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राजस्थान के कोटा में महंत देवानंद महाराज की हत्या कर दी गई है। इस घटना के संबंध में दूसरे महंत नंदनवन को हिरासत में ले लिया गया है।
जनहित आवाज न्यूज़
राजस्थान के कोटा में महंत देवानंद महाराज की हत्या कर दी गई है। इस घटना के संबंध में दूसरे महंत नंदनवन को हिरासत में ले लिया गया है।
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- राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले में स्थित नवलगढ़ विधानसभा के लिए एक व्यक्ति को लाडला और सच्चा जनसेवक बताया गया है। इस घोषणा में उन्हें क्षेत्र के सच्चे लोक सेवक के रूप में सराहा गया है।1
- भौंती थाना क्षेत्र की खोड़ चौकी पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। घटना दर्ज होने के महज चंद घंटों के भीतर ही पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ग्राम चंदावनी निवासी गोपाल कोली की रिपोर्ट पर दर्ज मामले में धर्मेंद्र परिहार, अजब सिंह परिहार, फूलाबाई परिहार और रीनू परिहार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इन आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और डंडे भी बरामद किए गए हैं।1
- श्योपुर जिले के बड़ौदा क्षेत्र में रतोदन रोड पर एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना की खबर मिलते ही बड़ौदा पुलिस मौके पर पहुंची और बस पलटने से घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।1
- राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस बदलते मौसम के मद्देनज़र येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को संभावित मौसमी बदलावों के प्रति सचेत किया जा सके।1
- बार-बार 'सब चोर हैं!' का आरोप लगाते हुए, गहरा असंतोष और आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह जोरदार और लगातार दोहराया गया बयान लोगों के बीच व्याप्त भारी नाराजगी और व्यापक निराशा को दर्शाता है।1
- देश में आम आदमी को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है, जहाँ पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब रसोई गैस भी महंगी हो गई है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी की है, जिसकी नई दरें कल आधी रात से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं। यह पिछले तीन महीनों के भीतर दूसरी बार है जब एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे गृहणियों का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। इस मूल्य वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब ₹913 की जगह ₹942 में मिलेगा। इससे पहले इसी वर्ष 7 मार्च को सिलेंडर के दामों में ₹60 की भारी बढ़ोतरी की गई थी। आँकड़ों के अनुसार, पिछले 14 महीनों में घरेलू गैस की कीमतों में कुल ₹139 का इजाफा हो चुका है, जिसे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा डाका बताया जा रहा है। देश के मुख्य शहरों में भी घरेलू एलपीजी के नए दाम बढ़ गए हैं, जिनमें कोलकाता में ₹968, चेन्नई में ₹957.50, मुंबई में ₹941.50, पटना में ₹1040.00 और जयपुर में ₹945.50 शामिल हैं। घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ दिल्ली में अन्य श्रेणियों के सिलेंडर भी ऊंचे स्तर पर हैं, जहाँ कमर्शियल सिलेंडर (19 किलोग्राम) ₹3113.50 और 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर ₹821.50 में मिल रहा है। दिल्ली की एक गृहणी सुनीता शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले ही सब्जियों और तेल के दाम बढ़े हुए हैं, और अब गैस भी महंगी कर दी गई है, जिससे हर महीने बजट बनाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों और सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजार पर पड़ा है। गैस पाइपलाइन और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के गणेश नगर बी में बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां सुबह 4:00 बजे से ही तेज रफ्तार में आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरती हैं, जिस पर शासन-प्रशासन की कार्रवाई मात्र खानापूर्ति नजर आती है। आज सुबह लगभग 5:00 बजे इसी तरह की एक तेज रफ्तार बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली एक मकान से जा टकराई, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले दिनों रणथंबोर रोड पर भी बजरी से भरी एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉली ने एक दूध डेयरी की पिकअप को टक्कर मार दी थी। हालांकि, उस घटना के बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। अब यह देखने वाली बात है कि क्या शासन-प्रशासन अंततः तेज रफ्तार और बिना नंबर वाली बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई करता है या नहीं, जिस पर स्थानीय निवासी लगातार सवाल उठा रहे हैं।1