Shuru
Apke Nagar Ki App…
जनपद मिर्जापुर में वाराणसी-सोनभद्र रूट पर स्थित नारायणपुर मोटर मंडी की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और जानलेवा बनी हुई है, जिसे पूर्वांचल की सबसे बुरी, घातक और मौत के कुएं जैसी सड़क बताया जा रहा है। इतनी दयनीय हालत होने के बावजूद, यह सड़क अब तक क्यों नहीं बन पाई है, जबकि इस मार्ग पर पूर्वांचल की सबसे महंगी टोल वसूली की जाती है। स्थानीय लोगों और जनता द्वारा शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्री, ठेकेदार और टोल प्लाजा के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ये सभी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस जानलेवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? इस पीड़ादायक स्थिति के लिए कौन जवाब देगा, यह प्रश्न लगातार बना हुआ है।
पूर्व- अल्पसंख्यक महासचिव
जनपद मिर्जापुर में वाराणसी-सोनभद्र रूट पर स्थित नारायणपुर मोटर मंडी की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और जानलेवा बनी हुई है, जिसे पूर्वांचल की सबसे बुरी, घातक और मौत के कुएं जैसी सड़क बताया जा रहा है। इतनी दयनीय हालत होने के बावजूद, यह सड़क अब तक क्यों नहीं बन पाई है, जबकि इस मार्ग पर पूर्वांचल की सबसे महंगी टोल वसूली की जाती है। स्थानीय लोगों और जनता द्वारा शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्री, ठेकेदार और टोल प्लाजा के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ये सभी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस जानलेवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? इस पीड़ादायक स्थिति के लिए कौन जवाब देगा, यह प्रश्न लगातार बना हुआ है।
- पूर्व- अल्पसंख्यक महासचिवचुनार, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश🤝2 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चंदौली कस्बे के छोटी बेलवाली मोहल्ले में घर के सामने बह रही नहर में डूबने से सगे भाई-बहन, 5 वर्षीय आर्यन पाल और 3 वर्षीय अनू पाल की दर्दनाक मौत हो गई। ये मासूम हिरा पाल के पुत्र और पुत्री थे, जो घर के सामने खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे नहर की ओर चले गए। बताया जाता है कि वे प्रतिदिन नहर पार कर आसपास की दुकानों तक जाते थे। हादसे वाले दिन सोमवार को सिंचाई विभाग द्वारा नहर में पानी छोड़ा गया था, जिससे नहर पूरी तरह लबालब भरी हुई थी और पानी का बहाव भी काफी तेज था। आशंका जताई जा रही है कि नहर पार करते समय पहले एक बच्चे का पैर फिसला होगा और उसे बचाने के प्रयास में दूसरा बच्चा भी पानी में गिर गया। इसके बाद दोनों मासूम बच्चे तेज बहाव में बह गए और घर वापस नहीं लौट सके। बच्चों के काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, जिसके बाद दोनों के शव नहर में मिले। एक साथ दो बच्चों की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार सहित मोहल्ले में भी कोहराम व मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए सिंचाई विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के नहर में पानी छोड़ा और सुरक्षा के कोई इंतजाम भी नहीं किए। इस दिल दहला देने वाले हादसे ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- जनता न्यूज टीवी के संवाददाता पंकज कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वाराणसी के चौबेपुर में एक ग्राम प्रधान पर हमला करने, मारपीट करने और छीना-झपटी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में कुल 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।1
- वाराणसी के कैथी गाँव में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान जल निगम के कई कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस घटना के कारण स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।1
- मिर्ज़ापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक कैंसर पीड़ित बुज़ुर्ग की इकलौती बेटी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। विन्ध्याचल थाना क्षेत्र के इस मामले में, पुलिस पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने और पीड़िता को जान से मारने की धमकियां मिलने के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने का आरोप है, जिससे परिवार खौफ के साए में जी रहा है। शिवपुरी कोइरान की रहने वाली स्वस्तिका पांडे उर्फ खुशी ने पुलिस उपमहानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता के अनुसार, उसने अपने 82 वर्षीय कैंसर पीड़ित पिता के इलाज के लिए अजय सोनकर नामक एक ड्राइवर को रखा था, जिसने उसके साथ गलत हरकतें कीं। इस पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मुख्य आरोपी अजय सोनकर को जेल भेज दिया था। हालांकि, अब मुख्य आरोपी के साथी पीड़िता को लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने इस संबंध में केस संख्या 121/2026 भी दर्ज किया था, जिसके बाद थाना प्रभारी ने नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, लेकिन कथित तौर पर उन्हें बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है और आरोपियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत की आशंका है। धमकियों के साए में जीने को मजबूर पीड़िता और उसका परिवार अब सीधे उच्च अधिकारियों से सुरक्षा की मांग कर रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है।3
