पन्ना जिले की गुनौर पुलिस ने अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एक निगरानीशुदा बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओपी के मार्गदर्शन में की गई है। थाना गुनौर की पुलिस टीम जब 14 जुलाई 2026 को गश्त पर थी, तभी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बलबीर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति टिकरिया से पटना की ओर अवैध देशी कट्टा लेकर जा रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और भागने का प्रयास कर रहे संदिग्ध को मुस्तैदी से पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्राम डोभा निवासी खिलाड़ी उर्फ रामखिलावन (46 वर्ष) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसकी कमर से एक अवैध देशी कट्टा (.315 बोर) और जेब से दो जिंदा .315 बोर के कारतूस बरामद किए गए, जिनका वह कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब एक साल पहले अमानगंज के साप्ताहिक बाजार में एक अज्ञात व्यक्ति से यह कट्टा खरीदा था और हाल ही में हुए एक आपसी विवाद के बाद खुद की सुरक्षा के लिए इसे साथ लेकर घूम रहा था। गुनौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बलबीर सिंह, मुख्य आरक्षक मुकेश शर्मा, चालक मुख्य आरक्षक मुन्नालाल कोल, आरक्षक नीलेश, श्यामसुंदर और गौरव सिंह का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पन्ना जिले की गुनौर पुलिस ने अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एक निगरानीशुदा बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओपी के मार्गदर्शन में की गई है। थाना गुनौर की पुलिस टीम जब 14 जुलाई 2026 को गश्त पर थी, तभी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बलबीर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति टिकरिया से पटना की ओर अवैध देशी कट्टा लेकर जा रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल
घेराबंदी की और भागने का प्रयास कर रहे संदिग्ध को मुस्तैदी से पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्राम डोभा निवासी खिलाड़ी उर्फ रामखिलावन (46 वर्ष) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसकी कमर से एक अवैध देशी कट्टा (.315 बोर) और जेब से दो जिंदा .315 बोर के कारतूस बरामद किए गए, जिनका वह कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब एक साल पहले अमानगंज के साप्ताहिक बाजार में एक अज्ञात व्यक्ति से यह कट्टा खरीदा था और हाल ही में
हुए एक आपसी विवाद के बाद खुद की सुरक्षा के लिए इसे साथ लेकर घूम रहा था। गुनौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बलबीर सिंह, मुख्य आरक्षक मुकेश शर्मा, चालक मुख्य आरक्षक मुन्नालाल कोल, आरक्षक नीलेश, श्यामसुंदर और गौरव सिंह का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई क्षेत्र में बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बारिश को देखने के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी खुशी देखी जा रही है।4
- मध्य प्रदेश के उचेहरा में थाना प्रभारी सतीश मिश्रा की अगुवाई में पुलिस ने नगर भ्रमण कर लोगों को सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीम ने आम जनता से सीधा संवाद किया और उन्हें आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी। इस अभियान के दौरान उपनिरीक्षक प्रीतम सिंह सहित थाने का अन्य पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।2
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कोना गांव में जमीन विवाद को लेकर भारी बवाल मच गया है। बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर कोना गांव के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा के साथ जमीन के विवाद को लेकर मारपीट करने और उन पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ित पर कई राउंड फायरिंग की। घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसमें कुछ लोग मोटरसाइकिल पर भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके शरीर में एक गोली फंसी हुई है, जबकि कुछ गोलियां उनके सिर और कान को छूते हुए निकल गईं। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार जारी है और वायरल वीडियो के बाद इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी तूल पकड़ लिया है।1
- सतना के सिविल लाइन थाना अंतर्गत संत नगर बगहा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार और बिना नंबर की चार पहिया कार ने मोटरसाइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। दुर्घटना के ठीक बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस वाहन को पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिना नंबर की इस कार के अंदर भारी मात्रा में शराब लोड थी। हादसे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। गाड़ी में जो शराब लोड थी, वह किसी नीरज पाठक की बताई जा रही है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। शराब माफिया का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब आम लोगों का सड़क पर चलना भी दूभर और दुर्लभ हो गया है। लोग बेहद आक्रोशित होकर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस बेलगाम शराब माफिया पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।1
- पन्ना जिले के गुनौर में सकरिया से डिघोरा तक बनी लगभग 29 किलोमीटर लंबी सड़क पहली ही हल्की बारिश में उखड़ गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं, जिससे इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लागत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की मिलीभगत के चलते सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल के दौरान इस सड़क पर कई बार पैचवर्क और गड्ढे भरने का काम किया गया, लेकिन हर बार कुछ ही दिनों में सड़क दोबारा टूट गई। वर्तमान में भी मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, जिससे सरकारी धन के खुलेआम दुरुपयोग की आशंका है। क्षेत्रवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए मांग की है कि इस पूरे 29 किलोमीटर सड़क निर्माण और मरम्मत की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।4
- मध्य प्रदेश के मैहर में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत जिला पुलिस द्वारा एक विशाल जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। 15 जुलाई 2026 को आयोजित इस रैली का शुभारंभ अलाउद्दीन स्टेडियम से हुआ, जो कटनी तिराहा, एसबीआई चौराहा और घंटाघर से होते हुए वापस अलाउद्दीन स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। इस रैली में मिनीलैंड स्कूल, संदीपनी स्कूल और विवेकानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के साथ-साथ आधार संस्था, एनसीसी, शौर्य दल, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, स्थानीय नागरिकों और पुलिस बल ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। रैली के दौरान सभी प्रतिभागी हाथों में नशा मुक्ति के संदेशों वाली तख्तियां और बैनर लेकर आम जनता को जागरूक कर रहे थे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह ने उपस्थित बच्चों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे और युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे जिले में चलाया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने गांजा, ब्राउन शुगर, स्मैक और कोरेक्स जैसी नशीली दवाइयों के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। उन्होंने बच्चों से खुद नशे से दूर रहने और अपने परिजनों व दोस्तों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री महेंद्र सिंह चौहान, रक्षित निरीक्षक श्री नृपेन्द्र सिंह, श्रीमती कृष्णा मिश्रा, सामाजिक न्याय विभाग के श्री के.के. शुक्ला व श्रीमती श्वेता सिंह, और आधार संस्था के श्री मनोज कुमार सहित कई शिक्षक, गणमान्य नागरिक और मीडियाकर्मी उपस्थित रहे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और नशा मुक्त मैहर के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।2
- पन्ना के अमानगंज गांधी चौक पर हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में बीच-बचाव करने वाले युवक पर ही अमानगंज पुलिस ने FIR ठोंक दी है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1