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लापता हुए युवक का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं मिला बॉडी लापता हुए युवक का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं मिला बॉडी

20 hrs ago
user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
20 hrs ago

लापता हुए युवक का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं मिला बॉडी लापता हुए युवक का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं मिला बॉडी

More news from झारखंड and nearby areas
  • कहते है हजारीबाग प्रभारी निबंधन पदाधिकारी कि उपायुक्त ने माना किया है खतियानी से भूमि निबंधन नही होगा, इससे जनता परेशान, डीड राइटर को अधिक परेशानी , नही मानेंगे झारखंड सरकार का जारी अधिसूचना,, पत्राक 195 दिनांक 19/2/2016 को ,इससे झारखंड सरकार का राजस्व विभाग को करोडो का नुकसान पहुंचकर रहे है जिला प्रभारी निबंधन पदाधिकारी हजारीबाग,,इससे डीड राइटर आक्रोश मे है आम जनता सिधे सासंद, विधायक, मेयर, उप मेयर, जिला परिषद अध्यक्ष, और माननीय हेमंत सोरेन झारखंड सरकार को कोस रही है ऐसे लोग को चुने है इसलिए ऐस प्रतित होता है कि अधिकारी अंग्रेजो वाला सलुक कर रहे है ? और रजिस्ट्री आफिस मे उमेश जी कौन है ? जब तक वो नम्बर नही देगे तबतक रजिस्ट्री नही होगा क्यो ? आनलाईन के जबाने मे भी आफलाइन क्यो नम्बर लेगे डीड राइटर?
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    कहते है हजारीबाग प्रभारी निबंधन पदाधिकारी कि उपायुक्त ने माना किया है खतियानी से भूमि निबंधन नही होगा, इससे जनता परेशान, डीड राइटर को अधिक परेशानी , नही मानेंगे झारखंड सरकार का जारी अधिसूचना,, पत्राक 195 दिनांक 19/2/2016 को ,इससे झारखंड सरकार का राजस्व विभाग को करोडो का नुकसान पहुंचकर रहे है जिला प्रभारी निबंधन पदाधिकारी हजारीबाग,,इससे डीड राइटर आक्रोश मे है आम जनता सिधे सासंद, विधायक, मेयर, उप मेयर, जिला परिषद अध्यक्ष, और माननीय हेमंत सोरेन झारखंड सरकार को कोस रही है ऐसे लोग को चुने है इसलिए ऐस प्रतित होता है कि  अधिकारी अंग्रेजो वाला सलुक कर रहे है ? और रजिस्ट्री आफिस मे उमेश जी कौन है ? जब तक वो नम्बर नही देगे तबतक रजिस्ट्री नही होगा क्यो ? आनलाईन के जबाने मे भी आफलाइन क्यो नम्बर लेगे डीड राइटर?
    user_चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    Voice of people हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    12 hrs ago
  • गाने की धुन और पायल की छम-छम पर झूमे नन्हे-मुन्ने, जन्माष्टमी पर बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति इचाक (हजारीबाग)। इचाक प्रखंड के खुटार स्थित नवयुग पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के मनमोहक वेशभूषा में नजर आए। गाने की धुन और पायल की छम-छम पर झूमे नन्हे-मुन्ने, जन्माष्टमी पर बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति इचाक (हजारीबाग)। इचाक प्रखंड के खुटार स्थित नवयुग पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के मनमोहक वेशभूषा में नजर आए।
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    गाने की धुन और पायल की छम-छम पर झूमे नन्हे-मुन्ने, जन्माष्टमी पर बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
इचाक (हजारीबाग)। इचाक प्रखंड के खुटार स्थित नवयुग पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के मनमोहक वेशभूषा में नजर आए।
गाने की धुन और पायल की छम-छम पर झूमे नन्हे-मुन्ने, जन्माष्टमी पर बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
इचाक (हजारीबाग)। इचाक प्रखंड के खुटार स्थित नवयुग पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के मनमोहक वेशभूषा में नजर आए।
    user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    12 hrs ago
  • हजारीबाग की जर्जर सड़कों और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर डॉ. आर.सी. प्रसाद मेहता का बड़ा हमला --- आरसीडी, आरईओ और संबंधित विभागों पर लापरवाही के लगाए आरोप --- मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से त्वरित कार्रवाई की मांग --- हजारीबाग। हजारीबाग जिले में जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच गुरूवार को इचाक मोड़ स्थित सम्राट अशोक आर्मी के कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सम्राट अशोक आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. आर.सी. प्रसाद मेहता ने संबंधित विभागों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि हजारीबाग की सड़कों की बदहाल स्थिति केवल सड़क टूटने या गड्ढे होने का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता, विभागीय लापरवाही और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है। डॉ. मेहता ने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, जलजमाव और क्षतिग्रस्त सड़कें आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े RCD, REO एवं संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभागों को जनता की समस्याओं के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण और मरम्मत के बाद भी सड़कें कुछ ही समय में दोबारा खराब हो जाती हैं। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता, ठेकेदारों की कार्यप्रणाली तथा विभागीय निगरानी की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। डॉ. मेहता ने कहा कि यदि किसी सड़क के निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। *जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की मांग* डॉ. मेहता ने कहा कि हजारीबाग की सड़कों की स्थिति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए आम जनता को बार-बार आवाज उठाने के लिए मजबूर होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ वाहन क्षति, दुर्घटना के खतरे और समय की बर्बादी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण कई जगह सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है। *शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाली पर भी उठाए सवाल* सड़क के मुद्दे के साथ डॉ. आर.