चित्तौड़गढ़ के चिकारड़ा स्थित श्री महावीर गोपाल गौशाला में निराश्रित और असहाय गोवंश की सेवा को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पंजाब से प्रोटीनयुक्त शैलेज से भरा एक टर्बो ट्रक पहुंचा। यह पहल गौशाला अध्यक्ष सौभागमाल छाजेड़ के मार्गदर्शन और संचालक दिनेश अग्रवाल की देखरेख में हुई है, जहाँ गोवंश के पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लंबे समय से वैज्ञानिक पद्धति से संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। गौशाला संचालक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि गौमाताओं को प्रतिदिन सूखी घास, हरे चारे और पंजाब से मंगवाए गए शैलेज का मिश्रण खिलाया जाता है। शैलेज में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होने से गोवंश को आवश्यक पोषण मिलता है। इसके साथ ही, कैल्शियम और अन्य खनिज तत्वों की पूर्ति के लिए आहार के साथ अफगानिस्तान का प्राकृतिक नमक भी दिया जाता है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। क्षेत्र के किसान और ग्रामीण भी बाजरा सहित अन्य हरा चारा लगातार गौशाला भिजवा रहे हैं, जिससे गोवंश को प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल रहे हैं। वर्तमान में गौशाला में लगभग 650 से 700 गोवंश की सेवा की जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे गोवंश की है जिन्होंने पहले प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक सामग्री खा रखी थी। ऐसे पशुओं की नियमित निगरानी के साथ-साथ प्रतिदिन पशु चिकित्सक और वेटरनरी कंपाउंडर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार किया जाता है। बीमार और कमजोर गोवंश के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था भी की गई है। शैलेज ट्रक पहुंचने पर गौशाला पहुंचे ग्रामीणों ने यहां की व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि यह गौशाला स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें गोवंश के लिए अलग-अलग शेड, स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, बरसात से सुरक्षा के लिए मजबूत शेड और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। ग्रामीणों ने अध्यक्ष सौभागमाल छाजेड़, संचालक दिनेश अग्रवाल और पूरी गौशाला टीम की गौसेवा के प्रति समर्पित भावना की प्रशंसा की। गौशाला में तैयार होने वाली देसी जैविक खाद आसपास के किसानों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है, जिससे वे अपने खेतों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रकार, गौशाला गौसेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और रसायनमुक्त खेती को भी नई दिशा दे रही है। गौशाला अध्यक्ष सौभागमाल छाजेड़ के नेतृत्व और संचालक दिनेश अग्रवाल सहित पूरी टीम के सतत प्रयासों से श्री महावीर गोपाल गौशाला केवल निराश्रित गोवंश का आश्रय स्थल ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन, उत्कृष्ट प्रबंधन और अनुकरणीय गौसेवा का प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभर रही है, जिसे क्षेत्र के लोग भी तन, मन और धन से निरंतर सहयोग दे रहे हैं।
चित्तौड़गढ़ के चिकारड़ा स्थित श्री महावीर गोपाल गौशाला में निराश्रित और असहाय गोवंश की सेवा को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पंजाब से प्रोटीनयुक्त शैलेज से भरा एक टर्बो ट्रक पहुंचा। यह पहल गौशाला अध्यक्ष सौभागमाल छाजेड़ के मार्गदर्शन और संचालक दिनेश अग्रवाल की देखरेख में हुई है, जहाँ गोवंश के पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लंबे समय से वैज्ञानिक पद्धति से संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। गौशाला संचालक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि गौमाताओं को प्रतिदिन सूखी घास, हरे चारे और पंजाब से मंगवाए गए शैलेज का मिश्रण खिलाया जाता है। शैलेज में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होने से गोवंश को आवश्यक पोषण मिलता है। इसके साथ ही, कैल्शियम और अन्य खनिज तत्वों की पूर्ति के लिए आहार के साथ अफगानिस्तान का प्राकृतिक नमक भी दिया जाता है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।
क्षेत्र के किसान और ग्रामीण भी बाजरा सहित अन्य हरा चारा लगातार गौशाला भिजवा रहे हैं, जिससे गोवंश को प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल रहे हैं। वर्तमान में गौशाला में लगभग 650 से 700 गोवंश की सेवा की जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे गोवंश की है जिन्होंने पहले प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक सामग्री खा रखी थी। ऐसे पशुओं की नियमित निगरानी के साथ-साथ प्रतिदिन पशु चिकित्सक और वेटरनरी कंपाउंडर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार किया जाता है। बीमार और कमजोर गोवंश के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था भी की गई है। शैलेज ट्रक पहुंचने पर गौशाला पहुंचे ग्रामीणों ने यहां की व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि यह गौशाला स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें गोवंश के लिए अलग-अलग शेड, स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, बरसात से सुरक्षा के
लिए मजबूत शेड और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। ग्रामीणों ने अध्यक्ष सौभागमाल छाजेड़, संचालक दिनेश अग्रवाल और पूरी गौशाला टीम की गौसेवा के प्रति समर्पित भावना की प्रशंसा की। गौशाला में तैयार होने वाली देसी जैविक खाद आसपास के किसानों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है, जिससे वे अपने खेतों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रकार, गौशाला गौसेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और रसायनमुक्त खेती को भी नई दिशा दे रही है। गौशाला अध्यक्ष सौभागमाल छाजेड़ के नेतृत्व और संचालक दिनेश अग्रवाल सहित पूरी टीम के सतत प्रयासों से श्री महावीर गोपाल गौशाला केवल निराश्रित गोवंश का आश्रय स्थल ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन, उत्कृष्ट प्रबंधन और अनुकरणीय गौसेवा का प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभर रही है, जिसे क्षेत्र के लोग भी तन, मन और धन से निरंतर सहयोग दे रहे हैं।
