राजस्थान के श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन ने राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों में प्रस्तावित 25,000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक ज्ञापन प्रेषित किया। जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि ने जानकारी दी कि 25 जुलाई, 2026 को इस भर्ती की विज्ञप्ति जारी होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर यूनियन ने यह पहल की है। यूनियन की प्रमुख मांग है कि प्रस्तावित भर्ती में परम्परागत रूप से सफाई कार्य करने वाले वाल्मीकि समाज और वर्तमान में कार्यरत अस्थाई सफाई मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, अस्थाई सफाई मजदूरों का नवीन भर्ती में सीधा चयन किया जाए। यूनियन ने यह भी मांग की है कि न्यायालय की शरण में गए अस्थाई सफाई मजदूरों को बिना लॉटरी और बिना साक्षात्कार के सीधे नियुक्त किया जाए। इन प्रमुख मांगों के अतिरिक्त, यूनियन ने ठेका प्रथा को समाप्त कर मस्टर रोल व्यवस्था लागू करने, संविदा भर्ती के स्थान पर पूर्व की भांति नियमित सीधी भर्ती करने और लॉटरी प्रणाली के बजाय साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अपनाने की भी मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश में सफाई व्यवस्था ठप्प कर दी जाएगी और हड़ताल, धरना एवं प्रदर्शन का सहारा लिया जाएगा। ज्ञापन प्रेषित करने वाले शिष्टमण्डल में जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि, अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, जिला वाल्मीकि सभा अध्यक्ष सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री बिन्दर सिंह टाक, महामंत्री समीर वाल्मीकि समेत अशोक सुमाली, सुनील घुस्सर, बसंत सारवाण, बिरजू द्रविड़, रामनिवास पिवाल, ज्योति धारीवाल, विनोद वाल्मीकि, रिन्कू सारसर, सम्राट, सोनू सारवाण और भेरू सारवाण जैसे पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन ने राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों में प्रस्तावित 25,000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक ज्ञापन प्रेषित किया। जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि ने जानकारी दी कि 25 जुलाई, 2026 को इस भर्ती की विज्ञप्ति जारी होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर यूनियन ने यह पहल की है। यूनियन की प्रमुख मांग है कि प्रस्तावित भर्ती में परम्परागत रूप से सफाई कार्य करने वाले वाल्मीकि समाज और वर्तमान में कार्यरत अस्थाई सफाई मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, अस्थाई सफाई मजदूरों का नवीन भर्ती में सीधा चयन किया जाए। यूनियन ने यह भी मांग की है कि न्यायालय की शरण में गए अस्थाई सफाई मजदूरों को बिना लॉटरी और बिना साक्षात्कार के सीधे नियुक्त किया जाए। इन प्रमुख मांगों के अतिरिक्त, यूनियन ने ठेका प्रथा को समाप्त कर मस्टर रोल व्यवस्था लागू करने, संविदा भर्ती के स्थान पर पूर्व की भांति नियमित सीधी भर्ती करने और लॉटरी प्रणाली के बजाय साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अपनाने की भी मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश में सफाई व्यवस्था ठप्प कर दी जाएगी और हड़ताल, धरना एवं प्रदर्शन का सहारा लिया जाएगा। ज्ञापन प्रेषित करने वाले शिष्टमण्डल में जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि, अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, जिला वाल्मीकि सभा अध्यक्ष सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री बिन्दर सिंह टाक, महामंत्री समीर वाल्मीकि समेत अशोक सुमाली, सुनील घुस्सर, बसंत सारवाण, बिरजू द्रविड़, रामनिवास पिवाल, ज्योति धारीवाल, विनोद वाल्मीकि, रिन्कू सारसर, सम्राट, सोनू सारवाण और भेरू सारवाण जैसे पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
- पत्रकार दीपक सैनीDausa, Rajasthan😤2 hrs ago
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से आकर लालगढ़ जाटान क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले आले अली के परिवार की 15 वर्षीय बेटी सोनम पिछले एक माह 10 दिन से लापता है। सोनम 30 मई की रात बुधरावाली स्थित ईंट भट्ठे से अचानक गायब हो गई थी, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि रूपलाल पुत्र श्रीभगवान सिंह निवासी चक अबोरिया ढाणी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद लालगढ़ जाटान थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। बाद में 6 जून को परिवार ने श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुहार लगाई, जिसके उपरांत मामला दर्ज किया गया और इसकी जांच लालगढ़ जाटान थाने के एसआई रामभगत को सौंपी गई। नाबालिग के लापता होने के इतने समय बाद भी कोई जानकारी न मिलने से व्यथित परिवार ने आज श्रीगंगानगर में एक प्रेस वार्ता कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। परिवार का कहना है कि लगातार अधिकारियों से गुहार के बावजूद बेटी का पता नहीं चला है, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। प्रेस वार्ता में भीम आर्मी ने भी पीड़ित परिवार को अपना पूर्ण समर्थन दिया। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व संगठन पीड़ित परिवार को लेकर हरिशंकर से मिला था, जहाँ पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के भीतर बच्ची को बरामद करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के आधार पर भीम आर्मी ने उस समय परिवार को शांत रहने और पुलिस को समय देने के लिए राजी किया था, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी सोनम की बरामदगी नहीं हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता के दौरान एसआई रामभगत से भी बात की, जिन्होंने नाबालिग को बरामद करने के लिए दो दिन का और समय मांगा है। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि इस दो दिन की समय-सीमा के भीतर सोनम की बरामदगी नहीं होती है तो भीषण गर्मी में पीड़ित परिवार के साथ बीकानेर स्थित आईजी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। भीम आर्मी और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल नाबालिग सोनम को सकुशल बरामद करने और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा न्याय की मांग को लेकर आईजी बीकानेर कार्यालय तक पैदल मार्च किया जाएगा।1
