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राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। चंबल के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या उसी बैरक में बंद एक अन्य हार्डकोर कैदी विष्णु ने की, जिसके साथ जगन ने कुछ देर पहले तक लूडो खेला था और सामान्य तरीके से समय बिताया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु और डकैत जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की और साथ बैठकर लूडो खेला, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसी बैरक से जगन गुर्जर का शव मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जब जेल स्टाफ राउंड पर पहुंचा तो जगन मृत अवस्था में पड़ा था। पूछताछ में विष्णु ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना जुर्म कबूलते हुए कहा कि "मैंने ही उसे मार डाला।" जेल प्रशासन के मुताबिक, जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु पिछले तीन वर्षों से इसी जेल में कैद था। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह गैंगवार का मामला नहीं लग रहा है। प्रथम दृष्टया यह हत्या दोनों कैदियों के बीच हुए आपसी विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जगन अक्सर उसे ताने मारता था और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिसके कारण उसने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया। जेल सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जगन गुर्जर को दिन में सामान्य बैरक में रखा जाता था, जबकि रात के समय उसे विशेष सुरक्षा सेल में शिफ्ट किया जाता था। धौलपुर के डांग क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले अपराध की दुनिया में उतरा था। वर्ष 1994 में अपने जीजा के हत्यारों की हत्या के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में अपना गैंग बना लिया और जल्द ही राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सबसे खूंखार डकैतों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती, लूट, डकैती और पुलिस पर हमलों समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैलाई थी, जिस पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2019 में उस पर दो महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने का गंभीर आरोप भी लगा था। जगन ने कई बार अपराध छोड़ने का दावा किया और वर्ष 2001, 2009, 2018 और 2022 में आत्मसमर्पण भी किया, यहाँ तक कि अपनी बेटी की शादी के समय उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम भी खाई थी, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध के रास्ते पर लौट गया। चंबल के बीहड़ों में वर्षों तक खौफ का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी ही बैरक में मारा गया है। जिस अपराध की दुनिया ने उसे पहचान दी, उसी दुनिया का अंत भी हिंसक तरीके से हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर आखिर ऐसी वारदात कैसे हो गई? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक थी या यह केवल दो कैदियों के बीच विवाद का नतीजा था? इन सभी सवालों के जवाब अब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

22 hrs ago
user_Avdesh Sharma
Avdesh Sharma
Newspaper advertising department बसेरी, धौलपुर, राजस्थान•
22 hrs ago

राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। चंबल के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या उसी बैरक में बंद एक अन्य हार्डकोर कैदी विष्णु ने की, जिसके साथ जगन ने कुछ देर पहले तक लूडो खेला था और सामान्य तरीके से समय बिताया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु और डकैत जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की और साथ बैठकर लूडो खेला, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसी बैरक से जगन गुर्जर का शव मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जब जेल स्टाफ राउंड पर पहुंचा तो जगन मृत अवस्था में पड़ा था। पूछताछ में विष्णु ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना जुर्म कबूलते हुए कहा कि "मैंने ही उसे मार डाला।" जेल प्रशासन के मुताबिक, जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु पिछले तीन वर्षों से इसी जेल में कैद था। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह गैंगवार का मामला नहीं लग रहा है। प्रथम दृष्टया यह हत्या दोनों कैदियों के बीच हुए आपसी विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जगन अक्सर उसे ताने मारता था और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिसके कारण उसने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया। जेल सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जगन गुर्जर को दिन में सामान्य बैरक में रखा जाता था, जबकि रात के समय उसे विशेष सुरक्षा सेल में शिफ्ट किया जाता था। धौलपुर के डांग क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले अपराध की दुनिया में उतरा था। वर्ष 1994 में अपने जीजा के हत्यारों की हत्या के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में अपना गैंग बना लिया और जल्द ही राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सबसे खूंखार डकैतों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती, लूट, डकैती और पुलिस पर हमलों समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैलाई थी, जिस पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2019 में उस पर दो महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने का गंभीर आरोप भी लगा था। जगन ने कई बार अपराध छोड़ने का दावा किया और वर्ष 2001, 2009, 2018 और 2022 में आत्मसमर्पण भी किया, यहाँ तक कि अपनी बेटी की शादी के समय उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम भी खाई थी, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध के रास्ते पर लौट गया। चंबल के बीहड़ों में वर्षों तक खौफ का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी ही बैरक में मारा गया है। जिस अपराध की दुनिया ने उसे पहचान दी, उसी दुनिया का अंत भी हिंसक तरीके से हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर आखिर ऐसी वारदात कैसे हो गई? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक थी या यह केवल दो कैदियों के बीच विवाद का नतीजा था? इन सभी सवालों के जवाब अब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • अजमेर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनके परिजन और समर्थक जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और अपनी मांगों को पूरा होने तक पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया है। परिजनों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं: एक तो जगन गुर्जर की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए, और दूसरी यह कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
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    अजमेर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनके परिजन और समर्थक जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और अपनी मांगों को पूरा होने तक पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया है।

