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बाजपुर।ग्राम सेमलपुरी की जनजाति की महिला नन्नी देवी की चार एकड़ भूमि हड़पने का आरोप गदरपुर विधायक अरविंद पांडे एवं उनके पुत्र अतुल पांडे पर लगा है।जिसको लेकर गूलरभोज के अध्यक्ष सतीश चुघ ने जनजाति के लोगों को साथ लेकर एसडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और एसडीएम से कहां निष्पक्ष जांच कर 420 का मुकदमा दर्ज किया जाए और इस महिला ने केश जीता है खतौनी में नाम दर्ज किया जाए। बाजपुर।ग्राम सेमलपुरी की जनजाति की महिला नन्नी देवी की चार एकड़ भूमि हड़पने का आरोप गदरपुर विधायक अरविंद पांडे एवं उनके पुत्र अतुल पांडे पर लगा है।जिसको लेकर गूलरभोज के अध्यक्ष सतीश चुघ ने जनजाति के लोगों को साथ लेकर एसडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और एसडीएम से कहां निष्पक्ष जांच कर 420 का मुकदमा दर्ज किया जाए और इस महिला ने केश जीता है खतौनी में नाम दर्ज किया जाए।
Kush BAZPUR
बाजपुर।ग्राम सेमलपुरी की जनजाति की महिला नन्नी देवी की चार एकड़ भूमि हड़पने का आरोप गदरपुर विधायक अरविंद पांडे एवं उनके पुत्र अतुल पांडे पर लगा है।जिसको लेकर गूलरभोज के अध्यक्ष सतीश चुघ ने जनजाति के लोगों को साथ लेकर एसडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और एसडीएम से कहां निष्पक्ष जांच कर 420 का मुकदमा दर्ज किया जाए और इस महिला ने केश जीता है खतौनी में नाम दर्ज किया जाए। बाजपुर।ग्राम सेमलपुरी की जनजाति की महिला नन्नी देवी की चार एकड़ भूमि हड़पने का आरोप गदरपुर विधायक अरविंद पांडे एवं उनके पुत्र अतुल पांडे पर लगा है।जिसको लेकर गूलरभोज के अध्यक्ष सतीश चुघ ने जनजाति के लोगों को साथ लेकर एसडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और एसडीएम से कहां निष्पक्ष जांच कर 420 का मुकदमा दर्ज किया जाए और इस महिला ने केश जीता है खतौनी में नाम दर्ज किया जाए।
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- केलाखेड़ा क्षेत्र के डिप्टी फॉर्म इलाके में गेहूं कटाई को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले में आरोप है कि एसडीएम के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक पक्ष की ओर से अनु सिंह ने एसडीएम को पत्र सौंपकर फसल कटवाने की अनुमति मांगी थी। वहीं दूसरे पक्ष के इशू नेहरा का कहना है कि इस संबंध में कोई वैध आदेश जारी ही नहीं हुआ। इस पूरे विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और गरमा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केलाखेड़ा पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है1
- मंत्री शहरी विकास, जलागम प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, उत्तराखंड सरकार राम सिंह कैड़ा द्वारा मंगलवार को भीमताल विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री ने कहा कि जनपद नैनीताल पूरे प्रदेश का वीवीआईपी जिला है। यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक तथा श्रद्धालु बड़ी संख्या में भ्रमण के लिए आते हैं। जनपद भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद हो ताकि पर्यटक व दर्शनार्थी सुखद अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन सीजन में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत न हो, इसलिए एहतियातन सभी वैकल्पिक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने वन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने हेतु ठोस उपाय किए जाए। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम हेतु 24*7 अलर्ट रहते हुए तत्काल वनाग्नि रोकथाम के निर्देश दिए साथ ही इन घटनाओं को कम करने के लिए चीड़ के जंगलों से पीरूल एकत्र किया जाए ताकि जंगलों को आग से बचाया जा सके,इस कार्य में महिला समूहों की भी सहायता ली जाय। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि झीलों का जलस्तर गर्मियों में कम हो जाता है, इसे बढ़ाने हेतु स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाए, साथ ही झील की सुंदरता के लिए भी कार्य किया जाय। उन्होंने निर्देश दिए कि वन तथा कृषि विभाग आपसी तालमेल से बंदरों को पकड़ने की कार्यवाही करें। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए जनपद को राज्य में प्रथम स्थान पर लाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती के साथ ही जीर्ण शीर्ण विद्यालयों की मरम्मत हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सभी चिकित्सलायों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के साथ ही भीमताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने हेतु मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को तत्काल पूरी करने हेतु कार्यवाही के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को मोहैय्या कराए जाने हेतु समय समय पर चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया जाए। पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाए जाने हेतु