पीलीभीत सूचना विभाग के अनुसार, 25 मई 2026 को जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और मा. ब्लॉक प्रमुख पूरनपुर के प्रतिनिधि अपूर्व सिंह ने विकास खण्ड पूरनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत रम्पुरा फकीरे में माँ गोमती नदी के पुनरूद्धार और निर्मल गंगा जल अभियान कार्य का विधि-विधान से पूजन कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी, मा. ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, गायत्री परिजन, व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन ने फावड़ा चलाकर नदी के पुनरोद्धार हेतु श्रमदान किया। जिलाधिकारी ने गोमती नदी को 'आदि गंगा' के नाम से संबोधित करते हुए बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी ने इस पर विशेष ध्यान दिया है और आने वाले समय में माधोटांडा एक बड़ा पर्यटन स्थल बनने जा रहा है। उन्होंने गोमती नदी के ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए पुनरूद्धार के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के जल को स्वच्छ बनाना, इसके प्रवाह को अविरल रखना और जल स्तर में सुधार करना है, जिसे जनप्रतिनिधियों और लोगों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सबकी साझा जिम्मेदारी भी बताया और ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। मा. ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अपूर्व सिंह ने कहा कि गोमती नदी पीलीभीत की पहचान है और नदियाँ हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। उन्होंने इस पुनरूद्धार अभियान को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला बताया, जिससे जल स्तर में सुधार के साथ-साथ स्थानीय जैव विविधता को भी नया जीवन मिलेगा। अपूर्व सिंह ने गोमती नदी को नया जीवन प्रदान करने और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने पर जोर दिया, साथ ही नदी की खुदाई और सफाई का कार्य सही तरीके से कराने की बात कही। इस दौरान गायत्री परिवार के स्मरवीर सिंह, अशोक खंडेलवाल, ठाकुर अजय सिंह, ड्रीम मैंगो की दीपिका चतुर्वेदी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे, और कार्यक्रम का संचालन पूरनपुर के बीडीओ/डीसी मनरेगा ने किया। कार्यक्रम के दौरान भारी जनसमूह उमड़ा और सभी ने अगले कार्यक्रमों में भी श्रद्धा भाव से पहुंचने का संकल्प लिया। देर तक गोमती माता के जयकारे गूंजते रहे। जिलाधिकारी ने माता भगवती देवी गोशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहाँ भंडारे में उन्होंने सहित सभी श्रमदानियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। गोशाला प्रबंधक अनंतराम पालिया और लालता प्रसाद शास्त्री ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर पूरनपुर व कलीनगर के एसडीएम, तहसीलदार व विकास विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे, साथ ही गोमती सेवक राममूर्ति सिंह, लक्ष्मण प्रसाद वर्मा, कुंवर निर्भय सिंह, संदीप खंडेलवाल, गुड्डू वाजपेई, रामनरेश शुक्ला, शक्ति सिंह, राजेश गुप्ता, राजू खंडेलवाल, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, किरण सिंह, गौरव पांडेय सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन, व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
पीलीभीत सूचना विभाग के अनुसार, 25 मई 2026 को जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और मा. ब्लॉक प्रमुख पूरनपुर के प्रतिनिधि अपूर्व सिंह ने विकास खण्ड पूरनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत रम्पुरा फकीरे में माँ गोमती नदी के पुनरूद्धार और निर्मल गंगा जल अभियान कार्य का विधि-विधान से पूजन कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी, मा. ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, गायत्री परिजन, व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन ने फावड़ा चलाकर नदी के पुनरोद्धार हेतु श्रमदान किया। जिलाधिकारी ने गोमती नदी को 'आदि गंगा' के नाम से संबोधित करते हुए बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी ने इस पर विशेष ध्यान दिया है और आने वाले समय में माधोटांडा एक बड़ा पर्यटन स्थल बनने जा रहा
है। उन्होंने गोमती नदी के ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए पुनरूद्धार के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के जल को स्वच्छ बनाना, इसके प्रवाह को अविरल रखना और जल स्तर में सुधार करना है, जिसे जनप्रतिनिधियों और लोगों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सबकी साझा जिम्मेदारी भी बताया और ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। मा. ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अपूर्व सिंह ने कहा कि गोमती नदी पीलीभीत की पहचान है और नदियाँ हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। उन्होंने इस पुनरूद्धार अभियान को आने वाली
पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला बताया, जिससे जल स्तर में सुधार के साथ-साथ स्थानीय जैव विविधता को भी नया जीवन मिलेगा। अपूर्व सिंह ने गोमती नदी को नया जीवन प्रदान करने और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने पर जोर दिया, साथ ही नदी की खुदाई और सफाई का कार्य सही तरीके से कराने की बात कही। इस दौरान गायत्री परिवार के स्मरवीर सिंह, अशोक खंडेलवाल, ठाकुर अजय सिंह, ड्रीम मैंगो की दीपिका चतुर्वेदी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे, और कार्यक्रम का संचालन पूरनपुर के बीडीओ/डीसी मनरेगा ने किया। कार्यक्रम के दौरान भारी जनसमूह उमड़ा और सभी ने अगले कार्यक्रमों में भी श्रद्धा भाव से पहुंचने
का संकल्प लिया। देर तक गोमती माता के जयकारे गूंजते रहे। जिलाधिकारी ने माता भगवती देवी गोशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहाँ भंडारे में उन्होंने सहित सभी श्रमदानियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। गोशाला प्रबंधक अनंतराम पालिया और लालता प्रसाद शास्त्री ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर पूरनपुर व कलीनगर के एसडीएम, तहसीलदार व विकास विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे, साथ ही गोमती सेवक राममूर्ति सिंह, लक्ष्मण प्रसाद वर्मा, कुंवर निर्भय सिंह, संदीप खंडेलवाल, गुड्डू वाजपेई, रामनरेश शुक्ला, शक्ति सिंह, राजेश गुप्ता, राजू खंडेलवाल, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, किरण सिंह, गौरव पांडेय सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन, व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
- पीलीभीत सूचना विभाग के अनुसार, 25 मई 2026 को जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और मा. ब्लॉक प्रमुख पूरनपुर के प्रतिनिधि अपूर्व सिंह ने विकास खण्ड पूरनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत रम्पुरा फकीरे में माँ गोमती नदी के पुनरूद्धार और निर्मल गंगा जल अभियान कार्य का विधि-विधान से पूजन कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी, मा. ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, गायत्री परिजन, व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन ने फावड़ा चलाकर नदी के पुनरोद्धार हेतु श्रमदान किया। जिलाधिकारी ने गोमती नदी को 'आदि गंगा' के नाम से संबोधित करते हुए बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी ने इस पर विशेष ध्यान दिया है और आने वाले समय में माधोटांडा एक बड़ा पर्यटन स्थल बनने जा रहा है। उन्होंने गोमती नदी के ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए पुनरूद्धार के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के जल को स्वच्छ बनाना, इसके प्रवाह को अविरल रखना और जल स्तर में सुधार करना है, जिसे जनप्रतिनिधियों और लोगों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सबकी साझा जिम्मेदारी भी बताया और ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। मा. ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अपूर्व सिंह ने कहा कि गोमती नदी पीलीभीत की पहचान है और नदियाँ हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। उन्होंने इस पुनरूद्धार अभियान को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला बताया, जिससे जल स्तर में सुधार के साथ-साथ स्थानीय जैव विविधता को भी नया जीवन मिलेगा। अपूर्व सिंह ने गोमती नदी को नया जीवन प्रदान करने और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने पर जोर दिया, साथ ही नदी की खुदाई और सफाई का कार्य सही तरीके से कराने की बात कही। इस दौरान गायत्री परिवार के स्मरवीर सिंह, अशोक खंडेलवाल, ठाकुर अजय सिंह, ड्रीम मैंगो की दीपिका चतुर्वेदी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे, और कार्यक्रम का संचालन पूरनपुर के बीडीओ/डीसी मनरेगा ने किया। कार्यक्रम के दौरान भारी जनसमूह उमड़ा और सभी ने अगले कार्यक्रमों में भी श्रद्धा भाव से पहुंचने का संकल्प लिया। देर तक गोमती माता के जयकारे गूंजते रहे। जिलाधिकारी ने माता भगवती देवी गोशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहाँ भंडारे में उन्होंने सहित सभी श्रमदानियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। गोशाला प्रबंधक अनंतराम पालिया और लालता प्रसाद शास्त्री ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर पूरनपुर व कलीनगर के एसडीएम, तहसीलदार व विकास विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे, साथ ही गोमती सेवक राममूर्ति सिंह, लक्ष्मण प्रसाद वर्मा, कुंवर निर्भय सिंह, संदीप खंडेलवाल, गुड्डू वाजपेई, रामनरेश शुक्ला, शक्ति सिंह, राजेश गुप्ता, राजू खंडेलवाल, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, किरण सिंह, गौरव पांडेय सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन, व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ खेत पर सो रहे एक युवक पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। इस चौंकाने वाली घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन हैरत की बात यह है कि पीड़ित पक्ष की तरफ से अब तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है।1
