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Mukesh Lal
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Mukesh Lal1
- 🏆 रियाद (सऊदी अरब) में आयोजित एशियाई लैक्रोज गेम्स में महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले भारतीय दल के उदयपुर लौटने पर शहर गर्व और उत्साह से गूंज उठा। अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराने वाले जनजाति अंचल के खिलाड़ियों और उनके कोच का नगरभर में ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और देशभक्ति नारों के साथ भव्य स्वागत किया गया। महिला टीम की कप्तान सुनीता मीणा सहित जुला कुमारी गुर्जर, मीरा दौजा, यशिष्ठा बत्रा, डाली गमेती, रोशनी बोस, मुकन कुमारी गुर्जर एवं जानवी राठौड़ तथा पुरुष टीम के खिलाड़ी मोहनलाल गमेती, खुमाराम गमेती, दयाशंकर गमेती, नारायणलाल गमेती, निशांत नागदा के साथ भारतीय टीम के कोच नीरज बत्रा का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया। महाराणा प्रताप खेल गांव से शुरू हुई विजेता रैली गोपेश्वर महादेव मंदिर, पंजाबी बाग गार्डन, संभागीय आयुक्त कार्यालय, रामपुरा चौराहा और ग्राम पंचायत धार तक निकाली गई। विभिन्न स्थानों पर खिलाड़ियों और कोच नीरज बत्रा को शाल-उपरणा व पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उदयपुर सहित पूरे देश को गौरवान्वित किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए खेलों में उत्कृष्टता का प्रेरणास्रोत बना1
- हम केलवाड़ा टू राजसमंद जा रहे हैं घूमने के लिए1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान1
- Post by निलेश जोहार आदिवासी1
- 9 खेतों से अफीम‑गांजे के पौधे जब्त । रोहिडा। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रोहिडा थाना अधिकारी अमराराम खोखर के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ी क्षेत्र के दुर्गम विंहगम स्थान पर चल रही अफीम व गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया गया। पुलिस ने कुल 9 खेतों से अफीम और गांजे के हरे पौधे बरामद कर नष्ट किए। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रोहिडा पुलिस द्वारा यह बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि काकरलीफली क्षेत्र में पहाड़ी और दुर्गम स्थान, नाले के पास, अफीम व गांजे की खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहाँ मोबाइल नेटवर्क न होने और वाहन के आवागमन में कठिनाई के बावजूद चार दिनों तक अलग-अलग कार्रवाई कर तलाशी ली गई ओर इस बड़ी कार्रवाई अंजाम दीया गया । क्या मिला और कितना बरामद? * कुल 9 खेतों में लगभग 8 बीघा क्षेत्र में अवैध खेती पाई गई। * अफीम के हरे पौधों का वजन 40 क्विंटल 57 किलोग्राम । * गांजे के हरे पौधों का वजन 18 क्विंटल 87 किलोग्राम । * कुल मिलाकर 58 क्विंटल 87 किलोग्राम अवैध अफीम व गांजा जब्त किया गया। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिस में (1) दीपु देवी, पत्नी रामाराम जाती गमेती भील, उम्र 35 वर्ष, निवासी काकरलीफली पनिया पुलिस थाना रोहिडा। (2) ओबाराम , पुत्र भेराराम जाती गमेती भील , उम्र 35 वर्ष, निवासी काकरलीफली पनिया, पुलिस थाना रोहिडा। सौंफ‑वरयाली के बीच छिपाकर की जा रही थी अवैध खेती । पुलिस के अनुसार, यह अवैध अफीम व गांजे की खेती अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में की जा रही थी। नाले के किनारे स्थित खेतों में सौंफ की वरयाली के बीच बड़ी चालाकी से अफीम और गांजे के पौधे लगाए गए थे, ताकि दूर से देखने पर नशीली फसल नजर न आए। इसके अलावा खेत के चारों तरफ पलास के पत्तों की बाड़ लगाकर भी इन पौधों को छिपाने की व्यवस्था की गई थी। ऐसे इंतज़ामों के बावजूद पुलिस की सतर्कता ने इस जाल को बेनकाब किया। इनकी रही अहम भूमिका । रोहिड़ा थाना अधिकारी अमराराम खोखर,छेलसिंह,रमेश कुमार, रोहिताश,अमन कुमार,कांजी कुमार, बजरंगलाल,लक्षणराम,राजेश कुमार, रामलाल, विनोद कुमार,अनिल कुमार, रेखा कुमारी, प्रियंका सहित टीम की अहम भूमिका रही । इलाके की कठिनाई और अभियान की पृष्ठभूमि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने से वहां पहुंचना कठिन । मोबाइल नेटवर्क न होने और वाहन के लिए रास्ता सीमित होने के बावजूद पुलिस ने पैदल, कठिन रास्तों से जाकर अलग-अलग दिन और स्थानों पर तलाशी की। इस तरह के क्षेत्र अक्सर अवैध मादक पदार्थों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाते हैं, क्योंकि प्रशासन व पुलिस की निगरानी कम मिलती है। लेकिन लगातार सूचना संकलन और सतर्कता ने इस अवैध काम को नाकाम किया। आगे क्या होगा? पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान सख्ती से जारी रहेगा। जो भी ऐसे अवैध कार्यों में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई में तेजी बरती जाएगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम ने जनता से भी सहयोग की अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत दें, ताकि ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में भी अवैध खेती और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।1
- फालना बाली उपखंड अधिकारी को कोट बांध के रखरखाव को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया है। ग्रामीणों ने बांध की पाल पर उगे अंग्रेजी बबूल के पेड़ों की सफाई और क्षतिग्रस्त नहर के पक्के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, कोट बांध कोट, केरापुरा, सादलवा टीपरी, पुनादिया, लालराई, इंगरली और मुंडारा गांवों के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। बांध की पाल पर खड़े अंग्रेजी बबूल के पेड़ों की जड़ें बहुत बड़ी हो गई हैं और वे बांध की पत्थर की दीवार में घुस रही हैं।1
- Post by Mukesh Lal1