी बिट्टी देवी ने उन्हें और सुमन देवी को देखकर भद्दी-भद्दी गालियां दीं। जब राज नारायण ने बताया कि सुमन देवी और उनका परिवार ही उनकी शुरुआत से देखरेख करता आया है, इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति उन्हें दी है, तो इस बात पर दोनों पति-पत्नी ने उन पर और उनकी बहन पर मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वे दोनों घर के अंदर भाग गए और अपने भांजे को फोन पर घटना की सूचना दी। इस घटना के बाद, पीड़ित राज नारायण दुबे ने अपने भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ मिलकर उसी दिन 24 जून 2026 की रात करीब 10 बजे बिधूना थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी। उन्होंने सभी विपक्षीगणों, जिनमें उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे, भाभी बिट्टी देवी, संदीप दुबे और श्याम बाबू दुबे (रानेपुर कंचोसी, कानपुर देहात) शामिल हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने और अपनी, अपनी बहन सुमन देवी और भांजे राम दत्त त्रिवेदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राज नारायण दुबे ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि उनके मकान और जमीन के लालच में आकर विपक्षीगण उनके, उनकी बहन या भांजे के खिलाफ कोई झूठा आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा सकते हैं या उनकी हत्या करवा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके या उनकी बहन सुमन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ कोई भी आकस्मिक घटना होती है, तो इसके लिए विपक्षीगण ही जिम्मेदार होंगे।
- उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में एक अनुदेशक चकबन्दी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय से मारपीट कर मोबाइल छीनने के मामले में दिबियापुर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को घटना में प्रयुक्त वाहनों समेत गिरफ्तार किया है। यह घटना 22 जून 2026 को शाम करीब 05:30 बजे रामगढ़-दिबियापुर मार्ग पर गुलरिया गाँव के पास हुई थी, जब अजय कुमार पाण्डेय अपनी मोटरसाइकिल से ककोर मुख्यालय से डाक लेकर बिधूना कार्यालय जा रहे थे। काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने, पीछे से आ रही एक हैरियर कार में सवार दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों की मदद से उन्हें रोककर गाली-गलौज की, और विरोध करने पर डंडों से मारपीट कर उनका 'रियल मी एंड्रायड' मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए थे। इस घटना पर थाना दिबियापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग मु0अ0स0 236/26 धारा 304(2)/115(2)/352/126(2)/3(5) बीएनएस पंजीकृत किया था। उच्चाधिकारियों द्वारा गठित टीमों के क्रम में, 24 जून 2026 को रात करीब 08:10 बजे संयुक्त पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चैकिंग के दौरान मुखबिर खास की सूचना पर केंजरी नहर पुल के पास से तीन अभियुक्तों— गौरव यादव (पुत्र सुभाष चन्द्र, निवासी नगला महाजीत, थाना सिविल लाइन इटावा, उम्र करीब 22 वर्ष), योगेन्द्र यादव (पुत्र अरुण यादव, निवासी नगला सबल, थाना भरथना इटावा, उम्र करीब 18 वर्ष), और प्रदीप यादव (पुत्र किताब सिंह, निवासी नगला महाजीत, थाना सिविल लाइन इटावा, उम्र करीब 35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और टाटा हैरियर कार भी बरामद की है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे इटावा में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। उनकी महिला सहकर्मी, जिसके पति की मृत्यु लगभग 5 वर्ष पूर्व हो चुकी थी, का उसके ससुर (अजय कुमार पाण्डेय) से गुजारा भत्ता को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते महिला सहकर्मी के कहने पर, उन्होंने अजय कुमार पाण्डेय को पीटने और उनका मोबाइल फोन छीनने की योजना बनाई, ताकि वह मौके से किसी को फोन न कर सकें। योजना के अनुसार, उन्होंने 22 जून 2026 को अजय कुमार पाण्डेय के साथ मारपीट कर उनका मोबाइल छीन लिया और मौके से भाग गए थे। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर, उक्त अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है, और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।3
- कानपुर देहात पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना अकबरपुर, थाना भोगनीपुर और एसओजी की एक संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए छह चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है और इस संबंध में तीन शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लगभग नौ लाख रुपये मूल्य के जेवरात, एक लाख अठारह हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, दो देशी तमंचे और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार अपराधियों पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश अभी भी जारी है। इस सराहनीय कार्रवाई पर डीआईजी ने पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा की है।1
- औरैया जिले की सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी में एक बौद्ध कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर आयोजकों और ग्रामीणों ने जिलाध्यक्ष का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सद्भावना, भाईचारा और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि बौद्ध कथा जैसे कार्यक्रम लोगों को अपने पूर्वजों के इतिहास और उनके संघर्षों से परिचित कराते हैं, जिससे समाज में जागरूकता आती है और नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ पाती है। सपा जिलाध्यक्ष ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से बाबा साहब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया और शिक्षा को समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “शिक्षित व्यक्ति कभी गरीब नहीं रह सकता, इसलिए अपने बच्चों को अवश्यक शिक्षित करें, चाहे इसके लिए एक समय का भोजन ही क्यों न छोड़ना पड़े।” इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि लोकतंत्र में मजबूत भागीदारी के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। इस कार्यक्रम में नन्नू यादव, अजय यादव, मूलचंद पाल, रवि राजपूत, स्नेह लता दोहरे, राम रतन, मनीष कठेरिया सहित कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।2
