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आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के शाहखजूरा गांव से एक पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। पीड़ित मुकेश चौरसिया का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी नाली को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण उनके घर में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। मुकेश चौरसिया के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। इतना ही नहीं, उच्च अधिकारियों ने भी इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हालांकि, इन शिकायतों और उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद, अब तक उनकी इस गंभीर समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है और परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।
NEWS96
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के शाहखजूरा गांव से एक पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। पीड़ित मुकेश चौरसिया का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी नाली को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण उनके घर में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। मुकेश चौरसिया के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। इतना ही नहीं, उच्च अधिकारियों ने भी इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हालांकि, इन शिकायतों और उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद, अब तक उनकी इस गंभीर समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है और परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।
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- अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?1
- अम्बेडकर नगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद लालजी पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान भी दिया।1
- जौनपुर के शाहगंज स्थित तहसील परिसर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान तहसील प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने करन गुरु के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया, साथ ही योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल सामूहिक योगाभ्यास से हुआ, जिसमें करन गुरु ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन और वज्रासन सहित अनेक योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से बताया, और कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है। करन गुरु ने नियमित योगाभ्यास को तनाव, चिंता और कई बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक बताया। इस अवसर पर, तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौजूदा भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। उन्होंने जोर दिया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी एकाग्र और संतुलित बनाने में सहायक है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों और नागरिकों से नियमित रूप से योग अपनाने की अपील भी की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया, और इस कार्यक्रम में तहसील प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- डोभी मंडल के शक्ति केंद्र हिसामपुर ग्राम पंचायत बोदरी में एक महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पंकज सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ मंडल उपाध्यक्ष अच्छेलाल राजभर और शक्ति केंद्र संयोजक दशरथ तिवारी भी प्रमुख रूप से मौजूद थे।4
- जौनपुर जिले के जलालगंज रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक खराब हो जाने के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया है।1
- आजमगढ़ नगर पालिका परिषद ने अपने विशेष स्वच्छता अभियान के तहत एक वार्ड में व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया। यह पहल नगर पालिका परिषद के पत्रांक 312 (दिनांक 19 जून 2026) के अनुपालन में आयोजित की गई थी, जिसका नेतृत्व जिला योजना समिति के सदस्य और क्षेत्रीय सभासद मोहम्मद अफजल ने किया। अभियान के दौरान, सभासद अफजल ने स्वयं श्रमदान कर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। सभासद मोहम्मद अफजल ने झाड़ू लगाकर सफाई कार्य में सक्रिय रूप से भाग लिया और इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपने आस-पास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में अपना सहयोग देने की अपील की। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर, वार्डवासियों ने बड़ी संख्या में अभियान में हिस्सा लिया। लोगों ने मिलकर मोहल्ले की गलियों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की तथा भविष्य में भी ऐसे स्वच्छता अभियानों में सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इस अभियान में सिराज अहमद उर्फ मिट्ठू, मोहम्मद दानिश, सोनू इदरीसी, जावेद इदरीसी, रियाज इदरीसी, आफताब, इस्तियाक, इम्तियाज इदरीसी, शमीम अहमद, पुनीत सोनी, समी मोहम्मद, सफाई नायक मुनीर अहमद और कमल देव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- अम्बेडकरनगर जिले के जैतपुर में एक महिला से चैन छीनने की घटना सामने आई है, जिसमें गोली चलने की बात भी संदिग्ध बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने एक महिला से उसकी चैन मांगी। जब महिला ने चैन दे दी, तो उसके पति ने इस पर विरोध व्यक्त किया, जिसके बाद अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है, क्योंकि यह घटना फिलहाल जांच का विषय है। इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में एएसपी पूर्बी तेजबीर सिंह का बयान भी सामने आया है।1
- जौनपुर के शाहगंज में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को नगर के विभिन्न स्थानों पर योग शिविरों और सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित प्राथमिक पाठशाला में आयोजित योग कार्यक्रम में पतंजलि योग पीठ शाहगंज इकाई के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह, उपाध्यक्ष योगगुरु शिव कुमार यादव, और कोषाध्यक्ष योगाचार्य ओमप्रकाश चौबे के मार्गदर्शन में योग साधकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसी क्रम में, लक्ष्मी नारायण वाटिका में भी एक योग शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ योग गुरु विरेंद्र कुमार वीरू के सानिध्य में लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। प्रतिभागियों को नियमित योग के अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, शाहगंज नगर के अन्य संस्थानों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो व्यक्ति को स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करती है। इन आयोजनों में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई, और पूरे नगर में यह योग दिवस उत्साह, उमंग और व्यापक जनजागरूकता के वातावरण के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के उद्योग नगर वार्ड नंबर-2 में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ श्रवण जायसवाल (60) और उनके पुत्र राकेश जायसवाल (28) का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना परिवार के लिए दुखों का पहाड़ बनकर आई है, जो पहले से ही गहरे सदमे में था। मिली जानकारी के अनुसार, पिता-पुत्र कपड़ों की खरीदारी के लिए चौरीचौरा गए थे। उन्होंने रात करीब 10:30 बजे परिवार से आखिरी बार बात की थी और जल्द घर लौटने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद ही दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। सुबह रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिलने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। यह परिवार पहले से ही एक बड़ी त्रासदी झेल रहा था, क्योंकि तीन महीने पहले ही उनके बड़े बेटे श्वेतांक जायसवाल की एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इन लगातार हुई घटनाओं से जायसवाल परिवार पूरी तरह टूट गया है, और अब घर में केवल एक बुजुर्ग माँ और एक अविवाहित बेटी ही बची हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इन मौतों का कारण, चाहे वह हादसा हो, आत्महत्या हो या कोई अन्य वजह, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।1