दरभंगा में धूमधाम से मनाया गया मिथिला का लोकपर्व चौरचन दरभंगा में मिथिला का लोकपर्व चौरचन मनाया गया दरभंगा में धूमधाम से मनाया गया मिथिला का लोकपर्व चौरचन दरभंगा। मिथिलांचल की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा लोकआस्था का पर्व चौरचन दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं और परिवार के सदस्यों ने विधि-विधान से भगवान चंद्रदेव की पूजा-अर्चना की और सुख, शांति एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। चौरचन पर्व के अवसर पर घरों में विशेष रूप से पकवान और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। शाम होते ही लोगों ने पूजा की तैयारी शुरू की। भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा के बाद विभिन्न प्रकार के फल, मिठाइयां और पारंपरिक प्रसाद अर्पित किए गए। मिथिला में चौरचन पर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक चंद्रदेव की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में खुशहाली आती है। दरभंगा में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की, वहीं बच्चों और युवाओं में भी पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। घरों की छतों और आंगनों में चंद्रमा के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पूजा संपन्न की। कुल मिलाकर, मिथिला की लोकसंस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने वाला चौरचन पर्व दरभंगा में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया।
दरभंगा में धूमधाम से मनाया गया मिथिला का लोकपर्व चौरचन दरभंगा में मिथिला का लोकपर्व चौरचन मनाया गया दरभंगा में धूमधाम से मनाया गया मिथिला का लोकपर्व चौरचन दरभंगा। मिथिलांचल की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा लोकआस्था का पर्व चौरचन दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं और परिवार के सदस्यों ने विधि-विधान से भगवान चंद्रदेव की पूजा-अर्चना की और सुख, शांति एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। चौरचन पर्व के अवसर पर घरों में विशेष रूप से पकवान और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। शाम होते ही लोगों ने पूजा की तैयारी शुरू की। भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा के बाद विभिन्न प्रकार के फल, मिठाइयां और पारंपरिक प्रसाद अर्पित किए गए। मिथिला में चौरचन पर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक चंद्रदेव की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में खुशहाली आती है। दरभंगा में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की, वहीं बच्चों और युवाओं में भी पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। घरों की छतों और आंगनों में चंद्रमा के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पूजा संपन्न की। कुल मिलाकर, मिथिला की लोकसंस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने वाला चौरचन पर्व दरभंगा में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया।
- मुजफ्फरपुर के स्कूल गेट पर 18 राउंड फायरिंग, 50 लाख की रंगदारी की पर्ची से मचा हड़कंप | Bihar News बिहार के मुजफ्फरपुर में एक स्कूल के गेट पर बदमाशों ने दिनदहाड़े करीब 18 राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी। फायरिंग के बाद मौके पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाली पर्ची मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संदिग्धों की तस्वीरें CCTV में कैद हुई हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। इस वारदात ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कौन हैं फायरिंग करने वाले बदमाश और 50 लाख की रंगदारी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है? पुलिस की जांच में जल्द इसका खुलासा होने की उम्मीद है। Muzaffarpur News | Bihar Crime News | School Firing | 50 Lakh Extortion | Bihar News | Crime News #Muzaffarpur #MuzaffarpurNews #BiharNews #BiharCrime #CrimeNews #SchoolFiring #Firing #Extortion #Rangdari #50LakhExtortion #CCTVFootage #BiharCrimeNews #BreakingNews #LatestNews #BiharPolice #SchoolSecurity #NewsUpdate1
- हराही पोखर में छठ महापर्व की तैयारी को लेकर पार्षद की पहल, नगर आयुक्त और मेयर... ऐतिहासिक हराही पोखर में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां समय से पहले शुरू कराने की मांग उठने लगी है। वार्ड नंबर 12 के पार्षद मुकेश महाशेठ ने नगर आयुक्त गरिमा लोहिया एवं मेयर को आवेदन सौंपकर छठ घाटों की व्यवस्था दुरुस्त कराने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। बताया गया है कि हराही पोखर में प्रत्येक वर्ष करीब 1,000 परिवार छठ महापर्व मनाते हैं, जबकि पर्व के दौरान करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर समय रहते तैयारी पूरी करने की मांग की गई है। पार्षद मुकेश महाशेठ के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले पोखर में दो से तीन इंच तक गाद जमा हो गई थी और दुर्गंध की समस्या भी उत्पन्न हुई थी। उस समय नगर निगम और स्थानीय छठ व्रतियों के सहयोग से पोखर की सफाई कराई गई थी, जिसके बाद छठ महापर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। वहीं, वर्तमान में हराही पोखर के सौंदर्यीकरण का काम भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पोखर के आसपास बड़े पत्थर और कंटीले तार लगाए गए हैं। यह कार्य बुडको कंपनी द्वारा कराया जा रहा था, लेकिन अदालत की रोक के बाद फिलहाल काम बंद बताया जा रहा है। ऐसे में छठ महापर्व से पहले घाटों की स्थिति और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्षद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पर्व से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी कराई जाएं, ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन हराही पोखर में छठ महापर्व को लेकर कितनी जल्दी आवश्यक कदम उठाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि समय रहते घाटों की व्यवस्था दुरुस्त कर आस्था के इस महापर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाएगा।1
