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करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था। धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

8 hrs ago
user_Krishan murari rajora
Krishan murari rajora
हिंडौन, करौली, राजस्थान•
8 hrs ago

करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था। धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

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  • करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था। धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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    करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है।

प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था।

धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • पीएमश्री रा उ मा विद्यालय हिण्डोन सिटी के प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर उनके परिवारजन बैंड बाजा लेकर पहुंचे। शुभचिंतकों और विद्यालय स्टाफ ने उनके कार्यकाल की सराहना की। हिंडौन के कई लोगों ने प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
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    पीएमश्री रा उ मा विद्यालय हिण्डोन सिटी के प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर उनके परिवारजन बैंड बाजा लेकर पहुंचे। शुभचिंतकों और विद्यालय स्टाफ ने उनके कार्यकाल की सराहना की। हिंडौन के कई लोगों ने प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    9 hrs ago
  • राजस्थान में सरकारें जब 'प्रशासन गांवों के संग' जैसे बड़े-बड़े शिविर आयोजित करती हैं, तो ग्रामीणों में उम्मीद जगती है कि उनकी सालों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। हालाँकि, जब इन शिविरों में पेयजल जैसी बुनियादी ज़रूरत पर भी चर्चा नहीं होती, तो ग्रामीणों का व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है। मोरड़ा गांव में पिछले 20 साल यानी दो दशकों से पेयजल का संकट गहराया हुआ है, जहाँ पूरी एक पीढ़ी सिर्फ़ टैंकरों के भरोसे पानी पीकर बड़ी हुई है। मीडिया में आवाज़ उठाने, जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने और 181 (राजस्थान संपर्क पोर्टल) पर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है, जो सिस्टम की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस स्थिति के लिए जलदाय विभाग (PHED) की घोर लापरवाही, जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक इच्छाशक्ति में कमी और अधिकारियों की जवाबदेही तय न होना प्रमुख कारण हैं। करोड़ों रुपये का बजट कागज़ों में पास होने के बाद भी पानी ज़मीन पर नहीं पहुंचना स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चुनाव में बड़े वादे कर जीतने के बाद जनता की बुनियादी समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल देना नेताओं की उदासीनता का प्रमाण है, जिसने मोरड़ा के ग्रामीणों को 20 साल से प्यासा रखा है। समस्या का समाधान न हो पाने के पीछे कागज़ी खानापूर्ति और भ्रष्टाचार भी एक बड़ी वजह है, जहाँ योजनाओं का पैसा पाइपलाइनों या बोरिंग के नाम पर निकाल लिया जाता है, लेकिन तकनीकी खामी या सही प्लानिंग न होने से पानी घरों तक नहीं पहुंचता। टोडाभीम और करौली के कई इलाकों में भूजल स्तर या तो बहुत नीचे चला गया है या पानी फ्लोराइड युक्त होने के कारण पीने योग्य नहीं है। ऐसी स्थिति में, जब तक गांव को चंबल परियोजना जैसी किसी बड़ी बाहरी नदी या बांध परियोजना से नहीं जोड़ा जाता, स्थानीय स्तर पर बोरिंग कराने से भी हल नहीं निकलता, जिसके लिए बड़े प्रशासनिक प्रयासों की आवश्यकता है, जो अब तक नहीं किए गए। चूंकि शिविरों और सामान्य शिकायतों से कोई असर नहीं हो रहा है, ग्रामीणों को अब सामूहिक आरटीआई के ज़रिए जलदाय विभाग से पिछले 10-20 सालों के बजट और खर्च का हिसाब पूछना चाहिए। साथ ही, स्थानीय अधिकारियों से ऊपर उठकर सीधे जयपुर में जलदाय मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और जलदाय विभाग के मुख्य सचिव को 181 की पुरानी शिकायतों के टोकन नंबर के साथ एक विस्तृत, हस्ताक्षरित ज्ञापन भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री, जलदाय मंत्री और करौली कलेक्टर को टैग कर गांव की खाली मटकियों और टैंकरों की तस्वीरें/वीडियो साझा करके एक अभियान चलाना चाहिए। आगामी चुनावों में 'पानी नहीं तो वोट नहीं' का संकल्प लेना भी लोकतंत्र में जनता का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है। मोरड़ा के ग्रामीण किसी गलती के लिए नहीं, बल्कि एक लापरवाह सिस्टम और राजनीतिक उपेक्षा के शिकार हुए हैं। यह हक की लड़ाई लंबी हो सकती है, लेकिन एकजुटता और सही रणनीति से इस 20 साल पुराने संकट को खत्म किया जा सकता है।
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    राजस्थान में सरकारें जब 'प्रशासन गांवों के संग' जैसे बड़े-बड़े शिविर आयोजित करती हैं, तो ग्रामीणों में उम्मीद जगती है कि उनकी सालों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। हालाँकि, जब इन शिविरों में पेयजल जैसी बुनियादी ज़रूरत पर भी चर्चा नहीं होती, तो ग्रामीणों का व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है। मोरड़ा गांव में पिछले 20 साल यानी दो दशकों से पेयजल का संकट गहराया हुआ है, जहाँ पूरी एक पीढ़ी सिर्फ़ टैंकरों के भरोसे पानी पीकर बड़ी हुई है।

मीडिया में आवाज़ उठाने, जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने और 181 (राजस्थान संपर्क पोर्टल) पर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है, जो सिस्टम की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस स्थिति के लिए जलदाय विभाग (PHED) की घोर लापरवाही, जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक इच्छाशक्ति में कमी और अधिकारियों की जवाबदेही तय न होना प्रमुख कारण हैं। करोड़ों रुपये का बजट कागज़ों में पास होने के बाद भी पानी ज़मीन पर नहीं पहुंचना स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चुनाव में बड़े वादे कर जीतने के बाद जनता की बुनियादी समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल देना नेताओं की उदासीनता का प्रमाण है, जिसने मोरड़ा के ग्रामीणों को 20 साल से प्यासा रखा है।

