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कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- गिरिराज की परिक्रमा से मोक्ष प्राप्त होने के दावे पर एक गहरा सवाल उठाया गया है, क्योंकि बताया गया है कि इसी गिरिराज से संबंधित एक गांव बाढ़ में डूब गया। इस विरोधाभास के माध्यम से, 'सनातनी पूजा के पतन की कहानी' को 'संत रामपाल जी महाराज की जुबानी' में समझने के लिए 'Factful Debates यूट्यूब चैनल' पर 'भाग-6' देखने का आह्वान किया गया है।1
- कैमूर के मोहनियां थाना परिसर में शनिवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कृष्ण कुमार ने संयुक्त रूप से की। इसमें थाना क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों के पंच-सरपंच, मौलवी, गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए मोहर्रम मनाने की अपील की। अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि मोहर्रम आस्था एवं श्रद्धा का पर्व है, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से मनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन द्वारा किए जा रहे सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों की जानकारी देते हुए जनसहयोग की अपेक्षा जताई। बैठक में जुलूस मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा ध्वनि नियंत्रण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ताजिया जुलूस निर्धारित मार्ग और तय समय के अनुसार ही निकाला जाएगा, और जुलूस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा को पहले ही हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ अथवा सांप्रदायिक पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई, साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। जुलूस मार्ग पर पेयजल, प्राथमिक उपचार एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ जुलूस समाप्ति के बाद सफाई कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाउडस्पीकर के उपयोग को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने तथा रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगाने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और पूरे थाना क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर अतिरिक्त बलों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा स्थानीय थाना को देने की अपील की। बैठक के अंत में, शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि मोहनिया में मोहर्रम का पर्व हमेशा आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ मनाया जाता रहा है और इस वर्ष भी यह परंपरा कायम रहेगी।4
- जीआरएस से जुड़े एक मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने पैसे लेकर आवश्यक कागजात दबा दिए हैं। इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच की मांग की गई है, साथ ही मांग है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।2
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पति पर अपनी पत्नी से मारपीट करने, उसके बाल काटने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप है। यह घटना कथित तौर पर चरित्र शंका के चलते हुई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस पूछताछ में आरोपी पति ने दावा किया है कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध थे। हालांकि, यह दावा केवल आरोपी का है और इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, और मामले की जांच जारी है, इसलिए किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- कानपुर देहात के चर्चित "बोतल बाबा" हरिओम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाबा पर खुद को भगवान विष्णु का अवतार बताने, चमत्कार दिखाने, बीमारियों को ठीक करने का दावा करने और लोगों से ठगी करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने औरैया की एक महिला की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या "बोतल बाबा" के पास सचमुच कोई चमत्कारी शक्ति थी या लोगों की आस्था के नाम पर एक बड़ा खेल खेला जा रहा था। इस पूरे मामले, पुलिस कार्रवाई और सोशल मीडिया पर मची बहस के बारे में अधिक जानकारी एक वीडियो में उपलब्ध है।1