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राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले में स्थित नवलगढ़ विधानसभा के लिए एक व्यक्ति को लाडला और सच्चा जनसेवक बताया गया है। इस घोषणा में उन्हें क्षेत्र के सच्चे लोक सेवक के रूप में सराहा गया है।
राजू काँकोरिया खण्डार
राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले में स्थित नवलगढ़ विधानसभा के लिए एक व्यक्ति को लाडला और सच्चा जनसेवक बताया गया है। इस घोषणा में उन्हें क्षेत्र के सच्चे लोक सेवक के रूप में सराहा गया है।
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- राजस्थान के कोटा में महंत देवानंद महाराज की हत्या कर दी गई है। इस घटना के संबंध में दूसरे महंत नंदनवन को हिरासत में ले लिया गया है।1
- राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले में नवलगढ़ विधानसभा से डॉक्टर श्री राजकुमार जी शर्मा साहब पूर्व विधायक रह चुके हैं।1
- एक मामले में पत्थर की ट्रॉली की कीमत को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। ट्रैक्टर चालक का कहना है कि वे एक ट्रॉली पत्थर ₹2000 में डालते हैं, जबकि पत्थर के बिल पर इसी ट्रॉली की कीमत ₹3000 लगाई गई है। यह विरोधाभास ₹1000 प्रति ट्रॉली के दाम में सीधा अंतर दर्शाता है, जिससे कीमत को लेकर स्पष्ट विसंगति उजागर हुई है।1
- राजस्थान के मलारना डूंगर उपखंड के कोथाली गांव में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि यह काम केवल कागजों में चल रहा है, जबकि धरातल पर एक भी श्रमिक मौजूद नहीं है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। पिछले पखवाड़े में 140 श्रमिकों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर किसी ने भी काम नहीं किया और कार्यस्थल पर एक भी श्रमिक नहीं पहुंचा। बताया गया कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति की गई। इस चालू पखवाड़े में भी 1 जून से 70 श्रमिकों की मस्टरोल जारी हुई है, पांच दिन बीत जाने के बावजूद न तो काम शुरू हुआ है और न ही कोई श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 12 महीनों से सिर्फ तीन आदमी फिक्स कर रखे हैं और उनके अलावा किसी अन्य श्रमिक को काम पर नहीं लगाया जाता। ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पंचायत सेक्रेटरी अंकित गुप्ता और पंचायत नरेगा सेक्रेटरी बाबूलाल गुर्जर से शिकायत भी की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ और दोषी श्रमिकों को हटाकर दूसरों को काम पर नहीं लगाया गया, जिससे मेट और पंचायत सेक्रेटरी के बीच मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। दैनिक भास्कर द्वारा संपर्क किए जाने पर पंचायत सेक्रेटरी अंकित कुमार गुप्ता ने नरेगा से संबंधित किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई और नरेगा सेक्रेटरी बाबूलाल गुर्जर से बात करने को कहा। जब बाबूलाल गुर्जर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका काम केवल मस्टरोल जारी करना है। उन्होंने काम करवाने और श्रमिकों को रोके रखने की सारी जिम्मेदारी मेट पर डाल दी और स्वीकार किया कि वे आज तक कार्यस्थल पर गए ही नहीं हैं। इस तरह, दोनों ही सेक्रेटरी अपनी-अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए। इसके बाद, पंचायत समिति के जेईएन नरेंद्र मीणा को इस बारे में सूचित किया गया, जिन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, एसडीएम संदीप कुमार बैहरड़ ने भी मामले की जांच के लिए अधिकारी भेजने की बात कही है।1
- श्योपुर के ग्राम उतनवाड में सफाई कर्मचारियों द्वारा गाँव की गलियों और नालियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। बरसात के मौसम में संभावित जलभराव और गंदगी की समस्या से निपटने के उद्देश्य से यह कार्य लगातार जारी है। सफाई कर्मचारियों ने नालियों में जमा कचरा और कीचड़ हटाकर रास्तों को साफ किया है, जिससे गाँव में एक स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिल रही है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए, गाँव में नियमित और बेहतर सफाई व्यवस्था जारी रखने की मांग की है, ताकि बीमारियों के फैलने का खतरा कम हो और गाँव का वातावरण स्वच्छ बना रहे।1
- मॉनसून 2026 ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और वर्तमान गति के अनुसार, इसके 20 जून तक राजस्थान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के गणेश नगर बी में बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां सुबह 4:00 बजे से ही तेज रफ्तार में आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरती हैं, जिस पर शासन-प्रशासन की कार्रवाई मात्र खानापूर्ति नजर आती है। आज सुबह लगभग 5:00 बजे इसी तरह की एक तेज रफ्तार बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली एक मकान से जा टकराई, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले दिनों रणथंबोर रोड पर भी बजरी से भरी एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉली ने एक दूध डेयरी की पिकअप को टक्कर मार दी थी। हालांकि, उस घटना के बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। अब यह देखने वाली बात है कि क्या शासन-प्रशासन अंततः तेज रफ्तार और बिना नंबर वाली बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई करता है या नहीं, जिस पर स्थानीय निवासी लगातार सवाल उठा रहे हैं।1