सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।
सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।
- सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।1
- लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी के निदेशक श्रीराम तरणीकांति ने सवाई माधोपुर के जिला अधिकारियों को आमजन के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान अपनी प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता का धरातल पर प्रदर्शन करने का संदेश दिया है। उन्होंने जोर दिया कि अधिकारियों को अपने दायित्वों को पूरा करने के साथ-साथ अपने कार्य के बारे में गहराई से सोचना चाहिए, जिससे वे नई योजनाएं और कार्यप्रणालियां विकसित कर सकें। तरणीकांति ने हाल ही में शुक्रवार को सुशासन विषय पर आयोजित एक संवाद बैठक में जिला कलक्टर काना राम, पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, उप वन संरक्षक संजीव शर्मा एवं मानस सिंह, तथा एडीएम संजय शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बातचीत की। संवाद के दौरान, निदेशक श्रीराम तरणीकांति ने अधिकारियों से लीक से हटकर सोचने और उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग करके मौलिक विचारों के साथ नई योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजकीय निर्देशों की पालना और योजनाओं का संचालन सामान्य कार्य है, जबकि असली चुनौती काम के बारे में सोचना और उसके आधार पर नई योजनाएं बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को जिले की कुल आवश्यकता की तुलना में वर्तमान उपलब्धियों की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर स्वयं विचार करने का सुझाव दिया। तरणीकांति ने यह भी कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों को उच्च प्रशासनिक स्तर पर अपने विचार को अस्वीकृत किए जाने के भय को त्यागकर अपनी बात रखनी चाहिए, क्योंकि उनकी धरातल पर उपस्थिति उन्हें नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने और नए विचारों को क्रियान्वित करने का अवसर देती है। यदि फील्ड में मौजूद अधिकारी किसी योजना के क्रियान्वयन के पीछे के कारण को समझेंगे और दूसरों को समझा पाएंगे, तो अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिलेंगे। श्रीराम तरणीकांति ने बताया कि सुशासन का आधार केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि डेटा आधारित निर्णय, परिणामों का मूल्यांकन और गैप एनालिसिस है। उन्होंने अधिकारियों से उन पात्र व्यक्तियों की पहचान करने को कहा, जो अब तक योजनाओं से वंचित हैं, उनके कारणों का विश्लेषण कर समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, और शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए, उन्होंने बच्चों, मातृ एवं शिशु सेवाओं, आंगनबाड़ी गतिविधियों और शिक्षा के सार्वभौमिक कवरेज पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने मॉडल संस्थानों को अन्य संस्थाओं के लिए सीख का केंद्र बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कृषि, उद्यानिकी एवं बैंकिंग क्षेत्र की योजनाओं के प्रभाव का आकलन किसानों की आय, ऋण प्रवाह, बीमा कवरेज और उत्पादकता वृद्धि के आधार पर करने का सुझाव दिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विषयों पर श्रीराम तरणीकांति ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं, अधिकारियों के रात्रि प्रवास, जनसुनवाई व्यवस्था और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवा वितरण को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना होना चाहिए जिससे शिकायतें उत्पन्न ही कम हों। उन्होंने पर्यटन सुविधाओं, स्वच्छता, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रशासनिक उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ भविष्य की उड़ान, बोल सवाई माधोपुर, अपना गांव डिजिटल प्लेटफॉर्म, हेल्थ एटीएम, मॉडल आंगनवाड़ी, और रास्ता खोलो अभियान जैसे नवाचारों की जानकारी भी प्रस्तुत की, जिनकी निदेशक ने सराहना की।1
- सारसोप ग्राम पंचायत में मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पूरे मार्ग पर शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा और लोगों ने आपसी सौहार्द का परिचय दिया। ताजियों के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज और मातमी धुनों के बीच श्रद्धालु निर्धारित मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। इस दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते यह जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों द्वारा शीतल पेयजल एवं अन्य सेवा व्यवस्थाएं भी की गईं। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मुहर्रम की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों, प्रशासन और पुलिस का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह मुहर्रम आयोजन क्षेत्र में आपसी प्रेम, शांति और सामाजिक एकता की एक मिसाल बनकर सामने आया।3