सभी पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाय मुख्य मुख्य स्थानों में एकरूपता के व्यू पॉइंट बनाए जाय, साइनेज लगाए जाय। बैठक में जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को जिले में अवैध रूप से या गलत तरीके बाहर रहकर यहॉं होम स्टे संचालित कर रहे हैं ऐसे सभी होम स्टे के खिलाफ कार्यवाही की जाए। बैठक में पर्यटन क्षेत्रों में आवश्यक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं, सभी पर्यटन क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया जाए। जल संस्थान की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि गर्मियों में पेयजल की समस्या न आए, सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हों। पेयजल आपूर्ति हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएं। आपात स्थिति के लिए टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था समय से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद में जो भी अधूरे कार्य हैं, उन्हें पूरा कर लिया जाए, किसी भी प्रकार की शिकायत न मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि हैंडपंप व नलकूप संचालन में जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान किया जाए। उन्होंने जल संस्थान एवं पेयजल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत अधूरे कार्यों को पूर्ण करने हेतु कार्यवाही की जाय।उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने सेवायोजन तथा उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अधिक से अधिक रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाए, रोजगारपरक योजनों की जानकारी देने के साथ ही प्राथमिकता के साथ से ऋण उपलब्ध कराया जाएं। उन्होंने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में उन्नत किस्म की गाय, बकरी व कुक्कुट उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भीमताल में गौशाला का निर्माण शीघ्रता से किया जाए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देशित करते हुए कहा कि फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु तारबाड़ के प्रस्ताव तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि बरसात से पहले ही सड़कों का सुधारीकरण एवं सड़कों को गढ्ढामुक्त करने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएं। उन्होंने जिले की विभिन्न सड़कों के निर्माण के संबंध में लोनिवि व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की आवश्यक निर्देश दिए। पूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी समानता के आधार पर गैस आपूर्ति की जाएं, केवाईसी कैंप भी आयोजित कराए जाएं ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।उन्होंने मानसून काल शुरू होने से पूर्व ही मानसून काल का तीन माह का खाद्यान्न वितरण करने के निर्देश डीएसओ को दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आंधी एवं वर्षाकाल के दौरान क्षतिग्रस्त पोल एवं विद्युत तारों को त्वरित रूप से ठीक कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने, अमृतपुर जमरानी रोड पर एक लाइन मेन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने मुख्य उद्यान अधिकारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस प्रकार विगत दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी तूफान के कारण काश्तकारों की फसलों की हुई क्षति का त्वरित मुआयना किया गया, वह प्रशंसनीय है, सभी अधिकारियों को भी मुख्य उद्यान अधिकारी की भांति जनहित में मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी छोटी बात को अनावश्यक रूप से बढ़ने का अवसर न मिले, इसलिए छोटी से छोटी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जिले को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयास करें।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों को गंभीरता से लें और जो अधिकारी कार्य करने में असमर्थ हैं, वे स्पष्ट रूप से अवगत कराएं, उनके स्थान पर अन्य व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं और जनभावनाओं के अनुरूप समयबद्धता से सुनिश्चित किए जाएं। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि शतप्रतिशत घर घर गैस आपूर्ति की जाए ताकि ब्लैकमेलिंग रोकी जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि गैस वितरण की प्रभावी निगरानी हेतु समय समय पर छापेमारी को जाए। जिलाधिकारी ने समय समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने तथा किए गए औचक निरीक्षण की एक्शन टेकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग मनोहर सिंह धर्मशक्तू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।1
- Post by Junaid Junaid1
