अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, आरोपी को शरण देने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस ने पकड़ा है। अलवर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र में 24 जून 2026 को नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीएसटी, तकनीकी टीम और पुलिस अधिकारियों को मिलाकर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने लगातार 24 घंटे तक अभियान चलाकर 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की। इसी के परिणामस्वरूप, 27 वर्षीय मुख्य आरोपी राहुल कुमार मीणा, जो दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के करनावर का निवासी है, उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी राहुल मीणा को शरण देने वाले रिकू मीणा को भी इस दौरान पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसकी जांच अभी जारी है। राजगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, आरोपी को शरण देने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस ने पकड़ा है। अलवर
जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र में 24 जून 2026 को नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीएसटी, तकनीकी टीम और पुलिस अधिकारियों को मिलाकर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने लगातार 24 घंटे तक अभियान
चलाकर 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की। इसी के परिणामस्वरूप, 27 वर्षीय मुख्य आरोपी राहुल कुमार मीणा, जो दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के करनावर का निवासी है, उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी राहुल मीणा को शरण देने वाले रिकू मीणा को भी इस दौरान पकड़ा
गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसकी जांच अभी जारी है। राजगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
- प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, लालसोट नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि यह आंदोलन भर्ती में अनियमितताओं, समझौतों की अनदेखी और ठेका प्रथा के विरोध में चलाया जा रहा है। इस हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और लालसोट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे शहर बेहाल है।3
- दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में मोरेल बांध में जयपुर के अमानीशाह नाले से आने वाले कथित प्रदूषित पानी को लेकर किसानों और ग्रामीणों में गंभीर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मोरेल बांध में पहुँचने वाले पानी को पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि रासायनिक तत्व, गंदगी और अन्य प्रदूषक बांध तक न पहुँचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने यह भी आग्रह किया है कि बांध में आने वाले पानी के मार्गों का नियमित निरीक्षण हो और औद्योगिक इकाइयों द्वारा सीधे नालों में रासायनिक युक्त अपशिष्ट छोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के अनुसार, यह मुद्दा पहले भी राजस्थान विधानसभा में उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी क्रम में उन्होंने जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करके फसलों को होने वाले नुकसान तथा संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत व संबंधित विभागों को ज्ञापन देने की बात कही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य एक गंभीर संकट में पड़ सकता है।1
- व्हॉईस ऑफ मीडिया (वीओएम) इंटरनेशनल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पत्रकारों की 50 सूत्रीय राष्ट्रीय मांगों को लेकर एक विशाल राष्ट्रीय आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, डिजिटल मीडिया, वेब पोर्टल, यूट्यूब, दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, फ्रीलालांस, ग्रामीण एवं जिला स्तरीय पत्रकार बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। इस राष्ट्रीय आंदोलन से पहले पूरे देश के प्रत्येक राज्य और जिला मुख्यालय पर एक महीने तक चरणबद्ध आंदोलन, धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान चलाया जाएगा, जिसका समापन 29 जुलाई को नई दिल्ली में होगा। आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष पत्रकारों और पत्रकारिता से संबंधित 50 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मांगें रखी जाएंगी। इनमें राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों पर हमलों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, आवास योजना, ग्रामीण, फ्रीलांस एवं डिजिटल पत्रकारों को मान्यता, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा, सरकारी विज्ञापन नीति में पारदर्शिता और राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण निगम की स्थापना जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। व्हॉईस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काळे और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के ने देशभर के सभी पत्रकारों से इस राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग या माध्यम के पत्रकारों का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो भविष्य में इससे भी व्यापक और मजबूत लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा। संदीप काळे और अनिल म्हस्के ने देशभर के पत्रकारों से राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने और इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर होने वाले इस आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश के विभिन्न राज्यों से हजारों पत्रकार इसमें भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।2
- जस्ट जयपुर लाइव 24x7 ने एक ब्रेकिंग न्यूज़ जारी करते हुए आम जनता से महत्वपूर्ण अपील की है। इस अपील में लोगों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। इसके बजाय, जस्ट जयपुर लाइव 24x7 ने केवल आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।1
- सांगानेर के डिग्गी-मालपुरा रोड स्थित बालाजी विहार क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क पर कथित अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। शिकायतकर्ता गणेश बागड़ा ने आरोप लगाया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को इस संबंध में कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत के अनुसार, प्रस्तावित रोड की भूमि पर ‘बालाजी प्रोडक्ट डेयरी’ के नाम से निर्माण कार्य किया गया है, जबकि परिसर के भीतर कथित तौर पर फर्नीचर सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि यह अतिक्रमण समय रहते नहीं हटाया गया, तो भविष्य में सड़क निर्माण कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। इसी कारण, स्थानीय लोगों ने जेडीए प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण हटाने और नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3
- मजदूरों का दबना एक अत्यंत गंभीर और दुखद सुरक्षा समस्या के रूप में सामने आया है। इस तरह की दुर्घटनाएँ मुख्य रूप से लोडिंग, अनलोडिंग के दौरान या फिर ब्लॉकों को असुरक्षित तरीके से रखे जाने के कारण होती हैं। इस समस्या के समाधान के तौर पर यह आवश्यक है कि भारी वजन उठाने वाली मशीनों के ऑपरेटरों और सभी श्रमिकों को नियमित रूप से सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए।1
- नेशनल हाईवे 48 पर संजय नगर के पास एक कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना के बाद, मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।1