कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और जय उपयोग में साक्षरता एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है - लखारा एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, साक्षरता दिवस पर ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन मदनगंज- किशनगढ़। "साक्षरता" केवल पढ़़ना-लिखना या सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक बनाकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का एक माध्यम है। यह बात अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा ने कहीं। लखारा मंगलवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड मुख्यालय पर आयोजित ब्लॉक स्तरीय साक्षरता दिवस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होने अपने उद्बोधन में यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और उपयोग में साक्षरता (Literacy) एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे हम दो मुख्य दृष्टिकोणों से देख सकते हैं, पहला, AI को साक्षर (शिक्षित) बनाने में मानव साक्षरता का योगदान, और दूसरा, मानव समाज को AI का उपयोग करने के लिए साक्षर (AI Literacy) बनाना। मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में रूपनगढ़ रोड़ स्थित एमजीजीएस विश्वकर्मा स्कूल परिसर में 60वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर एक ब्लॉक स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। जिसके मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) प्रेमचंद अजमेरा थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता सीबीईओ रेणु गहलोत ने की l इसी प्रकार एसीबीईओ (प्रथम) तरुण प्रसाद वैष्णव, एसीबीईओ (द्वितीय) नीरज पारीक, ब्लॉक साक्षरता समिति की सदस्य प्रधानाचार्य मीना जाट, प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद कुमावत आदि समारोह में मंचासीन विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम को सीडीईओ अजमेरा ने भी संबोधित किया और कहा कि किसी व्यक्ति का नाम पढ़ लेना या किसी वाक्य को लिख लेना साक्षरता का पहला चरण हो सकता है, लेकिन आधुनिक दुनिया में इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी हो चुकी है। उन्होने यह भी कहा कि आज साक्षर व्यक्ति को जानकारी समझने, सही निर्णय लेने, रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने और समाज में अपनी बात रखने के लिए भी पढ़ने-लिखने की क्षमता की जरूरत होती है। वो इसलिए कि डिजिटल युग में साक्षरता का संबंध डिजिटल जानकारी को समझने, ऑनलाइन उपलब्ध सूचनाओं का सही इस्तेमाल करने और गलत जानकारी से बचने से भी जुड़ गया है। यही कारण है कि साक्षरता को व्यक्ति के सशक्तीकरण और सामाजिक भागीदारी से जोड़कर देखा जाता है। कार्यक्रम को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गहलोत और अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वैष्णव व पारीक ने भी संबोधित किया। प्रदेश स्तर पर सात बार सम्मानित वरिष्ठ प्रबोधक जगमाल गुर्जर ने भी साक्षरता के विभिन्न चरणों की व्याख्या को लेकर अपने विचार रखें। ब्लॉक साक्षरता समन्वयक रणजीत जाट ने साक्षरता से जुड़े मुख्य बिंदुओं पर गहराई से प्रकाश डालते हुए उनकी उपयोगिता और लाभ की विवेचना की । गौरतलब है, कि कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी जन जन को साक्षर बनाने की मुहीम में जुटा हुआ है l इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति को बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान तथा डिजिटल भुगतान, कम्प्यूटर व स्वास्थ्य जागरूकता, व्यावसायिक शिक्षा आदि की जानकारी भी प्रदान की जाती है l साथ ही बुनियादी शिक्षा के अंतर्गत साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण किये व्यक्ति को ओपन स्कूल द्वारा कक्षा 10 की परीक्षा हेतु आवेदन भी करवाए जाते है l कार्यक्रम के दौरान किशनगढ़ शहरी क्षेत्र की 25 स्कूलों के साक्षरता सर्वेयर शिक्षक सहित 75 नवसाक्षर लर्नर्स तथा वीटी