विधायक प्रदीप प्रसाद के आवास की रेकी का आरोप, हजारीबाग में आक्रोश; सुरक्षा को लेकर उठे सवाल हजारीबाग। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के आनंदपुरी कॉलोनी स्थित निजी आवास के बाहर 2 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे हाई-रिजॉल्यूशन, वाई-फाई और नाइट-विजन सुविधा वाले आधुनिक निगरानी कैमरे को लगाने के कथित प्रयास का मामला सामने आने के बाद हजारीबाग में आक्रोश है। स्थानीय लोगों और विधायक के सहयोगियों ने संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए दोनों व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया कि पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों के बयानों में विरोधाभास सामने आया और करीब एक घंटे की पूछताछ में उनके बयान बदलते रहे। विधायक पिछले तीन-चार दिनों से आवास से बाहर हैं और इसी दौरान उनके घर के बाहर निगरानी उपकरण लगाने के कथित प्रयास ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक की ओर से पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, डीआईजी हजारीबाग प्रक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को पत्र भेजा गया है। विधायक ने कहा कि मैंने आज तक किसी का बुरा नहीं किया है। पता नहीं किस मंशा से यह कार्य किया जा रहा है। जब तक प्रशासन इसकी पूरी पड़ताल नहीं कर लेता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है और अब पुलिस प्रशासन को तय करना है कि उनके आवास की सुरक्षा बढ़ाई जाती है या वर्तमान व्यवस्था को सामान्य रखा जाता है। विधायक ने पिछले तीन-चार दिनों की सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कैमरे एवं संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच के साथ पकड़े गए व्यक्तियों के संपर्कों और उन्हें निर्देश देने वालों की पहचान करने की मांग की है। जरूरत पड़ने पर साइबर और विधि-विज्ञान विशेषज्ञों की सहायता से जांच तथा आपराधिक भूमिका सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और उनके परिवार की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा मामले की वास्तविकता जल्द सामने आनी चाहिए। विधायक प्रदीप प्रसाद ने हजारीबागवासियों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मामले से संबंधित अपुष्ट वीडियो या जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
विधायक प्रदीप प्रसाद के आवास की रेकी का आरोप, हजारीबाग में आक्रोश; सुरक्षा को लेकर उठे सवाल हजारीबाग। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के आनंदपुरी कॉलोनी स्थित निजी आवास के बाहर 2 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे हाई-रिजॉल्यूशन, वाई-फाई और नाइट-विजन सुविधा वाले आधुनिक निगरानी कैमरे को लगाने के कथित प्रयास का मामला सामने आने के बाद हजारीबाग में आक्रोश है। स्थानीय लोगों और विधायक के सहयोगियों ने संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए दोनों व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया कि पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों के बयानों में विरोधाभास सामने आया और करीब एक घंटे की पूछताछ में उनके बयान बदलते रहे। विधायक पिछले तीन-चार दिनों से आवास से बाहर हैं और इसी दौरान उनके घर के बाहर निगरानी उपकरण लगाने के कथित प्रयास ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक की ओर से पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, डीआईजी हजारीबाग प्रक्षेत्र और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को पत्र भेजा गया है। विधायक ने कहा कि मैंने आज तक किसी का बुरा नहीं किया है। पता नहीं किस मंशा से यह कार्य किया जा रहा है। जब तक प्रशासन इसकी पूरी पड़ताल नहीं कर लेता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है और अब पुलिस प्रशासन को तय करना है कि उनके आवास की सुरक्षा बढ़ाई जाती है या वर्तमान व्यवस्था को सामान्य रखा जाता है। विधायक ने पिछले तीन-चार दिनों की सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कैमरे एवं संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच के साथ पकड़े गए व्यक्तियों के संपर्कों और उन्हें निर्देश देने वालों की पहचान करने की मांग की है। जरूरत पड़ने पर साइबर और विधि-विज्ञान विशेषज्ञों की सहायता से जांच तथा आपराधिक भूमिका सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और उनके परिवार की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा मामले की वास्तविकता जल्द सामने आनी चाहिए। विधायक प्रदीप प्रसाद ने हजारीबागवासियों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मामले से संबंधित अपुष्ट वीडियो या जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
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