Shuru
Apke Nagar Ki App…
बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Campa Energy Drink के 35 हजार से अधिक कैन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई कानासर रोड स्थित करनी औद्योगिक क्षेत्र में एक विशेष अभियान के तहत की गई। विभाग ने उत्पाद के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
SSSO News
बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Campa Energy Drink के 35 हजार से अधिक कैन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई कानासर रोड स्थित करनी औद्योगिक क्षेत्र में एक विशेष अभियान के तहत की गई। विभाग ने उत्पाद के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Campa Energy Drink के 35 हजार से अधिक कैन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई कानासर रोड स्थित करनी औद्योगिक क्षेत्र में एक विशेष अभियान के तहत की गई। विभाग ने उत्पाद के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- राजस्थान शिक्षक संघ (एसटीएफआई) ने 8 जुलाई 2026 को बीकानेर जिला मुख्यालय पर शिक्षकों की विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह भाटी और जिला मंत्री अरूण गोदारा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने रैली निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बीकानेर के माध्यम से राजस्थान सरकार के शिक्षामंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में शिक्षकों की लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की पुरजोर मांग की गई। जिला मंत्री अरूण गोदारा ने संगठन की प्रमुख मांगों की जानकारी दी, जिनमें वर्ष 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता समाप्त करना, थर्ड ग्रेड शिक्षकों और प्रबोधकों के स्थानांतरण तथा पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करना, पे प्रोटेक्शन के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को बंद करना, आगामी शैक्षिक सत्र 1 जुलाई से प्रारंभ करना, पोषाहार (MDM) और ट्रांसपोर्ट वाउचर के लंबे समय से बकाया भुगतान को अविलंब जारी करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ, बिजली, पानी और कमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्वच्छता के लिए नियमित सफाई कर्मचारी नियुक्त करने, स्थायी स्थानांतरण नीति लागू कर स्थानांतरण करने, 1 अप्रैल 2026 तक की डीपीसी प्रक्रिया पूर्ण करने, नवक्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने, नव चयनित शारीरिक शिक्षकों के स्थायीकरण आदेश जारी करने और आरजीएचएस (RGHS) योजना को मजबूत करते हुए निरंतर जारी रखने जैसी मांगें भी रखी गईं। संगठन इन मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत है। प्रदेश महामंत्री विजय पोटलिया ने बताया कि संगठन शिक्षकों की इन वाजिब मांगों के लिए लगातार आंदोलन कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 7 अप्रैल को प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर और फिर 1 व 15 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया था। 16 जून को भी ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर शिक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपे गए, परंतु सरकार ने अब तक शिक्षकों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसी क्रम में, आंदोलन को और तेज करते हुए आज बीकानेर में जिला मुख्यालय पर यह रैली और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदेश मंत्री संजय पुरोहित ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षकों की इन वाजिब मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आगामी चरण में जयपुर और बीकानेर में एक बड़ा और तीव्र आंदोलन करने को विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री विजय पोटलिया सहित मनीष ठाकुर, किशोर पुरोहित, काशी सारस्वत, राकेश गोदारा, रतीराम सारण, ताराप्रकाश मोयल, मांगीलाल धतरवाल, महेंद्र सिंह पंवार, नाजरा परवीन, देवेंद्र सारण, खुमाणाराम सारण, पूनमचंद शर्मा, हुक्माराम झोरड़, केसराराम गोदारा, लालचंद थोरी, देवेंद्र जाखड़, जितेंद्र गोदारा, श्रीराम बिजारनिया, रूपाराम गोदारा, मांगीलाल सिद्ध, नितेश खेदड़, विशाल पंवार, कमल जाखड़, रविन्द्र विश्नोई, विजय सिंह, भंवर सांगवा, श्याम देवड़ा, शुभकरण नैण समेत सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।1
- बीकानेर के जसरासर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक स्कूल बस की चपेट में आने से दूसरी कक्षा के एक मासूम छात्र शौर्य (7 वर्षीय) की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब शौर्य स्कूल बस से उतर रहा था और चालक की कथित लापरवाही के कारण वह बस के नीचे आ गया। कातर छोटी स्थित विवेकानंद स्कूल का छात्र शौर्य गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तत्काल पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुखद रूप से, उपचार के दौरान ही मासूम ने दम तोड़ दिया। जसरासर थानाधिकारी आलोक सिंह इस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रहे हैं।1
- कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने 8 जुलाई को अपने क्षेत्रीय दौरे के दौरान गजनेर लिफ्ट परियोजना की रणधीसर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में गंभीर कमियां पाए जाने पर विधायक भाटी ने विभागीय अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कार्यों में अनावश्यक देरी पर असंतोष जताया। इस दौरान, मौके पर उपस्थित अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता ने विधायक भाटी को सूचित किया कि ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (O&M) कार्य अगले सात दिनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवधि में काश्तकारों को फव्वारा (स्प्रिंकलर) पद्धति से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन दिनों तक मोघे बंद रखकर डिग्गियों को भरा जाएगा, ताकि जल का उचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। किसानों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने आईजीएनपी के मुख्य अभियंता श्री विवेक गोयल से दूरभाष पर बात की और तत्काल पानी छोड़ने के निर्देश दिए। विधायक के इस हस्तक्षेप का त्वरित प्रभाव पड़ा और उसी दिन दोपहर 12 बजे रणधीसर माइनर में पानी का प्रवाह शुरू कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली। विधायक भाटी ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, और अधिकारियों को जल वितरण में पारदर्शिता, समयबद्धता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित पर्यवेक्षण के निर्देश दिए। रणधीसर माइनर पर ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आने के कारण विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने सहायक अभियंता (AEN) श्री ओंकार मल और कनिष्ठ अभियंता (JEN) श्री जयप्रकाश को कारण बताओ नोटिस जारी किए। नोटिस में यह उल्लेख किया गया कि O&M कार्य पूर्ण होने की सूचना दिए जाने के बावजूद, निरीक्षण के दौरान कार्य अपूर्ण पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप नहर का पानी व्यर्थ बह रहा था। अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर जवाब तलब करते हुए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। विधायक भाटी ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा और समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक किसान को आवश्यकतानुसार पानी मिले, इसके लिए विधायक कार्यालय निरंतर निगरानी रखेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- आज पीबीएम सुधारो जनआंदोलन के तहत गठित संयुक्त कमेटी ने पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक के साथ विभिन्न जनहित के विषयों और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। यह कमेटी 30 जून को हुए एक ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में गठित करने का निर्णय लिया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पीबीएम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, मरीजों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा आमजन की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर बिशनाराम सियाग, सत्तु खान, भँवर कुकणा, आंनद सिंह सोढ़, श्रीकृष्ण गोदारा, निरमा मेघवाल, ओमप्रकाश मेघवाल और कमल जैसे सदस्य मौजूद रहे।1
- नागौर के ग्राम पोटलिया माजरा में 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत एक लंबे समय से अवरुद्ध मार्ग को खुलवाकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है। प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से इस अभियान के अंतर्गत मार्ग की बाधाओं को हटाया गया, जिससे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ। मार्ग खुलने और सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर ग्रामीणों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशासन का आभार जताया। इस सड़क के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी और ग्राम का संपर्क भी अधिक सुगम हो जाएगा।1
- फलोदी स्थित माहात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम गवर्नमेंट गौशाला स्कूल की एक दीवार बारिश के कारण ढह गई। इस घटना के परिणामस्वरूप, स्कूल का पूरा परिसर पानी से भर गया और लबालब हो गया।1
- श्रीकोलायत क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माधोगढ़ में अध्यापकों की भारी कमी को लेकर बुधवार को ग्रामीणों और विद्यार्थियों का आक्रोश फूट पड़ा। पर्याप्त स्टाफ की मांग करते हुए, ग्रामीणों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि 12वीं तक संचालित इस विद्यालय में करीब 250 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि वर्तमान में केवल एक प्रिंसिपल और दो अध्यापक ही कार्यरत हैं। इस गंभीर कमी के कारण सभी कक्षाओं का नियमित संचालन संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी संदीप गौड़ से दूरभाष पर बात की, जिन्होंने किसी बैठक में होने की बात कहकर विभाग की ओर से एक प्रतिनिधि भेजने की जानकारी दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक विद्यालय में पर्याप्त संख्या में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जाती और इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक विद्यालय की तालाबंदी नहीं खोली जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि 12वीं तक के विद्यालय का संचालन केवल तीन अध्यापकों के भरोसे नहीं किया जा सकता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता उन्हें स्वीकार्य नहीं होगा।1