ने भाग लिया l समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। स्कूल के नोनिहालों की ओर से शिक्षा पर आधारित सामूहिक नृत्य व विभिन्न नाटीकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई जिसको उपस्थित लोगों ने बखूबी सराहा l मुख्य रूप से कार्यशाला में साक्षरता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले चार साक्षरता सर्वेयर शिक्षकों क्रमश: कमलेश कुमारी, जागृति परिहार, योगेश सिंधी व सतीश चेतीवाल के साथ ही 6 वीटी यथा अनुराधा वैष्णव, प्रिया वैष्णव, अंजलि डाबरिया, नीतू कँवर, खुशबू गँवारिया व तरुणा वैष्णव को मंचासीन अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया l इसके अलावा 10 नवसाक्षर लर्नर को परीक्षा उत्तीर्ण करने पर अंकतालिकाएं वितरित की गई l कार्यक्रम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षक जगमाल गुर्जर तथा सुरेश बराला का भी अभिनन्दन किया गया l कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रधानाचार्य हेमन्त कुमार वर्मा, शिक्षिका प्रीति शर्मा, प्रियंका गोस्वामी व शिक्षक प्रदीप कुमार दाहिमा की महती भूमिका रही l इस अवसर अति. प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार सोनी,गिरिराज व्यास, कनिष्ठ लेखाकार अशोक बावरी सहित शुभलक्ष्मी माहेश्वरी, सुभाष चंद शर्मा, उर्मिला शर्मा, संजय धीया धर्मेंद्र वैष्णव, सुरेन्द्र चौधरी,सरदार सिंह चौधरी, इमरान खान, खुशबू व्यास आदि शिक्षक शिक्षिकाएं भी खासी संख्या में उपस्थित रहे l
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और जय उपयोग में साक्षरता एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है - लखारा एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, साक्षरता दिवस पर ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन मदनगंज- किशनगढ़। "साक्षरता" केवल पढ़़ना-लिखना या सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक बनाकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का एक माध्यम है। यह बात अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा ने कहीं। लखारा मंगलवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड मुख्यालय पर आयोजित ब्लॉक स्तरीय साक्षरता दिवस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होने अपने उद्बोधन में यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और उपयोग में साक्षरता (Literacy) एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे हम दो मुख्य दृष्टिकोणों से देख सकते हैं, पहला, AI को साक्षर (शिक्षित) बनाने में मानव साक्षरता का योगदान, और दूसरा, मानव समाज को AI का उपयोग करने के लिए साक्षर (AI Literacy) बनाना। मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में रूपनगढ़ रोड़ स्थित एमजीजीएस विश्वकर्मा स्कूल परिसर में 60वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर एक ब्लॉक
स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। जिसके मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) प्रेमचंद अजमेरा थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता सीबीईओ रेणु गहलोत ने की l इसी प्रकार एसीबीईओ (प्रथम) तरुण प्रसाद वैष्णव, एसीबीईओ (द्वितीय) नीरज पारीक, ब्लॉक साक्षरता समिति की सदस्य प्रधानाचार्य मीना जाट, प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद कुमावत आदि समारोह में मंचासीन विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम को सीडीईओ अजमेरा ने भी संबोधित किया और कहा कि किसी व्यक्ति का नाम पढ़ लेना या किसी वाक्य को लिख लेना साक्षरता का पहला चरण हो सकता है, लेकिन आधुनिक दुनिया में इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी हो चुकी है। उन्होने यह भी कहा कि आज साक्षर व्यक्ति को जानकारी समझने, सही निर्णय लेने, रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने और समाज में अपनी बात रखने के लिए भी पढ़ने-लिखने की क्षमता की जरूरत होती है। वो इसलिए कि डिजिटल युग में साक्षरता का संबंध डिजिटल जानकारी को समझने, ऑनलाइन उपलब्ध सूचनाओं का सही इस्तेमाल करने और गलत जानकारी से बचने से भी जुड़ गया है। यही कारण है कि साक्षरता को व्यक्ति के सशक्तीकरण और सामाजिक भागीदारी से जोड़कर देखा जाता है। कार्यक्रम को मुख्य ब्लॉक
