रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 को करीब साढ़े पांच घंटे तक जाम कर कानून व्यवस्था बाधित करने वालों पर पुसौर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बलवा, राजमार्ग अवरुद्ध करने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 29 जून 2026 को ग्राम कठली के पास हुई, जहाँ एक अज्ञात वाहन की टक्कर से ग्राम टपरदा निवासी 40 वर्षीय शंकरध्वज निषाद की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शव हटाने का विरोध किया और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर धरना देकर रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पत्थर और पेड़ों की डालियां रखकर भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी, जिससे लगभग साढ़े पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस द्वारा लगातार समझाइश देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने पर ही प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके उपरांत मार्ग से अवरोध हटाकर शव को वैधानिक कार्रवाई के लिए भेजा गया। कानून व्यवस्था बाधित करने, राजमार्ग अवरुद्ध करने, गाली-गलौज और धमकी देने के आधार पर थाना पुसौर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 190, 191(2), 126(2), 296 एवं 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि दुर्घटना जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में नागरिकों को शांति और संयम बनाए रखना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग या सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर कानून हाथ में लेना दंडनीय अपराध है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे मामलों में कानून व्यवस्था बाधित करने वालों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 को करीब साढ़े पांच घंटे तक जाम कर कानून व्यवस्था बाधित करने वालों पर पुसौर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बलवा, राजमार्ग अवरुद्ध करने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 29 जून 2026 को ग्राम कठली के पास हुई, जहाँ एक अज्ञात वाहन की टक्कर से ग्राम टपरदा निवासी 40 वर्षीय शंकरध्वज निषाद की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शव हटाने का विरोध किया और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर धरना देकर रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पत्थर और पेड़ों की डालियां रखकर भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी, जिससे लगभग साढ़े पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस द्वारा लगातार समझाइश देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने पर ही प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके उपरांत मार्ग से अवरोध हटाकर शव को वैधानिक कार्रवाई के लिए भेजा गया। कानून व्यवस्था बाधित करने, राजमार्ग अवरुद्ध करने, गाली-गलौज और धमकी देने के आधार पर थाना पुसौर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 190, 191(2), 126(2), 296 एवं 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि दुर्घटना जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में नागरिकों को शांति और संयम बनाए रखना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग या सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर कानून हाथ में लेना दंडनीय अपराध है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे मामलों में कानून व्यवस्था बाधित करने वालों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- बिल्हा पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मंगलवार शाम 4 बजे बिल्हा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी महेश कोसले (पिता छेदीलाल कोसले, उम्र 38 वर्ष, निवासी भैसबोड, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर) के घर से कुल 122 देशी/मसाला शराब के पाव जब्त किए हैं। जब्त शराब में 97 पाव देशी प्लेन शराब और 25 पाव देशी मसाला शराब शामिल है, जिसकी कुल मात्रा 21.960 लीटर और अनुमानित कीमत ₹10,260 है। यह कार्रवाई उमनि एवं वपुअ महोदय श्री रजनेश सिंह बिलासपुर (भा.पु.से.) के निर्देशों के परिपालन में की गई है, जिन्होंने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को अवैध शराब बिक्री और परिवहन करने वाले व्यक्तियों पर अंकुश लगाने हेतु निर्देशित किया था। इस आदेश के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्रीमती नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर एक सिविल टीम गठित की गई। इस टीम ने बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों से संपर्क कर अवैध शराब बिक्री एवं परिवहन करने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और विश्वस्त मुखबिरों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में, दिनांक 29.06.2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि महेश कोसले निवासी भैसबोड अपने घर में भारी मात्रा में अवैध शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना पर सिविल टीम ने मौके पर भैसबोड पहुंचकर महेश कोसले की उपस्थिति में उसके मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, घर के अंदर एक सफेद रंग के थैले में 97 नग देशी प्लेन शराब और एक काले रंग के पिट्ठू बैग में 25 नग देशी मसाला शराब पाई गई, जिसे कुल 122 नग देशी/मसाला शराब (मात्रा 21.960 लीटर, कीमती ₹10,260) के साथ जब्त कर लिया गया। आरोपी महेश कोसले को अपराध धारा 34(2) का आरोपी पाए जाने पर आज मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। बिल्हा पुलिस ने बताया है कि अवैध गतिविधियों पर उनकी लगातार कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, प्र.आर. 102 अमर चन्द्रा, आरक्षक 1210 सुमन चंद्रवशी, 1390 संतोष मरकाम, 1431 अर्जुन जांगडे का विशेष योगदान रहा।1