- हरदोई में महिला सम्मान पर बड़ा सवाल आज हरदोई जनपद में महिला आयोग उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष श्रीमती बबीता चौहान जी द्वारा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान को लेकर बड़े-बड़े वक्तव्य दिए गए, लेकिन उसी समय जनपद के हरपालपुर क्षेत्र में पुलिस उपाधीक्षक द्वारा महिलाओं के लिए, वह भी महिला पुलिस की उपस्थिति में, अभद्र शब्दावली का प्रयोग किया गया, जिसका वीडियो सार्वजनिक रूप से वायरल है। यह घटना न केवल महिलाओं के आत्मसम्मान का घोर अपमान है, बल्कि महिला पुलिस और पूरे हरदोई पुलिस विभाग की गरिमा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। वीडियो सार्वजनिक होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि क्या महिला सम्मान केवल मंचों और भाषणों तक सीमित रह गया है? इस प्रकरण को लेकर हमारा एक निवेदन है मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर कठोर कार्रवाई हो ,महिलाओं एवं महिला पुलिस के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए ,महिला सम्मान कोई नारा नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। Priyanka Gandhi Vadra Alka Lamba Indian National Congress - Uttar Pradesh Vikram Pande जिला कांग्रेस हरदोई National Commission for Women1
- थाना नागफनी पुलिस द्वारा, हत्या के वांछित इनामी अभियुक्त जफर की संपत्ति की कुर्की की हुई कार्यवाही1
- मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र में महिला जज के पिता मोहम्मद असद की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की है। फरार चल रहे मुख्य आरोपी जफर और उसके दो बेटों पर शिकंजा कसते हुए, पुलिस प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर उनकी संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर के कुशल निर्देशन और मजिस्ट्रेट की प्रत्यक्ष उपस्थिति में संपन्न हुई। तीनों आरोपियों पर पुलिस द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने और लंबे समय तक फरार रहने के कारण प्रशासन को इस कुर्की की कार्रवाई को अंजाम देना पड़ा। इस पूरी घटनाक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में कानून का भय स्थापित करना और अपराधियों को कड़ा संदेश देना है। ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंची पुलिस टीम ने मुनादी कराते हुए आरोपियों के घर का सामान और चल-अचल संपत्ति को कानून के दायरे में लेते हुए जब्त कर लिया। महिला जज के पिता की हत्या जैसे गंभीर अपराध में लिप्त इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें निरंतर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यदि आरोपी जल्द ही आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ आगे की वैधानिक प्रक्रिया और भी सख्त की जाएगी, ताकि न्याय प्रणाली के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।1
- बाजपुर में पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री के 'काले साम्राज्य' के खिलाफ महाजंग सैकड़ों मजदूरों का फूटा गुस्सा,खून-पसीना हमारा, तिजोरी कंपनी की',अब नहीं चलेगा पॉलिप्लेक्स में सुरक्षा के नाम पर 'मौत का खेल', घायल हुए तो सीधे बाहर का रास्ता1
- बाजपुर में पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री के ‘काले साम्राज्य’ के खिलाफ महाजंग बाजपुर में स्थित पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री एक बार फिर विवादों के घेरे में है, जहां सैकड़ों मजदूरों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। वर्षों से अंदर ही अंदर सुलग रही नाराजगी ने आखिरकार बड़ा रूप ले लिया। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनके खून-पसीने से करोड़ों की कमाई कर रही है, लेकिन बदले में उन्हें न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही सुरक्षित कार्यस्थल। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। मजदूरों का कहना है कि कई बार हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने न तो उनकी उचित चिकित्सा करवाई और न ही कोई मुआवजा दिया। आरोप है कि घायल मजदूरों को चुपचाप बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है, ताकि मामला दबा रहे। घटना के दिन हालात तब बिगड़ गए जब एक और मजदूर के घायल होने की खबर फैली। इसके बाद मजदूरों ने काम बंद कर दिया और फैक्ट्री गेट पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। “खून-पसीना हमारा, तिजोरी कंपनी की — अब नहीं चलेगा” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। मजदूरों की मुख्य मांगों में सुरक्षित कार्यस्थल, उचित वेतन, हादसों में घायल होने पर इलाज और मुआवजा, तथा नौकरी की सुरक्षा शामिल है। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और मजदूरों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल बाजपुर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। मजदूरों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब सबकी नजर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है—क्या मजदूरों को न्याय मिलेगा या फिर यह ‘काला साम्राज्य’ यूं ही चलता रहेगा?1
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1