शिक्षा अधिकारी गहलोत और अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वैष्णव व पारीक ने भी संबोधित किया। प्रदेश स्तर पर सात बार सम्मानित वरिष्ठ प्रबोधक जगमाल गुर्जर ने भी साक्षरता के विभिन्न चरणों की व्याख्या को लेकर अपने विचार रखें। ब्लॉक साक्षरता समन्वयक रणजीत जाट ने साक्षरता से जुड़े मुख्य बिंदुओं पर गहराई से प्रकाश डालते हुए उनकी उपयोगिता और लाभ की विवेचना की । गौरतलब है, कि कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी जन जन को साक्षर बनाने की मुहीम में जुटा हुआ है l इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति को बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान तथा डिजिटल भुगतान, कम्प्यूटर व स्वास्थ्य जागरूकता, व्यावसायिक शिक्षा आदि की जानकारी भी प्रदान की जाती है l साथ ही बुनियादी शिक्षा के अंतर्गत साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण किये व्यक्ति को ओपन स्कूल द्वारा कक्षा 10 की परीक्षा हेतु आवेदन भी करवाए जाते है l कार्यक्रम के दौरान किशनगढ़ शहरी क्षेत्र की 25 स्कूलों के साक्षरता सर्वेयर शिक्षक सहित 75 नवसाक्षर लर्नर्स तथा वीटी ने भाग लिया l समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। स्कूल के नोनिहालों
की ओर से शिक्षा पर आधारित सामूहिक नृत्य व विभिन्न नाटीकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई जिसको उपस्थित लोगों ने बखूबी सराहा l मुख्य रूप से कार्यशाला में साक्षरता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले चार साक्षरता सर्वेयर शिक्षकों क्रमश: कमलेश कुमारी, जागृति परिहार, योगेश सिंधी व सतीश चेतीवाल के साथ ही 6 वीटी यथा अनुराधा वैष्णव, प्रिया वैष्णव, अंजलि डाबरिया, नीतू कँवर, खुशबू गँवारिया व तरुणा वैष्णव को मंचासीन अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया l इसके अलावा 10 नवसाक्षर लर्नर को परीक्षा उत्तीर्ण करने पर अंकतालिकाएं वितरित की गई l कार्यक्रम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षक जगमाल गुर्जर तथा सुरेश बराला का भी अभिनन्दन किया गया l कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रधानाचार्य हेमन्त कुमार वर्मा, शिक्षिका प्रीति शर्मा, प्रियंका गोस्वामी व शिक्षक प्रदीप कुमार दाहिमा की महती भूमिका रही l इस अवसर अति. प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार सोनी,गिरिराज व्यास, कनिष्ठ लेखाकार अशोक बावरी सहित शुभलक्ष्मी माहेश्वरी, सुभाष चंद शर्मा, उर्मिला शर्मा, संजय धीया धर्मेंद्र वैष्णव, सुरेन्द्र चौधरी,सरदार सिंह चौधरी, इमरान खान, खुशबू व्यास आदि शिक्षक शिक्षिकाएं भी खासी संख्या में उपस्थित रहे l
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और उपयोग में साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका - महेंद्र लखारा , अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर किशनगढ़ में ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन, किशनगढ़। "साक्षरता" केवल पढ़़ना-लिखना या सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक बनाकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का एक माध्यम है। यह बात अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा ने एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में कही। लखारा मंगलवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड मुख्यालय पर आयोजित ब्लॉक स्तरीय साक्षरता दिवस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित संभागीयों के बीच बोल रहे थे। उन्होने अपने ओजस्वी सम्बोधन में यह बात भी बताई कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और उपयोग में