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आज दिनांक 11-03-2026 को सोनबरसा थाना कांड संख्या-412/24 (हत्या से संबंधित मामले) में लंबे समय से फरार अभियुक्त प्रवचन साह सा0- रजवाड़ा थाना सोनबरसा के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई।

2 hrs ago
user_Expose sitamarhi
Expose sitamarhi
Local News Reporter डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
2 hrs ago

आज दिनांक 11-03-2026 को सोनबरसा थाना कांड संख्या-412/24 (हत्या से संबंधित मामले) में लंबे समय से फरार अभियुक्त प्रवचन साह सा0- रजवाड़ा थाना सोनबरसा के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई।

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  • सोनबरसा के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई।
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    सोनबरसा के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई।
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
    2 hrs ago
  • छठ पूजा नहाए खाय🙏🙏
    1
    छठ पूजा नहाए खाय🙏🙏
    user_Aaj Sirsi Live
    Aaj Sirsi Live
    नानपुर, सीतामढ़ी, बिहार•
    13 hrs ago
  • (मनीष साह अनुमंडल ब्यूरो चीफ सन ऑफ इंडिया दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण) मोतिहारी 11 मार्च 2026 मोतिहारी:-जितेन्द्र तिवारी नेता आपन माटी आपन पार्टी स्थानः सुगौली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि पूर्वी चंपारण जिले में कार्यरत पुलिस अधीक्षक पूर्वी चंपारण मोतिहारी एवं जिला अधिकारी मोतिहारी के कुछ कारनामे मीडिया के माध्यम से जनता के बीच रखने का कार्य किया है। जितेंद्र तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए लिखा है कि स्वर्ण प्रभात Vs दागी अफसर और एक रहस्यमयी डील।बिहार में शीर्ष अधिकारियों (SP और DM) का महाघोटालाःजनता के पैसों की लूट और सरकारी सिस्टम का खुला दुरुपयोग बिहार में तैनात दो शीर्ष अधिकारियों-IPS स्वर्ण प्रभात (वर्तमान SP, पूर्वी चंपारण) और IAS प्रतिभा रानी (वर्तमान DM, शिवहर)-से जुड़े एक बेहद गंभीर और ₹2.35 करोड़ से अधिक के संदिग्ध वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। यह मामला सिर्फ एक विभागीय भ्रष्टाचार का नहीं है,बल्कि इसका सीधा असर आम जनता के पैसों, बैंकिंग सिस्टम और न्याय व्यवस्था पर पड़ता है।जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:फर्जी भू-माफिया लिस्ट के नाम पर करोड़ों की वसूलीः वर्दी की आड़ में वसूली का नया धंधा चल रहा है। पहले लोगों को फर्जी 'भू-माफिया' लिस्ट में डालकर डराया जाता है, और फिर करोड़ों की काली कमाई (लूट) करने के बाद रातों-रात उनका नाम उस लिस्ट से काट दिया जाता है। 'आपन माटी आपन पार्टी' सीधा सवाल पूछती है- अगर वो लोग भू-माफिया नहीं थे, तो उनका नाम लिस्ट में जोड़ा क्यों गया? और अगर वे सच में माफिया थे, तो किस 'रहस्यमयी डील' के तहत उनका नाम काट दिया गया।तमगे की भूख और भ्रामक पीआर (PR) का खेलः अपनी नाकामी और काले कारनामों को छिपाने के लिए छोटी-छोटी घटनाओं को भी पीआर स्टंट के जरिए बड़ा और भ्रामक बनाकर पेश करने का इन्हें चस्का लगा हुआ है। सिर्फ सरकार से तमगा (Medal) बटोरने और मीडिया में अपनी झूठी छवि चमकाने के लिए ये रोज़ जनता की आँखों में धूल झोंक रहे हैं।