मझौलिया प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों—रमपुरवा महानवा, बरवा सेमरा घाट, सरिसवा एवं हरपुर—में मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना था। सरिसवा पंचायत में आयोजित शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार, अंचलाधिकारी राजीव रंजन और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर, अधिकारियों ने लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित विभागों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, जीविका, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण योजना, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, पंचायती राज, लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व एवं भूमि सुधार, कृषि, सीएससी तथा आंगनबाड़ी विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं से जुड़े आवेदन संबंधित विभागों को सौंपे। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में प्राप्त लगभग 98 प्रतिशत आवेदनों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन और भाजपा के पूर्व विधायक उमाकांत सिंह ने भी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने शिविर की व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों में सहयोग शिविर को लेकर काफी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस पहल की सराहना की।
मझौलिया प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों—रमपुरवा महानवा, बरवा सेमरा घाट, सरिसवा एवं हरपुर—में मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना था। सरिसवा पंचायत में आयोजित शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार, अंचलाधिकारी राजीव रंजन
और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर, अधिकारियों ने लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित विभागों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, जीविका, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण योजना, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, पंचायती राज, लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व एवं भूमि सुधार, कृषि, सीएससी तथा
आंगनबाड़ी विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं से जुड़े आवेदन संबंधित विभागों को सौंपे। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में प्राप्त लगभग 98 प्रतिशत आवेदनों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन और भाजपा के पूर्व
विधायक उमाकांत सिंह ने भी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने शिविर की व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों में सहयोग शिविर को लेकर काफी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस पहल की सराहना की।
- बेतिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कुत्ता काटने के बाद लगने वाली एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस आधुनिक पद्धति के लागू होने के बाद, बेतिया मेडिकल कॉलेज बिहार का दूसरा ऐसा सरकारी अस्पताल बन जाएगा जहाँ इस नई तकनीक से मरीजों का उपचार किया जाएगा। इस नई वैक्सीन की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें पुरानी पद्धति की तुलना में कम मात्रा में इंजेक्शन देना होगा। जहाँ पहले कई खुराकें और एक अलग प्रक्रिया अपनाई जाती थी, वहीं नई व्यवस्था में वैक्सीन को सीधे त्वचा (इंट्राडर्मल) में दिया जाएगा। इससे वैक्सीन की खपत कम होगी और अधिक से अधिक मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज केवल अपने आधार कार्ड के साथ अस्पताल पहुँचकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पूरी वैक्सीनेशन प्रक्रिया डॉक्टरों की निगरानी में संचालित की जाएगी। चिकित्सकों का कहना है कि यह नई व्यवस्था मरीजों को अनावश्यक परेशानी से राहत देगी और रेबीज जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में अधिक प्रभावी साबित होगी। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि यह सुविधा आम जनता तक सुचारू रूप से पहुँचे, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर तथा बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके।1
- राजस्थान के कोटा में भारतीय रेलवे के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर संजय कुमार झा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के धमोरा गांव निवासी संजय कुमार झा, जो वर्तमान में राजस्थान के रामगंज मंडी में पदस्थापित थे, की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने इसे महज एक दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे मामले की जांच की मांग की है। घटना कोटा के दरा अंडरपास क्षेत्र में किसी कार्य के दौरान बताई जा रही है, जिसके बाद संजय कुमार झा को कोटा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई रमन कुमार झा ने बताया कि परिवार को शुरुआत में मिट्टी में दबने और गंभीर स्थिति में इलाज व सर्जरी की तैयारी की सूचना दी गई थी, लेकिन जब उन्होंने डॉक्टर से सीधी बात कराने की मांग की तो फोन काट दिया गया। इसके बाद उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और काफी देर बाद उनकी मृत्यु की सूचना दी गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें शव केवल एक बार दिखाया गया और लगभग 12 घंटे तक शव अस्पताल में ही रखा गया, जिस पर उन्होंने पारदर्शिता