साक्षरता (Literacy) एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे हम दो मुख्य दृष्टिकोणों से देख सकते हैं, पहला, AI को साक्षर (शिक्षित) बनाने में मानव साक्षरता का योगदान, और दूसरा, मानव समाज को AI का उपयोग करने के लिए साक्षर (AI Literacy) बनाना। मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में रूपनगढ़ रोड़ स्थित एमजीजीएस विश्वकर्मा स्कूल परिसर में 60वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर एक ब्लॉक स्तरीय समारोह आयोजित किया गया था। जिसके मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) प्रेमचंद अजमेरा थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) श्रीमती रेणु गहलोत ने की l इसी प्रकार एसीबीईओ (प्रथम) तरुण प्रसाद वैष्णव, एसीबीईओ (द्वितीय) नीरज पारीक, ब्लॉक साक्षरता समिति की सदस्य प्रधानाचार्य मीना जाट, प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद कुमावत आदि समारोह में मंचासीन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । कार्यक्रम को सीडीईओ अजमेरा ने भी संबोधित किया और कहा कि किसी व्यक्ति का नाम पढ़ लेना या किसी वाक्य को लिख लेना साक्षरता का पहला चरण हो सकता है, लेकिन आधुनिक दुनिया में इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी हो चुकी है। उन्होने यह भी कहा कि आज साक्षर व्यक्ति को जानकारी समझने, सही निर्णय लेने, रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने और समाज में अपनी बात रखने के लिए भी पढ़ने-लिखने की क्षमता को बढ़ाने की महती जरूरत है। वो इसलिए कि डिजिटल युग में साक्षरता का संबंध डिजिटल जानकारी को समझने, ऑनलाइन उपलब्ध सूचनाओं का सही इस्तेमाल करने और गलत जानकारी से बचने से भी जुड़ गया है। यही कारण है कि साक्षरता को व्यक्ति के सशक्तीकरण और सामाजिक भागीदारी से जोड़कर देखा जाने लगा है। कार्यक्रम को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रेणु गहलोत और अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी तरूण वैष्णव व नरेन्द्र पारीक ने भी बारी बारी से संबोधित किया। प्रदेश स्तर पर सात बार सम्मानित वरिष्ठ प्रबोधक एवं दक्ष प्रशिक्षक जगमाल गुर्जर ने भी साक्षरता के विभिन्न चरणों की सरल व्याख्या को लेकर अपने सुविचार रखें। ब्लॉक साक्षरता समन्वयक रणजीत जाट ने साक्षरता से जुड़े मुख्य बिंदुओं पर गहराई से प्रकाश डालते हुए उनकी उपयोगिता और लाभ की विस्तृत विवेचना की । गौरतलब है, कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम जन - जन को साक्षर बनाने की मुहीम में जुटा हुआ है l इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति को बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान तथा डिजिटल भुगतान, कम्प्यूटर व स्वास्थ्य जागरूकता, व्यावसायिक शिक्षा आदि की जानकारी प्रदान की जाती है, इसके साथ ही बुनियादी शिक्षा के अंतर्गत साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण किये व्यक्ति को ओपन स्कूल द्वारा कक्षा 10 की परीक्षा हेतु पात्र मानते हुए आवेदन भरने की अनुमति भी है l कार्यक्रम संयोजक व स्थानीय प्रधानाचार्य हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि ब्लॉक स्तरीय समारोह में किशनगढ़ शहरी क्षेत्र की 25 स्कूलों के सभी साक्षरता सर्वेयर शिक्षकों सहित 75 नवसाक्षर लर्नर्स तथा दर्जनों वीटी ने भी भागीदारी की l समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। स्थानीय विद्यार्थीयों द्वारा साक्षरता के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं शिक्षा का महत्व समझाने के लिए समूह गान, सामूहिक नृत्य व विभिन्न नाटीकाओं का मंचन भी किया गया, मनमोहक प्रस्तुतियाँ को उपस्थित लोगों ने बखूबी सराहा l मुख्य रूप से कार्यशाला में साक्षरता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले चार साक्षरता सर्वेयर शिक्षकों क्रमश: कमलेश कुमारी, जागृति परिहार, योगेश सिंधी व सतीश चेतीवाल के साथ ही 6 वीटी जिनमें अनुराधा वैष्णव, प्रिया वैष्णव, अंजलि डाबरिया, नीतू