ज़मीन की नाप और कीमत में बड़ा फर्जीवाड़ा (3) क‌ट्ठा बनाम 3000 Sq Ft): जिस ज़मीन (फतुहा प्लॉट) को दागी अफसर आदित्य कुमार अपने संपत्ति विवरण (IPR) में 4,084 Sq Ft (लगभग 3 कट्ठा) बता रहे थे, उसी जमीन को 'साहब' (IPS स्वर्ण प्रभात) ने अपने । PR में रातों-रात 3,000 Sq Ft का कर दिया। बीच का 1,084 Sq Ft कहाँ गायब हो गया? इतना ही नहीं, बिना किसी भौतिक विकास के उस ज़मीन की कीमत को दोगुना (₹20 लाख की रियल वैल्यू से ₹40 लाख) दिखाकर 27 जुलाई 2022 को आदित्य कुमार को रहस्यमयी तरीके से पेमेंट किया गया। यह साफ तौर पर ब्लैक मनी को व्हाइट करने (Money Laundering) का खुला खेल है। ज़मीन की रसीद और पोर्टल पर मालिकाना हक का बड़ा फर्जीवाड़ाः बिहार भूमि पोर्टल (जमाबंदी पंजी) के अनुसार, फतुहा वाले विवादित प्लॉट (खाता 73, खेसरा 456) का मालिकाना हक 'आइ सी एस को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसिसिटी लिमिटेड पटना (पिता-संजय कुमार) के नाम पर दर्ज है। दूसरी तरफ दागी IPS आदित्य कुमार ने अपने संपत्ति विवरण (IPR) में इसे अपना बताया था, और अब IPS स्वर्ण प्रभात इसे अपनी संपत्ति बता रहे हैं। एक ही ज़मीन के 3 अलग-अलग मालिक कैसे हो सकते हैं? आम जनता अपनी ज़मीन के कागज़ात ठीक कराने में पिस जाती है, लेकिन यहाँ शीर्ष अधिकारी बिना कोऑपरेटिव बोर्ड की अनुमति के सोसाइटी की ज़मीन का अवैध ट्रांसफर कर रहे हैं।सार्वजनिक धन (Public Money) का बैंक फ्रॉडः IPS स्वर्ण प्रभात ने फतुहा में इसी 'काल्पनिक प्लॉट पर किसी बैंक से ₹36 लाख का लोन लिया है, लोन देने वाले का कोई विवरण नहीं दिया गया और ये पैसा आदित्य कुमार के SBI Ac-20068455190 में ट्रांसफर किया गया जिसका बिहार भूमि पोर्टल पर कुल रकबा (Area) शून्य (0) है। बिना रजिस्ट्रेशन और जीरो एरिया वाली संपत्ति पर लोन मिलना RBI के नियमों का सीधा उल्लंघन है और यह आम जनता के बैंकिंग सिस्टम के साथ एक बड़ा धोखा है।जब SUV टीम ने रेड डाली तब इसी प्लॉट का नाम खुला ये एक बेनामी संपत्ति थीं और इसकी जांच में साहब का नाम तक नहीं आया? क्यों?भ्रष्ट पुलिस सिंडिकेटः यह ₹36 लाख का लोन सीधे दागी अफसर आदित्य कुमार के बैंक खाते में गया था। आदित्य कुमार वही IPS अधिकारी हैं जिन पर शराब माफियाओं को बचाने के आरोप में FIR (33/2022) दर्ज हुई थी। FIR दर्ज होने से मात्र 79 दिन पहले दोगुने दाम (₹40 लाख) में यह लेन-देन हुआ था।सरकारी डेटा और पोर्टल से खिलवाडः आम जनता को जमीन के एक छोटे से म्यूटेशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जबकि शीर्ष अधिकारियों ने लगातार 4 साल (2022 से 2026) से एक संपत्ति को अपने संपत्ति विवरण (IPR) में 'Under Process' दिखा रखा है। इस संपत्ति की कोई सेल डीड या म्यूटेशन बिहार भूमि पोर्टल पर मौजूद नहीं है।अघोषित वित्तीय निवेश और ₹1.55 करोड़ का गायब होनाः नियम के अनुसार ₹50,000 से ऊपर का हर निवेश IPR में घोषित करना अनिवार्य है। स्वर्ण प्रभात सार्वजनिक तौर पर 'Smallcap Investor' होने का दावा करते हैं और शेयर बाजार (जैसे Burger King/JTLIND) में ₹155 प्रति शेयर के हिसाब से निवेश की बातें स्वीकार करते हैं, लेकिन IPR में यह जानकारी पूरी तरह से गायब है। इसके अलावा, वर्ष 2021 के IPR में घोषित ₹1.55 करोड़ की संपत्तियां 2022 के IPR से अचानक बिना किसी हिसाब के गायब हो गई।