कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित ग्राम किशवा खेड़ा में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान उनके तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। चौपाल में गांव के विकास कार्यों के साथ-साथ पेयजल, आवास, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने जानकारी दी कि शासन की मंशा के अनुरूप, ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए गांव-गांव जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। एडीओ आईएसबी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। संबंधित सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसी क्रम में, बाहरी उमरी गांव में भी एडीओ पंचायत अश्वनी कुमार द्वारा एक जन चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को विधिवत सुना गया, जिनमें सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था और राशन संबंधी शिकायतें प्रमुख थीं। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के प्रति जागरूक भी किया गया। इन जन चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने शनिवार करीब 4:00 बजे बताया कि प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों की सहूलियत के लिए लगातार जारी है।
कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित ग्राम किशवा खेड़ा में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान उनके तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। चौपाल में गांव के विकास कार्यों के साथ-साथ पेयजल, आवास, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने जानकारी दी कि शासन की मंशा के अनुरूप, ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए गांव-गांव जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। एडीओ आईएसबी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। संबंधित सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसी क्रम में, बाहरी उमरी गांव में भी एडीओ पंचायत अश्वनी कुमार द्वारा एक जन चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को विधिवत सुना गया, जिनमें सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था और राशन संबंधी शिकायतें प्रमुख थीं। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के प्रति जागरूक भी किया गया। इन जन चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने शनिवार करीब 4:00 बजे बताया कि प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों की सहूलियत के लिए लगातार जारी है।
- गुरुवार को सिकंदरा कस्बे में बकरीद का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाह पहुंचकर नमाज अदा की। सुबह करीब 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। नमाज के उपरांत, लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम, सौहार्द तथा भाईचारे का संदेश प्रसारित किया। इस अवसर पर, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश में अमन, शांति और भाईचारे की मजबूती के लिए हाथ उठाकर विशेष दुआएं मांगी। त्योहार को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर उपजिलाधिकारी प्रदुमन कुमार, क्षेत्राधिकारी प्रिया सिंह, तहसीलदार राकेश चंद्रा और थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप पूरे कस्बे में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला तथा पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4
- औरैया में जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने मानस सभागार कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक संपन्न होने के बाद, जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, PWD और NHAI के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर जनपद के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का स्थलीय निरीक्षण किया। सभी अधिकारी व कर्मचारी एक ही वाहन में सवार होकर निरीक्षण स्थल पर पहुंचे। इस निरीक्षण के दौरान, पूर्व में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात के दबाव, सड़क की भौगोलिक स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तार से समीक्षा की गई। निरीक्षण के पश्चात, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।4
- औरैया जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने मानस सभागार कलेक्ट्रेट औरैया में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई और उपस्थित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद, जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी व कर्मचारी एक ही वाहन पर सवार होकर जनपद के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का स्थलीय निरीक्षण करने निकले। इस दौरान उन्होंने पूर्व में घटित सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात के दबाव, सड़क की भौगोलिक स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की। इस स्थलीय निरीक्षण और विस्तृत समीक्षा के आधार पर, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।3
- कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित ग्राम किशवा खेड़ा में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान उनके तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। चौपाल में गांव के विकास कार्यों के साथ-साथ पेयजल, आवास, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने जानकारी दी कि शासन की मंशा के अनुरूप, ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए गांव-गांव जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। एडीओ आईएसबी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। संबंधित सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसी क्रम में, बाहरी उमरी गांव में भी एडीओ पंचायत अश्वनी कुमार द्वारा एक जन चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को विधिवत सुना गया, जिनमें सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था और राशन संबंधी शिकायतें प्रमुख थीं। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के प्रति जागरूक भी किया गया। इन जन चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने शनिवार करीब 4:00 बजे बताया कि प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों की सहूलियत के लिए लगातार जारी है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की के दो सप्ताह से लापता होने के मामले में शनिवार को ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने पुलिस चौकी पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर लगाकर सड़क जाम कर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि गांव का ही एक युवक विशाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। परिवार ने यह भी बताया कि आरोपी युवक पहले भी लड़की को स्कूल आते-जाते समय परेशान करता था। इसके साथ ही, परिजनों ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि 22 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिवार ने यह भी बताया है कि उन्हें आरोपी पक्ष से धमकियां मिल रही हैं। इस घटना से नाराज़ ग्रामीणों ने चौकी के बाहर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नाबालिग की बरामदगी के साथ-साथ आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, पुलिस ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नाबालिग की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि शुरुआत में ही प्रभावी कार्रवाई होती तो मामला इतना नहीं बढ़ता।1