- मधुबनी में आर्केस्ट्रा पर पुलिस का बड़ा एक्शन! 40 नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू, संचालक समेत 15 गिरफ्तार, मधुबनी SSP ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी1
- निर्माणाधीन उमगांव कलुआही सड़क का जिला अधिकारी ने क्षेत्र भ्रमण कर किया निरीक्षण सड़क पर बने गड्ढे पर गहरी चिंता प्रगट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर को एजेंसी एवं ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का दिया सख्त आदेश सड़क निर्माण की गुणवत्ता एवं प्रगति से कोई समझौता नहीं, सरकारी मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप सड़क निर्माण करने का सख्त आदेश मधुबनी। जिले में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा द्वारा लगातार प्रभावी पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी, मधुबनी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन उमगांव–कलुआही सड़क का स्थल निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि उमगांव–सहरसा पैकेज-1 के अंतर्गत निर्माणाधीन उक्त सड़क की कुल लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है। इसमें लगभग 11 किलोमीटर बाईपास तथा शेष 10 किलोमीटर मौजूदा सड़क का हिस्सा शामिल है। जिलाधिकारी ने स्थल पर पहुंचकर सड़क की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की प्रगति तथा यातायात की सुगमता से संबंधित बिंदुओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सड़क के कुछ हिस्सों की स्थिति खराब है तथा कई स्थानों पर गड्ढे एवं जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को एजेंसी एवं ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति की निगरानी करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में आधारभूत संरचनाओं के विकास से न केवल आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, कृषि, रोजगार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी सुगम होगी। उमगांव–कलुआही मार्ग का निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इसके पूर्ण होने से लोगों को बेहतर एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने संबंधित विभाग एवं कार्यकारी एजेंसी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में चल रही सभी महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण किया जाएगा। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। जिलाधिकारी की इस पहल से निर्माणाधीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के कार्य में तेजी आने तथा आम नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी।1
- पत्रकार सीमाब अख्तर की रिहाई के बाद बड़ा बयान! पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद पत्रकार सीमाब अख्तर ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा और पूरे मामले को लेकर अपनी बात साझा की। रिहाई के बाद उन्होंने क्या कहा और किन मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी? सुनिए उनका पूरा बयान। #सीमाबअख्तर #पत्रकार #पत्रकारिता #पुलिसहिरासत #रिहाई #बयान #BreakingNews #LatestNews #BiharNews #MadhubaniNews #Madhubani #KhabarHalchal1
- हाँ वीडियो एक पुराने सवाल को जिंदा करने के लिए इस वीडियो को बनाया गया है वीडियो है जो बनाया गया है पुराना पावर बैंक जो लोकल क्वालिटी के साथ होता है उसको नई बैटरी कैसे रिपेयर करें करेन स्टेप इसमे समझा गया है1
- प्रसव पीड़ा के बीच जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद मां की मौत, पीछे रह गए छह.. एक तरफ घर में जुड़वा बच्चों के जन्म की खुशी थी, तो दूसरी तरफ कुछ ही देर में परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। मामला आनंदपुर सहोड़ा पंचायत के वार्ड संख्या-2 स्थित खिखराही टोल का है। मृतका की पहचान मुनचुन कुमारी, पति रंजीत सहनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुनचुन कुमारी गर्भवती थीं और प्रसव के लिए करीब तीन दिन पहले अपने मायके गई थीं। 12 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि वाहन पहुंचने से पहले ही मुनचुन कुमारी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। बताया जा रहा है कि नवजातों में एक लड़की और एक लड़का है। हालांकि, प्रसव के बाद मुनचुन कुमारी की मौत हो गई। मुनचुन कुमारी की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन दो नवजात बच्चों समेत परिवार के छह बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा? बताया जा रहा है कि रंजीत सहनी की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी की वर्ष 2024 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। पहली पत्नी से भी तीन बच्चे हैं, जबकि मुनचुन कुमारी से तीन बच्चे हैं। इस तरह परिवार में अब छह बच्चे हैं, जिनमें दो मासूम नवजात भी शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई जा रही है। रहने के लिए पक्का मकान तक नहीं है और रंजीत सहनी मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में पत्नी की मौत के बाद छह बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पंचायत के मुखिया कृष्णकांत चौधरी परिजनों से मिलने पहुंचे और परिवार को तत्काल सहायता प्रदान की। उन्होंने कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये का चेक परिजनों को सौंपा। लेकिन सवाल सिर्फ तीन हजार रुपये की सहायता का नहीं है। सवाल उन छह बच्चों के भविष्य का है, जिनमें दो मासूम अभी दुनिया में आए ही हैं और मां का साया उनके सिर से उठ गया। अब जरूरत है कि प्रशासन और समाज आगे आए और इस परिवार को आर्थिक सहायता, आवास तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण के लिए उचित मदद उपलब्ध कराई जाए।1
- मधुबनी के सकरी में Gulf में जॉब पाने के लिए सकरी के इस ऑफिस में युवाओं की उमड़ी भीड़ बिहार से बाहर तक के युवा पहुंचे 19 सितंबर को होगा अगला इंटरव्यू ,संपर्क करें 8799704637 /99718583291
- मुजफ्फरपुर में बड़ा हादसा! शौचालय के टंकी की सेंटरिंग खोलते मीनापुर के दो मजदूरों की मौत1