सिस्टम का दोहरा मापदंड (Hypocrisy): शिवहर की मौजूदा DM IAS प्रतिभा रानी ने जनवरी 2026 में एक राजस्व अधिकारी को जमीन के म्यूटेशन में रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किया। दूसरी ओर, वह खुद पिछले 5 वर्षों (2020-2024) से अपने IPR में अपने वेतन (Pay) का कॉलम खाली छोड़ रही हैं और 6 साल से अपनी ₹50 लाख की संपत्ति (गुंटूर, AP) से शून्य (NIL) आय दिखा रही हैं।यह दस्तावेजी साक्ष्य साबित करते हैं कि भ्रष्ट अधिकारी 'Dual Jurisdiction' (बिहार और आंध्र प्रदेश कैडर) की आड में अपने रसूख का इस्तेमाल कर व्यवस्था को धोखा दे रहे हैं। 'आपन माटी आपन पार्टी' इस मामले की तुरंत ED, CBI और SVU दद्वारा निष्पक्ष जांच की मांग करती है।
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    (मनीष साह अनुमंडल ब्यूरो चीफ सन ऑफ इंडिया दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण)
मोतिहारी 11 मार्च 2026
मोतिहारी:-जितेन्द्र तिवारी नेता आपन माटी आपन पार्टी स्थानः सुगौली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि पूर्वी चंपारण जिले में कार्यरत पुलिस अधीक्षक पूर्वी चंपारण मोतिहारी एवं जिला अधिकारी मोतिहारी के कुछ कारनामे मीडिया के माध्यम से जनता के बीच रखने का कार्य किया है।
जितेंद्र तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए लिखा है कि स्वर्ण प्रभात Vs दागी अफसर और एक रहस्यमयी डील।बिहार में शीर्ष अधिकारियों (SP और DM) का महाघोटालाःजनता के पैसों की लूट और सरकारी सिस्टम का खुला दुरुपयोग बिहार में तैनात दो शीर्ष अधिकारियों-IPS स्वर्ण प्रभात (वर्तमान SP, पूर्वी चंपारण) और IAS प्रतिभा रानी (वर्तमान DM, शिवहर)-से जुड़े एक बेहद गंभीर और ₹2.35 करोड़ से अधिक के संदिग्ध वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। यह मामला सिर्फ एक विभागीय भ्रष्टाचार का नहीं है,बल्कि इसका सीधा असर आम जनता के पैसों, बैंकिंग सिस्टम और न्याय व्यवस्था पर पड़ता है।जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:फर्जी भू-माफिया लिस्ट के नाम पर करोड़ों की वसूलीः वर्दी की आड़ में वसूली का नया धंधा चल रहा है। पहले लोगों को फर्जी 'भू-माफिया' लिस्ट में डालकर डराया जाता है, और फिर करोड़ों की काली कमाई (लूट) करने के बाद रातों-रात उनका नाम उस लिस्ट से काट दिया जाता है। 'आपन माटी आपन पार्टी' सीधा सवाल पूछती है- अगर वो लोग भू-माफिया नहीं थे, तो उनका नाम लिस्ट में जोड़ा क्यों गया? और अगर वे सच में माफिया थे, तो किस 'रहस्यमयी डील' के तहत उनका नाम काट दिया गया।तमगे की भूख और भ्रामक पीआर (PR) का खेलः अपनी नाकामी और काले कारनामों को छिपाने के लिए छोटी-छोटी घटनाओं को भी पीआर स्टंट के जरिए बड़ा और भ्रामक बनाकर पेश करने का इन्हें चस्का लगा हुआ है। सिर्फ सरकार से तमगा (Medal) बटोरने और मीडिया में अपनी झूठी छवि चमकाने के लिए ये रोज़ जनता की आँखों में धूल झोंक रहे हैं।