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मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा द्वारा एक वित्तीय चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बैंक की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देना था। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा और एफएलसी कमलेश जी मीणा ने लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, एसबीआई एक्सीडेंटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, केसीसी और बचत खातों जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए और ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल दर्ज करने की अपील भी की। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा ने यह भी बताया कि जुलाई महीने से फसल बीमा योजना पुनः शुरू हो रही है, जिसके लिए किसानों को अपने अपडेटेड आधार कार्ड बैंक में जमा करवाने होंगे। उन्होंने खातों में बकाया ब्याज जमा करवाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और बताया कि जिन लोगों के पास बैंक में केसीसी नहीं है, वे ई-मित्र के माध्यम से भी अपना फसल बीमा करवा सकते हैं। एफएलसी कमलेश कुमार मीणा ने साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चौपाल के दौरान, पात्र लोगों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के फॉर्म मौके पर ही प्राप्त किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को चाय-पान करवाने के बाद हुआ।

2 hrs ago
user_दैनिक भास्कर संवाददाता
दैनिक भास्कर संवाददाता
Video Creator मलारना डूंगर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा द्वारा एक वित्तीय चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बैंक की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देना था। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा और एफएलसी कमलेश जी मीणा ने लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, एसबीआई एक्सीडेंटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, केसीसी और बचत खातों जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए और ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल दर्ज करने की अपील भी की। शाखा प्रबंधक भवानी सिंह मीणा ने यह भी बताया कि जुलाई महीने से फसल बीमा योजना पुनः शुरू हो रही है, जिसके लिए किसानों को अपने अपडेटेड आधार कार्ड बैंक में जमा करवाने होंगे। उन्होंने खातों में बकाया ब्याज जमा करवाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और बताया कि जिन लोगों के पास बैंक में केसीसी नहीं है, वे ई-मित्र के माध्यम से भी अपना फसल बीमा करवा सकते हैं। एफएलसी कमलेश कुमार मीणा ने साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चौपाल के दौरान, पात्र लोगों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के फॉर्म मौके पर ही प्राप्त किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को चाय-पान करवाने के बाद हुआ।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।
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    सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है।

सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।
    user_Ashutosh Trivedi
    Ashutosh Trivedi
    Video Creator सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, लालसोट नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि यह आंदोलन भर्ती में अनियमितताओं, समझौतों की अनदेखी और ठेका प्रथा के विरोध में चलाया जा रहा है। इस हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और लालसोट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे शहर बेहाल है।
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    प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, लालसोट नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि यह आंदोलन भर्ती में अनियमितताओं, समझौतों की अनदेखी और ठेका प्रथा के विरोध में चलाया जा रहा है।