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर स्थित मोहल्ला बख्तावरलाल में बीते शाम करीब 7-8 घंटे तक बिजली गुल रही। यह समस्या 440 केवीए लाइन खराब होने के कारण उत्पन्न हुई थी, जिससे पूरे मोहल्ले में स्थिति बदतर हो गई और लोग भारी परेशानी का सामना करने लगे। विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच की तो ट्रांसफार्मर खराब मिला। इसके बाद विभाग ने तत्काल एक वैकल्पिक ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की, जिसे कर्मचारियों ने ठीक करके स्थापित भी कर दिया था। हालांकि, कर्मचारियों के जाने के आधे घंटे के भीतर ही इस नए ट्रांसफार्मर में धीरे-धीरे चिंगारियाँ उठने लगीं और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई। इस घटना को देखते हुए, वहाँ मौजूद एक जागरूक व्यक्ति ने तुरंत बीसलपुर के विद्युत अभियंता को फोन पर सारी जानकारी दी।1
- बीसलपुर तहसील के मोहल्ला बख्तावरलाल में बीते शाम 440 केवीए लाइन खराब होने के कारण करीब 7-8 घंटे बिजली गुल रही, जिससे पूरे मोहल्ले में स्थिति बदतर हो गई और लोग त्राहिमाम करने लगे। विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर देखा तो ट्रांसफार्मर खराब मिला। इसके बाद विभाग ने तुरंत एक वैकल्पिक ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की, लेकिन कर्मचारी उसे ठीक करके गए ही थे कि आधे घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर में धीरे-धीरे चिंगारी उठने लगी और उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, वहाँ मौजूद एक जागरुक व्यक्ति ने तत्काल बीसलपुर के विद्युत अभियंता को फोन पर सारी जानकारी दी। जेई ने तत्परता दिखाते हुए विद्युत लाइन को बंद करवाया और लाइनमैन को भेजकर व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए। इसके बाद लाइनमैन प्रमोद ने मौके पर पहुँचकर मोहल्ले वालों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद लाइन को दोबारा जोड़ा गया और विद्युत व्यवस्था को सुचारु कर दिया गया, जिसके बाद मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। इसी घटनाक्रम के दौरान किसी व्यक्ति ने आग लगने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- बदायूँ में गैंगस्टर कार्रवाई के बाद एक युवक की मौत से भयंकर गुस्सा भड़क उठा है, जिसके चलते देर रात तक उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। परिजनों ने जरीफनगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी लगातार दबिश और प्रताड़ना से मजबूर होकर करू उर्फ कल्यान नामक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस ने मृतक के बेटे संजय को “फर्जी तमंचा बरामदगी” के एक मामले में जेल भेज दिया था और उन पर लगातार दबाव बना रही थी। पुलिस पर लगे इन गंभीर आरोपों के बीच, इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल बताया जा रहा है।1
- बरेली के क्योलड़िया थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गौवंशीय पशुओं के वध की फिराक में लगे एक शातिर बदमाश इकराम उर्फ हड्डी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस टीम बीती रात गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि थाना हाफिजगंज और क्योलड़िया के बॉर्डर पर कैलाश नदी के पुल के पास घने जंगल में कुछ बदमाश गौवंशीय पशुओं को पकड़कर उनका वध करने की तैयारी में हैं, और एक बदमाश पहले ही मौका मुआयना करने आ चुका है। इस सूचना पर पुलिस ने कैलाश नदी किनारे घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर बदमाश ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पकड़े गए बदमाश की पहचान इकराम उर्फ हड्डी पुत्र असलम, निवासी मोहल्ला हज्जीयापुर, थाना बारादरी के रूप में हुई है। उसके पास से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस (315 बोर), एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद हुई। घायल इकराम को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, इकराम एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ बरेली और शाहजहांपुर में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। इस मुठभेड़ के संबंध में मु0अ0सं0 191/26 धारा 109(1) बीएनएस व 25/27 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।1
- बरेली पुलिस ने कर्तव्यों में लापरवाही, सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन और गंभीर आरोपों के मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। बरेली पुलिस ने अपने आधिकारिक X हैंडल से ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी है, जिसमें SSP अनुराग आर्य की बाइट का भी उल्लेख है। SSP अनुराग आर्य ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता और विभागीय गोपनीयता भंग करने के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने पर जोर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, और सभी थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थों से सोशल मीडिया पॉलिसी तथा आचरण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस ठगी का सीधा आरोप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एक कर्मचारी केतन सक्सेना पर लगा है। केतन सक्सेना पर एक व्यक्ति को नौकरी का झांसा देकर उससे लाखों रुपये हड़पने के आरोप लगाए गए हैं।1