ज़मीन की नाप और कीमत में बड़ा फर्जीवाड़ा (3) क‌ट्ठा बनाम 3000 Sq Ft): जिस ज़मीन (फतुहा प्लॉट) को दागी अफसर आदित्य कुमार अपने संपत्ति विवरण (IPR) में 4,084 Sq Ft (लगभग 3 कट्ठा) बता रहे थे, उसी जमीन को 'साहब' (IPS स्वर्ण प्रभात) ने अपने । PR में रातों-रात 3,000 Sq Ft का कर दिया। बीच का 1,084 Sq Ft कहाँ गायब हो गया? इतना ही नहीं, बिना किसी भौतिक विकास के उस ज़मीन की कीमत को दोगुना (₹20 लाख की रियल वैल्यू से ₹40 लाख) दिखाकर 27 जुलाई 2022 को आदित्य कुमार को रहस्यमयी तरीके से पेमेंट किया गया। यह साफ तौर पर ब्लैक मनी को व्हाइट करने (Money Laundering) का खुला खेल है।
ज़मीन की रसीद और पोर्टल पर मालिकाना हक का बड़ा फर्जीवाड़ाः बिहार भूमि पोर्टल (जमाबंदी पंजी) के अनुसार, फतुहा वाले विवादित प्लॉट (खाता 73, खेसरा 456) का मालिकाना हक 'आइ सी एस को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसिसिटी लिमिटेड पटना (पिता-संजय कुमार) के नाम पर दर्ज है। दूसरी तरफ दागी IPS आदित्य कुमार ने अपने संपत्ति विवरण (IPR) में इसे अपना बताया था, और अब IPS स्वर्ण प्रभात इसे अपनी संपत्ति बता रहे हैं। एक ही ज़मीन के 3 अलग-अलग मालिक कैसे हो सकते हैं? आम जनता अपनी ज़मीन के कागज़ात ठीक कराने में पिस जाती है, लेकिन यहाँ शीर्ष अधिकारी बिना कोऑपरेटिव बोर्ड की अनुमति के सोसाइटी की ज़मीन का अवैध ट्रांसफर कर रहे हैं।सार्वजनिक धन (Public Money) का बैंक फ्रॉडः IPS स्वर्ण प्रभात ने फतुहा में इसी 'काल्पनिक प्लॉट पर किसी बैंक से ₹36 लाख का लोन लिया है, लोन देने वाले का कोई विवरण नहीं दिया गया और ये पैसा आदित्य कुमार के SBI Ac-20068455190 में ट्रांसफर किया गया जिसका बिहार भूमि पोर्टल पर कुल रकबा (Area) शून्य (0) है। बिना रजिस्ट्रेशन और जीरो एरिया वाली संपत्ति पर लोन मिलना RBI के नियमों का सीधा उल्लंघन है और यह आम जनता के बैंकिंग सिस्टम के साथ एक बड़ा धोखा है।जब SUV टीम ने रेड डाली तब इसी प्लॉट का नाम खुला ये एक बेनामी संपत्ति थीं और इसकी जांच में साहब का नाम तक नहीं आया? क्यों?भ्रष्ट पुलिस सिंडिकेटः यह ₹36 लाख का लोन सीधे दागी अफसर आदित्य कुमार के बैंक खाते में गया था। आदित्य कुमार वही IPS अधिकारी हैं जिन पर शराब माफियाओं को बचाने के आरोप में FIR (33/2022) दर्ज हुई थी। FIR दर्ज होने से मात्र 79 दिन पहले दोगुने दाम (₹40 लाख) में यह लेन-देन हुआ था।सरकारी डेटा और पोर्टल से खिलवाडः आम जनता को जमीन के एक छोटे से म्यूटेशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जबकि शीर्ष अधिकारियों ने लगातार 4 साल (2022 से 2026) से एक संपत्ति को अपने संपत्ति विवरण (IPR) में 'Under Process' दिखा रखा है। इस संपत्ति की कोई सेल डीड या म्यूटेशन बिहार भूमि पोर्टल पर मौजूद नहीं है।अघोषित वित्तीय निवेश और ₹1.55 करोड़ का गायब होनाः नियम के अनुसार ₹50,000 से ऊपर का हर निवेश IPR में घोषित करना अनिवार्य है। स्वर्ण प्रभात सार्वजनिक तौर पर 'Smallcap Investor' होने का दावा करते हैं और शेयर बाजार (जैसे Burger King/JTLIND) में ₹155 प्रति शेयर के हिसाब से निवेश की बातें स्वीकार करते हैं, लेकिन IPR में यह जानकारी पूरी तरह से गायब है। इसके अलावा, वर्ष 2021 के IPR में घोषित ₹1.55 करोड़ की संपत्तियां 2022 के IPR से अचानक बिना किसी हिसाब के गायब हो गई।