- औरैया के सदर क्षेत्र स्थित जालौन चौराहा पर निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर भाजपा नेता मन्नू तोमर और सभासद विजय उर्फ फौजी द्वारा एक विशाल शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मां की आज्ञा का पालन करते हुए आयोजित इस सेवा कार्य में भीषण गर्मी के बीच हजारों की संख्या में राहगीरों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने शरबत ग्रहण कर राहत महसूस की। कार्यक्रम के दौरान लोगों की लंबी कतारें देखी गईं और सभी ने इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों ने बताया कि तेज गर्मी के बीच ठंडे शरबत की व्यवस्था से उन्हें अत्यधिक राहत मिली है। स्थानीय नागरिकों ने सभासद विजय तोमर उर्फ फौजी के इस जनसेवा कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि निर्जला एकादशी के पुण्य पर्व पर जरूरतमंदों और राहगीरों की सेवा करने तथा अधिक से अधिक लोगों को गर्मी से राहत पहुँचाने के उद्देश्य से यह आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता, सभासद छैया त्रिपाठी, सभासद अनवर, सभासद कल्लू यादव, सभासद राजेंद्र बाजपेई, सभासद कुल्लन, नामित सभासद आदित्य चतुर्वेदी, शीलू फौजी, ब्रह्म दत्त यादव फौजी, डॉ. निर्भय सिंह फौजी, अनिल गुप्ता फौजी, मनीष अवस्थी फौजी सहित अन्य भाजपा नेता, सभासद और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम की सराहना की और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- औरैया के बिधूना क्षेत्र के बंथरा गांव निवासी 55 वर्षीय राज नारायण दुबे ने अपनी बहन सुमन देवी को अपना घर और जमीन दान कर दी, जिसके बाद उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे और भाभी बिट्टी देवी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उन्हें, उनकी बहन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी को झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने या जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया है। राज नारायण दुबे ने बताया कि उनके कोई संतान नहीं है, और उनकी देखरेख उनकी बहन सुमन देवी और भांजा राम दत्त त्रिवेदी, जो क्योंटरा, औरैया के निवासी हैं, करते आ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने होशोहवास में और अपनी स्वेच्छा से यह संपत्ति अपनी बहन के नाम की है। पीड़ित राज नारायण ने जानकारी दी कि 24 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वह अपनी बहन के साथ घर पर थे, तब धर्मेंद्र नारायण और उनकी पत्नी बिट्टी देवी ने उन्हें और सुमन देवी को देखकर भद्दी-भद्दी गालियां दीं। जब राज नारायण ने बताया कि सुमन देवी और उनका परिवार ही उनकी शुरुआत से देखरेख करता आया है, इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति उन्हें दी है, तो इस बात पर दोनों पति-पत्नी ने उन पर और उनकी बहन पर मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वे दोनों घर के अंदर भाग गए और अपने भांजे को फोन पर घटना की सूचना दी। इस घटना के बाद, पीड़ित राज नारायण दुबे ने अपने भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ मिलकर उसी दिन 24 जून 2026 की रात करीब 10 बजे बिधूना थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी। उन्होंने सभी विपक्षीगणों, जिनमें उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे, भाभी बिट्टी देवी, संदीप दुबे और श्याम बाबू दुबे (रानेपुर कंचोसी, कानपुर देहात) शामिल हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने और अपनी, अपनी बहन सुमन देवी और भांजे राम दत्त त्रिवेदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राज नारायण दुबे ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि उनके मकान और जमीन के लालच में आकर विपक्षीगण उनके, उनकी बहन या भांजे के खिलाफ कोई झूठा आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा सकते हैं या उनकी हत्या करवा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके या उनकी बहन सुमन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ कोई भी आकस्मिक घटना होती है, तो इसके लिए विपक्षीगण ही जिम्मेदार होंगे।1
- जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर प्रशासन ने बुधवार शाम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित संस्थानों और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उन संस्थानों पर केंद्रित थी जो अवैध रूप से चल रहे थे या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। इस अभियान के तहत विशेष रूप से कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और होटलों को निशाना बनाया गया। सदर उपजिलाधिकारी अजय आनन्द वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान प्रशासन ने कुल पांच प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। प्रशासन ने यह भी जानकारी दी है कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- औरैया जिले में भारतीय जनता पार्टी की बिधूना मंडल इकाई ने शक्ति केंद्र रठगांव, मसूदपुर और कुदरकोट में टिफिन बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, जहाँ कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के अपार समर्थन से प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी। इन बैठकों में मंडल प्रभारी अमरचंद्र राठौर, मंडल अध्यक्ष संदीप शाक्य, महामंत्री धीरेंद्र शुक्ला और उपाध्यक्ष सिधांशु राजावत सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे, जिनका शक्ति केंद्र संयोजकों और प्रभारियों ने स्वागत किया। बैठकों के दौरान, मंडल पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सरकार सुशासन, सुरक्षा, विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है, और इन्हीं प्रयासों से देश सुरक्षा, सम्मान तथा विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर शक्ति केंद्र पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ 2027 के चुनावों की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे घर-घर जाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाएँ, ताकि प्रदेश में पुनः पूर्ण बहुमत की सरकार बन सके। नेताओं ने दृढ़ विश्वास जताया कि 2027 में भाजपा प्रदेश में फिर सरकार बनाएगी, और साथ ही सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने बूथों पर पार्टी संगठन को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।1
- औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में हुई एक छिनैती की घटना का दिबियापुर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से छीना गया एक मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक टाटा हैरियर कार बरामद की गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा जानकारी दी गई है।1