कँवर, खुशबू गँवारिया व तरुणा वैष्णव मुख्य रूप से शामिल हैं को भी मंचासीन अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया l इसके अलावा 10 नवसाक्षर लर्नर को परीक्षा उत्तीर्ण करने पर अंकतालिकाएं वितरित की गई l कार्यक्रम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षक जगमाल गुर्जर तथा सुरेश बराला का भी आत्मीय अभिनन्दन किया गया l कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रधानाचार्य हेमन्त कुमार वर्मा, शिक्षिका प्रीति शर्मा, प्रियंका गोस्वामी व शिक्षक प्रदीप कुमार दाहिमा की महती भूमिका रही l इस अवसर लेखाधिकारी हिम्मत सिंह जाटव, अति. प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार सोनी व गिरिराज व्यास, कनिष्ठ लेखाकार अशोक बावरी सहित साक्षरता के क्षेत्र में योगदान देने वाली टीम के सदस्य शुभलक्ष्मी माहेश्वरी, सुभाष चंद शर्मा, उर्मिला शर्मा, संजय धीया, धर्मेंद्र वैष्णव, सुरेन्द्र चौधरी,सरदार सिंह चौधरी, इमरान खान व खुशबू व्यास जैसे शिक्षक- शिक्षिकाएं भी खासी संख्या में उपस्थित रहे l4
- _*नगरीय निकाय आम चुनाव-2026*_ *मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण एवं चुनाव सामग्री देकर किया रवानगी* *9 सितंबर को प्रथम चरण में नगर परिषद सवाई माधोपुर एवं नगर पालिका बौंली-खण्डार में होगा मतदान, मतदान दलों ने संभाली जिम्मेदारी* बाइट एस पी ज्यैष्ठा मैत्रेयी _*नगरीय निकाय आम चुनाव-2026*_ *मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण एवं चुनाव सामग्री देकर किया रवानगी* *9 सितंबर को प्रथम चरण में नगर परिषद सवाई माधोपुर एवं नगर पालिका बौंली-खण्डार में होगा मतदान, मतदान दलों ने संभाली जिम्मेदारी* बाइट एस पी ज्यैष्ठा मैत्रेयी2
- सामान्य चिकित्सालय के पूछताछ केंद्र पर पसरा सन्नाटा, मरीजों को नहीं मिल रही जानकारी सवाई माधोपुर। सामान्य चिकित्सालय में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए बनाया गया पूछताछ केंद्र ही सवालों के घेरे में है। केंद्र पर कर्मचारी के मौजूद नहीं होने से अस्पताल आने वाले मरीजों और परिजनों को आवश्यक जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पूछताछ केंद्र पर हर समय जिम्मेदार कर्मचारी की मौजूदगी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि मरीजों को डॉक्टर, वार्ड, जांच और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी आसानी से मिल सके। अस्पताल प्रशासन को मामले में संज्ञान लेकर पूछताछ केंद्र पर नियमित कर्मचारी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।2
- बछ बारस पर गाय-बछड़े की पूजा, महिलाओं ने मांगी परिवार की खुशहाली सारसोप। कस्बे में मंगलवार को बछ बारस पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने परंपरानुसार गाय और बछड़े की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतान की मंगलकामना की। सुबह से ही महिलाएं पूजा की तैयारियों में जुटी नजर आईं। महिलाओं ने गाय-बछड़े को स्नान कराकर रोली, अक्षत, फूल और माला से श्रृंगार किया तथा विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद गाय को गुड़, चारा एवं अन्य सामग्री खिलाकर आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने व्रत रखकर बछ बारस की कथा सुनी और परिवार में सुख-शांति की कामना की। पर्व को लेकर कस्बे में धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। बुजुर्ग महिलाओं ने बछ बारस की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी दी। दिनभर घरों में पूजा-पाठ का दौर चलता रहा।2