इस हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और लालसोट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे शहर बेहाल है।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में मोरेल बांध में जयपुर के अमानीशाह नाले से आने वाले कथित प्रदूषित पानी को लेकर किसानों और ग्रामीणों में गंभीर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मोरेल बांध में पहुँचने वाले पानी को पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि रासायनिक तत्व, गंदगी और अन्य प्रदूषक बांध तक न पहुँचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने यह भी आग्रह किया है कि बांध में आने वाले पानी के मार्गों का नियमित निरीक्षण हो और औद्योगिक इकाइयों द्वारा सीधे नालों में रासायनिक युक्त अपशिष्ट छोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के अनुसार, यह मुद्दा पहले भी राजस्थान विधानसभा में उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी क्रम में उन्होंने जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करके फसलों को होने वाले नुकसान तथा संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत व संबंधित विभागों को ज्ञापन देने की बात कही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य एक गंभीर संकट में पड़ सकता है।
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    दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में मोरेल बांध में जयपुर के अमानीशाह नाले से आने वाले कथित प्रदूषित पानी को लेकर किसानों और ग्रामीणों में गंभीर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मोरेल बांध में पहुँचने वाले पानी को पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि रासायनिक तत्व, गंदगी और अन्य प्रदूषक बांध तक न पहुँचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने यह भी आग्रह किया है कि बांध में आने वाले पानी के मार्गों का नियमित निरीक्षण हो और औद्योगिक इकाइयों द्वारा सीधे नालों में रासायनिक युक्त अपशिष्ट छोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों के अनुसार, यह मुद्दा पहले भी राजस्थान विधानसभा में उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी क्रम में उन्होंने जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करके फसलों को होने वाले नुकसान तथा संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत व संबंधित विभागों को ज्ञापन देने की बात कही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य एक गंभीर संकट में पड़ सकता है।
    user_Rakesh sharma
    Rakesh sharma
    Software Developer लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • सवाई माधोपुर के गंगापुर में भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा समारोह भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में 'ओम नमः शिवाय' का जय घोष गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत शिव मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहाँ संतों को दान-दक्षिणा दी गई।
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    सवाई माधोपुर के गंगापुर में भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा समारोह भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में 'ओम नमः शिवाय' का जय घोष गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत शिव मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहाँ संतों को दान-दक्षिणा दी गई।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    3 hrs ago
  • पीलौदा और खंण्डीप के गेटों पर कुछ आवश्यक कार्य किया जाने वाला है।
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    पीलौदा और खंण्डीप के गेटों पर कुछ आवश्यक कार्य किया जाने वाला है।
    user_Gangapur ki Aabaj
    Gangapur ki Aabaj
    Department of Motor Vehicles गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन पुलिया के पास, बड़ के बालाजी के बगल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के लोग बदबू से खासे परेशान हैं। यह स्थिति तब है जब कुछ महीने पहले ही जिला प्रशासन ने साइकिल से क्षेत्र का दौरा कर पानी, बिजली, साफ-सफाई और सड़कों पर गड्ढों का जायजा लिया था। इस दौरे के एक महीना बीत जाने के बाद भी गंदगी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, और सड़कों पर गड्ढे भी जस के तस बने हुए हैं। जिला प्रशासन द्वारा साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें संबंधित अधिकारियों को बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति को सुधारने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का भी जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में यह देखने वाली बात है कि जिला प्रशासन द्वारा धरातल पर कब तक काम किया जाएगा, या फिर ये केवल खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।
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    सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन पुलिया के पास, बड़ के बालाजी के बगल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के लोग बदबू से खासे परेशान हैं। यह स्थिति तब है जब कुछ महीने पहले ही जिला प्रशासन ने साइकिल से क्षेत्र का दौरा कर पानी, बिजली, साफ-सफाई और सड़कों पर गड्ढों का जायजा लिया था।

इस दौरे के एक महीना बीत जाने के बाद भी गंदगी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, और सड़कों पर गड्ढे भी जस के तस बने हुए हैं। जिला प्रशासन द्वारा साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें संबंधित अधिकारियों को बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति को सुधारने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का भी जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

ऐसे में यह देखने वाली बात है कि जिला प्रशासन द्वारा धरातल पर कब तक काम किया जाएगा, या फिर ये केवल खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    10 hrs ago
  • गॉंवडा प्रीमियर लीग-4 में 25 जून को हुए रोमांचक मुकाबलों में कोंडर टीम ने लगातार दो शानदार जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी मजबूत की और क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। दिन की शुरुआत रॉयल बीसीसी सुरोठ के प्रभावशाली प्रदर्शन से हुई, जिसने परीता को 37 रन से हराया। सुरोठ और परीता के मुकाबले में, रॉयल बीसीसी सुरोठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 151/7 रन बनाए। विशाल सिंह ने 44, सौम्य प्रताप ने 38 और आशीष मीणा ने 28 रन का अहम योगदान दिया। जवाब में परीता की टीम निर्धारित 10 ओवर में 114/3 रन ही बना सकी, जिसमें अभिषेक चौधरी ने नाबाद 49 और माही गुर्जर ने 32 रन बनाए। विशाल सिंह को 15 गेंदों पर 44 रन बनाने और 2 विकेट लेने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इसके बाद, कोंडर ने सौरभ कैंपस को एकतरफा मुकाबले में 8 विकेट से हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। सौरभ कैंपस की टीम 73 रन पर सिमट गई, जबकि कोंडर ने लक्ष्य को केवल 5.1 ओवर में हासिल कर लिया। डी.जे. जयपुर ने 44 रन और अनिल वर्मा ने 16 रन का योगदान दिया। धारा सिंह को 2 ओवर में 1 रन देकर 5 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' घोषित किया गया। दिन के सबसे रोमांचक मुकाबले और तीसरे राउंड में कोंडर का सामना रॉयल बीसीसी सुरोठ से हुआ, जहाँ कोंडर ने लगातार दूसरी जीत हासिल करते हुए 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। रॉयल बीसीसी सुरोठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 128/5 रन बनाए, जिसमें कान्हा परमार ने 54 रनों की पारी खेली। कोंडर ने 9.3 ओवर में 131/3 रन बनाकर यह मैच जीत लिया। डी.जे. जयपुर ने 25 गेंदों में 44 रन और अनिल वर्मा ने 38 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। डी.जे. जयपुर को 44 रन और 2 विकेट के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला।
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    गॉंवडा प्रीमियर लीग-4 में 25 जून को हुए रोमांचक मुकाबलों में कोंडर टीम ने लगातार दो शानदार जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी मजबूत की और क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। दिन की शुरुआत रॉयल बीसीसी सुरोठ के प्रभावशाली प्रदर्शन से हुई, जिसने परीता को 37 रन से हराया।