की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं। मृतक की मां ने सीधे तौर पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है और CBI जांच की मांग करते हुए इसे किसी बड़ी साजिश का परिणाम बताया है, न कि साधारण हादसा। उनके भाई रमन कुमार झा ने भी इस संदेह को बल दिया है, यह दावा करते हुए कि कुछ समय पहले संजय कुमार झा का कुछ मजदूर संगठनों से विवाद हुआ था और उन संगठनों द्वारा उनके खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किया गया था, जिससे परिवार को यह एक सुनियोजित साजिश का परिणाम होने की आशंका है। परिजनों ने चिकित्सा व्यवस्था में भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संजय कुमार झा घटनास्थल से अस्पताल ले जाते समय जीवित थे, लेकिन एंबुलेंस में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं, ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध नहीं थे। साथ ही, अस्पताल पहुंचने में भी काफी विलंब हुआ। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो उनकी जान बच सकती थी। एक अनुभवी और प्रतिभाशाली सिविल इंजीनियर के रूप में भारतीय रेलवे में उनके कार्यों की सराहना की जाती थी, और उनकी असामयिक मौत को परिवार के साथ-साथ रेलवे के लिए भी बड़ी क्षति बताया गया है। अब मृतक के परिजन केंद्र सरकार, भारतीय रेलवे और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहे हैं। वे पूरे मामले को CBI को सौंपकर हत्या की आशंका, कथित लापरवाही, चिकित्सा व्यवस्था में हुई देरी और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और परिवार को न्याय मिल सके।1
- भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से 2 जून 2026 को पश्चिम चंपारण जिले में एक विशेष पहल की गई। इस दिन, जिले की कुल 44 ग्राम पंचायतों में "सहयोग शिविर" का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसका मुख्य लक्ष्य इन उद्देश्यों को पूरा करना था।1
- मझौलिया प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों—रमपुरवा महानवा, बरवा सेमरा घाट, सरिसवा एवं हरपुर—में मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना था। सरिसवा पंचायत में आयोजित शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार, अंचलाधिकारी राजीव रंजन और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर, अधिकारियों ने लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित विभागों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, जीविका, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण योजना, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, पंचायती राज, लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व एवं भूमि सुधार, कृषि, सीएससी तथा आंगनबाड़ी विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं से जुड़े आवेदन संबंधित विभागों को सौंपे। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में प्राप्त लगभग 98 प्रतिशत आवेदनों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन और भाजपा के पूर्व विधायक उमाकांत सिंह ने भी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने शिविर की व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों में सहयोग शिविर को लेकर काफी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस पहल की सराहना की।4
- बेतिया के नौतन थाना क्षेत्र के मंगलपुर कलां स्थित वार्ड नंबर 7 की नल जल योजना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि यह योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचारी है, क्योंकि इसे इस तरह से चालू कर दिया गया है कि इसमें एक भी नल नहीं लग सकता है। आरोप है कि इस योजना को सिर्फ वोट प्राप्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।1
- नौतन प्रखंड के मंगलपुर गुदरिया स्थित वार्ड नंबर 7 के आंगनवाड़ी केंद्र पर 40 बच्चों को पोशाक वितरित किए गए।1
- पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया अनुमंडल अंतर्गत बहुरवा पंचायत के वार्ड नंबर 3 में नल जल योजना की स्थिति खराब है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सरकार द्वारा पीने के पानी के लिए शुरू की गई यह योजना, इसके लागू होने के बाद केवल एक साल तक ही चली। एक साल तक पानी आने के बाद, तब से लेकर आज तक कई सालों से इसमें पानी नहीं आया है। शिकायत की जा रही है कि इस महत्वपूर्ण योजना की कोई जांच पड़ताल नहीं हो रही है।1
- बेतिया के कालीबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत छावनी निवासी आकाश यादव पर कथित तौर पर आधा दर्जन लोगों ने हमला कर दिया। आकाश यादव के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब वह मीट खरीदने गए थे। छावनी चौक पहुंचते ही आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से उन पर हमला किया और मारपीट करते हुए उन्हें झिलिया की ओर ले गए, जहाँ घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल आकाश को जीएमसीएच बेतिया में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज हुआ। इलाज के बाद जब आकाश यादव घर लौटे, तो आरोपियों द्वारा उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि केस नहीं उठाने पर उन्हें जान से मारकर फेंक देने की धमकी दी जा रही है। आकाश यादव ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि पीड़ित के फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1