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सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके इंद्रा गांधी एयरपोर्ट जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने पहुँचे हैं। इस दौरान, वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। यह जानकारी क्राइम इंडिया न्यूज़ के सौरभ द्वारा उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के बहोरनपुर गाँव से दी गई है।
Saurabh Singh crime India news
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके इंद्रा गांधी एयरपोर्ट जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने पहुँचे हैं। इस दौरान, वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। यह जानकारी क्राइम इंडिया न्यूज़ के सौरभ द्वारा उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के बहोरनपुर गाँव से दी गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- एटा पुलिस ने जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने चोरी की घटना में सामने आए एक अभियुक्त को चोरी की गई साइकिल और क्राकरी के सामान सहित गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक एटा के निकट पर्यवेक्षण में हुई। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने थाना कोतवाली नगर में पंजीकृत मु0अ0सं0-237/2026, धारा 305 एवं 317(2) बीएनएस में वांछित अभियुक्त विनय पुत्र विजय को कटरा मोहल्ला, थाना कोतवाली नगर, जनपद एटा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई साइकिल और क्राकरी का सामान बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एटा पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार की जा रही प्रभावी कार्रवाई से जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है।1
- कूड़ा डालने को लेकर दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद ने एक गंभीर मोड़ ले लिया, जिसमें एक भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस चौंकाने वाली घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।1
- भारत स्काउट और गाइड उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में उत्तराखंड के शीतलाखेत, अल्मोड़ा में आयोजित नेचर स्टडी कम ट्रेनिंग कैंप और एडवेंचर कैंप के तीसरे दिन बदायूं जिले के स्काउट गाइड ने एक महत्वपूर्ण ट्रेकिंग पूरी की। उन्होंने 6500 फीट ऊंची चोटी पर घने जंगलों, पहाड़ों, कंदराओं और गुफाओं से होते हुए प्राचीन पाषाण देवी मंदिर, देववनी और गदेरा तक का सफर तय किया। इस अवसर पर पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने प्रकृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति केवल पेड़-पौधों, नदियों और पहाड़ों का नाम नहीं है, बल्कि वह शक्ति है जो हमें जीवन जीने का आधार देती है। उन्होंने प्रकृति को माँ के समान निस्वार्थ बताया, जो बिना कुछ मांगे जल, वायु, औषधियां और अन्न प्रदान करती है, जिनसे जीवन मिलता है। कैंप के लीडर आफ द कोर्स एएसओसी जय प्रकाश दक्ष ने युवाओं को अपनी शक्ति पहचानने और राष्ट्र के लिए उपयोगी बनने का आह्वान किया, यह भी कहा कि चुनौतियाँ स्वीकार करने वाले ही महान लक्ष्य प्राप्त करते हैं। शीतलाखेत केंद्र प्रभारी त्रिवेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में स्काउट और गाइड ने प्राचीन पाषाण देवी मंदिर और गदेरा की ट्रेकिंग के दौरान विभिन्न औषधीय पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त की। एडवेंचर प्रोग्राम लीडर आफ द कोर्स अमित सैनी, एडवेंचर इंस्टेक्टर मोहित कुमार और आनंद मालियान ने स्काउट गाइड को वुग बैलेंसिंग, जिग जैक बैलेंसिंग, टायर जंपिंग, नेट करोमिग, लेडेर, बीम बैलेंसिंग और स्काई साइकिलिंग जैसी विभिन्न साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान रोहित गुप्ता, जीवन गोला, फरदीन अहमद, अरहम खान, अरशद खान, निशात, डीओसी विष्णु विश्वकर्मा, दिनेश यादव, रामेश्वरी वर्मा, लाल बहादुर पटेल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। कैंप के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति माँ की तरह बिना मांगे अनमोल उपहार देती है, और स्काउट गाइड ने स्काई साइकिलिंग सहित अन्य गतिविधियों में अपनी हिम्मत का प्रदर्शन किया।2
- बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने शनिवार को तहसील सहसवान में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। इस संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 46 शिकायती और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें राजस्व विभाग से संबंधित 23 शिकायतें, पुलिस से संबंधित 07, विकास से संबंधित 05 और अन्य विभागों से संबंधित 11 शिकायतें शामिल थीं। प्राप्त हुए 46 पत्रों में से 04 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सहसवान-बदायूं मार्ग पर विशिष्ट निर्देश भी जारी किए, जिसमें एक स्थान पर डिवाइडर के गैप को भरने और दूसरी जगह कर्व पर शेवरॉन बोर्ड लगाने को कहा गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ताओं ने 'गोदी मीडिया चोर है!' के नारे लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह खबर एक वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है, जिसमें कार्यकर्ताओं को इस नारे के साथ अपनी आवाज बुलंद करते देखा जा रहा है।1
- एटा में आगामी आरक्षी भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय ने 6 जून, शनिवार को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षार्थियों की सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही, उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों व कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। एएसपी ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सतर्क निगरानी बनाए रखने, संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।1
- बदायूं जनपद की सहसवान तहसील में आज संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ जिलाधिकारी अवनीश राॅय और बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने संयुक्त रूप से जनसुनवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें और समस्याओं को लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी और एसएसपी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। शेष प्राप्त शिकायतों और जनसमस्याओं के संबंध में, संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित एवं न्यायोचित कार्रवाई के साथ उनका निस्तारण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।1
- जंतर-मंतर पर एक CJP कार्यकर्ता का भयंकर गुस्सा फूट पड़ा, जहाँ उन्होंने नेताओं पर अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की। कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि "नेता छाँव में रहते हैं और कार्यकर्ता धूप में!" उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखते हुए कहा कि जहाँ वे लगातार संघर्ष कर रहे थे, वहीं यह सब "सिर्फ दिखावा निकला!"1
- एटा और जलेसर के बीच अवैध खनन का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तमाम वीडियो साक्ष्य और जीपीएस छायाचित्रों के वायरल होने व अधिकारियों को दिखाए जाने के बावजूद प्रशासन की आँखों पर कथित तौर पर काला पर्दा पड़ा हुआ है। इस स्थिति का कारण 'रिश्वत रूपी काला पर्दा' बताया गया है, जिसके चलते अवैध मिट्टी खुदाई पर कठोर कार्यवाही नहीं की जाती, बल्कि कई बार संबंधित अधिकारी फोन भी बंद कर लेते हैं। खनन माफिया पर कार्रवाई न होने को लेकर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं। जनपद मुखिया को जब साक्ष्य के रूप में जीपीएस छायाचित्र और वीडियो दिखाए जाते हैं, तो उन्हें 'जांच होगी' का घिसा-पिटा उत्तर देकर टाल दिया जाता है। यहां तक कि पर्यावरण दिवस पर जिलाधिकारी से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने भी नजर चुराते हुए केवल जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन ही दिया। रिपोर्ट में तीखे लहजे में सवाल उठाया गया है कि क्या यह प्रशासन की मूक सहमति है, और व्यंग्यपूर्ण तरीके से कहा गया है कि यदि ऐसा है तो प्रशासन सीधे अवैध खनन को अनुमति देकर उसे वैध क्यों नहीं करार देता ताकि पत्रकारों के सवालों से बचा जा सके। भू-खनन माफिया और कलमकारों के बीच खिंची इस लकीर के मिटने का भविष्य समय ही बताएगा। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि प्रशासन की 'कुम्भकर्णीय नींद' को जगाने का प्रयास जारी रहेगा और जब तक कलम में स्याही रहेगी, कलम इस मुद्दे पर लिखती रहेगी।1