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चन्दौली के पूर्व पुलिस कप्तान और वाराणसी कमिश्नरेट के पूर्व डीआईजी, साथ ही काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे श्री संतोष कुमार सिंह जी (IPS) ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को पुलिस से नहीं, बल्कि कानून से डरना चाहिए। यह संदेश 20 जून 2026 को सेमरा शहाबगंज, चन्दौली में आयोजित मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के सेवा शिविर के दौरान दिया गया।
राज कुमार सोनकर पत्रकार
चन्दौली के पूर्व पुलिस कप्तान और वाराणसी कमिश्नरेट के पूर्व डीआईजी, साथ ही काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे श्री संतोष कुमार सिंह जी (IPS) ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को पुलिस से नहीं, बल्कि कानून से डरना चाहिए। यह संदेश 20 जून 2026 को सेमरा शहाबगंज, चन्दौली में आयोजित मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के सेवा शिविर के दौरान दिया गया।
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- मुंबई इस समय एक गंभीर जल संकट का सामना कर रही है, जिसके चलते BMC ने पानी की कटौती लागू कर दी है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान चर्चा में है कि 'देश में पानी की कोई कमी नहीं है'। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह पड़ताल शामिल है कि मुंबई में पानी का संकट क्यों आया, सात जलाशयों का क्या हाल है, BMC ने पानी की कटौती क्यों की, क्या कंक्रीट का जंगल बनती मुंबई इस संकट के लिए जिम्मेदार है, और क्या जल प्रबंधन में कहीं चूक हुई है।1
- चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।2
- धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।2
- कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- डीडीयू नगर में पहली बार एक सफल निर्गुण भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से आए हुए निर्गुण कलाकारों ने दिव्य माहौल बना दिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब प्रशंसा की। भजन संध्या में बैठकर लोगों को अपनी आत्मा का मंथन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन चेतना मंच के द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।1
- चंदौली जिले में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में हो रहे भू-कटान की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरैनी पंप कैनाल के पास गंगा कटान रोकने के चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटान-रोधी एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गुरैनी पंप कैनाल के समीप गंगा नदी से हो रहे कटान की अद्यतन स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अभियंताओं से चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की तकनीकी बारीकियों और उनकी प्रगति के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने मानसून और तटीय सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दोहरे स्तर पर कार्य करने की रणनीति पर भी बल दिया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गंगा तट पर हो रहे कटान को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक और मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके। गंगा तट के स्थायी संरक्षण के लिए, उन्होंने अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा, बंधी डिवीजन को एक व्यापक व विस्तृत परियोजना (DPR) अविलंब तैयार करने और उसे शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु शीघ्र अति शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी फसलों और भूमि की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और बाढ़ व कटान जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम समय से पूरे कर लिए जाएंगे। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने इस दौरान स्थानीय क्षेत्र के कृषकों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। स्थलीय निरीक्षण के समय मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता, बंधी प्रखंड, अधिशासी अभियंता, लघु डाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- चहनियाँ विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा सढान में आयोजित एसपीएल सेसन वन प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 21 जून 2026 को धानापुर और वाराणसी के बीच खेला गया। यह प्रतियोगिता विगत कई दिनों से चल रही थी, जिसका समापन धानापुर की जीत के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले में, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए धानापुर ने निर्धारित 10 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 119 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में, वाराणसी की टीम 10 ओवर में 5 विकेट खोकर केवल 113 रन ही बना सकी। इस प्रकार, धानापुर ने वाराणसी को 6 रनों से शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। धानापुर के सोनू यादव को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया, जबकि वाराणसी के 'होल्डर' को 'मैन ऑफ द सीरीज' का खिताब मिला। इस गरिमामयी आयोजन में गांव के सम्मानित व्यक्ति जावेद अहमद, इरशाद सिपाही, बदरुद्दीन सेठ, इजहार अहमद (पप्पू), इमरोज UPP, कामरान मास्टर, आसिफ अहमद, मिथिलेश यादव, कल्लू भाई, सुल्तान अहमद और शकील मेजर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। लीग की आयोजन समिति में दानिश अंसारी, सैफ अहमद, कैश अहमद, तंजीम, शमशाद, तसलीम छोटू, फुजैल जिगर, शाहनवाज सिब्लु और शारूफ जैसे पदाधिकारी शामिल थे।3
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