बंद घर में ताला तोड़कर दिनदहाड़े चोरी जेवरात और नगदी ले उड़े चोर बाढ़ शहर के काजीचक स्थित हनुमान मार्केट के सामने एक बंद घर को चोरों ने एक बार फिर निशाना बनाया। दिनदहाड़े हुई इस चोरी की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है। चोर घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और हजारों-लाखों रुपये मूल्य के जेवर, नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पीड़िता सविता देवी ने बताया कि वह NTPC में काम करने गई थीं, जबकि उनकी बेटी और दामाद घर में ताला लगाकर दवा लेने के लिए बाजार गए थे। इसी दौरान करीब सुबह 11 बजे चोरों ने सूने घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर के अंदर रखे ट्रंक और बक्सों के ताले भी तोड़ दिए। उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर, कांसे के बर्तन और करीब 40 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि बक्से में रखे जमीन के कागजात भी ले गए। वारदात के बाद चोरों ने घर का सामान और कपड़े भी बिखेर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के साथ-साथ चोरों की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बंद घर में ताला तोड़कर दिनदहाड़े चोरी जेवरात और नगदी ले उड़े चोर बाढ़ शहर के काजीचक स्थित हनुमान मार्केट के सामने एक बंद घर को चोरों ने एक बार फिर निशाना बनाया। दिनदहाड़े हुई इस चोरी की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है। चोर घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और हजारों-लाखों रुपये मूल्य के जेवर, नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पीड़िता सविता देवी ने बताया कि वह NTPC में काम करने गई थीं, जबकि उनकी बेटी और दामाद घर में ताला लगाकर दवा लेने के लिए बाजार गए थे। इसी दौरान करीब सुबह 11 बजे चोरों ने सूने घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर के अंदर रखे ट्रंक और बक्सों के ताले भी तोड़ दिए। उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर, कांसे के बर्तन और करीब 40 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि बक्से में रखे जमीन के कागजात भी ले गए। वारदात के बाद चोरों ने घर का सामान और कपड़े भी बिखेर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के साथ-साथ चोरों की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
- दरभंगा में सुप्रिया श्रीनेत का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोलीं— "देश से माफी मांगिए, देश को नहीं"1
- मध्य-पूर्व में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा! अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर | गाजा में शांति की नई पहल मध्य-पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट और गाजा में शांति वार्ता की नई कोशिशों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। क्या यह तनाव बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है? इसका भारत और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है? जानिए इस वीडियो में पूरी और ताज़ा जानकारी। 👉 वीडियो देखें, अपनी राय कमेंट में लिखें और खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।1
- जमीन नापी करने समस्तीपुर जिले के,खानपुर अंचल क्षेत्र के, कानूविशनपुर पंचायत अंतर्गत रैनी गाँव के वार्ड 15 में पहुंचे अंचल अमिन ने, परिमारजीन के नाम पर लिया ₹5000/= घूस.1
- अपने 'साहब' को विदा करते वक्त छलक पड़े जवानों के जज़्बात, मोकामाघाट सीआरपीएफ़ में भावुक कर देने वाला नज़ारा शनिवार की शाम मोकामाघाट स्थित सीआरपीएफ़ ग्रुप सेंटर भावनाओं से सराबोर हो गया। सेवानिवृत्त डीआईजी रविंद्र भगत जब अपने सरकारी आवास से अंतिम विदाई लेकर रवाना हुए, तो पूरा परिसर "डीआईजी साहब की जय" के नारों से गूंज उठा। हर ओर सम्मान, अपनापन और बिछड़ने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। कई जवानों की आंखें नम थीं, क्योंकि वे अपने ऐसे अधिकारी को विदा कर रहे थे, जिन्हें वे सिर्फ कमांडर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानते थे। अपने अंतिम प्रस्थान से पहले डीआईजी रविंद्र भगत पीर बाबा की मजार पहुंचे, जहां उन्होंने चादर चढ़ाकर देशभर में तैनात सीआरपीएफ़ जवानों की सुरक्षा, सुख-शांति और कुशलता की दुआ मांगी। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकाल में निर्मित मां शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। ग्रुप सेंटर के मुख्य द्वार पर उन्होंने एक ऐसा कार्य किया जिसने उनकी संवेदनशील सोच को फिर से सबके सामने ला दिया। उन्होंने तीन स्थानीय युवाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने एक सड़क दुर्घटना में बिना किसी परिचय के घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई थी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और ऐसे लोगों का सम्मान पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। विदाई के सबसे भावुक क्षण में जवानों ने अपने प्रिय अधिकारी को गाड़ी में बैठाया और फूलों की वर्षा कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया। इस दौरान कई जवान अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। एक जवान ने भावुक होकर कहा, "सर के जाने से ऐसा लग रहा है जैसे परिवार का कोई सदस्य हमसे दूर जा रहा हो।" जैसे-जैसे उनका काफिला आगे बढ़ा, कैंप परिसर में रहने वाले जवानों और उनके परिवारों ने रास्ते भर खड़े होकर हाथ हिलाकर, फूल बरसाकर और शुभकामनाएं देकर उन्हें विदाई दी। हर कोई उस अधिकारी को अपने अंदाज में सम्मान देना चाहता था, जिसने अपने कार्यकाल में अनुशासन के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं की भी मिसाल कायम की। यह विदाई केवल एक अधिकारी की रवानगी नहीं थी, बल्कि विश्वास, सम्मान और आत्मीयता से बने एक गहरे रिश्ते की भावुक विदाई थी। मोकामाघाट सीआरपीएफ़ की यह शाम वहां मौजूद हर व्यक्ति की यादों में लंबे समय तक जीवित रहेगी।1
