जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर के प्रमुख बाजार राजा बाजार में इस सीजन में पहली बार दशहरी आम की आमद हो गई है, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आम प्रेमी इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। वर्तमान में दशहरी आम ₹80 से ₹100 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जबकि सामान्य पका हुआ आम ₹40 से ₹50 प्रति किलो में उपलब्ध है। दशहरी आम बेचने वाले व्यापारी गुल्ले ने बताया कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम और आम के पेड़ों में बीमारी लगने के कारण पैदावार काफी कम हुई है। इसी वजह से दशहरी आम के दाम पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वह पहली बार अपने ठेले पर डाल सहित दशहरी आम लेकर बाजार पहुंचे हैं और उन्हें लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। गुल्ले ने सबसे पहले रामनगर के राजा बाजार में दशहरी आम बेचा, जिसके बाद वह गणेशपुर बाजार भी पहुंचे, जहाँ ग्राहकों ने उत्सुकता के साथ खरीदारी की। उन्होंने अपने ठेले को आम की डालियों से सजाया हुआ था और स्वयं भी गले में आमों का हार पहन रखा था, जिससे उनकी यह अनोखी शैली लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। उन्होंने बताया कि हर वर्ष वह अलग अंदाज में आम बेचने का प्रयास करते हैं ताकि ग्राहकों को खुशी मिले और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहे, क्योंकि उनके लिए व्यापार के साथ ग्राहकों की खुशी भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, बाजार में मौजूद अमित कुमार, सोनी, वीरेंद्र सोनी और कैलाश सहित अन्य लोगों ने बताया कि ₹100 प्रति किलो की कीमत आम उपभोक्ताओं के लिए काफी अधिक है। उनका कहना है कि केवल शौकीन लोग ही डाल वाले दशहरी आम खरीद रहे हैं, जबकि अधिकांश लोग कम कीमत वाले पके आमों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके बावजूद, दशहरी आम के बाजार में आने से रौनक बढ़ी है और लोगों में विशेष उत्साह बना हुआ है।
जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर के प्रमुख बाजार राजा बाजार में इस सीजन में पहली बार दशहरी आम की आमद हो गई है, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आम प्रेमी इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। वर्तमान में दशहरी आम ₹80 से ₹100 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जबकि सामान्य पका हुआ आम ₹40 से ₹50 प्रति किलो में उपलब्ध है। दशहरी आम बेचने वाले व्यापारी गुल्ले ने बताया कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम और आम के पेड़ों में बीमारी लगने के कारण पैदावार काफी कम हुई है। इसी वजह से दशहरी आम के दाम पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वह पहली बार अपने ठेले पर डाल सहित दशहरी आम लेकर बाजार पहुंचे हैं और उन्हें लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। गुल्ले ने सबसे पहले रामनगर के राजा बाजार में दशहरी आम बेचा, जिसके बाद वह गणेशपुर बाजार भी पहुंचे, जहाँ ग्राहकों ने उत्सुकता के साथ खरीदारी की। उन्होंने अपने ठेले को आम की डालियों से सजाया हुआ था और स्वयं भी गले में आमों का हार पहन रखा था, जिससे उनकी यह अनोखी शैली लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। उन्होंने बताया कि हर वर्ष वह अलग अंदाज में आम बेचने का प्रयास करते हैं ताकि ग्राहकों को खुशी मिले और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहे, क्योंकि उनके लिए व्यापार के साथ ग्राहकों की खुशी भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, बाजार में मौजूद अमित कुमार, सोनी, वीरेंद्र सोनी और कैलाश सहित अन्य लोगों ने बताया कि ₹100 प्रति किलो की कीमत आम उपभोक्ताओं के लिए काफी अधिक है। उनका कहना है कि केवल शौकीन लोग ही डाल वाले दशहरी आम खरीद रहे हैं, जबकि अधिकांश लोग कम कीमत वाले पके आमों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके बावजूद, दशहरी आम के बाजार में आने से रौनक बढ़ी है और लोगों में विशेष उत्साह बना हुआ है।
- अंजना ओम कश्यप पर लाखों युवाओं को आलोचनात्मक दिशा दे रहे आईआईटीयंस और समर्पित शिक्षकों को "दो कौड़ी के टीचर्स" कहकर तंज कसने का आरोप लगा है। उनके इस बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस पूरे मामले पर अंकित अवस्थी (@kaankit) ने अंजना ओम कश्यप और उनके माध्यम से उनकी जमात को "आईना दिखा दिया" है, जिसके जरिए उन्होंने उनके इस विवादास्पद बयान की निंदा की है।1
- जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर के प्रमुख बाजार राजा बाजार में इस सीजन में पहली बार दशहरी आम की आमद हो गई है, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आम प्रेमी इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। वर्तमान में दशहरी आम ₹80 से ₹100 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जबकि सामान्य पका हुआ आम ₹40 से ₹50 प्रति किलो में उपलब्ध है। दशहरी आम बेचने वाले व्यापारी गुल्ले ने बताया कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम और आम के पेड़ों में बीमारी लगने के कारण पैदावार काफी कम हुई है। इसी वजह से दशहरी आम के दाम पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वह पहली बार अपने ठेले पर डाल सहित दशहरी आम लेकर बाजार पहुंचे हैं और उन्हें लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। गुल्ले ने सबसे पहले रामनगर के राजा बाजार में दशहरी आम बेचा, जिसके बाद वह गणेशपुर बाजार भी पहुंचे, जहाँ ग्राहकों ने उत्सुकता के साथ खरीदारी की। उन्होंने अपने ठेले को आम की डालियों से सजाया हुआ था और स्वयं भी गले में आमों का हार पहन रखा था, जिससे उनकी यह अनोखी शैली लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। उन्होंने बताया कि हर वर्ष वह अलग अंदाज में आम बेचने का प्रयास करते हैं ताकि ग्राहकों को खुशी मिले और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहे, क्योंकि उनके लिए व्यापार के साथ ग्राहकों की खुशी भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, बाजार में मौजूद अमित कुमार, सोनी, वीरेंद्र सोनी और कैलाश सहित अन्य लोगों ने बताया कि ₹100 प्रति किलो की कीमत आम उपभोक्ताओं के लिए काफी अधिक है। उनका कहना है कि केवल शौकीन लोग ही डाल वाले दशहरी आम खरीद रहे हैं, जबकि अधिकांश लोग कम कीमत वाले पके आमों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके बावजूद, दशहरी आम के बाजार में आने से रौनक बढ़ी है और लोगों में विशेष उत्साह बना हुआ है।1
- बाराबंकी जनपद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार करने का खुलासा किया है।1
- मंगलवार को बाराबंकी के फतेहपुर तहसील मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद में हुई सूर्या चौहान की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उपजिलाधिकारी कार्तिकेय सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया, जिसमें बताया गया कि इस घटना से समाज में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस हत्या की घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में पुलिस द्वारा मामले में की गई त्वरित कार्रवाई को सराहनीय बताया गया, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों और कथित षड्यंत्रकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ा दंड सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए जोर दिया कि कानून का राज बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाना बेहद आवश्यक है। इस दौरान गौरव सोनी, अमन वर्मा, आयुष जोशी, सुनील लोधी, जयशंकर जोशी, सत्यम मिश्रा, आदित्य, शिव राजपूत, मनीष कश्यप, अक्षांश प्रताप सिंह, कमलेश कुमार, करुणाशंकर वर्मा, सुरेश चंद्र वर्मा सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवदहा चौराहे के पास एक भीषण सड़क हादसे में पकड़ी कला (पठन पुरवा) निवासी बदलू राम नामक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और मृतक के परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है। मृतक के पुत्र संजय कुमार ने बताया कि उनकी मां ब्लॉक में अपनी ड्यूटी पर थीं, जिसके लिए बदलू राम कुछ कागजातों की फोटोकॉपी करवाने शिवदहा चौराहा गए हुए थे। वे सड़क किनारे खड़े होकर किसी वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद बाइक सवार तुरंत मौके से फरार हो गया। इस हादसे में बदलू राम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।2
- समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर एक नई रणनीति अपनाने का संकेत दिया है। अब 'सिफारिश' के बजाय, 'जिताऊ कैंडिडेट' का चयन व्यापक सर्वे के आधार पर किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जो इस प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे। इसी रणनीति के तहत, अखिलेश यादव की पार्टी कांग्रेस को लगभग 70 से 75 विधानसभा सीटें देने पर विचार कर सकती है।1
- शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन के बाद, मशहूर फेसबुक क्रिएटर और यूट्यूबर जतिन शुक्ला ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप का कड़ा मजाक बनाया। उन्होंने अंजना ओम कश्यप को वही पत्रकार बताया जिन्होंने कथित तौर पर ₹2000 के नोटों में नैनो चिप लगे होने की बात कही थी, स्टूडियो में बैठे-बैठे पाकिस्तान पर 'कब्जा' कर लिया था, और अभिनेता धर्मेंद्र को उनके जीवित रहते ही 'मृत' घोषित कर दिया था। जतिन शुक्ला ने ऐसे न्यूज़ एंकरों को शर्म आने की बात कहते हुए उन पर कड़ी नाराजगी जताई।1
- सिर्फ दो सेकंड की जल्दबाजी एक माँ और उसके मासूम बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुई। ट्रेन के सामने जल्दबाजी में की गई एक छोटी सी गलती पल भर में एक दर्दनाक हादसे में बदल गई, जिससे माँ और बच्चे दोनों ने अपनी जान गँवा दी। यह घटना इस बात की भयावह याद दिलाती है कि जिंदगी अनमोल है और ऐसी कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए जो सब कुछ छीन सकती है।1