मिर्जापुर में संस्कार भारती की स्थानीय इकाई और महेश्वर साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री माननीय श्री सोहनलाल श्रीमाली रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी, श्री दिनेश्वर पति त्रिपाठी त्रिपाठी, वेदमूर्ति आचार्य अगस्त्य द्विवेदी और प्लेवे स्कूल के निदेशक श्री रचित जी शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और संस्कार भारती गीत के साथ हुआ, जिसके बाद संस्कार भारती के पदाधिकारियों ने पुष्प एवं अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सीखे गए कला-कौशल का सुंदर प्रदर्शन कराया। बच्चों ने टुकड़ा, तिहाई, चक्कर, परन और छोटे ख़याल की बंदिशों पर आकर्षक कथक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी साधना और प्रतिभा का परिचय दिया। अंत में, प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। इस सफल आयोजन के दौरान, संस्कार भारती, मिर्जापुर इकाई ने कार्यशाला के संचालन में विशेष योगदान देने वाले संयोजकों श्री सोमेश्वर पति त्रिपाठी और श्रीमती शालू वर्मा को सम्मानित किया, जिन्होंने 15 दिनों तक मनोयोग, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्यशाला को सफल बनाया। इसके अतिरिक्त, आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाली श्रीमती कुसुम मालवीय और पंडित शिवांग त्रिपाठी को भी सम्मानित किया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में शिवलाल गुप्ता, राकेश वर्मा, संजय श्रीवास्तव, शिवबली सिंह, रामलाल साहनी, बसंत गुप्ता, पंडित ओमप्रकाश मिश्रा, राममिलन जी, राम धनी पाल, सुरेश मौर्या, प्रमोद मिश्रा, अनिल जी, केदार नाथ सविता, लल्लू तिवारी, राम नारायण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक और प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, संस्कार भारती, मिर्जापुर के जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों, अभिभावकों और कला-प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में समाज के सामूहिक सहयोग पर जोर दिया।
मिर्जापुर में संस्कार भारती की स्थानीय इकाई और महेश्वर साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री माननीय श्री सोहनलाल श्रीमाली रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी, श्री दिनेश्वर पति त्रिपाठी त्रिपाठी, वेदमूर्ति आचार्य अगस्त्य द्विवेदी और प्लेवे स्कूल के निदेशक श्री रचित जी शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और संस्कार भारती गीत के साथ हुआ, जिसके बाद संस्कार भारती के पदाधिकारियों ने पुष्प एवं अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सीखे गए कला-कौशल का सुंदर प्रदर्शन कराया। बच्चों ने टुकड़ा, तिहाई, चक्कर, परन और छोटे ख़याल की बंदिशों पर आकर्षक कथक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी साधना और प्रतिभा का परिचय दिया। अंत में,
प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। इस सफल आयोजन के दौरान, संस्कार भारती, मिर्जापुर इकाई ने कार्यशाला के संचालन में विशेष योगदान देने वाले संयोजकों श्री सोमेश्वर पति त्रिपाठी और श्रीमती शालू वर्मा को सम्मानित किया, जिन्होंने 15 दिनों तक मनोयोग, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्यशाला को सफल बनाया। इसके अतिरिक्त, आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाली श्रीमती कुसुम मालवीय और पंडित शिवांग त्रिपाठी को भी सम्मानित किया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में शिवलाल गुप्ता, राकेश वर्मा, संजय श्रीवास्तव, शिवबली सिंह, रामलाल साहनी, बसंत गुप्ता, पंडित ओमप्रकाश मिश्रा, राममिलन जी, राम धनी पाल, सुरेश मौर्या, प्रमोद मिश्रा, अनिल जी, केदार नाथ सविता, लल्लू तिवारी, राम नारायण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक और प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, संस्कार भारती, मिर्जापुर के जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों, अभिभावकों और कला-प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में समाज के सामूहिक सहयोग पर जोर दिया।
- आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मिर्ज़ापुर के पुलिस लाइन स्थित विन्ध्यवासिनी सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना किसी पूर्व अनुमति के कोई भी नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट्स पर पैनी नज़र रखेगा ताकि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की शांति भंग न हो। इस बैठक का मुख्य संदेश यह था कि त्योहारों में बाधा डालने वालों की अब खैर नहीं होगी।1
- मिर्जापुर में संस्कार भारती की स्थानीय इकाई और महेश्वर साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री माननीय श्री सोहनलाल श्रीमाली रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी, श्री दिनेश्वर पति त्रिपाठी त्रिपाठी, वेदमूर्ति आचार्य अगस्त्य द्विवेदी और प्लेवे स्कूल के निदेशक श्री रचित जी शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और संस्कार भारती गीत के साथ हुआ, जिसके बाद संस्कार भारती के पदाधिकारियों ने पुष्प एवं अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सीखे गए कला-कौशल का सुंदर प्रदर्शन कराया। बच्चों ने टुकड़ा, तिहाई, चक्कर, परन और छोटे ख़याल की बंदिशों पर आकर्षक कथक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी साधना और प्रतिभा का परिचय दिया। अंत में, प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। इस सफल आयोजन के दौरान, संस्कार भारती, मिर्जापुर इकाई ने कार्यशाला के संचालन में विशेष योगदान देने वाले संयोजकों श्री सोमेश्वर पति त्रिपाठी और श्रीमती शालू वर्मा को सम्मानित किया, जिन्होंने 15 दिनों तक मनोयोग, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्यशाला को सफल बनाया। इसके अतिरिक्त, आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाली श्रीमती कुसुम मालवीय और पंडित शिवांग त्रिपाठी को भी सम्मानित किया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में शिवलाल गुप्ता, राकेश वर्मा, संजय श्रीवास्तव, शिवबली सिंह, रामलाल साहनी, बसंत गुप्ता, पंडित ओमप्रकाश मिश्रा, राममिलन जी, राम धनी पाल, सुरेश मौर्या, प्रमोद मिश्रा, अनिल जी, केदार नाथ सविता, लल्लू तिवारी, राम नारायण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक और प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, संस्कार भारती, मिर्जापुर के जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों, अभिभावकों और कला-प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में समाज के सामूहिक सहयोग पर जोर दिया।2
- मिर्ज़ापुर जिले के राजगढ़ में एक सरकारी अस्पताल स्थित है।1
- यह पोस्ट विभिन्न पूजनीय देवी-देवताओं को समर्पित एक आध्यात्मिक संदेश प्रस्तुत करता है। इसमें श्री राधे, माँ विंध्यवासिनी, प्रभु श्री कृष्ण, और देवों के देव महादेव का स्मरण किया गया है। साथ ही, यह धर्म, कर्म और सत्य जैसे शाश्वत आध्यात्मिक सिद्धांतों का आह्वान करता है, जो जीवन के मौलिक मूल्यों को दर्शाते हैं।4
- मिर्जापुर के एक व्यक्ति ने स्वयं को 'मिर्जापुर का बेटा' और 'आप सबका छोटा भाई' बताते हुए 'जय श्री राम' का अभिवादन किया है। उन्होंने सभी से अपना प्यार और समर्थन बनाए रखने का आग्रह भी किया।1
- मिर्ज़ापुर में मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, कटरा कोतवाली की लालडिग्गी चौकी पर एक महत्वपूर्ण पीस कमेटी की बैठक संपन्न हुई, जिसमें नगर मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी विशेष रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ताजिये की ऊँचाई निर्धारित मानक के अनुरूप ही होनी चाहिए, और जुलूस केवल उन्हीं रास्तों से निकलेगा जो पहले से तय किए गए हैं। बैठक में यह भी साफ चेतावनी दी गई कि जो लोग आपसी भाईचारे को बिगाड़ने या किसी भी तरह की अफवाह फैलाने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों के साथ, मिर्ज़ापुर पुलिस ने मोहर्रम पर्व को लेकर अपनी पूरी मुस्तैदी का संदेश दिया है।1
- विंध्याचल पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान तीन गो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक गो तस्कर घायल भी हुआ है।1