Shuru
Apke Nagar Ki App…
जयपुर में पैरा मेडिकल की बैक परीक्षा पास कराने के एवज में 45 छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाने की तैयारी चल रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छापा मारकर इस बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कॉलेज संचालक रामकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकरलाल जाट सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नकल की साजिश पकड़ी जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हुए अन्य छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।
रिपोर्टर राकेश तंवर
जयपुर में पैरा मेडिकल की बैक परीक्षा पास कराने के एवज में 45 छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाने की तैयारी चल रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छापा मारकर इस बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कॉलेज संचालक रामकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकरलाल जाट सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नकल की साजिश पकड़ी जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हुए अन्य छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अजमेर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनके परिजन और समर्थक जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और अपनी मांगों को पूरा होने तक पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया है। परिजनों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं: एक तो जगन गुर्जर की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए, और दूसरी यह कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- राजस्थान में पिछले 15 सालों से विद्यार्थी मित्र, पंचायत सहायक और अब पंचायत शिक्षक के नाम पर संविदा पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों का सब्र मंगलवार को टूट गया। राजस्थान पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संघ, संभाग भरतपुर के बैनर तले शिक्षकों ने भरतपुर की सड़कों पर संभाग स्तरीय शंखनाद एवं ध्यान आकर्षण रैली निकाली और सरकार को सीधी चेतावनी दी कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। भरतपुर संभाग के चारों जिलों से आए हजारों पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने नमन मैरिज होम, किला के पास से संभागीय आयुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस हुंकार रैली का नेतृत्व संभाग अध्यक्ष योगेश कौशिक, नरेंद्र सिनासिनी, मुनेंद्र लवानिया, लेखराम गुर्जर, सवाई माधोपुर से हेमराज दीक्षित और करौली से राजवीर ने किया, जबकि प्रदेश से नरेंद्र चौधरी, खेमेंद्र गीठाला और रामजीत गुर्जर भी मोर्चे पर डटे रहे। रैली के बाद एक आक्रोशित प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर जिला कलक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि राजस्थान संविदा सेवा नियम, 2022 के तहत कार्यरत पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों को तुरंत ग्रेड पे के साथ सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने नियमित कर्मचारियों की तरह पूरा वेतनमान, पदोन्नति, पेंशन और सभी सेवा लाभ देने की भी मांग की, आरोप लगाया कि सरकार 15 साल से बच्चों का भविष्य संवारने वाले इन शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मंच से गरजते हुए संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी उनकी मांगों को अनसुना किया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों से लेकर विधानसभा तक संग्राम छेड़ा जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। संघ ने एकजुट होकर अंतिम सांस तक संघर्ष करने का ऐलान करते हुए कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी पंचायत शिक्षकों, विद्यालय सहायकों और सहयोगी संगठनों का आभार जताया।1
- करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था। धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।1
- पीएमश्री रा उ मा विद्यालय हिण्डोन सिटी के प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर उनके परिवारजन बैंड बाजा लेकर पहुंचे। शुभचिंतकों और विद्यालय स्टाफ ने उनके कार्यकाल की सराहना की। हिंडौन के कई लोगों ने प्रिंसिपल गजेन्द्र शर्मा को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।4
- राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। चंबल के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या उसी बैरक में बंद एक अन्य हार्डकोर कैदी विष्णु ने की, जिसके साथ जगन ने कुछ देर पहले तक लूडो खेला था और सामान्य तरीके से समय बिताया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु और डकैत जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की और साथ बैठकर लूडो खेला, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसी बैरक से जगन गुर्जर का शव मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जब जेल स्टाफ राउंड पर पहुंचा तो जगन मृत अवस्था में पड़ा था। पूछताछ में विष्णु ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना जुर्म कबूलते हुए कहा कि "मैंने ही उसे मार डाला।" जेल प्रशासन के मुताबिक, जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु पिछले तीन वर्षों से इसी जेल में कैद था। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह गैंगवार का मामला नहीं लग रहा है। प्रथम दृष्टया यह हत्या दोनों कैदियों के बीच हुए आपसी विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जगन अक्सर उसे ताने मारता था और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिसके कारण उसने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया। जेल सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जगन गुर्जर को दिन में सामान्य बैरक में रखा जाता था, जबकि रात के समय उसे विशेष सुरक्षा सेल में शिफ्ट किया जाता था। धौलपुर के डांग क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले अपराध की दुनिया में उतरा था। वर्ष 1994 में अपने जीजा के हत्यारों की हत्या के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में अपना गैंग बना लिया और जल्द ही राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सबसे खूंखार डकैतों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती, लूट, डकैती और पुलिस पर हमलों समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैलाई थी, जिस पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2019 में उस पर दो महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने का गंभीर आरोप भी लगा था। जगन ने कई बार अपराध छोड़ने का दावा किया और वर्ष 2001, 2009, 2018 और 2022 में आत्मसमर्पण भी किया, यहाँ तक कि अपनी बेटी की शादी के समय उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम भी खाई थी, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध के रास्ते पर लौट गया। चंबल के बीहड़ों में वर्षों तक खौफ का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी ही बैरक में मारा गया है। जिस अपराध की दुनिया ने उसे पहचान दी, उसी दुनिया का अंत भी हिंसक तरीके से हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर आखिर ऐसी वारदात कैसे हो गई? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक थी या यह केवल दो कैदियों के बीच विवाद का नतीजा था? इन सभी सवालों के जवाब अब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा में पुलिस ने आबकारी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सरमथुरा पुलिस द्वारा आबकारी विभाग की मौजूदगी में की गई।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले के बारी क्षेत्र में पुलिस चेकिंग अभियान के दौरान भी कई बाइक सवार बिना हेलमेट पहने सड़कों पर जाते हुए नजर आए। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, इसे राजस्थान प्रशासन की मौजूदा कार्यप्रणाली का एक उदाहरण बताया गया है।1
- जयपुर में पैरा मेडिकल की बैक परीक्षा पास कराने के एवज में 45 छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाने की तैयारी चल रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छापा मारकर इस बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कॉलेज संचालक रामकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकरलाल जाट सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नकल की साजिश पकड़ी जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हुए अन्य छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।1