सी. प्रसाद मेहता ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग की वर्तमान स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर अस्पताल अधीक्षक डॉ के. के. सिंह पर गंभीर आरोप लगाए और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। डॉ. मेहता ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज अस्पताल से हजारीबाग सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद है, वहां की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक संचालन की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा आम जनता से सीधे जुड़ा विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अस्पताल से संबंधित उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाने की मांग की गई। *मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल संज्ञान की मांग* डॉ. मेहता ने झारखंड के मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन एवं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से हजारीबाग की सड़कों और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को संबंधित विभागों से जवाब मांगते हुए जर्जर सड़कों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। डॉ. मेहता ने कहा कि जनता को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होता है तो सम्राट अशोक आर्मी जनता की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से जन अभियान और आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि हजारीबाग की सड़कों की स्थिति का स्थल निरीक्षण कराया जाए, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो, जिम्मेदारी तय की जाए और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं की भी उच्चस्तरीय समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रेस वार्ता में सम्राट अशोक आर्मी के अजय वर्मा, मनोज मेहता, चन्द्र देव मेहता, अरविंद रविदास, गिरधारी महतो सहित कई सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे।
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    हजारीबाग की जर्जर सड़कों और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर डॉ. आर.सी. प्रसाद मेहता का बड़ा हमला
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आरसीडी, आरईओ और संबंधित विभागों पर लापरवाही के लगाए आरोप
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मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से त्वरित कार्रवाई की मांग
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हजारीबाग। हजारीबाग जिले में जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच गुरूवार को इचाक मोड़ स्थित सम्राट अशोक आर्मी के कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सम्राट अशोक आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. आर.सी. प्रसाद मेहता ने संबंधित विभागों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि हजारीबाग की सड़कों की बदहाल स्थिति केवल सड़क टूटने या गड्ढे होने का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता, विभागीय लापरवाही और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है।
डॉ. मेहता ने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, जलजमाव और क्षतिग्रस्त सड़कें आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े RCD, REO एवं संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभागों को जनता की समस्याओं के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण और मरम्मत के बाद भी सड़कें कुछ ही समय में दोबारा खराब हो जाती हैं। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता, ठेकेदारों की कार्यप्रणाली तथा विभागीय निगरानी की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। डॉ. मेहता ने कहा कि यदि किसी सड़क के निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
*जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की मांग*
डॉ. मेहता ने कहा कि हजारीबाग की सड़कों की स्थिति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए आम जनता को बार-बार आवाज उठाने के लिए मजबूर होना चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ वाहन क्षति, दुर्घटना के खतरे और समय की बर्बादी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण कई जगह सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है।
*शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाली पर भी उठाए सवाल*
सड़क के मुद्दे के साथ डॉ. आर.सी. प्रसाद मेहता ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग की वर्तमान स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर अस्पताल अधीक्षक डॉ के. के. सिंह पर गंभीर आरोप लगाए और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
डॉ. मेहता ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज अस्पताल से हजारीबाग सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद है, वहां की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक संचालन की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग की।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा आम जनता से सीधे जुड़ा विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अस्पताल से संबंधित उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाने की मांग की गई।
*मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल संज्ञान की मांग*
डॉ. मेहता ने झारखंड के मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन एवं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से हजारीबाग की सड़कों और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को संबंधित विभागों से जवाब मांगते हुए जर्जर सड़कों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
डॉ. मेहता ने कहा कि जनता को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होता है तो सम्राट अशोक आर्मी जनता की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से जन अभियान और आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि हजारीबाग की सड़कों की स्थिति का स्थल निरीक्षण कराया जाए, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो, जिम्मेदारी तय की जाए और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं की भी उच्चस्तरीय समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रेस वार्ता में सम्राट अशोक आर्मी के अजय वर्मा, मनोज मेहता, चन्द्र देव मेहता, अरविंद रविदास, गिरधारी महतो सहित कई सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    13 hrs ago
  • विधायक प्रदीप प्रसाद के आवास की रेकी का आरोप, हजारीबाग में आक्रोश; सुरक्षा को लेकर उठे सवाल हजारीबाग। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के आनंदपुरी कॉलोनी स्थित निजी आवास के बाहर 2 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे हाई-रिजॉल्यूशन, वाई-फाई और नाइट-विजन सुविधा वाले आधुनिक निगरानी कैमरे को लगाने के कथित प्रयास का मामला सामने आने के बाद हजारीबाग में आक्रोश है। स्थानीय लोगों और विधायक के सहयोगियों ने संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए दोनों व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया कि पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों के बयानों में विरोधाभास सामने आया और करीब एक घंटे की पूछताछ में उनके बयान बदलते रहे। विधायक पिछले तीन-चार दिनों से आवास से बाहर हैं और इसी दौरान उनके घर के बाहर निगरानी उपकरण लगाने के कथित प्रयास ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक की ओर से पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, डीआईजी हजारीबाग प्रक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को पत्र भेजा गया है। विधायक ने कहा कि मैंने आज तक किसी का बुरा नहीं किया है। पता नहीं किस मंशा से यह कार्य किया जा रहा है। जब तक प्रशासन इसकी पूरी पड़ताल नहीं कर लेता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है और अब पुलिस प्रशासन को तय करना है कि उनके आवास की सुरक्षा बढ़ाई जाती है या वर्तमान व्यवस्था को सामान्य रखा जाता है। विधायक ने पिछले तीन-चार दिनों की सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कैमरे एवं संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच के साथ पकड़े गए व्यक्तियों के संपर्कों और उन्हें निर्देश देने वालों की पहचान करने की मांग की है। जरूरत पड़ने पर साइबर और विधि-विज्ञान विशेषज्ञों की सहायता से जांच तथा आपराधिक भूमिका सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और उनके परिवार की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा मामले की वास्तविकता जल्द सामने आनी चाहिए। विधायक प्रदीप प्रसाद ने हजारीबागवासियों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मामले से संबंधित अपुष्ट वीडियो या जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
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    विधायक प्रदीप प्रसाद के आवास की रेकी का आरोप, हजारीबाग में आक्रोश; सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
हजारीबाग। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के आनंदपुरी कॉलोनी स्थित निजी आवास के बाहर 2 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे हाई-रिजॉल्यूशन, वाई-फाई और नाइट-विजन सुविधा वाले आधुनिक निगरानी कैमरे को लगाने के कथित प्रयास का मामला सामने आने के बाद हजारीबाग में आक्रोश है। स्थानीय लोगों और विधायक के सहयोगियों ने संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए दोनों व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया कि पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों के बयानों में विरोधाभास सामने आया और करीब एक घंटे की पूछताछ में उनके बयान बदलते रहे। विधायक पिछले तीन-चार दिनों से आवास से बाहर हैं और इसी दौरान उनके घर के बाहर निगरानी उपकरण लगाने के कथित प्रयास ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक की ओर से पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, डीआईजी हजारीबाग प्रक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को पत्र भेजा गया है। विधायक ने कहा कि मैंने आज तक किसी का बुरा नहीं किया है। पता नहीं किस मंशा से यह कार्य किया जा रहा है। जब तक प्रशासन इसकी पूरी पड़ताल नहीं कर लेता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है और अब पुलिस प्रशासन को तय करना है कि उनके आवास की सुरक्षा बढ़ाई जाती है या वर्तमान व्यवस्था को सामान्य रखा जाता है। विधायक ने पिछले तीन-चार दिनों की सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कैमरे एवं संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच के साथ पकड़े गए व्यक्तियों के संपर्कों और उन्हें निर्देश देने वालों की पहचान करने की मांग की है। जरूरत पड़ने पर साइबर और विधि-विज्ञान विशेषज्ञों की सहायता से जांच तथा आपराधिक भूमिका सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और उनके परिवार की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा मामले की वास्तविकता जल्द सामने आनी चाहिए। विधायक प्रदीप प्रसाद ने हजारीबागवासियों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मामले से संबंधित अपुष्ट वीडियो या जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