- राजेश मिश्रा की एक रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और संचार सहित लगभग हर क्षेत्र में अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। हालांकि, AI के बढ़ते उपयोग के साथ एक नया पहलू सामने आ रहा है, जिस पर अब विशेषज्ञ गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं: डेटा सेंटरों में पानी की बढ़ती खपत। AI-आधारित सेवाओं को संचालित करने वाले बड़े डेटा सेंटर अत्यधिक कंप्यूटिंग क्षमता का उपयोग करते हैं। इन सर्वरों से उत्पन्न होने वाली गर्मी को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर जल-आधारित शीतलन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे AI के विस्तार के साथ-साथ पानी और ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भले ही एक-दो प्रश्न पूछने से पानी की बड़ी मात्रा खर्च न हो, लेकिन जब दुनिया भर में प्रतिदिन करोड़ों लोग AI का उपयोग करते हैं, तो जल संसाधनों पर इसका कुल प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, बड़े AI मॉडलों के प्रशिक्षण और संचालन में भी पर्याप्त मात्रा में जल संसाधनों का अप्रत्यक्ष उपयोग होता है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया पहले से ही जलवायु परिवर्तन, भूजल के लगातार दोहन, बढ़ती आबादी और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में AI जैसी आधुनिक तकनीकों का भी जिम्मेदारी और आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना समय की मांग बन गया है। विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि AI जल संकट का सबसे बड़ा कारण नहीं है, क्योंकि कृषि, उद्योग और शहरी जल प्रबंधन का प्रभाव कहीं अधिक है। फिर भी, डिजिटल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से ऊर्जा और पानी दोनों की बचत में योगदान दिया जा सकता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार हम बिजली और पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचते हैं, उसी प्रकार AI का उपयोग भी आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए। अनावश्यक प्रयोगों के बजाय सोच-समझकर किया गया उपयोग भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक हो सकता है। तकनीक के लाभ उठाने के साथ-साथ, हर संसाधन की तरह AI का भी जिम्मेदारी और जरूरत के अनुसार उपयोग करना आवश्यक है, क्योंकि छोटी-छोटी सावधानियां ही भविष्य के जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।1
- अकलतरा-बलौदा मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना अकलतरा क्षेत्र में घटी, जहाँ एक अज्ञात ट्रेलर ने व्यक्ति को रौंद दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई।1
- भारत में कुछ समय पहले एक ऐतिहासिक पौराणिक कथा से संबंधित एक नाम बदला गया है।1
- बिलासपुर में महिला सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तोरवा पुलिस ने छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के आरोपी राम मोंगरे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ बुरी नीयत से छेड़छाड़ की गई और उसकी लेगिंग फाड़ दी गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तोरवा थाना में अपराध क्रमांक 356/2026 के तहत धारा 74 और 296 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 29 जून 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे, देवरीडीह निवासी राम मोंगरे ने बुरी नीयत से उसका हाथ और बांह पकड़कर छेड़छाड़ की। आरोपी ने पीड़िता द्वारा पहनी गई लेगिंग को भी फाड़ दिया था। घटना की सूचना मिलते ही, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एक पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राम मोंगरे पिता मलिक मोंगरे, निवासी देवरीडीह, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। विधिसम्मत कार्रवाई के बाद, पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। महिला संबंधी अपराधों पर तोरवा पुलिस द्वारा दिखाई गई इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हो रही है।1
- चकरभाठा पुलिस ने सोमवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि उन्होंने दो आरोपियों को 22 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 BM 7883 पर ग्राम सरवानी तालाब के पास से ग्राम पोड़ी की तरफ जा रहे हैं और उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल के बीच में एक प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में शराब रखी हुई है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम सरवानी के तालाब के पास मुख्य मार्ग पर उक्त मोटरसाइकिल को रोका और जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में कुल 22 लीटर महुआ शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 4400 रुपये बताई गई है। आरोपियों की पहचान हरप्रसाद मरावी (46 वर्ष) पिता शोभाराम मरावी और दिलसिंह गोंड (22 वर्ष) पिता मांझीराम गोंड के रूप में हुई है। दोनों ग्राम पोड़ी(स), थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर सोमवार को माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर पेश किया। चकरभाठा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या डायल 112 पर दें।1
- कोरबा जिले के कुटरा गांव में पिछले तीन महीनों से किसी ख़राबी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण गांव के लोगों में असंतोष व्याप्त है।1
- रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक मकानों पर बुलडोजर चलाया है। इस दौरान पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल देखा गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन का दावा है कि यह जमीन विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए चिन्हित सरकारी भूमि है। वहीं, प्रभावित ग्रामीण वर्षों से इस भूमि पर अपना निवास होने का दावा कर रहे हैं।1