- चकिया सैदुपुर सड़क मार्ग पर एक पेड़ गिर जाने के कारण यातायात बाधित हो गया। इस घटना के बाद, ग्रामीणों की सहायता से गिरे हुए पेड़ को काटकर अब सड़क मार्ग पर आवागमन को फिर से बहाल करने का कार्य किया जा रहा है।3
- चन्दौली के पूर्व पुलिस कप्तान और वाराणसी कमिश्नरेट के पूर्व डीआईजी, साथ ही काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे श्री संतोष कुमार सिंह जी (IPS) ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को पुलिस से नहीं, बल्कि कानून से डरना चाहिए। यह संदेश 20 जून 2026 को सेमरा शहाबगंज, चन्दौली में आयोजित मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के सेवा शिविर के दौरान दिया गया।1
- रविवार, 21 जून 2026 को वाराणसी के हरीनगर कॉलोनी, चंदुआ छित्तूपुर स्थित कुशवाहा धर्मशाला में कुशवाहा अतिथि निवास समिति का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। समिति अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा, एडवोकेट, ने वर्ष 2025-2026 की वार्षिक रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य ने इसी अवधि का विस्तृत आय-व्यय लेखा-जोखा पेश किया। अधिवेशन में आगामी वर्ष 2026-2027 में समिति द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अधिवेशन में पारंपरिक 'बुझौवा' दान प्रथा का आयोजन हुआ और इसमें पधारे विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, अंग वस्त्र और मेडल देकर सम्मानित करना रहा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा, मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा एडवोकेट, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य, रत्न मौर्य, राजेश मौर्य एडवोकेट, पंकज कुमार वर्मा एडवोकेट, रामकेश मौर्य एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी में रविवार, 21 जून 2026 को कुशवाहा अतिथि निवास समिति का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। यह आयोजन सायं 4 बजे कुशवाहा धर्मशाला, हरीनगर कॉलोनी, चंदुआ छित्तूपुर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा ने की। इस अधिवेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य हुए, जिसमें मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा, एडवोकेट, ने वर्ष 2025-2026 की वार्षिक रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य ने वर्ष 2025-2026 का विस्तृत आय-व्यय लेखा-जोखा पेश किया। आगामी वर्ष 2026-2027 में समिति द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिवेशन में पारंपरिक 'बुझौवा' दान प्रथा का आयोजन हुआ और इसमें पधारे विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, अंग वस्त्र और मेडल देकर सम्मानित करना रहा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा, मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा एडवोकेट, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य, रत्न मौर्य, राजेश मौर्य एडवोकेट, पंकज कुमार वर्मा एडवोकेट, रामकेश मौर्य एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गंगापुर में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक भाई और बहन की डूबने से मौत हो गई। 18 वर्षीय शुभम निषाद और उनकी 10 वर्षीय छोटी बहन अनन्या शनिवार को अपनी बुआ विमल के घर घूमने गए थे, जहाँ यह दर्दनाक हादसा हुआ। कांवर गाँव (बलुआ थाना क्षेत्र) के रहने वाले नंदकिशोर निषाद, जो लखनऊ में निजी नौकरी करते हैं, के पुत्र शुभम और पुत्री अनन्या महड़ौरा के एक निजी विद्यालय में पढ़ते थे। गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। बुआ को घटना का पता चलने पर पूरे गाँव के लोग गंगा किनारे उमड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को गंगा से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शवों को कांवर गाँव लाया गया, जहाँ पहुँचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता नंदकिशोर, माँ सुनीता देवी, छोटी बहन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह घटना वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई।1