    user_Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    Advertising agency हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    16 hrs ago
  • आंगो थाना प्रभारी पर मारपीट का आरोप, कांग्रेस ने पीड़ित परिवार के पक्ष में उठाई आवाज प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कहा- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक जारी रहेगा संघर्ष दारू //आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार पर दारू थाना क्षेत्र के दिगवार निवासी मनोज सिन्हा, पिता मधुसूदन प्रसाद, के साथ थाना परिसर में मारपीट किए जाने के आरोप का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को दारू में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रिंकू कुमार और उनकी टीम ने पीड़ित परिवार के पक्ष में खड़े होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ पुलिस थाना परिसर में दुर्व्यवहार या मारपीट का आरोप गंभीर विषय है। ऐसे मामले में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और पुलिस व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा कायम रहे। जिलाध्यक्ष रिंकू कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में न्याय दिलाने के लिए हर लोकतांत्रिक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर लगाए गंभीर आरोप पीड़ित मनोज सिन्हा और उनकी पत्नी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि आंगो थाना प्रभारी द्वारा मनोज के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार की ओर से बताया गया कि घटना के बाद मनोज की स्वास्थ्य जांच शेख बिहारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कराई गई। परिजनों ने मेडिकल जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में मनोज के दाहिने हाथ की एक उंगली में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। इसके अलावा हाथ, पैर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोट के निशान होने की बात भी परिवार ने कही है। मनोज की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति के शरीर पर डंडे से मारपीट किए जाने के निशान मिले हैं। उन्होंने कान और चेहरे के आसपास भी अंदरूनी चोट होने का दावा किया। पत्नी के अनुसार, घटना के बाद परिवार काफी परेशान है और वे लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को दिया आवेदन पीड़ित की पत्नी ने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने दारू थाना प्रभारी तथा पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी फौजान अहमद को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि पुलिस प्रशासन से उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भी प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग की है। कई लोगों ने कार्यशैली पर उठाए सवाल इधर, आंगो थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर थाना क्षेत्र के कई लोगों द्वारा मीडिया को फोन किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि थाना क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने थाना प्रभारी पर कथित रूप से गलत व्यवहार और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इन लोगों ने भी मामले की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार पूरे मामले में आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार ने मनोज सिन्हा के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से साफ इनकार किया है। थाना प्रभारी का कहना है कि उनके द्वारा मनोज के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। उन्होंने घटना से संबंधित लगाए जा रहे आरोपों को गलत और झूठा बताया है। थाना प्रभारी के इस बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आ गए हैं। एक ओर पीड़ित परिवार मेडिकल जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए मारपीट का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई मामले को लेकर अब पुलिसिया जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। आरोपों की वास्तविकता क्या है और मनोज सिन्हा को लगी चोटों की परिस्थितियां क्या थीं, इसका स्पष्ट खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। जांच के दौरान घटना से जुड़े लोगों के बयान, आवेदन में लगाए गए आरोप, मेडिकल दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इधर, मामले के बाद मनोज सिन्हा और उनके परिवार के समर्थन में लगातार लोगों के सामने आने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रिंकू कुमार ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। फिलहाल, आंगो थाना प्रभारी पर लगे मारपीट के आरोप और उनके द्वारा किए गए इनकार के बीच मामला जांच के दौर में है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था। पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आने और विवाद का समाधान होने की उम्मीद है।
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    आंगो थाना प्रभारी पर मारपीट का आरोप, कांग्रेस ने पीड़ित परिवार के पक्ष में उठाई आवाज
