व्हॉईस ऑफ मीडिया (वीओएम) इंटरनेशनल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पत्रकारों की 50 सूत्रीय राष्ट्रीय मांगों को लेकर एक विशाल राष्ट्रीय आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, डिजिटल मीडिया, वेब पोर्टल, यूट्यूब, दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, फ्रीलालांस, ग्रामीण एवं जिला स्तरीय पत्रकार बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। इस राष्ट्रीय आंदोलन से पहले पूरे देश के प्रत्येक राज्य और जिला मुख्यालय पर एक महीने तक चरणबद्ध आंदोलन, धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान चलाया जाएगा, जिसका समापन 29 जुलाई को नई दिल्ली में होगा। आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष पत्रकारों और पत्रकारिता से संबंधित 50 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मांगें रखी जाएंगी। इनमें राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों पर हमलों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, आवास योजना, ग्रामीण, फ्रीलांस एवं डिजिटल पत्रकारों को मान्यता, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा, सरकारी विज्ञापन नीति में पारदर्शिता और राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण निगम की स्थापना जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। व्हॉईस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काळे और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के ने देशभर के सभी पत्रकारों से इस राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग या माध्यम के पत्रकारों का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो भविष्य में इससे भी व्यापक और मजबूत लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा। संदीप काळे और अनिल म्हस्के ने देशभर के पत्रकारों से राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने और इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर होने वाले इस आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश के विभिन्न राज्यों से हजारों पत्रकार इसमें भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।
व्हॉईस ऑफ मीडिया (वीओएम) इंटरनेशनल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पत्रकारों की 50 सूत्रीय राष्ट्रीय मांगों को लेकर एक विशाल राष्ट्रीय आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, डिजिटल मीडिया, वेब पोर्टल, यूट्यूब, दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, फ्रीलालांस, ग्रामीण एवं जिला स्तरीय पत्रकार बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। इस राष्ट्रीय आंदोलन से पहले पूरे देश के प्रत्येक राज्य और जिला मुख्यालय पर एक महीने तक चरणबद्ध आंदोलन, धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान चलाया जाएगा, जिसका समापन 29 जुलाई को नई दिल्ली में होगा। आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष पत्रकारों और पत्रकारिता से संबंधित 50 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मांगें रखी जाएंगी। इनमें राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों पर हमलों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, आवास योजना, ग्रामीण, फ्रीलांस एवं डिजिटल पत्रकारों को मान्यता, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा, सरकारी विज्ञापन नीति में पारदर्शिता और राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण निगम की स्थापना जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। व्हॉईस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काळे और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के
ने देशभर के सभी पत्रकारों से इस राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग या माध्यम के पत्रकारों का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो भविष्य में इससे भी व्यापक और मजबूत लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा। संदीप काळे और अनिल म्हस्के ने देशभर के पत्रकारों से राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने और इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर होने वाले इस आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश के विभिन्न राज्यों से हजारों पत्रकार इसमें भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।
- मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में जुलूस के दौरान लोगों को हाथों में झंडे लिए हुए और चेहरे पर नकाब पहने देखा जा सकता है। वीडियो में सबसे खास बात यह है कि एक वैन को क्रेन की मदद से हवा में लटकाया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है।1
- जयपुर के कलवाड़ रोड पर स्थित मंगलम सिटी, जो इस मार्ग का पहला प्रोजेक्ट था, आज पानी और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जूझ रही है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या मंगलम सिटी जयपुर का हिस्सा नहीं है, क्योंकि इसे पूरी तरह से उपेक्षित छोड़ दिया गया है। पोस्ट के अनुसार, मंगलम सिटी पानी और सड़कों से इतनी दूर क्यों है, इसका कोई जवाब नहीं मिल रहा। निवासियों का मानना है कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे वे प्रशासन से यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर मंगलम सिटी की देखभाल कौन करेगा। यह स्थिति क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी और जवाबदेही के अभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है।2
- राजस्थान में भाजपा प्रदेश मंत्री नारायण जी मीणा को प्रदेश कार्यालय की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नई जिम्मेदारी राजस्थान सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों से संबंधित है।1
- स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि सड़क पर पानी भरा हुआ है और वह नीची हो रही है। इस समस्या के कारण लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क को ऊंचा करवाकर इस गली की समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया है।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की गई। इस कार्रवाई में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 1,61,200 रुपये नकद और तस्करी में इस्तेमाल की गई एक कार भी जब्त की है। जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के निर्देशन में चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत, जैतसर थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पंजाब नंबर की एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान तस्करों ने पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत पीछा कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लुधियाना निवासी धर्मेंद्र सिंह उर्फ बाबू और सलेमपुरा निवासी जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी शामिल हैं। इनके कब्जे से 9 किलो 908 ग्राम हेरोइन और 1.40 लाख रुपये नकद बरामद हुए। वहीं, समेजा कोठी थाना पुलिस ने एक अलग कार्रवाई करते हुए नवजोत कौर उर्फ ज्योति को गिरफ्तार किया। उसके पास से 511 ग्राम हेरोइन और 21,200 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद की गई यह हेरोइन पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मंगवाई गई थी। फिलहाल, पुलिस इस पूरे तस्करी नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।3
- अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, आरोपी को शरण देने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस ने पकड़ा है। अलवर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र में 24 जून 2026 को नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीएसटी, तकनीकी टीम और पुलिस अधिकारियों को मिलाकर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने लगातार 24 घंटे तक अभियान चलाकर 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की। इसी के परिणामस्वरूप, 27 वर्षीय मुख्य आरोपी राहुल कुमार मीणा, जो दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के करनावर का निवासी है, उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी राहुल मीणा को शरण देने वाले रिकू मीणा को भी इस दौरान पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसकी जांच अभी जारी है। राजगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।4
- दौसा के लालसोट में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में हुए समझौतों की अनदेखी और सफाई कर्मचारी भर्ती में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से मांग की है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वाले लोगों और वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, गैर-वाल्मीकि सफाई कर्मियों को उनके मूल पदों पर स्थानांतरित किया जाए, नगर परिषद परिसर में यूनियन कार्यालय बनाया जाए, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती की जाए, तथा भर्ती प्रक्रिया तीन गुना लॉटरी पद्धति से कर दो वर्ष बाद स्थायी नियुक्ति दी जाए। कर्मचारियों ने भर्ती से जुड़े लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करने की मांग रखी है। इस हड़ताल के दौरान मोहन नकवाल, रामचरण पवार, मुरारी, संजय संगत, पप्पू गोड़ीवाल, मुन्ना नकवाल, संजय नकवाल, सोनू पवार, अमर संगत, अशोक शंकर, संजय पवार, संजू पवार, विशाल पवार, संजय वाल्मीकि और प्रकाश सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।1
- अलवर से मिली जानकारी के अनुसार, एक मासूम से दरिंदगी के आरोपी की सारी हेकड़ी और अकड़ कानून के सामने धरी रह गई। जो खुद को बड़ा समझ रहा था, आज उसके लिए पैरों पर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है। यह घटना दर्शाती है कि कानून भले ही देर से कार्य करे, लेकिन वह हैवानियत का जवाब पूरी सख्ती के साथ देता है।1