सुरोठ और परीता के मुकाबले में, रॉयल बीसीसी सुरोठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 151/7 रन बनाए। विशाल सिंह ने 44, सौम्य प्रताप ने 38 और आशीष मीणा ने 28 रन का अहम योगदान दिया। जवाब में परीता की टीम निर्धारित 10 ओवर में 114/3 रन ही बना सकी, जिसमें अभिषेक चौधरी ने नाबाद 49 और माही गुर्जर ने 32 रन बनाए। विशाल सिंह को 15 गेंदों पर 44 रन बनाने और 2 विकेट लेने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

इसके बाद, कोंडर ने सौरभ कैंपस को एकतरफा मुकाबले में 8 विकेट से हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। सौरभ कैंपस की टीम 73 रन पर सिमट गई, जबकि कोंडर ने लक्ष्य को केवल 5.1 ओवर में हासिल कर लिया। डी.जे. जयपुर ने 44 रन और अनिल वर्मा ने 16 रन का योगदान दिया। धारा सिंह को 2 ओवर में 1 रन देकर 5 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' घोषित किया गया।

दिन के सबसे रोमांचक मुकाबले और तीसरे राउंड में कोंडर का सामना रॉयल बीसीसी सुरोठ से हुआ, जहाँ कोंडर ने लगातार दूसरी जीत हासिल करते हुए 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। रॉयल बीसीसी सुरोठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 128/5 रन बनाए, जिसमें कान्हा परमार ने 54 रनों की पारी खेली। कोंडर ने 9.3 ओवर में 131/3 रन बनाकर यह मैच जीत लिया। डी.जे. जयपुर ने 25 गेंदों में 44 रन और अनिल वर्मा ने 38 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। डी.जे. जयपुर को 44 रन और 2 विकेट के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला।
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • लालसोट क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में जयपुर के अमानीशाह नाले से मोरेल बांध में आ रहे प्रदूषित और कथित जहरीले पानी को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि मोरेल बांध में पानी छोड़ने से पहले उसे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि जहरीले रसायन, गंदगी और अन्य प्रदूषक तत्व बांध तक न पहुंचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित सभी प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने का आह्वान किया है। किसानों ने यह भी मांग की है कि बांध में मिलने वाले पानी के मार्गों पर नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं और फैक्ट्रियों तथा औद्योगिक इकाइयों द्वारा रासायनिक युक्त अपशिष्ट सीधे नालों में छोड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह मुद्दा पूर्व में राजस्थान विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों और किसानों ने अब जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करने की भी बात कही है, जो फसलों को होने वाले नुकसान, चर्म रोग सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपेगी। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और आमजन का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकते हैं।
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    लालसोट क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में जयपुर के अमानीशाह नाले से मोरेल बांध में आ रहे प्रदूषित और कथित जहरीले पानी को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।

ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि मोरेल बांध में पानी छोड़ने से पहले उसे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि जहरीले रसायन, गंदगी और अन्य प्रदूषक तत्व बांध तक न पहुंचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित सभी प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने का आह्वान किया है। किसानों ने यह भी मांग की है कि बांध में मिलने वाले पानी के मार्गों पर नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं और फैक्ट्रियों तथा औद्योगिक इकाइयों द्वारा रासायनिक युक्त अपशिष्ट सीधे नालों में छोड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

यह मुद्दा पूर्व में राजस्थान विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों और किसानों ने अब जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करने की भी बात कही है, जो फसलों को होने वाले नुकसान, चर्म रोग सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपेगी।

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और आमजन का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकते हैं।
    user_पत्रकार  : ‌ प्रकाश सैनी
    पत्रकार : ‌ प्रकाश सैनी
    Advertising agency लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    8 hrs ago
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