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घासीपुर गाँव में 2024 में सरकारी जमीन से बेदखली के आदेश जारी किए गए थे, जिसका गाथा संख्या 510 और रकबा 0.587 हेक्टेयर है। लेकिन, शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह जमीन आज तक कब्जा मुक्त नहीं हो पाई है। डीएम साहब और एसडीएम साहब के अंतिम आदेश होने तथा धारा 67 की कार्रवाई पूरी होने के बावजूद, तहसीलदार ने पैसे लेकर इसे लागू नहीं किया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि तहसीलदार महोदय पैसे लेकर दमन का साथ देते हैं। यह जमीन जेल की जमीन से कुछ दूरी पर स्थित है, और शिकायतकर्ता आदेश की नकल भी संलग्न कर रहा है।
Satypal Sharma
घासीपुर गाँव में 2024 में सरकारी जमीन से बेदखली के आदेश जारी किए गए थे, जिसका गाथा संख्या 510 और रकबा 0.587 हेक्टेयर है। लेकिन, शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह जमीन आज तक कब्जा मुक्त नहीं हो पाई है। डीएम साहब और एसडीएम साहब के अंतिम आदेश होने तथा धारा 67 की कार्रवाई पूरी होने के बावजूद, तहसीलदार ने पैसे लेकर इसे लागू नहीं किया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि तहसीलदार महोदय पैसे लेकर दमन का साथ देते हैं। यह जमीन जेल की जमीन से कुछ दूरी पर स्थित है, और शिकायतकर्ता आदेश की नकल भी संलग्न कर रहा है।
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- घासीपुर गाँव में 2024 में सरकारी जमीन से बेदखली के आदेश जारी किए गए थे, जिसका गाथा संख्या 510 और रकबा 0.587 हेक्टेयर है। लेकिन, शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह जमीन आज तक कब्जा मुक्त नहीं हो पाई है। डीएम साहब और एसडीएम साहब के अंतिम आदेश होने तथा धारा 67 की कार्रवाई पूरी होने के बावजूद, तहसीलदार ने पैसे लेकर इसे लागू नहीं किया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि तहसीलदार महोदय पैसे लेकर दमन का साथ देते हैं। यह जमीन जेल की जमीन से कुछ दूरी पर स्थित है, और शिकायतकर्ता आदेश की नकल भी संलग्न कर रहा है।1
- जनपद संभल में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपने पति पर तेजाब से हमला करने वाली पत्नी कहकशा को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। इस जघन्य घटना में पीड़ित पति की दोनों आँखें पूरी तरह से खराब हो गई थीं। अदालत ने दोषी कहकशा पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे पीड़ित को दिया जाएगा। अपर जनपद न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) गोपाल (HJS) ने 10 सुनवाइयों के बाद बुधवार, 27 मई 2026 को कहकशा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 351(2), 124(1), 109(1), 118(2) के तहत दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद उसे यह सज़ा सुनाई गई है। तेजाबी हमले के कारण पति का पूरा चेहरा झुलस गया था, और छींटे पड़ने से उनका कंधा व पेट का कुछ हिस्सा भी प्रभावित हुआ था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लगभग छह महीने तक उनका इलाज चला, लेकिन आँखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। यह वारदात एक साल पहले 7 मार्च 2025 को सदर कोतवाली क्षेत्र के बदायूं दरवाजा मोहल्ले में हुई थी। घटना के पीछे का कारण यह बताया गया कि पति ने अपनी पत्नी को घर में उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, जिसका उसने विरोध किया था। इसके बाद, रात में सोते समय पत्नी ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था। पीड़ित के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार यादव ने अदालत के इस फैसले की जानकारी दी। वहीं, आरोपी की अधिवक्ता पिंकी शर्मा ने बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगी, क्योंकि उन्हें इस मामले में पर्याप्त समय नहीं मिला।4
- मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र के ग्राम भूरामरेसी में दोपहर बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करना और संगठन का विस्तार करना था, जिसके तहत कई कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश (युवा) प्रभारी शुभम राठी ने किसानों को खाद के लिए परेशान किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि किसानों को बिना फार्मर आईडी के खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है और मांग की कि खाद का वितरण फसल के हिसाब से होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, बैठक में विद्युत समस्या और पानी की समस्या सहित कई अन्य मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई। संगठन के विस्तार के क्रम में, चौधरी ऋतिक तोमर को युवा जिला उपाध्यक्ष, सुमित शर्मा को तहसील महासचिव, अमित को ब्लॉक उपाध्यक्ष और हिमांशु शर्मा को ग्राम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन अनिल शर्मा ने किया, जिसमें युवा जिला अध्यक्ष ऋषभ चौधरी, अनिल शर्मा, अरुण शर्मा, शुभम, राजेंद्र कश्यप, ओमप्रकाश कश्यप, अभी शर्मा और गोपाल सहित अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश के कारण लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस स्थिति को ध्यान में रखें और अपनी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें।1
- पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा और विवादास्पद कटाक्ष किया है। उन्होंने इन हमलों को लेकर तंज कसते हुए कहा है कि बंगाल में टीएमसी नेताओं का 'सम्मान समारोह' शुरू हो गया है। आचार्य कृष्णम ने यह भी दावा किया कि उन्हें पहले से ही यह मालूम था कि बंगाल की जनता टीएमसी नेताओं का सम्मान करेगी, लेकिन उन्हें इतनी जल्दी यह 'इज्जत-अफजाई' शुरू होने की उम्मीद नहीं थी।1
- ग्राम अतरपुरा में काफी वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर मेले का आयोजन होने जा रहा है। यह मेला 6 जून को आयोजित होगा। आयोजकों ने सभी ग्रामीणों और आसपास के लोगों से इस मेले को देखने और इसमें शामिल होने का हार्दिक आग्रह किया है।1
- संभल के प्रख्यात चिकित्सक डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया है। 'पितामह डॉक्टर की एक कहानी' शीर्षक वाली इस पुस्तक में डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के जीवन के हर पहलू को विस्तार से दर्शाया गया है। इस अवसर पर संभल के समाजसेवी और जगतगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम उपस्थित रहे, जिन्होंने डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के कार्यों की सराहना की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना और उनके परिवार ने पिछले 50 सालों से संभल में सेवा की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संभल में आज तक डॉक्टर उमेश चंद्र जैसा कोई और डॉक्टर नहीं बन पाया है, क्योंकि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी उन्हें पहचानते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं, बल्कि एक परिवार के सदस्य के रूप में जाना जाता है। इस मौके पर, जगतगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पुस्तक विमोचन के दौरान डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के सम्मान में एक गीत भी प्रस्तुत किया।1
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने पति पर तेजाब फेंकने की दोषी एक महिला को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पत्नी पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। महिला ने यह घिनौना अपराध उस वक्त अंजाम दिया था, जब उसका पति गहरी नींद में सो रहा था। इस क्रूर घटना में पीड़ित पति का चेहरा बुरी तरह विकृत हो गया था और उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी चली गई थी। यह मामला संभल में पहले भी काफी चर्चा में रहा था, और अब न्यायालय के इस फैसले के बाद यह एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।1