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श्रीगंगानगर जिले में प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने इस प्लांट के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने स्कूलों पर ताले जड़ दिए और बच्चों को भी बाहर निकालकर अपने विरोध में शामिल किया, जिससे स्थानीय लोगों में इस प्लांट के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला।
Duc News Rajsthan चैनल
श्रीगंगानगर जिले में प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने इस प्लांट के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने स्कूलों पर ताले जड़ दिए और बच्चों को भी बाहर निकालकर अपने विरोध में शामिल किया, जिससे स्थानीय लोगों में इस प्लांट के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला।
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- श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ थाना क्षेत्र से एक 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाले उसके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को कोई बहला-फुसलाकर ले गया है। उनके अनुसार, काफी समय बीत जाने के बाद भी उनकी बेटी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी बेटी की जल्द से जल्द तलाश करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। बेबस मां ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि, "आखिर हमारी फरियाद कौन सुनेगा?"1
- चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद एक मासूम को उसके परिवार से सफलतापूर्वक मिला दिया गया। इस प्रयास के फलस्वरूप मासूम अपने परिवार से मिल सका।1
- पार्षद राजेश सिंहमार ने उकलाना गांव के वार्ड 13, 14 और 16 के तीनों राशन डिपो का मौके पर निरीक्षण किया, जहां वितरित किए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। निरीक्षण में पता चला कि गेहूं में फफूंदी, घुन (सुरसी) और काले दाने मौजूद थे, जिससे वह उपभोग के योग्य नहीं लग रही थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पार्षद ने तुरंत DFCI के संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार से बात कर खराब गेहूं के वितरण को रोकने और उसे बदलने की मांग की। ठेकेदार ने फिलहाल इस गेहूं का वितरण रोकने की बात कही है। यह गेहूं जानवरों के खाने लायक भी नहीं बताया गया है, फिर भी इंसानों को दिया जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। जनहित को सर्वोपरि बताते हुए, पार्षद ने क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि जब तक उचित गुणवत्ता का गेहूं उपलब्ध नहीं होता, तब तक इस मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उकलाना के डिपो में खराब गेहूं की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। सरकार से मांग की गई है कि ऐसे ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो अपनी ड्यूटी में लापरवाही कर लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं।2
- बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Campa Energy Drink के 35 हजार से अधिक कैन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई कानासर रोड स्थित करनी औद्योगिक क्षेत्र में एक विशेष अभियान के तहत की गई। विभाग ने उत्पाद के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन ने राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों में प्रस्तावित 25,000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक ज्ञापन प्रेषित किया। जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि ने जानकारी दी कि 25 जुलाई, 2026 को इस भर्ती की विज्ञप्ति जारी होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर यूनियन ने यह पहल की है। यूनियन की प्रमुख मांग है कि प्रस्तावित भर्ती में परम्परागत रूप से सफाई कार्य करने वाले वाल्मीकि समाज और वर्तमान में कार्यरत अस्थाई सफाई मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, अस्थाई सफाई मजदूरों का नवीन भर्ती में सीधा चयन किया जाए। यूनियन ने यह भी मांग की है कि न्यायालय की शरण में गए अस्थाई सफाई मजदूरों को बिना लॉटरी और बिना साक्षात्कार के सीधे नियुक्त किया जाए। इन प्रमुख मांगों के अतिरिक्त, यूनियन ने ठेका प्रथा को समाप्त कर मस्टर रोल व्यवस्था लागू करने, संविदा भर्ती के स्थान पर पूर्व की भांति नियमित सीधी भर्ती करने और लॉटरी प्रणाली के बजाय साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अपनाने की भी मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश में सफाई व्यवस्था ठप्प कर दी जाएगी और हड़ताल, धरना एवं प्रदर्शन का सहारा लिया जाएगा। ज्ञापन प्रेषित करने वाले शिष्टमण्डल में जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि, अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, जिला वाल्मीकि सभा अध्यक्ष सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री बिन्दर सिंह टाक, महामंत्री समीर वाल्मीकि समेत अशोक सुमाली, सुनील घुस्सर, बसंत सारवाण, बिरजू द्रविड़, रामनिवास पिवाल, ज्योति धारीवाल, विनोद वाल्मीकि, रिन्कू सारसर, सम्राट, सोनू सारवाण और भेरू सारवाण जैसे पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।1
- जोधपुर शहर में इस साल गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में किया जाएगा। यह महोत्सव 28 और 29 जुलाई को मनाया जाएगा, जहाँ भक्त और अनुयायी गुरु पूर्णिमा के पर्व को धूमधाम से मना सकेंगे।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑटोमोबाइल कंपनियों और सरकार दोनों से कई सवाल पूछे और जनता को ईंधन चुनने का विकल्प देने की मांग की है। केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार के दबाव में मारुति सुजुकी, टोयोटा, हीरो मोटोकॉर्प सहित 6 प्रमुख ऑटो कंपनियां E20 को सुरक्षित बता रही हैं। जबकि, उन्हीं कंपनियों के 'ओनर मैनुअल' में यह चेतावनी दी गई है कि 10% से ज़्यादा इथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का इस्तेमाल न करें और अगर कोई तकनीकी दिक्कत आए तो उसे तुरंत रोक दें। उन्होंने इन ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर लिखित आश्वासन मांगा है कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज 10% से ज़्यादा गिरता है या इंजन के पुर्जे खराब होते हैं, तो क्या कंपनियां ग्राहकों को इसका हर्जाना देंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछेंगे कि इस 'एक्सपेरिमेंट' से होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा — सरकार या कार बनाने वाली कंपनियां? केजरीवाल ने चिंता जताई कि देश में मौजूदा समय में करीब 22 करोड़ दोपहिया वाहन और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 फ्यूल के लिए नहीं बनी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस 'जिद' के कारण आम लोगों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई गाड़ियां कबाड़ बन जाएंगी। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि पेट्रोल पंपों पर E0 (बिना इथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल), E10 और E20 तीनों प्रकार के पेट्रोल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएं। इससे जनता अपनी गाड़ी के इंजन के अनुसार खुद तय कर सकेगी कि उसे कौन सा पेट्रोल भरवाना है।1
- चूरू शहर के अति व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले कलेक्ट्रेट इलाके के पास दिनदहाड़े एक रोडवेज बस के परिचालक पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हमले में परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि घटना के बाद भी अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह घटना मंगलवार, 7 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब चूरू आगार में कार्यरत रोडवेज परिचालक सुरेंद्र पूनियां के साथ कलेक्ट्रेट के समीप मारपीट की गई। आरोप है कि 'मुस्कान' नामक एक प्राइवेट बस के मालिक उम्मेद खां (निवासी राणासर) ने उन पर अचानक हमला किया। हमलावर ने परिचालक सुरेंद्र पूनियां पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनके पेट, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरी चोटें आई हैं। शरीर पर पड़े गहरे लाल और नीले निशान इस बर्बर हमले की गंभीरता को साफ बयां करते हैं। इस घटना के बाद से रोडवेज कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है। देर रात पुलिस ने रोडवेज परिचालक पर हुए इस जानलेवा हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन अब भी ठोस कार्रवाई की कमी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।2