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सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित खण्डीप गांव में पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की मांग पर केंद्रित है, और इसे पूरे जोश, उत्साह और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आंदोलन के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली, जिसके माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखंड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को दोहराया। किसानों ने घोषणा की है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान भी किया है। धरना स्थल पर कमांड क्षेत्र के छोटे उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कई गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे यह आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया है। धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। विभिन्न गांवों द्वारा क्रमवार जिम्मेदारी निभाए जाने से आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया है कि पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।

4 hrs ago
user_Rakesh Agarwal
Rakesh Agarwal
पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
4 hrs ago

सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित खण्डीप गांव में पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की मांग पर केंद्रित है, और इसे पूरे जोश, उत्साह और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आंदोलन के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली, जिसके माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखंड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को दोहराया। किसानों ने घोषणा की है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान भी किया है। धरना स्थल पर कमांड क्षेत्र के छोटे उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कई गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे यह आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया है। धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। विभिन्न गांवों द्वारा क्रमवार जिम्मेदारी निभाए जाने से आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया है कि पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।

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  • चौथकाबरवाड़ा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भगवतगढ़ के पास एक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक ट्रक नीचे गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति घायल हो गया।
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    चौथकाबरवाड़ा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भगवतगढ़ के पास एक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक ट्रक नीचे गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति घायल हो गया।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मोर्य ने उपस्थित लोगों को उनके विभिन्न विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। न्यायिक मजिस्ट्रेट मोर्य ने विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़ित प्रतिकर योजना सहित अन्य पीड़ित प्रतिकर स्कीमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें राहत पहुंचाना है। उन्होंने आमजन से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में लोगों को न्याय तक आसान पहुंच और विधिक सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर पैनल एडवोकेट लोकेश कुमार सीठा और एडवोकेट जसपाल गुर्जर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
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    सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मोर्य ने उपस्थित लोगों को उनके विभिन्न विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

न्यायिक मजिस्ट्रेट मोर्य ने विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़ित प्रतिकर योजना सहित अन्य पीड़ित प्रतिकर स्कीमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें राहत पहुंचाना है। उन्होंने आमजन से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में लोगों को न्याय तक आसान पहुंच और विधिक सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।

इस अवसर पर पैनल एडवोकेट लोकेश कुमार सीठा और एडवोकेट जसपाल गुर्जर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मचकुंड में आस्था और श्रद्धा का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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    सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मचकुंड में आस्था और श्रद्धा का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    1 hr ago
  • श्योपुर शहर की बड़ौदा रोड कॉलोनी में दिनदहाड़े महज पांच मिनट के भीतर एक बाइक चोरी की घटना सामने आई है। कॉलोनी निवासी विष्णु राठौर ने बताया कि उन्होंने अपनी बाइक कुछ देर के लिए खड़ी की थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनकी बाइक लेकर भाग निकला। जैसे ही विष्णु राठौर की नजर चोर पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उसका पीछा भी किया, लेकिन आरोपी तेज गति से फरार होने में कामयाब रहा और पकड़ में नहीं आया।
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    श्योपुर शहर की बड़ौदा रोड कॉलोनी में दिनदहाड़े महज पांच मिनट के भीतर एक बाइक चोरी की घटना सामने आई है। कॉलोनी निवासी विष्णु राठौर ने बताया कि उन्होंने अपनी बाइक कुछ देर के लिए खड़ी की थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनकी बाइक लेकर भाग निकला। जैसे ही विष्णु राठौर की नजर चोर पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उसका पीछा भी किया, लेकिन आरोपी तेज गति से फरार होने में कामयाब रहा और पकड़ में नहीं आया।
    user_Irsad News
    Irsad News
    Court reporter श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • टोंक शहर में पांच बत्ती से लेकर गड्ढा पहाड़िया तक का मुख्य पानी निकास नाला इस समय पूरी तरह से जाम हो चुका है। मौजूदा मानसून सत्र के चलते, नालों की सफाई के अभाव में आने वाले बारिश के सीजन में टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। नाले में कीचड़ और गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। आम जनता के हित को देखते हुए, नगर परिषद से इन नालों की तत्काल और उचित सफाई करवाने की मांग की जा रही है। हालांकि, नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई को लेकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे भविष्य में टोंक को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
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    टोंक शहर में पांच बत्ती से लेकर गड्ढा पहाड़िया तक का मुख्य पानी निकास नाला इस समय पूरी तरह से जाम हो चुका है। मौजूदा मानसून सत्र के चलते, नालों की सफाई के अभाव में आने वाले बारिश के सीजन में टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।