- आज कानोड़ क्षेत्र में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे इलाके में रौनक लौट आई। मूसलाधार बरसात के साथ इंद्रदेव मेहमान बनकर आए, जिसने लोगों में यह भरोसा जगाया है कि उनकी फसल अच्छी होगी।1
- रावतपुरा के स्थानीय बालाजी मित्र मंडल ने जीव दया और गौ सेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक सराहनीय कार्य किया है। मंडल के सदस्यों ने मिलकर स्थानीय गौशाला में रह रही गौ माताओं के आराम और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छह नए पंखे और भारी मात्रा में हरा चारा दान किया। यह पहल विशेष रूप से गर्मियों और उमस भरे मौसम में गौवंश को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। दान किए गए पंखे गौशाला के शेड में लगवाए गए हैं, जिससे गौ माताओं को भीषण गर्मी से निजात मिल सके।2
- उन व्यक्तियों के लिए एक विशेष ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है जो पैसों की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा करने या ज़रूरी काम करने में बाधा महसूस करते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो निजी नौकरी या फैक्ट्री में कार्यरत हैं और जिनकी मासिक आय ₹14,000 या उससे अधिक है। पात्र आवेदक कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिसकी प्रक्रिया बेहद आसान है, जिसमें कम दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, और प्रोसेसिंग भी तेज़ व भरोसेमंद सेवा के साथ की जाती है। पूरे भारत में ऋण सुविधा प्रदान करने वाली इस सेवा से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी के लिए, इच्छुक व्यक्ति 7354573741 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं या इसी नंबर पर WhatsApp के माध्यम से जुड़ सकते हैं। DASPatna से संबंधित जानकारी के लिए भी इसी नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान के तहत, खेरवाड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाली कुल 18 पावर बाइक जब्त कीं। इसके साथ ही, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान के माध्यम से खेरवाड़ा पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी राजीव राहड़ के सुपरविजन में की गई। खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसके दौरान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत इन वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा यह विशेष हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान 02 जुलाई से 16 जुलाई तक चलाया जा रहा है।1
- कमल मीणा चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी हैं, साथ ही वे प्रतापगढ़, राजस्थान से विधायक प्रत्याशी भी हैं। उनसे संपर्क करने के लिए 9660737539 और 9079008107 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।1
- छोटी सादड़ी से जन टीवी संवाददाता अंबालाल सुथार ने जन टीवी के न्यूज़ कोऑर्डिनेटर योगेंद्र कुमार शर्मा को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने योगेंद्र जी शर्मा के लिए ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।2
- धरियावद के राजकीय उपजिला चिकित्सालय के नवीन परिसर में चिकित्सा कर्मियों द्वारा भूमि को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्रमदान एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेन्द्र बागड़िया ने बताया कि चिकित्सालय के नवीन परिसर में प्रतिवर्ष डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कार्मिकों द्वारा पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष परिसर में 151 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 350 नीम, पीपल, अमरूद, नारियल, गिलोय, बरगद, तुलसी, गुलाब सहित विभिन्न प्रजातियों के उपयोगी एवं औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगाए जा चुके हैं। चिकित्सा स्टाफ और डॉक्टर समय-समय पर इन पौधों की देखरेख एवं सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सालय का नवीन परिसर विकसित, आकर्षक एवं मनमोहक स्वरूप ग्रहण कर रहा है। अस्पताल परिसर में पेड़-पौधों की मौजूदगी को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। इस अवसर पर डॉ. बागड़िया ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. जैन, डॉ. दिग्विजय सिंह, नर्सिंग अधीक्षक कमलेश कोठारी सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं कार्मिकों का इस पुनीत कार्य में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।1
- उदयपुर जिले के खेता खेड़ा गांव में एक सरकारी टीचर द्वारा आम रास्ते और आबादी की जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। बताया गया है कि टीचर ने सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित रास्ते के साथ-साथ आवासीय भूमि पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस अवैध कब्जे के खिलाफ संबंधित विभागों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत तहसीलदार, पंचायत और पुलिस थाने में की थी, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आरोप है कि प्रशासन इस मामले पर ध्यान नहीं दे रहा है और उल्टे सरकारी टीचर का ही पक्ष ले रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़ितों ने इस सूचना को आगे से आगे सरकार तक पहुंचाने की अपील की है ताकि इस अवैध कब्जे का समाधान हो सके।4