सिस्टम का दोहरा मापदंड (Hypocrisy): शिवहर की मौजूदा DM IAS प्रतिभा रानी ने जनवरी 2026 में एक राजस्व अधिकारी को जमीन के म्यूटेशन में रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किया। दूसरी ओर, वह खुद पिछले 5 वर्षों (2020-2024) से अपने IPR में अपने वेतन (Pay) का कॉलम खाली छोड़ रही हैं और 6 साल से अपनी ₹50 लाख की संपत्ति (गुंटूर, AP) से शून्य (NIL) आय दिखा रही हैं।यह दस्तावेजी साक्ष्य साबित करते हैं कि भ्रष्ट अधिकारी 'Dual Jurisdiction' (बिहार और आंध्र प्रदेश कैडर) की आड में अपने रसूख का इस्तेमाल कर व्यवस्था को धोखा दे रहे हैं। 'आपन माटी आपन पार्टी' इस मामले की तुरंत ED, CBI और SVU दद्वारा निष्पक्ष जांच की मांग करती है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • ग्राम पंचायत राज बेरई उत्तरी वार्ड नं 02// कोई भी योग्य पात्र फॉर्म भर सकते है
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    ग्राम पंचायत राज बेरई उत्तरी वार्ड नं 02// कोई भी योग्य पात्र फॉर्म भर सकते है
    user_MD Naaz
    MD Naaz
    Political party office कटरा, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    12 hrs ago
  • बासोपट्टी में संगीतमयी राम कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, विधायक माधव आनंद व मेयर अरुण राय हुए शामिल #BreakingNews #BREAKING
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    बासोपट्टी में संगीतमयी राम कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, विधायक माधव आनंद व मेयर अरुण राय हुए शामिल
#BreakingNews #BREAKING
    user_Basopatti Tak
    Basopatti Tak
    Advertising agency बसोपट्टी, मधुबनी, बिहार•
    13 hrs ago
  • Post by Vishwanath Sahni
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    Post by Vishwanath Sahni
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    18 hrs ago
  • मधुबनी: राजस्व कर्मियों का आंदोलन लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मियों ने बुधवार को मधुबनी समाहरणालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। धरना पर बैठे कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे और प्रशासन से वार्ता कर समस्या के समाधान की मांग की।
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    मधुबनी: राजस्व कर्मियों का आंदोलन लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मियों ने बुधवार को मधुबनी समाहरणालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
धरना पर बैठे कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे और प्रशासन से वार्ता कर समस्या के समाधान की मांग की।
    user_Prabhat Times Madhubani
    Prabhat Times Madhubani
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    1 hr ago
  • साह सा0- रजवाड़ा थाना सोनबरसा के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई।
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    साह सा0- रजवाड़ा थाना सोनबरसा के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत कुर्की अधिपत्र की कार्रवाई विधिवत् रूप से की गई।
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
    2 hrs ago
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