लोकेशन – बांदा, यूपी स्लग – बांदा में मुस्लिम समाज के लोगों का नाम काटने को लेकर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, सरकार-निर्वाचन आयोग पर लगाए गंभीर आरोप एंकर – बांदा जनपद में मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सियासत गरमा गई है। नाम काटने के लिए भरे गए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी सड़क पर उतर आई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा के नेतृत्व में सपाइयों ने तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। वीओ – समाजवादी पार्टी नेताओं का आरोप है कि नरैनी तहसील के कई बूथों पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिनमें अधिकांश मुस्लिम समाज के लोग बताए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह सुनियोजित साजिश के तहत किया जा रहा है। सपाइयों ने दावा किया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे संबंधित गांवों के मूल निवासी हैं और उनके नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ-साथ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भी दर्ज रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से दोबारा जोड़ा जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। बाइट – महेंद्र वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
लोकेशन – बांदा, यूपी स्लग – बांदा में मुस्लिम समाज के लोगों का नाम काटने को लेकर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, सरकार-निर्वाचन आयोग पर लगाए गंभीर आरोप एंकर – बांदा जनपद में मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सियासत गरमा गई है। नाम काटने के लिए भरे गए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी सड़क पर उतर आई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा के नेतृत्व में सपाइयों ने तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। वीओ – समाजवादी पार्टी नेताओं का आरोप है कि नरैनी तहसील के कई बूथों पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिनमें अधिकांश मुस्लिम समाज के लोग बताए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह सुनियोजित साजिश के तहत किया जा रहा है। सपाइयों ने दावा किया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे संबंधित गांवों के मूल निवासी हैं और उनके नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ-साथ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भी दर्ज रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से दोबारा जोड़ा जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। बाइट – महेंद्र वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
- बांदा चौराहा स्थित हैप्पी मोंटेसरी स्कूल में वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना से हुई, इसके बाद बच्चों ने राष्ट्रीय गीत, नाटक, कव्वाली और शिक्षाप्रद प्रस्तुतियों के जरिए। नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया।इस मौके पर संगीत आचार्य श्री राजेंद्र जी,गणमान्य नागरिक, स्कूल स्टाफ और बड़ी संख्या में कबरईवासी मौजूद रहे। स्कूल प्रबंधक श्री बबलू कुशवाहा जी ने श्री राजेंद्र जी को शाल भेंट कर सम्मानित किया।1
- बांदा के नरैनी तहसील के कोलावल रायपुर में दिन-रात अवैध खनन जारी। लगातार शिकायतों और खबरों के बाद भी कार्रवाई नदारद। जिम्मेदार अधिकारी IGRS में लगा रहे भ्रमित करने वाली1
- #Apkiawajdigital मुंबई: चकाचौंध भरी माया नगरी में जहाँ अक्सर इंसानियत खोती नजर आती है, वहीं सुरक्षा गार्ड संजय यादव ने ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा आज हर जुबान पर है। संजय यादव ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का खोया हुआ क्रेडिट कार्ड न केवल सुरक्षित पाया, बल्कि उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ उन तक पहुँचाया भी। मॉर्निंग वॉक के दौरान गिरा था कार्ड मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते अभिनेता अनुपम खेर अपनी नियमित 'मॉर्निंग वॉक' पर निकले थे। इसी दौरान उनका क्रेडिट कार्ड अनजाने में कहीं गिर गया। कार्ड गिरने की भनक अभिनेता को भी नहीं लगी। वह कार्ड पास की ही एक बिल्डिंग में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात संजय यादव को मिला। नाम देखते ही पहचान गए संजय संजय यादव को जब सड़क पर कार्ड पड़ा मिला, तो उन्होंने उसे उठाकर देखा। कार्ड पर जैसे ही उनकी नजर 'अनुपम खेर' नाम पर पड़ी, उन्होंने बिना वक्त गंवाए फैसला किया कि वह इसे खुद अभिनेता के पास लेकर जाएंगे। संजय कार्ड की वैल्यू और उसके दुरुपयोग के खतरे को समझते थे, इसलिए उन्होंने उसे किसी और को देने के बजाय सीधे मालिक तक पहुँचाना बेहतर समझा। खुद घर जाकर लौटाया अमानत संजय यादव अभिनेता अनुपम खेर के निवास स्थान पर