- स्कूल के खंडहर भवन में कुदाल चला रहे बच्चे, पंखा झल रही स्कूल प्रभारी और शिक्षिका के सामने बेंच हटा रहे बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय रबाईच में बच्चें के द्वारा कुदाल लेकर जर्जर बिल्डिंग का मलबा हटाए जाने का विडियो सामने आने के बाद हंगामा मच गया है। लगभग दो सप्ताह पहले ही स्कूल भवन का छत भरभराकर गिर गया था। गनीमत थी कि उस समय स्कूल की छत पर कोई बच्चा मौजूद नहीं था। स्कूल का मलबा कई दिनों से छत पर बिखरा पड़ा था। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के हाथ में फावड़ा और झाड़ू देकर उन्हें स्कूल का मलबा हटाने का निर्देश दिया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्कूल की कुछ महिला शिक्षिका गर्मी से बेहाल पंखा झल रही हैं, वहीं उनके सामने बच्चे जर्जर छत के नीचे से फावड़ा चलाकर मलबा हटा रहे हैं। इस दौरान कुछ बच्चे गिरे हुए छत के नीचे से बेंच बाहर निकालते भी देखे गए। स्कूल भवन की स्थिति इतनी भयावह है कि उसके नीचे खड़े होने में कभी भी उसके गिर जाने का खतरा बना रहता है। वहीं स्कूल प्रभारी सिमरन कुमारी ने बताया कि बच्चों के हाथ में कुछ लोगों ने जबरदस्ती फावड़ा थमाकर वीडियो बना लिया है। कुछ दिनों पहले स्कूल भवन की जर्जर छत गिर जाने के बाद अब सीढ़ी पर बेंच लगाकर बच्चों को ऊपर जाने से रोक दिया गया है। लेकिन स्कूल का खंडहर भवन कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। स्कूल प्रभारी के कई बार विभाग में आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुआ है। वहीं नगर परिषद प्रशासन केवल स्कूल की जर्जर बिल्डिंग का रंग रोगन कर अपनी नाकामी छिपाने के प्रयास में जुटा है। वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सचिन कुमार स्कूल की ओर से दलील देते रहे और मामले में प्रभारी का वचाव करते दिखे। उन्होंने मामले को लेकर वयान देने से इनकार कर दिया। स्कूल के बगल की महिला दीप्ति ने बताया कि उनके भाई ने बच्चों के काम करने का वीडियो बनाया है, जहां स्कूल के जर्जर छत गिरने के बाद बच्चों से मलबा हटवाया जा रहा था। वही बेंच भी बच्चों से ही निकलवाया गया और प्रभारी पंखा झल रही थी, बच्चे यहां पढ़ने आते हैं लेकिन उनसे अक्सर इस तरह का कार्य करवाया जाता है। दिन के लगभग 11:00 बजे वह अपने किचन जा रही थी तभी उन्होंने देखा कि बच्चे कुणाल चला रहे हैं। तभी उनके भाई ने वीडियो बनाया।1
- बाढ़ की बेटी नेहा सिंह का सेवा संकल्प जारी, लगातार दूसरे वर्ष शिवभक्तों के लिए निःशुल्क एसी बस सेवा शुरू बाढ़ से एक बार फिर सेवा और श्रद्धा की मिसाल देखने को मिली है। सावन के पावन अवसर पर बाढ़ की बेटी नेहा सिंह और रामलक्ष फाउंडेशन ने लगातार दूसरे वर्ष शिवभक्तों के लिए बाढ़ से सुल्तानगंज तक निःशुल्क एसी बस सेवा की शुरुआत की है। इस सेवा का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को बिना किसी शुल्क के बाबा धाम यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है। लक्ष्मी निवास, कोर्ट एरिया स्थित आवास से वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद नेहा सिंह ने नारियल फोड़कर और बाबा भोलेनाथ का ध्वज दिखाकर बस को रवाना किया। इस दौरान पूरा परिसर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से गूंज उठा। रवाना होने से पहले नेहा सिंह स्वयं बस में पहुंचीं और श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और सभी आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बस में मेडिकल किट, प्राथमिक उपचार, फल, भोजन, पेयजल सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। नेहा सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि कोई भी श्रद्धालु आर्थिक तंगी के कारण बाबा भोलेनाथ के दर्शन से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बाबा का आशीर्वाद रहा तो यह सेवा आगे भी लगातार जारी रहेगी। इस अवसर पर बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज सेवा, मानवता और धार्मिक आस्था का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। लगातार दूसरे वर्ष संचालित यह निःशुल्क एसी बस सेवा अब केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं के विश्वास और सेवा भाव का प्रतीक बन चुकी है।1
- समस्तीपुर पुलिस का एक्शन, इस्तिहारी मुजरिम समेत कोर्ट वारंटी गिरफ्तार समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक इस्तिहारी मुजरिम और एक कोर्ट वारंटी को गिरफ्तार किया है। थाना अध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार इस्तिहारी मुजरिम मटिऔर गांव निवासी सुजिन्दर राय के 42 वर्षीय पुत्र रणधीर कुमार हैं, जबकि कोर्ट वारंटी धर्मपुर गांव निवासी जितेश कुमार के 26 वर्षीय पुत्र मंटू राय हैं। दोनों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।1