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में मुहर्रम के ताजिया जुलूस के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा मुख्य बाजार में विशेष सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने अकीदतमंदों और राहगीरों के लिए मीठे शरबत और ठंडे पानी की व्यवस्था की। भीषण गर्मी के बीच, समाज के सदस्यों ने जगह-जगह छबीलें लगाकर जुलूस में शामिल लोगों को शरबत पिलाया और पानी वितरित किया। समाज के युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ इस पूरी व्यवस्था को संभाला, जिसके माध्यम से भाईचारे और मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। स्थानीय लोगों ने इस सेवा कार्य की जमकर सराहना की। वहीं, जुलूस में मौजूद लोगों ने सेवा कार्य में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- मलारना डूंगर उपखंड की ग्राम पंचायत चक बिलोली और ऐबरा में राज्य सरकार के जन कल्याण अभियान के तहत एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था। ऐबरा में तहसीलदार रामजीलाल मीणा ने शिविर की अध्यक्षता की, वहीं चक बिलोली में विकास अधिकारी नरेंद्र मीणा की अध्यक्षता में यह आयोजन संपन्न हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं, जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की और अनेक मामलों का तुरंत निस्तारण किया। कृषि विभाग ने किसानों को कृषि मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए, साथ ही उन्हें उन्नत खेती, फसल प्रबंधन और विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। राजस्व विभाग ने नामांतरण, सहमति बंटवारे और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया। अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का काम किया। अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें जनहित से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने अत्यधिक संतोष व्यक्त किया। इस दौरान चक बिलोली प्रशासक ज़ोरावर सिंह, ओबरा प्रशासक आशा देवी, सहायक विकास अधिकारी गौरी शंकर शर्मा, बिजली विभाग से लोकेश गुर्जर और शेर सिंह मीणा, पशुपालन विभाग से राजेश गुर्जर (जिन्होंने पशु जीवन बीमा वितरित किया), ऐबरा आयुर्वेदिक वैध लक्ष्मीकांत बंसल, मलारना स्टेशन वैध प्रदीप कुमार, वन विभाग नाका मलारना डूंगर से सुमेर सिंह गुर्जर, मलारना स्टेशन नाका से आरती भारद्वाज, जलदाय विभाग से विनोद कुमार, पटवारी नीरज शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित कई विभागों के तहसील स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- उनियारा में मोहर्रम के अवसर पर ताज़िया कमेटी और अंजुमन कमेटी की ओर से एक भव्य जुलूस निकाला गया। ताज़िया कमेटी के सदर तस्लीम अहमद ने जानकारी दी कि मोहर्रम के ताज़िए रात के समय निकाले गए थे। शुक्रवार की दोपहर में इमामबाड़े से मोहर्रम को सदर बाज़ार लाया गया, जिसके बाद इसे शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस सदर बाज़ार में रखा गया। इस दौरान अखाड़ा बाज़ों ने हैरतअंगेज़ करतब दिखाए, जिसमें नन्हे-मुन्ने अखाड़ा बाज़ों ने भी कई तरह की कलाबाज़ियां प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मुस्लिम समाज के लोग पूरे जुलूस के दौरान ढोल-नगाड़े और ताशे बजाते रहे। इस आयोजन में सैकड़ों लोग और महिलाएँ भी शामिल हुईं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात था, जिसमें उनियारा पुलिस थाना अधिकारी कप्तान सिंह और आसपास के क्षेत्र के कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे, जबकि उच्च अधिकारी पूरी तरह से स्थिति पर नज़र बनाए हुए थे। शाम होने पर, मोहर्रम को अस्पताल रोड और बस स्टैंड होते हुए नैनवां मार्ग स्थित एक कुएं में "ठंडा" किया गया।4
- भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच, अलीगढ़ के अंबेडकर सर्किल पर 'श्री श्याम जल मंदिर' द्वारा एक भव्य शरबत वितरण शिविर का आयोजन किया गया। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस शिविर में हजारों राहगीरों ने ठंडे और मीठे शरबत का आनंद लेकर तपती गर्मी से राहत प्राप्त की, जिससे यह राहगीरों के लिए अमृत समान साबित हुआ। इस सेवा कार्य की तैयारी सेवादारों द्वारा सुबह 09:00 बजे से ही शुरू कर दी गई थी, और सुबह 11:00 बजे से आधिकारिक रूप से वितरण आरंभ हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद दिन भर श्रद्धालुओं और राहगीरों का तांता लगा रहा, और हजारों लोगों ने इस शिविर में आकर शरबत ग्रहण किया। यह आयोजन अलीगढ़ के समस्त श्याम प्रेमियों के सामूहिक प्रयासों और निस्वार्थ समर्पण का परिणाम था, जिन्होंने सेवा कार्य को संभाला। इस दौरान दीपक टाकारिया, अमित जोशी, विजय गौतम उर्फ पीटू नैतिक सहित गोपाल जोशी और श्याम परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उमेश शर्मा इन्फॉर्म हर खबर का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस आयोजन के माध्यम से सेवादारों ने न केवल अपनी धार्मिक आस्था का परिचय दिया, बल्कि मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय और अनूठा उदाहरण भी प्रस्तुत किया।1
- बजरिया क्षेत्र में हम्मीर पुलिया से नीचे उतरने वाली सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर है, जो इतनी खराब है कि इसे देखकर लगता है जैसे बजरिया जाने के लिए 'यमदूत से पंगा' लेना होगा। यह सड़क गड्ढों से भरी हुई है और बारिश के समय इन्हीं गड्ढों के कारण कई दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। ऐसी दुर्घटनाग्रस्त सड़क आम जनता को सुरक्षित महसूस नहीं करा सकती। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मानसून शुरू होने से पहले इस सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए।1