पहुँचे और सुरक्षाकर्मियों के माध्यम से उन तक कार्ड पहुँचाया। अपनी अमानत को सुरक्षित वापस पाकर अनुपम खेर भावुक हो उठे। उन्होंने संजय की इस निस्वार्थ ईमानदारी की जमकर तारीफ की और इस घटना को समाज के लिए एक प्रेरणा बताया। ईमानदारी का सम्मान अखबारों और सोशल मीडिया पर इस घटना के आने के बाद लोग संजय यादव की प्रशंसा कर रहे हैं। संजय ने साबित कर दिया कि ईमानदारी का ओहदे या बैंक बैलेंस से कोई लेना-देना नहीं होता, यह व्यक्ति के संस्कारों में होती है। संपादकीय टिप्पणी: आज के दौर में जहाँ डिजिटल फ्रॉड के जरिए लोग दूसरों की मेहनत की कमाई हड़पने की फिराक में रहते हैं, वहाँ संजय यादव जैसे लोग विश्वास की लौ को जलाए हुए हैं। हमारा समाज ऐसे नायकों को सलाम करता है।1
- बांदा के बबेरू विकासखंड की ग्राम पंचायत बडागांव में किसान अन्ना पशुओं से परेशान हैं। इन पशुओं के झुंड खेतों में खड़ी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। वही किसान दीपू पटेल, श्रीधर सिंह, जगपतऔर कुन्ना प्रसाद व लवकुश पटेल ने बताया कि आवारा पशुओं के झुंड कुछ ही मिनटों में कई बीघे फसल नष्ट कर देते हैं। हाल ही में इन पशुओं ने खेतों में लगी हरी-भरी फसल को पूरी तरह बर्बाद कर रखा है, किसानों का कहना है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने सरकार से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है,समाजसेवियो सहित नेताओ व अधिकारियों को भी कई बार अवगत करा चुके है किसान। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण किसानों के लिए खेतों की रखवाली करना बेहद मुश्किल हो गया है। अन्ना पशुओं के झुंड दिन-रात किसी भी समय खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।4
- ब्रेकिंग न्यूज़: बाइक-ऑटो की टक्कर में दो युवक गंभीर, एक जिला अस्पताल रेफर मौदहा, नगर के रहमानिया इंटर कॉलेज के पास मंगलवार देर शाम बाइक और अज्ञात ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने दोनों घायलों को सीएचसी मौदहा पहुंचाया। चिकित्सकों ने महेश (25) की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि कालीचरन (24) का इलाज सीएचसी में जारी है। पुलिस अज्ञात ऑटो की तलाश में जुटी है।1
- छतरपुर में श्री राम गाड़ियों की नीलामी है। 10/02/20261
- #Apkiawajdigital मुंबई: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे में एक अज्ञात पुरुष बुर्का पहनकर घुस गया। हालांकि, महिला यात्रियों की सूझबूझ और सतर्कता के कारण उसकी पहचान उजागर हो गई, लेकिन आरोपी घाटकोपर स्टेशन आने से पहले ही अपनी जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार होने में सफल रहा। ऐसे खुला 'बुर्के' के पीछे का राज प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुर्का पहने वह व्यक्ति महिला डिब्बे में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था। उसकी शारीरिक बनावट और व्यवहार को देखकर वहां मौजूद महिलाओं को शक हुआ। जब महिलाओं ने उसे घेरकर पूछताछ करने की कोशिश की, तो वह घबरा गया। फिल्मी स्टाइल में हुआ फरार जैसे ही महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया, ट्रेन घाटकोपर स्टेशन के पास पहुंचने वाली थी। अपनी पोल खुलती देख, आरोपी ने फुर्ती दिखाई और चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। हैरानी की बात यह रही कि वह ट्रैक पार कर तुरंत दूसरी दिशा से आ रही ट्रेन में चढ़ गया और ओझल हो गया। सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना ने लोकल ट्रेनों में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। महिला यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा: "क्या बुर्के की आड़ में कोई भी महिला डिब्बे में प्रवेश कर सकता है?" "स्टेशनों पर तैनात सुरक्षाकर्मी ऐसे संदिग्धों को क्यों नहीं पहचान पाते?" पुलिस की तलाश जारी रेलवे पुलिस (GRP) ने मामले का संज्ञान लिया है और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह व्यक्ति केवल छेड़खानी के इरादे से घुसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी।1
- बांदा के जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार खबरों के माध्यम से सूचित किया जा रहा है के नरैनी तहसील अंतर्गत कोलावल रायपुर खंड में दिन रात पूरी तरह प्रतिबंधित मशीनों द्वारा केन नदी को नष्ट किया जा रहा है,पर फिर भी धड़ल्ले से बिना किसी डर के योगी सरकार, NGT और सुप्रीमकोर्ट के आदेशों को पैरों तले कुचल रहे कोलावल रायपुर खंड का माफिया खनिज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों के ताल मेल के बिना इतने बड़े पैमाने पर यह अवैध खनन संभव ही नहीं।1
- यहां आधुनिक मशीनों और मजदूरों की मदद से नहर को मजबूत और टिकाऊ बनाया जा रहा है। नहर की तली और दीवारों को पक्का किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की बर्बादी न हो और किसानों को भरपूर लाभ मिल सके।1