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सिरमौर विधायक युवराज दिव्यराज सिंह जी ने भाजपा कार्यकर्ता राजेश्वर माझी की बेटी के विवाह समारोह में भाग लिया। वे बसुआर स्थित उनके घर पहुंचे।
पत्रकार विनोद पांडेय
सिरमौर विधायक युवराज दिव्यराज सिंह जी ने भाजपा कार्यकर्ता राजेश्वर माझी की बेटी के विवाह समारोह में भाग लिया। वे बसुआर स्थित उनके घर पहुंचे।
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- रीवा जिले के जवा जनपद के ग्राम पथरौड़ा में सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 30 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सीसी सड़क केवल कागजों पर ही बना दी गई है, जबकि मौके पर इसका निर्माण कार्य आज तक शुरू ही नहीं हुआ। ग्रामीणों को इस अनियमितता का पता तब चला जब गांव में सूचना पट लगाया गया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील कर रहे हैं।1
- प्रयागराज में मनोज मुसाफिर ने 2027 के चुनावों को लेकर एक खुला चैलेंज जारी किया है, जिसमें उन्होंने घोषणा की है कि बनिया समाज इस बार न तो भाजपा की सरकार का, न सपा की सरकार का और न ही बसपा सरकार का समर्थन करेगा। मुसाफिर ने स्पष्ट किया कि 2027 में बनिया समाज अपनी ताकत दिखाते हुए नोटा का बटन दबाएगा। इसी बीच, मनोज मुसाफिर ने बीजेपी नेता संगम गुप्ता पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि बेटा नालायक निकल जाए तो उसे छोड़ देना चाहिए, अन्यथा वह दीमक की तरह खोखला कर देगा। मुसाफिर की यह टिप्पणी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, विशेष रूप से मेजा में हुए एक हत्याकांड के संदर्भ में, जिसके लिए सख्त कार्रवाई, बुलडोजर से जुड़ी संभावित कार्रवाई, और दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की जा रही है। इस घटनाक्रम के बीच, सुहेलदेव राजभर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि वह उन्हें लेकर “योगी जी” के पास जाएंगे और उनसे मुलाकात करवाएंगे। यह पूरा मामला और इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह लोगों में गहरी चर्चा का विषय बन गया है।1
- रीवा में ब्राह्मण समाज के प्रति एक युवक द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना ने एक सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है। यह नया विवाद भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद दिए गए एक बयान को लेकर और भी तेज हो गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बघेली कलाकार मनीष पटेल के एक विवादित टाइटल को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे और एफआईआर दर्ज करने की स्थिति बनी थी। सामने आए इस वीडियो का उद्देश्य किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के प्रति नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि इसका मुख्य लक्ष्य पूरे घटनाक्रम, विवाद की वास्तविक वजह और इस पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाओं की जानकारी प्रदान करना है।1
- प्रयागराज में पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्यवाही पूरामुफ्ती पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है।1
- बिहार के भोजपुर जिले में युवा समाजसेवी और क्रांतिकारी कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई संदिग्ध मौत के बाद देश भर में न्याय की मांग को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिए जाने के बाद बिहार सहित मध्य प्रदेश के रीवा जिले और पड़ोसी राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया, जो स्थानीय विवेकानंद पार्क से शुरू होकर शिल्पी प्लाजा होते हुए अग्रसेन चौक तक पहुंचा। इस दौरान आक्रोशित युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर "भारत भूषण तिवारी अमर रहे" और "न्याय दो न्याय दो" के गगनभेदी नारे लगाए। इस मौके पर समाजसेवी सुधीर पांडेय, सतीश चौबे, मोहित चौबे और अन्य गणमान्य लोगों ने बिहार पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। सभा को संबोधित करते हुए सुधीर पांडेय और सतीश चौबे ने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे जो लगातार दबे-कुचलों की लड़ाई लड़ रहे थे और प्रशासन को उसकी सोई हुई जिम्मेदारियों के प्रति जगाने का काम कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उत्तेजना या आवेश में आकर भरत भूषण तिवारी ने पिस्टल जरूर उठा ली थी, लेकिन उन्होंने किसी को भी जान-माल की हानि नहीं पहुंचाई थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष पूर्णतः आत्मसमर्पण कर दिया था, तब पुलिस को उन पर गोली चलाने का कोई विधिक या नैतिक अधिकार नहीं था। निहत्थे और आत्मसमर्पण कर चुके व्यक्ति पर गोली चलाना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन और 'फर्जी एनकाउंटर' की श्रेणी में आता है। श्रद्धांजलि सभा के अंत में समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बिहार सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, इस कथित 'फर्जी एनकाउंटर' में शामिल दोषी पुलिस अधिकारियों व हत्यारों पर तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय व मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समय रहते क्रांतिकारी भरत तिवारी के हत्यारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो इस न्याय की लड़ाई को और उग्र किया जाएगा तथा इसके विरोध में संपूर्ण भारत बंद का आवाहन करने के लिए देशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। इस कैंडल मार्च में सुधीर पांडे, सतीश चौबे, मोहित चौबे सहित सैकड़ों समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में मृत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।2
- बाबा भोलेनाथ की नगरी के रूप में विख्यात मुनिराजन मंदिर में पूजा पाठ का आयोजन किया गया।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड से संबंधित एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में घटना से जुड़ी कुछ जानकारी होने की संभावना है।1