- *श्योपुर: बारात में चली गोली का शिकार बना युवक, 2 महीने बाद इलाज के दौरान मौत* *श्योपुर।* जिले के वार्ड नंबर 11 कलारान बस्ती निवासी 25 वर्षीय दीपक बैरवा पुत्र हरिशंकर बैरवा की बारात में हुई फायरिंग के 2 महीने बाद मौत हो गई। परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जून को दीपक अपने पड़ोसी और दोस्त सोनू बैरवा की बारात में शामिल होकर मध्यप्रदेश के श्योपुर से राजस्थान के इटावा गया था। बारात इटावा पहुंची ही थी कि वहां के कुछ लोगों का बारातियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने बारात पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से दीपक बैरवा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया था। पिछले 2 महीने से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे वापस श्योपुर जिला अस्पताल लेकर आए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दीपक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दीपक के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए। फिलहाल इटावा पुलिस और श्योपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। *श्योपुर: बारात में चली गोली का शिकार बना युवक, 2 महीने बाद इलाज के दौरान मौत* *श्योपुर।* जिले के वार्ड नंबर 11 कलारान बस्ती निवासी 25 वर्षीय दीपक बैरवा पुत्र हरिशंकर बैरवा की बारात में हुई फायरिंग के 2 महीने बाद मौत हो गई। परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जून को दीपक अपने पड़ोसी और दोस्त सोनू बैरवा की बारात में शामिल होकर मध्यप्रदेश के श्योपुर से राजस्थान के इटावा गया था। बारात इटावा पहुंची ही थी कि वहां के कुछ लोगों का बारातियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने बारात पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से दीपक बैरवा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया था। पिछले 2 महीने से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे वापस श्योपुर जिला अस्पताल लेकर आए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दीपक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दीपक के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए। फिलहाल इटावा पुलिस और श्योपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- श्योपुर से ग्वालियर जा रही बालाजी बस घाटी में अनियंत्रित होकर पलटी,मची चीख-पुकार, घायलों को अस्पताल भेजा1
- लालसोट नगर परिषद चुनाव 2026 | वार्ड-10 में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन भाजपा प्रत्याशी रजनी शिव शंकर जोशी के चुनावी कार्यालय उद्घाटन में उमड़ा जनसैलाब। विधायक रामविलास मीणा ने भारी बहुमत से जीत का दावा करते हुए जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रजनी जोशी ने कहा—लाइट, पानी और मकान पहली प्राथमिकता, घर-घर की समस्या को अपनी समस्या मानकर करूंगी काम। सभा में कांग्रेस पर भी जमकर राजनीतिक निशाने साधे गए।2
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और जय उपयोग में साक्षरता एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है - लखारा एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, साक्षरता दिवस पर ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन मदनगंज- किशनगढ़। "साक्षरता" केवल पढ़़ना-लिखना या सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक बनाकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का एक माध्यम है। यह बात अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा ने कहीं। लखारा मंगलवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड मुख्यालय पर आयोजित ब्लॉक स्तरीय साक्षरता दिवस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होने अपने उद्बोधन में यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और उपयोग में साक्षरता (Literacy) एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे हम दो मुख्य दृष्टिकोणों से देख सकते हैं, पहला, AI को साक्षर (शिक्षित) बनाने में मानव साक्षरता का योगदान, और दूसरा, मानव समाज को AI का उपयोग करने के लिए साक्षर (AI Literacy) बनाना। मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में रूपनगढ़ रोड़ स्थित एमजीजीएस विश्वकर्मा स्कूल परिसर में 60वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर एक ब्लॉक स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। जिसके मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) प्रेमचंद अजमेरा थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता सीबीईओ रेणु गहलोत ने की l इसी प्रकार एसीबीईओ (प्रथम) तरुण प्रसाद वैष्णव, एसीबीईओ (द्वितीय) नीरज पारीक, ब्लॉक साक्षरता समिति की सदस्य प्रधानाचार्य मीना जाट, प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद कुमावत आदि समारोह में मंचासीन विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम को सीडीईओ अजमेरा ने भी संबोधित किया और कहा कि किसी व्यक्ति का नाम पढ़ लेना या किसी वाक्य को लिख लेना साक्षरता का पहला चरण हो सकता है, लेकिन आधुनिक दुनिया में इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी हो चुकी है। उन्होने यह भी कहा कि आज साक्षर व्यक्ति को जानकारी समझने, सही निर्णय लेने, रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने और समाज में अपनी बात रखने के लिए भी पढ़ने-लिखने की क्षमता की जरूरत होती है। वो इसलिए कि डिजिटल युग में साक्षरता का संबंध डिजिटल जानकारी को समझने, ऑनलाइन उपलब्ध सूचनाओं का सही इस्तेमाल करने और गलत जानकारी से बचने से भी जुड़ गया है। यही कारण है कि साक्षरता को व्यक्ति के सशक्तीकरण और सामाजिक भागीदारी से जोड़कर देखा जाता है। कार्यक्रम को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गहलोत और अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वैष्णव व पारीक ने भी संबोधित किया। प्रदेश स्तर पर सात बार सम्मानित वरिष्ठ प्रबोधक जगमाल गुर्जर ने भी साक्षरता के विभिन्न चरणों की व्याख्या को लेकर अपने विचार रखें। ब्लॉक साक्षरता समन्वयक रणजीत जाट ने साक्षरता से जुड़े मुख्य बिंदुओं पर गहराई से प्रकाश डालते हुए उनकी उपयोगिता और लाभ की विवेचना की । गौरतलब है, कि कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी जन जन को साक्षर बनाने की मुहीम में जुटा हुआ है l इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति को बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान तथा डिजिटल भुगतान, कम्प्यूटर व स्वास्थ्य जागरूकता, व्यावसायिक शिक्षा आदि की जानकारी भी प्रदान की जाती है l साथ ही बुनियादी शिक्षा के अंतर्गत साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण किये व्यक्ति को ओपन स्कूल द्वारा कक्षा 10 की परीक्षा हेतु आवेदन भी करवाए जाते है l कार्यक्रम के दौरान किशनगढ़ शहरी क्षेत्र की 25 स्कूलों के साक्षरता सर्वेयर शिक्षक सहित 75 नवसाक्षर लर्नर्स तथा वीटी ने भाग लिया l समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। स्कूल के नोनिहालों की ओर से शिक्षा पर आधारित सामूहिक नृत्य व विभिन्न नाटीकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई जिसको उपस्थित लोगों ने बखूबी सराहा l मुख्य रूप से कार्यशाला में साक्षरता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले चार साक्षरता सर्वेयर शिक्षकों क्रमश: कमलेश कुमारी, जागृति परिहार, योगेश सिंधी व सतीश चेतीवाल के साथ ही 6 वीटी यथा अनुराधा वैष्णव, प्रिया वैष्णव, अंजलि डाबरिया, नीतू कँवर, खुशबू गँवारिया व तरुणा वैष्णव को मंचासीन अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया l इसके अलावा 10 नवसाक्षर लर्नर को परीक्षा उत्तीर्ण करने पर अंकतालिकाएं वितरित की गई l कार्यक्रम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षक जगमाल गुर्जर तथा सुरेश बराला का भी अभिनन्दन किया गया l कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रधानाचार्य हेमन्त कुमार वर्मा, शिक्षिका प्रीति शर्मा, प्रियंका गोस्वामी व शिक्षक प्रदीप कुमार दाहिमा की महती भूमिका रही l इस अवसर अति. प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार सोनी,गिरिराज व्यास, कनिष्ठ लेखाकार अशोक बावरी सहित शुभलक्ष्मी माहेश्वरी, सुभाष चंद शर्मा, उर्मिला शर्मा, संजय धीया धर्मेंद्र वैष्णव, सुरेन्द्र चौधरी,सरदार सिंह चौधरी, इमरान खान, खुशबू व्यास आदि शिक्षक शिक्षिकाएं भी खासी संख्या में उपस्थित रहे l4