परिजनों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं: एक तो जगन गुर्जर की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए, और दूसरी यह कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
    user_रिपोर्टर राकेश तंवर
    रिपोर्टर राकेश तंवर
    बयाना, भरतपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • धौलपुर शहर में मोहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में तीजे का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा शहर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा।
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    धौलपुर शहर में मोहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में तीजे का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा शहर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • अजमेर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर, डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे उनके परिजनों और गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ पुलिस-प्रशासन ने वार्ता की। इस वार्ता के बाद पुलिस और प्रतिनिधि मंडल के बीच एक समझौता हो गया। प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन पर कई बिंदुओं पर सहमति बनी, जिससे यह मामला सुलझ गया। समझौते के तहत, डकैत जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम सहित उनके अन्य परिजनों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, जो अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं, उन्हें धौलपुर अथवा भरतपुर की जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन के खिलाफ भी जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पप्पू गुर्जर और उनके साथ धौलपुर जेल में बंद दो अन्य भाइयों को जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, जगन गुर्जर के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के अंतिम मुकदमे में भी जांच की जाएगी, और तत्कालीन बाड़ी एसएचओ, जिसने यह मुकदमा दर्ज किया था, उसके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच होगी। इस पूरे मामले में राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी जगन गुर्जर के परिजनों को आश्वासन दिया है।
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    अजमेर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर, डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे उनके परिजनों और गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ पुलिस-प्रशासन ने वार्ता की। इस वार्ता के बाद पुलिस और प्रतिनिधि मंडल के बीच एक समझौता हो गया। प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन पर कई बिंदुओं पर सहमति बनी, जिससे यह मामला सुलझ गया।

समझौते के तहत, डकैत जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम सहित उनके अन्य परिजनों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, जो अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं, उन्हें धौलपुर अथवा भरतपुर की जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन के खिलाफ भी जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पप्पू गुर्जर और उनके साथ धौलपुर जेल में बंद दो अन्य भाइयों को जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, जगन गुर्जर के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के अंतिम मुकदमे में भी जांच की जाएगी, और तत्कालीन बाड़ी एसएचओ, जिसने यह मुकदमा दर्ज किया था, उसके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच होगी। इस पूरे मामले में राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी जगन गुर्जर के परिजनों को आश्वासन दिया है।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    3 min ago
  • जौरा के व्यस्ततम एमएस रोड पर मंगलवार को तिकोनिया पार्क से लेकर पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम के कारण राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जाम की मुख्य वजह तिकोनिया पार्क के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के सामने पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव है। बैंक परिसर में पार्किंग नहीं होने के कारण कर्मचारी और ग्राहक अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंक खुलने के समय और दोपहर के दौरान इस स्थान पर लगभग रोजाना जाम की स्थिति बनती है। मंगलवार को भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे तिकोनिया पार्क से पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक के सामने पार्किंग की समुचित व्यवस्था कराई जाए और सड़क पर अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
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    जौरा के व्यस्ततम एमएस रोड पर मंगलवार को तिकोनिया पार्क से लेकर पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम के कारण राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जाम की मुख्य वजह तिकोनिया पार्क के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के सामने पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव है। बैंक परिसर में पार्किंग नहीं होने के कारण कर्मचारी और ग्राहक अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगती है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंक खुलने के समय और दोपहर के दौरान इस स्थान पर लगभग रोजाना जाम की स्थिति बनती है। मंगलवार को भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे तिकोनिया पार्क से पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक के सामने पार्किंग की समुचित व्यवस्था कराई जाए और सड़क पर अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पीएमश्री रा उ मा विद्यालय हिण्डोन सिटी के प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर उनके परिवारजन बैंड बाजा लेकर पहुंचे। शुभचिंतकों और विद्यालय स्टाफ ने उनके कार्यकाल की सराहना की। हिंडौन के कई लोगों ने प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
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    पीएमश्री रा उ मा विद्यालय हिण्डोन सिटी के प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर उनके परिवारजन बैंड बाजा लेकर पहुंचे। शुभचिंतकों और विद्यालय स्टाफ ने उनके कार्यकाल की सराहना की। हिंडौन के कई लोगों ने प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    11 hrs ago
  • जौरा नगर के वार्ड क्रमांक 11 और वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों ने अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र रावत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान दोनों वार्डों के लोगों ने सड़क, जल निकासी और आम रास्ते जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। वार्ड क्रमांक 11 के रहवासियों ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा नल-जल योजना के तहत करीब दो वर्ष पहले सड़क की खुदाई की गई थी। हालांकि, आज तक न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया, जिससे सड़क बदहाल हो गई है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। वार्डवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें ज्ञापन देने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों ने विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी के नेतृत्व में सीएमओ को ज्ञापन देते हुए बताया कि ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बनने के बाद क्षेत्र में आम रास्ते की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों सहित आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी ने वार्डवासियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वार्डवासी सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों वार्डों के बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित थे और उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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    जौरा नगर के वार्ड क्रमांक 11 और वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों ने अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र रावत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान दोनों वार्डों के लोगों ने सड़क, जल निकासी और आम रास्ते जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।

वार्ड क्रमांक 11 के रहवासियों ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा नल-जल योजना के तहत करीब दो वर्ष पहले सड़क की खुदाई की गई थी। हालांकि, आज तक न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया, जिससे सड़क बदहाल हो गई है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। वार्डवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें ज्ञापन देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वहीं, वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों ने विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी के नेतृत्व में सीएमओ को ज्ञापन देते हुए बताया कि ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बनने के बाद क्षेत्र में आम रास्ते की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों सहित आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी ने वार्डवासियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वार्डवासी सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों वार्डों के बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित थे और उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था। धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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    करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है।

प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था।

धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • शिवपुरी के पोहरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 में एक बिजली का खंभा टूट गया है, जिसके कारण बिजली के तार सड़क पर फैल गए और आवागमन बाधित हुआ। गनीमत यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान बिजली नहीं आ रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँच गए हैं।
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    शिवपुरी के पोहरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 में एक बिजली का खंभा टूट गया है, जिसके कारण बिजली के तार सड़क पर फैल गए और आवागमन बाधित हुआ। गनीमत यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान बिजली नहीं आ रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँच गए हैं।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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