दौसा के लालसोट में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में हुए समझौतों की अनदेखी और सफाई कर्मचारी भर्ती में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से मांग की है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वाले लोगों और वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, गैर-वाल्मीकि सफाई कर्मियों को उनके मूल पदों पर स्थानांतरित किया जाए, नगर परिषद परिसर में यूनियन कार्यालय बनाया जाए, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती की जाए, तथा भर्ती प्रक्रिया तीन गुना लॉटरी पद्धति से कर दो वर्ष बाद स्थायी नियुक्ति दी जाए। कर्मचारियों ने भर्ती से जुड़े लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करने की मांग रखी है। इस हड़ताल के दौरान मोहन नकवाल, रामचरण पवार, मुरारी, संजय संगत, पप्पू गोड़ीवाल, मुन्ना नकवाल, संजय नकवाल, सोनू पवार, अमर संगत, अशोक शंकर, संजय पवार, संजू पवार, विशाल पवार, संजय वाल्मीकि और प्रकाश सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
दौसा के लालसोट में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में हुए समझौतों की अनदेखी और सफाई कर्मचारी भर्ती में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से मांग की है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वाले लोगों और वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, गैर-वाल्मीकि सफाई कर्मियों को उनके मूल पदों पर स्थानांतरित किया जाए, नगर परिषद परिसर में यूनियन कार्यालय बनाया जाए, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती की जाए, तथा भर्ती प्रक्रिया तीन गुना लॉटरी पद्धति से कर दो वर्ष बाद स्थायी नियुक्ति दी जाए। कर्मचारियों ने भर्ती से जुड़े लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करने की मांग रखी है। इस हड़ताल के दौरान मोहन नकवाल, रामचरण पवार, मुरारी, संजय संगत, पप्पू गोड़ीवाल, मुन्ना नकवाल, संजय नकवाल, सोनू पवार, अमर संगत, अशोक शंकर, संजय पवार, संजू पवार, विशाल पवार, संजय वाल्मीकि और प्रकाश सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
- दौसा के लालसोट में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में हुए समझौतों की अनदेखी और सफाई कर्मचारी भर्ती में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से मांग की है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वाले लोगों और वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, गैर-वाल्मीकि सफाई कर्मियों को उनके मूल पदों पर स्थानांतरित किया जाए, नगर परिषद परिसर में यूनियन कार्यालय बनाया जाए, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती की जाए, तथा भर्ती प्रक्रिया तीन गुना लॉटरी पद्धति से कर दो वर्ष बाद स्थायी नियुक्ति दी जाए। कर्मचारियों ने भर्ती से जुड़े लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करने की मांग रखी है। इस हड़ताल के दौरान मोहन नकवाल, रामचरण पवार, मुरारी, संजय संगत, पप्पू गोड़ीवाल, मुन्ना नकवाल, संजय नकवाल, सोनू पवार, अमर संगत, अशोक शंकर, संजय पवार, संजू पवार, विशाल पवार, संजय वाल्मीकि और प्रकाश सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।1
- दौसा की लालसोट पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए बावरिया गैंग के मुख्य अभियुक्त विजय उर्फ कुण्डा बावरिया को टोंक से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पिछले दो महीनों में लालसोट और गौरव पथ इलाके में हुई 8 बड़ी नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने साथियों के साथ दिन में सूने मकानों की रेकी करता था और रात में सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी की चोरी करता था। आरोपी को रिमांड पर लिया गया है और अब चोरी हुए माल की बरामदगी के साथ-साथ गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है। इस खुलासे में थाना अधिकारी पवन कुमार और उनकी टीम के साथ-साथ साइबर सेल के कांस्टेबल महेन्द्र कुमार ने विशेष भूमिका निभाई।2
- मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा द्वारा एक वित्तीय चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बैंक की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देना था। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा और एफएलसी कमलेश जी मीणा ने लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, एसबीआई एक्सीडेंटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, केसीसी और बचत खातों जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए और ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल दर्ज करने की अपील भी की। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा ने यह भी बताया कि जुलाई महीने से फसल बीमा योजना पुनः शुरू हो रही है, जिसके लिए किसानों को अपने अपडेटेड आधार कार्ड बैंक में जमा करवाने होंगे। उन्होंने खातों में बकाया ब्याज जमा करवाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और बताया कि जिन लोगों के पास बैंक में केसीसी नहीं है, वे ई-मित्र के माध्यम से भी अपना फसल बीमा करवा सकते हैं। एफएलसी कमलेश कुमार मीणा ने साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चौपाल के दौरान, पात्र लोगों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के फॉर्म मौके पर ही प्राप्त किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को चाय-पान करवाने के बाद हुआ।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की गई। इस कार्रवाई में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 1,61,200 रुपये नकद और तस्करी में इस्तेमाल की गई एक कार भी जब्त की है। जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के निर्देशन में चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत, जैतसर थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पंजाब नंबर की एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान तस्करों ने पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत पीछा कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लुधियाना निवासी धर्मेंद्र सिंह उर्फ बाबू और सलेमपुरा निवासी जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी शामिल हैं। इनके कब्जे से 9 किलो 908 ग्राम हेरोइन और 1.40 लाख रुपये नकद बरामद हुए। वहीं, समेजा कोठी थाना पुलिस ने एक अलग कार्रवाई करते हुए नवजोत कौर उर्फ ज्योति को गिरफ्तार किया। उसके पास से 511 ग्राम हेरोइन और 21,200 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद की गई यह हेरोइन पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मंगवाई गई थी। फिलहाल, पुलिस इस पूरे तस्करी नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।3
- सवाई माधोपुर के गंगापुर में भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा समारोह भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में 'ओम नमः शिवाय' का जय घोष गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत शिव मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहाँ संतों को दान-दक्षिणा दी गई।1
- प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, लालसोट नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि यह आंदोलन भर्ती में अनियमितताओं, समझौतों की अनदेखी और ठेका प्रथा के विरोध में चलाया जा रहा है। इस हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और लालसोट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे शहर बेहाल है।3
- लालसोट क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में जयपुर के अमानीशाह नाले से मोरेल बांध में आ रहे प्रदूषित और कथित जहरीले पानी को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि मोरेल बांध में पानी छोड़ने से पहले उसे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि जहरीले रसायन, गंदगी और अन्य प्रदूषक तत्व बांध तक न पहुंचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित सभी प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने का आह्वान किया है। किसानों ने यह भी मांग की है कि बांध में मिलने वाले पानी के मार्गों पर नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं और फैक्ट्रियों तथा औद्योगिक इकाइयों द्वारा रासायनिक युक्त अपशिष्ट सीधे नालों में छोड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह मुद्दा पूर्व में राजस्थान विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों और किसानों ने अब जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करने की भी बात कही है, जो फसलों को होने वाले नुकसान, चर्म रोग सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपेगी। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और आमजन का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकते हैं।2