प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कहा- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक जारी रहेगा संघर्ष
दारू //आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार पर दारू थाना क्षेत्र के दिगवार निवासी मनोज सिन्हा, पिता मधुसूदन प्रसाद, के साथ थाना परिसर में मारपीट किए जाने के आरोप का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को दारू में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रिंकू कुमार और उनकी टीम ने पीड़ित परिवार के पक्ष में खड़े होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ पुलिस थाना परिसर में दुर्व्यवहार या मारपीट का आरोप गंभीर विषय है। ऐसे मामले में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और पुलिस व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा कायम रहे। जिलाध्यक्ष रिंकू कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में न्याय दिलाने के लिए हर लोकतांत्रिक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित मनोज सिन्हा और उनकी पत्नी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि आंगो थाना प्रभारी द्वारा मनोज के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार की ओर से बताया गया कि घटना के बाद मनोज की स्वास्थ्य जांच शेख बिहारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कराई गई। परिजनों ने मेडिकल जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में मनोज के दाहिने हाथ की एक उंगली में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। इसके अलावा हाथ, पैर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोट के निशान होने की बात भी परिवार ने कही है।
मनोज की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति के शरीर पर डंडे से मारपीट किए जाने के निशान मिले हैं। उन्होंने कान और चेहरे के आसपास भी अंदरूनी चोट होने का दावा किया। पत्नी के अनुसार, घटना के बाद परिवार काफी परेशान है और वे लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों को दिया आवेदन
पीड़ित की पत्नी ने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने दारू थाना प्रभारी तथा पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी फौजान अहमद को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
परिवार का कहना है कि पुलिस प्रशासन से उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भी प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग की है।
कई लोगों ने कार्यशैली पर उठाए सवाल
इधर, आंगो थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर थाना क्षेत्र के कई लोगों द्वारा मीडिया को फोन किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि थाना क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने थाना प्रभारी पर कथित रूप से गलत व्यवहार और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इन लोगों ने भी मामले की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
पूरे मामले में आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार ने मनोज सिन्हा के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से साफ इनकार किया है। थाना प्रभारी का कहना है कि उनके द्वारा मनोज के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। उन्होंने घटना से संबंधित लगाए जा रहे आरोपों को गलत और झूठा बताया है।
थाना प्रभारी के इस बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आ गए हैं। एक ओर पीड़ित परिवार मेडिकल जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए मारपीट का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मामले को लेकर अब पुलिसिया जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। आरोपों की वास्तविकता क्या है और मनोज सिन्हा को लगी चोटों की परिस्थितियां क्या थीं, इसका स्पष्ट खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। जांच के दौरान घटना से जुड़े लोगों के बयान, आवेदन में लगाए गए आरोप, मेडिकल दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इधर, मामले के बाद मनोज सिन्हा और उनके परिवार के समर्थन में लगातार लोगों के सामने आने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रिंकू कुमार ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
फिलहाल, आंगो थाना प्रभारी पर लगे मारपीट के आरोप और उनके द्वारा किए गए इनकार के बीच मामला जांच के दौर में है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था। पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आने और विवाद का समाधान होने की उम्मीद है।
    user_Roushan sinha
    Roushan sinha
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    22 hrs ago
  • जमीन विवाद में पथराव पुलिस ने लगाया निर्माण कार्य पर रोक
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    जमीन विवाद में पथराव पुलिस ने लगाया निर्माण कार्य पर रोक
    user_Md sabir
    Md sabir
    Local News Reporter मांडू, रामगढ़, झारखंड•
    9 hrs ago
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    user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    19 hrs ago
  • शिवाने नदी में डूबे टिंकू महतो का शव बरामद, 200-250 मीटर दूर मिला शव
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    शिवाने नदी में डूबे टिंकू महतो का शव बरामद, 200-250 मीटर दूर मिला शव
    user_Mohan Guru
    Mohan Guru
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    17 hrs ago
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