समस्या का समाधान न हो पाने के पीछे कागज़ी खानापूर्ति और भ्रष्टाचार भी एक बड़ी वजह है, जहाँ योजनाओं का पैसा पाइपलाइनों या बोरिंग के नाम पर निकाल लिया जाता है, लेकिन तकनीकी खामी या सही प्लानिंग न होने से पानी घरों तक नहीं पहुंचता। टोडाभीम और करौली के कई इलाकों में भूजल स्तर या तो बहुत नीचे चला गया है या पानी फ्लोराइड युक्त होने के कारण पीने योग्य नहीं है। ऐसी स्थिति में, जब तक गांव को चंबल परियोजना जैसी किसी बड़ी बाहरी नदी या बांध परियोजना से नहीं जोड़ा जाता, स्थानीय स्तर पर बोरिंग कराने से भी हल नहीं निकलता, जिसके लिए बड़े प्रशासनिक प्रयासों की आवश्यकता है, जो अब तक नहीं किए गए।

चूंकि शिविरों और सामान्य शिकायतों से कोई असर नहीं हो रहा है, ग्रामीणों को अब सामूहिक आरटीआई के ज़रिए जलदाय विभाग से पिछले 10-20 सालों के बजट और खर्च का हिसाब पूछना चाहिए। साथ ही, स्थानीय अधिकारियों से ऊपर उठकर सीधे जयपुर में जलदाय मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और जलदाय विभाग के मुख्य सचिव को 181 की पुरानी शिकायतों के टोकन नंबर के साथ एक विस्तृत, हस्ताक्षरित ज्ञापन भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री, जलदाय मंत्री और करौली कलेक्टर को टैग कर गांव की खाली मटकियों और टैंकरों की तस्वीरें/वीडियो साझा करके एक अभियान चलाना चाहिए। आगामी चुनावों में 'पानी नहीं तो वोट नहीं' का संकल्प लेना भी लोकतंत्र में जनता का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

मोरड़ा के ग्रामीण किसी गलती के लिए नहीं, बल्कि एक लापरवाह सिस्टम और राजनीतिक उपेक्षा के शिकार हुए हैं। यह हक की लड़ाई लंबी हो सकती है, लेकिन एकजुटता और सही रणनीति से इस 20 साल पुराने संकट को खत्म किया जा सकता है।
    user_Hemant Sharma
    Hemant Sharma
    ब्यूरो रिपोर्टर करौली टोडाभीम, करौली, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • अजमेर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनके परिजन और समर्थक जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और अपनी मांगों को पूरा होने तक पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया है। परिजनों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं: एक तो जगन गुर्जर की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए, और दूसरी यह कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
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    अजमेर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनके परिजन और समर्थक जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और अपनी मांगों को पूरा होने तक पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया है।

परिजनों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं: एक तो जगन गुर्जर की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए, और दूसरी यह कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
    user_रिपोर्टर राकेश तंवर
    रिपोर्टर राकेश तंवर
    बयाना, भरतपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • धौलपुर जिले के सरमथुरा में पुलिस ने आबकारी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सरमथुरा पुलिस द्वारा आबकारी विभाग की मौजूदगी में की गई।
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    धौलपुर जिले के सरमथुरा में पुलिस ने आबकारी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सरमथुरा पुलिस द्वारा आबकारी विभाग की मौजूदगी में की गई।
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    55 min ago
  • पश्चिम मध्य रेलवे स्काउट एंड गाइड ने गंगापुर सिटी में चलाए जा रहे अपने 'जल सेवा अभियान' का समापन कर दिया है। इस अभियान का समापन रेल यात्रियों को शरबत पिलाकर किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से, संगठन ने अपनी जल सेवा पहल को सफलतापूर्वक पूरा किया।
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    पश्चिम मध्य रेलवे स्काउट एंड गाइड ने गंगापुर सिटी में चलाए जा रहे अपने 'जल सेवा अभियान' का समापन कर दिया है। इस अभियान का समापन रेल यात्रियों को शरबत पिलाकर किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से, संगठन ने अपनी जल सेवा पहल को सफलतापूर्वक पूरा किया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    2 hrs ago
  • जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर ने न्याय की माँग को लेकर एक अपील की है। इस अपील से जुड़े घटनाक्रम में, उनके भाई अब अजमेर पहुँच गए हैं।
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    जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर ने न्याय की माँग को लेकर एक अपील की है। इस अपील से जुड़े घटनाक्रम में, उनके भाई अब अजमेर पहुँच गए हैं।
    user_Gangapur ki Aabaj
    Gangapur ki Aabaj
    Department of Motor Vehicles गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • जयपुर में पैरा मेडिकल की बैक परीक्षा पास कराने के एवज में 45 छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाने की तैयारी चल रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छापा मारकर इस बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कॉलेज संचालक रामकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकरलाल जाट सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नकल की साजिश पकड़ी जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हुए अन्य छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।
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    जयपुर में पैरा मेडिकल की बैक परीक्षा पास कराने के एवज में 45 छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाने की तैयारी चल रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छापा मारकर इस बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कॉलेज संचालक रामकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकरलाल जाट सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

नकल की साजिश पकड़ी जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हुए अन्य छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।
    user_रिपोर्टर राकेश तंवर
    रिपोर्टर राकेश तंवर
    बयाना, भरतपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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