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आज कल नेता जी लोग फूल मस्ती में हैं 😂 क्या करे
Golu Yadav बिहारी
आज कल नेता जी लोग फूल मस्ती में हैं 😂 क्या करे
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- Post by Golu Yadav बिहारी1
- यह देश द्वारकाधीश मंदिर का है जो की दर्शन करके निकलता है आदमी और फिर वापस आते समय का और मेरे हाथ में द्वारिका जी का प्रसाद है कमेंट कीजिए शेयर कीजिए हमारे पंचायत के और जिला के सब भला करें भगवान1
- Post by राम बाबू पासवान1
- संपत्ति विवाद में विकलांग भाई को जिंदा जलाया, पिता-भाई समेत तीन पर आरोप सरैया (मुजफ्फरपुर) | संवाददाता सरैया प्रखंड के जैतपुर थाना क्षेत्र के खैरा गांव में शनिवार देर रात संपत्ति विवाद को लेकर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पिता, भाई और भाभी ने मिलकर विकलांग राजेश कुमार (48) को हाथ-पैर बांधकर झोपड़ी में आग लगा दी, जिससे वह जिंदा जल गया। मृतक की पहचान राज कुमार राय के पुत्र राजेश कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि राजेश उसी झोपड़ी में जनरल स्टोर की छोटी दुकान चलाता था और वहीं रहता भी था। परिजनों के अनुसार, संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी को लेकर शनिवार की रात कथित तौर पर पिता राज कुमार राय, भाई मिथिलेश राय और उसकी पत्नी रानी देवी ने मिलकर राजेश को बांध दिया और झोपड़ी में आग लगा दी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद मृतक की मां तेतर देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि संपत्ति विवाद को लेकर घर में अक्सर झगड़ा होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी विवाद में उनके बेटे को बांधकर झोपड़ी में आग लगा दी गई, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मां ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही जैतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।1
- जीएसटी में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत आईआरएस अधिकारी अजय मिश्रा और डॉ संतोष गोयल के बीच एक बातचीत में एक जीवन की कहानी उजागर हुई। डॉ संतोष गोयल ने साझा किया कि उन्होंने 1971 में अंग्रेजी में अपना पीएचडी पूरा किया और बाद में नेशनल डिफेंस अकादमी में एक शिक्षक के रूप में काम किया। उनकी सेवा के दौरान, उन्हें एक गंभीर दृष्टि समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें चिकित्सकीय रूप से बाहर निकाल दिया गया और उनकी नौकरी चली गई। उन्होंने उल्लेख किया कि अगर उन्होंने लगभग 15 साल की सेवा पूरी की होती, तो आज उन्हें पेंशन में लगभग ₹75,000 से ₹80,000 की आय मिली होती। अब, वह एक मंदिर में रहते हैं और उन्हें अपने पास आने वाले छात्रों का मार्गदर्शन करना जारी रखते हैं। वे हैमलेट, मैकबेथ, द मर्चेंट ऑफ वेनिस, जैसे अंग्रेजी साहित्य को सिखाते हैं, साथ ही सक्रिय प्रतिक्रिया वाली आवाज, सीधे-अलग भाषण, कथा की स्थिति, स्थिति केके साथ-साथ वाक्य की संरचना जैसे व्याकरण विषयों को भी सिखाते हैं। जीवन की चुनौतियों के बावजूद, डॉ संतोष गोयल विनम्र और समर्पित रहते हैं, एक साधारण जीवन जीते हुए भी छात्रों का मार्गदर्शन करना और ज्ञान साझा करना जारी रखते हैं।1
- Post by Vikash kumar yadav1
- Post by एनामुल हक1
- आज कल नेता जी लोग फूल मस्ती में हैं 😂 क्या करे1