नाले में कीचड़ और गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। आम जनता के हित को देखते हुए, नगर परिषद से इन नालों की तत्काल और उचित सफाई करवाने की मांग की जा रही है। हालांकि, नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई को लेकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे भविष्य में टोंक को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
    user_Credible News
    Credible News
    Software Developer टोंक, टोंक, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराए जाने की माँग की गई है।
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    सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराए जाने की माँग की गई है।
    user_Kosal
    Kosal
    टोंक, टोंक, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित खण्डीप गांव में पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की मांग पर केंद्रित है, और इसे पूरे जोश, उत्साह और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आंदोलन के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली, जिसके माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखंड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को दोहराया। किसानों ने घोषणा की है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान भी किया है। धरना स्थल पर कमांड क्षेत्र के छोटे उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कई गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे यह आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया है। धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। विभिन्न गांवों द्वारा क्रमवार जिम्मेदारी निभाए जाने से आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया है कि पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।
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    सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित खण्डीप गांव में पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की मांग पर केंद्रित है, और इसे पूरे जोश, उत्साह और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

आंदोलन के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली, जिसके माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखंड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को दोहराया।

किसानों ने घोषणा की है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान भी किया है। धरना स्थल पर कमांड क्षेत्र के छोटे उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कई गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे यह आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया है।

धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। विभिन्न गांवों द्वारा क्रमवार जिम्मेदारी निभाए जाने से आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।

महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया है कि पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

इस किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा एवं सीमा में स्थित सुरेली रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 5:30 बजे एक प्रेमी युगल ट्रेन के आगे आ गया, जिससे मौके पर ही दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद शव कई जगह बिखर गए, जिन्हें समेटने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को चौथ का बरवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहाँ उनका पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जीआरपी थाना प्रभारी हरीमन ने बताया कि मृतकों की पहचान टोंक जिले के सुरजा भेरू निवासी 25 वर्षीय मनचेता पुत्री रूपनारायण गुर्जर और 26 वर्षीय विमल गुर्जर पुत्र रामनिवास गुर्जर के रूप में हुई है। ट्रेन से कटने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके से शवों को कब्जे में लिया और परिजनों की सहायता से दोनों के शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौथ का बरवाड़ा की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाए गए हैं। प्राथमिक जाँच में यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, और यह भी सामने आया है कि दोनों पहले से शादीशुदा थे। पुलिस इस मामले को लेकर दोनों पक्षों से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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    सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा एवं सीमा में स्थित सुरेली रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 5:30 बजे एक प्रेमी युगल ट्रेन के आगे आ गया, जिससे मौके पर ही दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद शव कई जगह बिखर गए, जिन्हें समेटने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को चौथ का बरवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहाँ उनका पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जीआरपी थाना प्रभारी हरीमन ने बताया कि मृतकों की पहचान टोंक जिले के सुरजा भेरू निवासी 25 वर्षीय मनचेता पुत्री रूपनारायण गुर्जर और 26 वर्षीय विमल गुर्जर पुत्र रामनिवास गुर्जर के रूप में हुई है। ट्रेन से कटने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके से शवों को कब्जे में लिया और परिजनों की सहायता से दोनों के शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौथ का बरवाड़ा की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाए गए हैं।

प्राथमिक जाँच में यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, और यह भी सामने आया है कि दोनों पहले से शादीशुदा थे। पुलिस इस मामले को लेकर दोनों पक्षों से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • टोंक जिले के सुरेली रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक युवक और युवती की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बनेठा थाना पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चौथ का बरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बनेठा क्षेत्र के सूरज्या भैरू गांव निवासी विमल और मंचिता के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि युवक और युवती रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आगे आ गए थे, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है।
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    टोंक जिले के सुरेली रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक युवक और युवती की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बनेठा थाना पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चौथ का बरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बनेठा क्षेत्र के सूरज्या भैरू गांव निवासी विमल और मंचिता के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि युवक और युवती रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आगे आ गए थे, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
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