हरियाणा के पानीपत जिले के बड़े गांव नौल्था में बनने वाला फ्लाईओवर सरकार के लिए लगातार सिरदर्द बनता जा रहा है। फ्लाईओवर का टेंडर होने के बाद जब ठेकेदार ने इसका निर्माण कार्य शुरू किया, तो ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और जिला उपायुक्त से मिलकर इसे पिलर पर बनाने की मांग उठाई थी। ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक ने मौखिक आश्वासन दिया था कि जब तक ठेकेदार पिलर वाले पुल का नक्शा पास नहीं करवा लेता, तब तक पुल का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। इसी मांग को लेकर 16 जुलाई को शाम 5:00 बजे 150 गांवों की जागलान खाप के प्रधान ईश्वर सिंह जागलान की अध्यक्षता में एक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में नाथ संप्रदाय के प्रमुख महंत सुंमर नाथ ने भी मुख्य रूप से भाग लिया। करीब एक घंटे तक चली इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने ग्रामीणों की बात नहीं मानी, तो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत आगामी सोमवार को नए जिला उपायुक्त से मिलकर पिलर आधारित पुल बनाने की मांग की जाएगी। यदि सरकार इस समस्या का समाधान नहीं निकालती है, तो आसपास के 10-12 गांवों के लोग सड़क पर धरना देने के लिए तैयार हैं। पंचायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक ठेकेदार पुल का पूरा रोड मैप नहीं दिखा देता कि इसका निर्माण कैसे होगा और कहां-कहां कट दिए जाएंगे, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि नौल्था गौशाला और अनाज मंडी के सामने कट दिया जाना बेहद जरूरी था, क्योंकि पुल का निर्माण वहीं जाकर खत्म होता है, लेकिन वर्तमान योजना में वहां कोई कट नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि कहीं फ्लाईओवर के इस विवाद के कारण नौल्था गांव दूसरा 'चैनत' न बन जाए।
हरियाणा के पानीपत जिले के बड़े गांव नौल्था में बनने वाला फ्लाईओवर सरकार के लिए लगातार सिरदर्द बनता जा रहा है। फ्लाईओवर का टेंडर होने के बाद जब ठेकेदार ने इसका निर्माण कार्य शुरू किया, तो ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और जिला उपायुक्त से मिलकर इसे पिलर पर बनाने की मांग उठाई थी। ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक ने मौखिक आश्वासन दिया था कि जब तक ठेकेदार पिलर वाले पुल का नक्शा पास नहीं करवा लेता, तब तक पुल का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। इसी मांग को लेकर 16 जुलाई को शाम 5:00 बजे 150 गांवों की जागलान खाप के प्रधान ईश्वर सिंह जागलान की अध्यक्षता में एक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में नाथ संप्रदाय के प्रमुख महंत सुंमर नाथ ने भी मुख्य रूप से भाग लिया। करीब एक घंटे तक चली इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने ग्रामीणों की बात नहीं मानी, तो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत आगामी सोमवार को नए जिला उपायुक्त से मिलकर पिलर आधारित पुल बनाने की मांग की जाएगी। यदि सरकार इस समस्या का समाधान नहीं निकालती है, तो आसपास के 10-12 गांवों के लोग सड़क पर धरना देने के लिए तैयार हैं। पंचायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक ठेकेदार पुल का पूरा रोड मैप नहीं दिखा देता कि इसका निर्माण कैसे होगा और कहां-कहां कट दिए जाएंगे, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि नौल्था गौशाला और अनाज मंडी के सामने कट दिया जाना बेहद जरूरी था, क्योंकि पुल का निर्माण वहीं जाकर खत्म होता है, लेकिन वर्तमान योजना में वहां कोई कट नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि कहीं फ्लाईओवर के इस विवाद के कारण नौल्था गांव दूसरा 'चैनत' न बन जाए।
- हरियाणा के पानीपत जिले के बड़े गांव नौल्था में बनने वाला फ्लाईओवर सरकार के लिए लगातार सिरदर्द बनता जा रहा है। फ्लाईओवर का टेंडर होने के बाद जब ठेकेदार ने इसका निर्माण कार्य शुरू किया, तो ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और जिला उपायुक्त से मिलकर इसे पिलर पर बनाने की मांग उठाई थी। ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक ने मौखिक आश्वासन दिया था कि जब तक ठेकेदार पिलर वाले पुल का नक्शा पास नहीं करवा लेता, तब तक पुल का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। इसी मांग को लेकर 16 जुलाई को शाम 5:00 बजे 150 गांवों की जागलान खाप के प्रधान ईश्वर सिंह जागलान की अध्यक्षता में एक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में नाथ संप्रदाय के प्रमुख महंत सुंमर नाथ ने भी मुख्य रूप से भाग लिया। करीब एक घंटे तक चली इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने ग्रामीणों की बात नहीं मानी, तो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत आगामी सोमवार को नए जिला उपायुक्त से मिलकर पिलर आधारित पुल बनाने की मांग की जाएगी। यदि सरकार इस समस्या का समाधान नहीं निकालती है, तो आसपास के 10-12 गांवों के लोग सड़क पर धरना देने के लिए तैयार हैं। पंचायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक ठेकेदार पुल का पूरा रोड मैप नहीं दिखा देता कि इसका निर्माण कैसे होगा और कहां-कहां कट दिए जाएंगे, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि नौल्था गौशाला और अनाज मंडी के सामने कट दिया जाना बेहद जरूरी था, क्योंकि पुल का निर्माण वहीं जाकर खत्म होता है, लेकिन वर्तमान योजना में वहां कोई कट नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि कहीं फ्लाईओवर के इस विवाद के कारण नौल्था गांव दूसरा 'चैनत' न बन जाए।1
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्दन पर सीधे परफ्यूम स्प्रे करने को लेकर लोगों को सावधान किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्दन की त्वचा काफी संवेदनशील होती है और परफ्यूम में मौजूद कुछ केमिकल्स की वजह से वहां जलन, एलर्जी या धूप के संपर्क में आने पर पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, चेहरे और सांस लेने के रास्ते के करीब स्प्रे करने से इसके खुशबूदार कण कुछ लोगों में सांस से जुड़ी परेशानी या सिरदर्द को भी बढ़ा सकते हैं। इससे बचाव के लिए बेहतर विकल्प यह है कि परफ्यूम का इस्तेमाल हमेशा सावधानी से करें और इसे सीधे गर्दन पर लगाने के बजाय कपड़ों, कलाई या शरीर के कम संवेदनशील हिस्सों पर ही स्प्रे करें।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में योगी आदित्यनाथ का आगमन होने जा रहा है, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।1
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रस्तावित दौरे से पहले जींद में हाई अलर्ट है। इस दौरे को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी ने खुद जींद रेलवे स्टेशन पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही, उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- कैराना में कल सीएम योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम होने जा रहा है, जिसकी जानकारी जिलाधिकारी आलोक यादव ने दी है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सीएम योगी कल 11:40 बजे कैराना पहुंचेंगे। यहां वह सबसे पहले पीएसी कैंप का शिलान्यास करेंगे और वहां चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद, योगी आदित्यनाथ कैराना के विजय सिंह पथिक राजकीय महाविद्यालय में जनसभा को संबोधित करेंगे।1
- शामली के जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीपैड के बारे में जानकारी साझा की गई है।1
- शामली में बरसात के कारण एक कच्चे मकान की छत नीचे गिर गई, जिससे पीड़ित परिवार के सिर से छत का सहारा छिन गया है। छत ढहने के बाद अब यह पीड़ित परिवार बेहद तंगहाली में जीने को मजबूर है। इस पूरी घटना ने प्रधानमंत्री आवास योजना के दावों की जमीनी हकीकत की पोल खोलकर रख दी है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण पर एक विवादित बयान दिया है। मौलाना का दावा है कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। मौलाना का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। लखनऊ में हिंदू महासभा ने मौलाना की तस्वीरों को पैरों से रौंदकर विरोध प्रदर्शन किया और हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस विवादित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या के संत विष्णु दास ने मौलाना के बयान की घोर निंदा की है। उन्होंने घोषणा की है कि जो कोई भी मौलाना जर्जिस अंसारी की जीभ काटकर लाएगा, उसे वे ₹10 लाख का नकद इनाम देंगे। बताया जा रहा है कि मौलाना का यह विवादित बयान 23 जून का है, जो उन्होंने झारखंड के देवघर जिले के लकरबंधा मैदान में आयोजित एक जलसे में दिया था। विस्तार से बात करें तो मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने बयान में श्रीमद्भागवत गीता के छठे अध्याय के दसवें मंत्र 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं...' का हवाला दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस श्लोक में कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि ईश्वर की पूजा पूरे शरीर के योग के साथ होनी चाहिए, न कि केवल हाथ उठाकर। मौलाना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राम के बड़े भक्त बनते हैं, लेकिन अगर वे अपनी किताबें पढ़ लें तो इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का नहीं है, बल्कि इसी दीन और धर्म को रामचंद्र जी और कृष्ण जी ने भी पेश किया था।1