- श्रीगंगानगर जिले में प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने इस प्लांट के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने स्कूलों पर ताले जड़ दिए और बच्चों को भी बाहर निकालकर अपने विरोध में शामिल किया, जिससे स्थानीय लोगों में इस प्लांट के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला।1
- श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित कचरा प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब और तेज हो गया है। नरसिंहपुरा और मांझुवास गांव के ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन बढ़ाते हुए दोनों गांवों के चार सरकारी स्कूलों पर ताला जड़ दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को बाहर निकालकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे क्षेत्र में अचानक हलचल मच गई और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आबादी और खेती के निकट कचरा प्लांट स्थापित होने से गंभीर पर्यावरणीय प्रदूषण, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होंगी। उनका आरोप है कि स्थानीय लोगों की लगातार आपत्तियों और प्रबल विरोध के बावजूद प्रशासन उनकी मांगों पर बिल्कुल भी गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है। इसी गहरी नाराजगी के परिणामस्वरूप, ग्रामीणों ने स्कूलों में ताले लगाकर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण प्रस्तावित कचरा प्लांट की निर्धारित जगह पर भी लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों की अनदेखी की गई तो उनके आंदोलन को और भी अधिक व्यापक और तीव्र रूप दिया जाएगा।1
- रोटरी बालाजी मंदिर में श्री महेश मंडली द्वारा एक भव्य सुंदरकांड पाठ का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ है। इस आयोजन के दौरान, मंदिर परिसर में सुंदरकांड की मधुर गूंज सुनाई दी।1
- रायसिंहनगर स्थित श्री राम डेयरी पर आम जन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डेयरी अपनी सेवाओं में विशेष रूप से शुद्धता बनाए रखने पर केंद्रित है।2
- राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों से एक बेहद विचलित करने वाली और बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ प्रशासन के ढुलमुल रवैये से तंग आकर एक दलित परिवार ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। यह मामला 44 बीघा जमीन पर रसूखदार भू-माफिया द्वारा किए गए जानलेवा हमले और उसके बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से जुड़ा है। नवरतन भारत के अनुसार, भू-माफिया के खिलाफ दो-दो बार गिरफ्तारी के आदेश दिए जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। एक तरफ जहाँ सरकारें दलितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा का दावा करती हैं, वहीं हनुमानगढ़ में यह पीड़ित परिवार इंसाफ की आस में दर-दर भटक रहा है। पीड़ित मेजर सिंह अपनी मांगों को लेकर 20 अप्रैल से तपती धूप में धरना दिए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 12 जुलाई तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे 13 जुलाई को अपने पूरे परिवार सहित इच्छा मृत्यु कर लेंगे।1
- श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले आले अली की 15 वर्षीय बेटी सोनम 30 मई की रात से लापता है, लेकिन एक माह 10 दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़ित परिवार ने आज श्रीगंगानगर में एक प्रेस वार्ता कर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और भीम आर्मी ने इस मामले में पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। लापता सोनम, जो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की निवासी है, बुधरावाली स्थित ईंट भट्ठे से गायब हुई थी। पिता आले अली ने आरोप लगाया है कि रूपलाल पुत्र श्रीभगवान सिंह निवासी चक अबोरिया ढाणी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। परिजनों का कहना है कि घटना के तत्काल बाद लालगढ़ जाटान थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। बाद में 6 जून को परिवार ने श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच लालगढ़ जाटान थाने के एसआई रामभगत को सौंपी गई। लगातार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद बेटी का पता न चलने से पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। प्रेस वार्ता में भीम आर्मी ने पीड़ित परिवार को अपना समर्थन दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी एसआई रामभगत से बातचीत हुई, जिन्होंने नाबालिग को बरामद करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। भीम आर्मी ने स्पष्ट किया कि यदि दो दिन के भीतर सोनम की बरामदगी नहीं होती है, तो पीड़ित परिवार के साथ भीषण गर्मी में बीकानेर स्थित आईजी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। संगठन ने यह भी बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले वे परिवार को लेकर हरिशंकर से मिले थे, जहाँ पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के भीतर बच्ची को बरामद करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के आधार पर भीम आर्मी ने तब परिवार को शांत रहने के लिए राजी किया था, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी बच्ची की बरामदगी न होने पर आज यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई है। भीम आर्मी और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि नाबालिग सोनम को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें आईजी बीकानेर कार्यालय तक पैदल मार्च कर न्याय की मांग की जाएगी।1
- केरल के वायनाड में कुदरत का भीषण कहर देखने को मिला है, जहाँ प्रलय जैसा एक भूस्खलन हुआ है, जिसके चलते मलबा बाढ़ की तरह बहकर आया। इस भयावह घटना में अब तक 4 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। इस आपदा के दौरान लोगों ने बड़ी मुश्किल से भागकर अपनी जान बचाई। मलबे के नीचे कई वाहन दब गए हैं, और अब भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। ऐसा विकराल भूस्खलन बहुत कम ही देखने को मिलता है।1