मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कोना गांव में जमीन विवाद को लेकर भारी बवाल मच गया है। बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर कोना गांव के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा के साथ जमीन के विवाद को लेकर मारपीट करने और उन पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ित पर कई राउंड फायरिंग की। घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसमें कुछ लोग मोटरसाइकिल पर भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके शरीर में एक गोली फंसी हुई है, जबकि कुछ गोलियां उनके सिर और कान को छूते हुए निकल गईं। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार जारी है और वायरल वीडियो के बाद इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी तूल पकड़ लिया है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कोना गांव में जमीन विवाद को लेकर भारी बवाल मच गया है। बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर कोना गांव के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा के साथ जमीन के विवाद को लेकर मारपीट करने और उन पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ित पर कई राउंड फायरिंग की। घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसमें कुछ लोग मोटरसाइकिल पर भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके शरीर में एक गोली फंसी हुई है, जबकि कुछ गोलियां उनके सिर और कान को छूते हुए निकल गईं। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार जारी है और वायरल वीडियो के बाद इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी तूल पकड़ लिया है।
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कोना गांव में जमीन विवाद को लेकर भारी बवाल मच गया है। बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर कोना गांव के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा के साथ जमीन के विवाद को लेकर मारपीट करने और उन पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ित पर कई राउंड फायरिंग की। घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसमें कुछ लोग मोटरसाइकिल पर भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके शरीर में एक गोली फंसी हुई है, जबकि कुछ गोलियां उनके सिर और कान को छूते हुए निकल गईं। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार जारी है और वायरल वीडियो के बाद इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी तूल पकड़ लिया है।1
- मैहर के एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' का संदेश दिया है। इस नारे के माध्यम से नशे से दूर रहने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।1
- मैहर के उमरी पैला वार्ड नंबर 21 में चराहा में लोग अपने घरों का कचरा फेंक रहे हैं। इस समस्या का कोई भी हल नहीं निकाला जा पा रहा है।1
- मैहर के खेल मैदान से बुधवार को "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" विशेष जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित होने वाले इस अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में पुलिस अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर समाज को नशामुक्त करने का संदेश दिया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और स्वस्थ व सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की गई। रैली के दौरान अधिकारियों ने युवाओं और विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। मैहर जिले में इस अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के समन्वय से किया जा रहा है। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था की कमान खुद यातायात प्रभारी विक्रम पाठक ने अपनी टीम के साथ संभाल रखी थी। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता, विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना है, ताकि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत आने वाले दिनों में जिलेभर में विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।4
- मैहर में आगामी 16 जुलाई 2026, गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएगी। इस भव्य धार्मिक आयोजन को लेकर भगवान जगन्नाथ मंदिर के महंत श्री विजय महाराज ने समस्त नगरवासियों से सपरिवार रथ यात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ उठाने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने की विशेष अपील की है। इस भव्य रथ यात्रा का आयोजन बड़ा अखाड़ा, फलाहारी आश्रम के संत पूज्य 1008 श्री सीतावल्लभ शरण जी महाराज के सान्निध्य एवं महंत श्री विजय महाराज के मार्गदर्शन में सकल हिंदू महासभा, मैहर के तत्वावधान में संपन्न होगा। आयोजकों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रथ यात्रा का शुभारंभ 16 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे बड़ा अखाड़ा से होगा। यहाँ से शुरू होकर यह यात्रा किला चौक, पुरानी बस्ती, रंगलाल चौराहा, शारदा टॉकीज, घंटाघर, कटरा बाजार और काली माता चौक जैसे नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए हनुमानपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के जयघोष, मधुर भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा मैहर नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए नगर के अनेक प्रमुख सहयोगी और श्रद्धालु सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इनमें अनुपम सोनी, देवेंद्र पांडे, सत्यभान सिंह, संतोष सोनी, महेश दरयानी, मिथिलेश गुप्ता, महेश तिवारी, सुरेश तिवारी, विनय त्रिपाठी, दादू भैया, सूर्य प्रकाश चौरसिया, सुरेंद्र सिंह, शिव चौरसिया, गगन गुप्ता, कमलेश सोनी, गुड्डू सोनी, श्रीमती डॉली गुप्ता, श्रीमती संगीता सोनी, श्रीमती भक्ति शर्मा, श्रीमती संध्या रानी वर्मा, श्रीमती दीपिका शर्मा, इंदु श्रीवास्तव, श्रीमती जयंती महेश तिवारी, सुषमा अरजीरिया, उर्मिला पांडे, साला द्विवेदी, सृष्टि सोनी, शंकर धर पयासी, रोहित चौरसिया, मोहन गोकलानी, कैलाश लालवानी, राजेश गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता, वार्ड-24 के पार्षद पवन दुबे, संजय जैन, विजय वर्मा, अरविंद गुप्ता, जितेंद्र पांडे, विजय आबादिया, सुभाष चौरसिया, विनोद खटीक, हरिशचंद्र गुप्ता तथा अजय सोनी सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु शामिल रहेंगे।1
- वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी अनिल कुशवाहा ने रीवा जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर देऊर कोठार की यात्रा के बाद इसके गौरवशाली इतिहास और वर्तमान उपेक्षा पर अपने विचार साझा किए हैं। रीवा शहर से लगभग 64 किलोमीटर दूर विंध्य की वादियों में स्थित यह स्थान भगवान बुद्ध की करुणा, शांति और भारतीय सभ्यता के इतिहास का जीवंत प्रमाण है। यहाँ हजारों वर्ष पुराने स्तूपों के बीच ज्ञान, ध्यान और मानवता के संदेश की खामोश गूंज महसूस की जा सकती है। इस स्थल की पहचान वर्ष 1982 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पुरातत्वविद् डॉ. पी. के. मिश्रा द्वारा की गई थी। इसके बाद हुए उत्खनन में यहाँ से प्राचीन स्तूप, विहार, ब्राह्मी अभिलेख, गुफाएं और कई अन्य महत्वपूर्ण अवशेष मिले थे। इन अवशेषों ने यह पूरी तरह सिद्ध किया है कि देऊर कोठार प्राचीन भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र रहा है। अत्यंत दुख की बात यह है कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होने के बावजूद इस अनमोल विरासत को जानने वाले लोग आज भी बहुत कम हैं और इसे वह प्रसिद्धि नहीं मिल सकी जिसकी यह हकदार है। विंध्यवासियों और इतिहास प्रेमियों से अपील की गई है कि वे अपने परिवार के साथ यहाँ जरूर आएं और इस विश्वस्तरीय ऐतिहासिक धरोहर को महसूस करें। लेखक ने इस धरोहर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए 'जय भीम, जय भारत' और 'बुद्धं शरणं गच्छामि' के संकल्प के साथ अपनी बात समाप्त की है।4
- मध्य प्रदेश के रीवा को एक बार फिर बड़ी सौगात मिली है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा के रेड क्रॉस सोसायटी में नवीनतम कृत्रिम अंग निर्माण इकाई का शुभारंभ किया है। इस इकाई के शुरू होने से अब विकलांग लोगों को बिना किसी विलंब के यहीं से आसानी से कृत्रिम अंग उपलब्ध हो सकेंगे। इससे पहले तक कृत्रिम अंग हासिल करने के लिए जयपुर की एक संस्था पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसके कारण कृत्रिम अंग मिलने में देरी होती थी। अब रीवा रेड क्रॉस सोसायटी आत्मनिर्भर बनकर न केवल रीवा, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के दिव्यांग लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराएगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगी।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कौड़ा गांव में हाल ही में हुए विवाद और गोलीकांड के मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा बयान जारी किया है। महाराज ने स्पष्ट रूप से अपने भाई शालिग्राम गर्ग से अपना पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने साफ कहा कि शालिग्राम से उनका कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक नाता नहीं है और वे तीन साल पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि उनके लिए पूरा संसार ही उनका परिवार है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई का समर्थन करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यदि शालिग्राम इस विवाद में दोषी पाए जाते हैं, तो कानून को उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून का पूरी तरह सम्मान करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की है कि किसी भी स्थानीय घटना के साथ उनका नाम न जोड़ा जाए, क्योंकि गांव और परिवार बड़ा होने के कारण हर किसी के कृत्य से उनका संबंध नहीं है।1